February 2026

परीक्षा देकर लौट रहे 12वीं के छात्र की सड़क हादसे में मौत, आक्रोशित ग्रामीणों ने शव रखकर किया चक्काजाम

रायगढ़ जिले में एक दर्दनाक सड़क हादसे में 12वीं के छात्र की जान चली गई। परीक्षा देकर बाइक से घर लौट रहे छात्र को एक अज्ञात ट्रेलर ने जोरदार टक्कर मार दी। हादसे के बाद चालक वाहन सहित मौके से फरार हो गया। घटना से नाराज ग्रामीणों ने शव सड़क पर रखकर देर रात तक चक्काजाम किया। जानकारी के अनुसार, कोतवाली थाना क्षेत्र के ग्राम लाखा निवासी नेम सिंह ठाकुर (18 वर्ष), पिता टीकाराम ठाकुर, गेरवानी हायर सेकेंडरी स्कूल में कक्षा 12वीं का छात्र था। उसका परीक्षा केंद्र तराईमाल स्कूल में बनाया गया था। शुक्रवार सुबह वह परीक्षा देने घर से निकला था। परीक्षा समाप्त होने के बाद दोपहर करीब 12 बजे बाइक से वापस लौट रहा था। तराईमाल और लाखा के बीच मुख्य मार्ग पर इरशाद ढाबा के पास एक तेज रफ्तार अज्ञात ट्रेलर ने उसे टक्कर मार दी। हादसे में छात्र के सिर और शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोटें आईं और वह सड़क पर अचेत होकर गिर पड़ा। राहगीरों की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और घायल छात्र को मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेजा गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने मर्ग कायम कर पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया है। हादसे के बाद गांव में शोक की लहर दौड़ गई। शाम को परिजन और ग्रामीण शव को लेकर गेरवानी स्थित घटनास्थल पहुंचे और सड़क पर शव रखकर चक्काजाम शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों की मांग थी कि परीक्षा अवधि में भारी वाहनों के आवागमन पर रोक लगाई जाए, आरोपी ट्रेलर चालक को जल्द गिरफ्तार किया जाए और मृतक परिवार को उचित मुआवजा दिया जाए। देर रात तक सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लगी रहीं। ग्राम लाखा और आसपास के कई गांवों के छात्र गेरवानी में पढ़ाई करते हैं और उनका परीक्षा केंद्र तराईमाल में है। इस हादसे के बाद अभिभावकों में भी भय और चिंता का माहौल है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और फरार ट्रेलर चालक की तलाश जारी है।

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रायपुर में सघन जांच के दौरान बड़ी कार्रवाई, समता कॉलोनी में युवक से 75 लाख रुपये नकद बरामद

राजधानी रायपुर में चलाए जा रहे विशेष चेकिंग अभियान के तहत पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। समता कॉलोनी इलाके में जांच के दौरान एक युवक के पास से 75 लाख रुपये नकद जब्त किए गए हैं। इतनी बड़ी रकम मिलने से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। जानकारी के अनुसार, रायपुर पुलिस कमिश्नरेट की एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट और आजाद चौक थाना पुलिस की संयुक्त टीम 27 फरवरी को एमसीपी प्वाइंट पर संदिग्ध वाहनों की जांच कर रही थी। इसी दौरान एक एक्टिवा सवार युवक को रोककर पूछताछ की गई। तलाशी के दौरान वाहन में रखे एक बड़े बैग से भारी मात्रा में नकदी बरामद हुई। वाहन चला रहे युवक ने अपना नाम मिलन शर्मा (25 वर्ष) बताया, जो समता कॉलोनी का रहने वाला है। पुलिस द्वारा नकदी के संबंध में पूछे जाने पर वह कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। अधिकारियों के मुताबिक, पूछताछ के दौरान उसके जवाब भी संतोषजनक नहीं थे। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए 75 लाख रुपये नकद, चार मोबाइल फोन और एक्टिवा वाहन को जब्त कर लिया है। मामले में वैधानिक प्रावधानों के तहत प्रकरण दर्ज कर लिया गया है। इस संबंध में आयकर विभाग को भी सूचित कर दिया गया है। अब आयकर विभाग नकदी के स्रोत और संभावित लेन-देन की गहन जांच करेगा। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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रायपुर में यूथ कांग्रेस नेता के घर के बाहर खड़ी दो कारों में आग, इलाके में दहशत

