सिलेंडर की कमी के दावों के बीच राजनीति तेज, लोगों ने शेयर किए लंबी कतारों और देरी के वीडियो
छत्तीसगढ़ के कई बड़े शहरों जैसे रायपुर, भिलाई, दुर्ग और बिलासपुर में गैस सिलेंडर की उपलब्धता को लेकर लोगों की परेशानी लगातार सामने आ रही है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो और तस्वीरों में गैस एजेंसियों के बाहर लंबी कतारें, खाली सिलेंडर और इंतजार करते उपभोक्ता नजर आ रहे हैं।सोशल मीडिया पर लोगों का गुस्सा और मीम्स
फेसबुक, इंस्टाग्राम और X जैसे प्लेटफॉर्म पर यूजर्स लगातार अपनी समस्याएं साझा कर रहे हैं। कई लोग मीम्स और वीडियो के जरिए सिस्टम पर तंज कस रहे हैं।
मीम्स में सिलेंडर को ‘कीमती सामान’ बताया जा रहा है
कुछ पोस्ट में दिखाया गया कि लोग कई दिनों तक लाइन में खड़े हैं
एआई वीडियो में सिलेंडर और इंडक्शन चूल्हे की बातचीत दिखाई गई
कुछ यूजर्स ने लकड़ी और कंडों से खाना बनाने की बात कही
भूपेश बघेल बनाम बीजेपी: सोशल मीडिया पर वार-पलटवार
भूपेश बघेल ने सोशल मीडिया पर सवाल उठाया कि लोगों को गैस सिलेंडर मिल रहा है या नहीं। उनके इस पोस्ट पर कई यूजर्स ने जवाब दिया कि उन्हें सिलेंडर मिल रहा है।
इसके बाद भारतीय जनता पार्टी छत्तीसगढ़ ने बघेल के पोस्ट को शेयर करते हुए दावा किया कि जनता ने खुद सच्चाई बता दी है।
जवाब में बघेल ने एक वीडियो पोस्ट कर ऐसे कमेंट्स दिखाए जिनमें लोगों ने सिलेंडर नहीं मिलने की शिकायत की।
वायरल वीडियो और जमीनी हालात
तिल्दा-नेवरा का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें लोग अपने सिलेंडर कार्ड जमीन पर रखकर नंबर लगाते हुए छांव में इंतजार करते दिखे।
भिलाई और दुर्ग से भी कई पोस्ट सामने आए हैं, जिनमें यूजर्स ने बताया कि बुकिंग के 8–10 दिन बाद भी सिलेंडर नहीं मिल रहा और एजेंसी के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
एआई कंटेंट के जरिए विरोध
इस पूरे मुद्दे में एआई से बनाए गए वीडियो भी तेजी से वायरल हो रहे हैं।
- सिलेंडर के ‘अंतिम संस्कार’ जैसे वीडियो
- इंडक्शन चूल्हे को विकल्प के रूप में दिखाना
- घर में सिलेंडर आने को त्योहार जैसा बताने वाले मीम्स
ये कंटेंट लोगों के गुस्से और व्यंग्य दोनों को दर्शा रहे हैं।
प्रशासन का दावा: स्थिति सामान्य
जहां एक तरफ लोग परेशानी बता रहे हैं, वहीं प्रशासन और केंद्र सरकार की ओर से कहा जा रहा है कि गैस की सप्लाई सामान्य है और किसी तरह की कमी नहीं है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही सभी उपभोक्ताओं को समय पर सिलेंडर मिल जाएगा।
निष्कर्ष
गैस सिलेंडर को लेकर छत्तीसगढ़ में बनी स्थिति अब सिर्फ सप्लाई का मुद्दा नहीं रह गई है, बल्कि यह राजनीतिक बहस और सोशल मीडिया ट्रेंड का बड़ा विषय बन चुकी है। एक ओर लोग अपनी परेशानी जाहिर कर रहे हैं, तो दूसरी ओर सरकार और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है।