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में देर रात आगजनी की सनसनीखेज घटना सामने आई है। यूथ कांग्रेस से जुड़े नेता विनोद कश्यप उर्फ भक्कू के घर के बाहर खड़ी दो कारों को अज्ञात लोगों ने आग के हवाले कर दिया। घटना के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया और आसपास के लोग घरों से बाहर निकल आए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कुछ संदिग्ध युवक देर रात घर के आसपास घूमते देखे गए थे। बताया जा रहा है कि बदमाशों ने कारों पर ज्वलनशील पदार्थ डालकर आग लगाई, जिससे देखते ही देखते दोनों वाहनों में भीषण लपटें उठने लगीं। सूचना मिलते ही दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची और काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। हालांकि तब तक दोनों कारें बुरी तरह जल चुकी थीं। घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें आग की तेज लपटें और मौके पर जुटी भीड़ दिखाई दे रही है। यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। लोगों ने कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं। विनोद कश्यप ने इस घटना को सोची-समझी साजिश करार दिया है। उनका आरोप है कि क्षेत्र में असामाजिक तत्व लंबे समय से सक्रिय हैं, लेकिन समय रहते ठोस कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने पुलिस प्रशासन से दोषियों की जल्द गिरफ्तारी और क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों की पहचान कर जल्द ही उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा।

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बिलासपुर रिंग रोड प्रोजेक्ट को केंद्र की मंजूरी, 32 किमी आउटर रोड बनेगी; शहर के दो प्रमुख मार्गों के लिए भी फंड स्वीकृत

छत्तीसगढ़ के दूसरे सबसे बड़े शहर बिलासपुर में ट्रैफिक जाम से राहत की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। केंद्र सरकार ने बहुप्रतीक्षित रिंग रोड परियोजना को सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू की पहल पर केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने 32 किलोमीटर लंबी रिंग रोड के प्रस्ताव को हरी झंडी दी है। इसके साथ ही राज्य सरकार ने भी शहर के दो अहम मार्गों के उन्नयन और निर्माण के लिए बजट स्वीकृत कर दिया है। उप मुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण मंत्री अरुण साव की अनुशंसा पर पेंड्रीडीह चौक से नेहरू चौक तथा नेहरू चौक से उसलापुर पुल तक सड़क निर्माण को मंजूरी मिल गई है। ट्रैफिक दबाव को देखते हुए तैयार हुआ प्रस्ताव बिलासपुर में हाईकोर्ट, रेलवे जोनल मुख्यालय, एसईसीएल और एनटीपीसी जैसे बड़े संस्थान होने के कारण यातायात का दबाव लगातार बढ़ रहा है। शहर के बीच से गुजरने वाले राष्ट्रीय राजमार्गों पर भारी वाहनों की आवाजाही से जाम की समस्या आम हो गई है। इसी को देखते हुए रिंग रोड की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही थी। केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू ने जिला प्रशासन से ट्रैफिक समाधान के लिए प्रस्ताव तैयार करने को कहा था। इसके बाद कलेक्टर संजय अग्रवाल ने एयरपोर्ट, औद्योगिक क्षेत्रों और विभिन्न नेशनल हाईवे को जोड़ने वाली 32 किमी लंबी रिंग रोड का प्रारूप तैयार कराया। प्रस्ताव में बोदरी (हाईकोर्ट के पास) से सेंदरी (रतनपुर रोड, NH-130) तक मार्ग विकसित करने की योजना है। शहर को मिलेगा बायपास, भारी वाहनों से राहत रिंग रोड बनने के बाद NH-49 और NH-130 से आने-जाने वाले भारी वाहन शहर के अंदर प्रवेश किए बिना आउटर मार्ग से गुजर सकेंगे। इससे मुख्य बाजारों और रिहायशी इलाकों में ट्रैफिक का दबाव कम होगा। साथ ही सिरगिट्टी और लालखदान जैसे औद्योगिक क्षेत्रों को NH-130A (रायपुर-धनबाद कॉरिडोर) से सीधा कनेक्शन मिलेगा, जिससे लॉजिस्टिक्स और व्यापार को गति मिलेगी। अब परियोजना की डीपीआर तैयार कर सर्वे कराया जाएगा और फिर विस्तृत प्रस्ताव केंद्र को भेजा जाएगा। पेंड्रीडीह चौक से नेहरू चौक मार्ग के लिए 40.79 करोड़ स्वीकृत राज्य सरकार ने पेंड्रीडीह चौक से नेहरू चौक तक 15.38 किलोमीटर सड़क के सुदृढ़ीकरण के लिए 40 करोड़ 79 लाख रुपये मंजूर किए हैं। मंत्रालय से इस संबंध में प्रमुख अभियंता को निर्देश जारी कर दिए गए हैं। उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कार्य की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने और समय-सीमा में काम पूरा करने के निर्देश दिए हैं। गुणवत्ता में कमी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है। नेहरू चौक से उसलापुर पुल तक 4.25 करोड़ की मंजूरी इसके अलावा NH-130A से नेहरू चौक होते हुए उसलापुर पुल तक 3.20 किलोमीटर सड़क निर्माण के लिए 4 करोड़ 25 लाख 21 हजार रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इस परियोजना से उसलापुर क्षेत्र में आवागमन और अधिक सुगम होने की उम्मीद है। कुल मिलाकर, रिंग रोड और इन सड़कों के निर्माण से आने वाले समय में बिलासपुर शहर को ट्रैफिक जाम से बड़ी राहत मिलने की संभावना है।

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Bilashpur, Chhattisgarh

रायगढ़ के आदिवासी कन्या छात्रावास में छात्राओं से कराई गई रंगाई-पुताई, वीडियो वायरल होने के बाद जांच के आदेश

छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में आदिवासी कन्या छात्रावास की छात्राओं से सफाई और रंगाई-पुताई कराने का मामला सामने आया है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में छात्राएं खुद ही कमरों की दीवारों पर पेंट करती और छज्जों पर चढ़कर गंदगी साफ करती नजर आ रही हैं। मामला सामने आने के बाद आदिवासी विकास विभाग ने जांच के आदेश दे दिए हैं। यह घटना लैलूंगा ब्लॉक के कोड़सिया स्थित प्री-मैट्रिक आदिवासी कन्या छात्रावास की है। बताया जा रहा है कि यहां 6वीं से 10वीं कक्षा तक की करीब 40 से 45 छात्राएं रहती हैं, जो आसपास के गांवों से आती हैं। छात्रावास के रख-रखाव के लिए हर साल करीब 25 हजार रुपये की राशि स्वीकृत होती है। इसी राशि से भवन की रंगाई-पुताई का कार्य कराया जा रहा था। इसी दौरान एक वीडियो सामने आया, जिसमें छात्राएं बाल्टियों में रंग घोलती और दीवारों पर पेंट करती दिखाई दे रही हैं। कुछ छात्राएं ऊंचाई पर चढ़कर छज्जे की सफाई भी करती नजर आ रही हैं। वीडियो में उस समय कोई अधिकारी या कर्मचारी मौजूद नहीं दिख रहा है। बताया जा रहा है कि छात्रावास की एक छात्रा ने ही यह वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर साझा किया, जिसके बाद मामला उजागर हुआ। छात्रावास की वार्डन पूर्णिमा चौहान का कहना है कि भवन की पुताई के लिए मजदूर लगाए गए थे। मजदूरों के जाने के बाद किचन से जुड़ा थोड़ा काम बाकी रह गया था। उन्होंने कर्मचारी से सफाई कराने को कहा था, लेकिन उनकी अनुपस्थिति में प्यून ने छात्राओं से काम करा लिया। वार्डन के मुताबिक वायरल वीडियो उसी दौरान का है। मामले को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन ने तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की है। कलेक्टर कार्यालय (आदिवासी विकास शाखा) के आदेश पर धर्मेंद्र सिंह बैस, धनेश्वरी सिदार और उमेश पटेल को जांच समिति में शामिल किया गया है। समिति 28 फरवरी 2026 को छात्रावास पहुंचकर स्थिति का जायजा लेगी और अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। आदिवासी विकास विभाग के अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल मामला चर्चा का विषय बना हुआ है और प्रशासन पूरे प्रकरण की सच्चाई जानने में जुटा है।

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Chhattisgarh, Raigarh

झोलाछाप के इलाज में गर्भवती महिला की मौत, बिना पोस्टमॉर्टम हुआ अंतिम संस्कार

छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले में एक गर्भवती महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। सर्दी-खांसी के इलाज के लिए गांव के ही एक कथित डॉक्टर के क्लिनिक पहुंची महिला की हालत अचानक बिगड़ गई और बाद में अस्पताल पहुंचने से पहले ही उसकी मौत हो गई। हैरानी की बात यह है कि परिजनों ने बिना पोस्टमॉर्टम कराए ही शव का अंतिम संस्कार कर दिया और पुलिस में भी कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई। यह घटना पलारी थाना क्षेत्र के छेरकाडीह जारा गांव की है। जानकारी के अनुसार, अजय साहू की पत्नी इंदु साहू (शादी 2022 में) चार महीने की गर्भवती थीं। दंपति का ढाई साल का एक बेटा भी है। गुरुवार को इंदु को सर्दी-खांसी की शिकायत थी, जिसके चलते वह गांव के ही जयंत साहू के क्लिनिक पहुंचीं। जयंत साहू गांव का सरपंच भी है और उसने खुद स्वीकार किया है कि उसके पास कोई मेडिकल डिग्री नहीं है, फिर भी वह पिछले 17 साल से इलाज कर रहा है। परिजनों के मुताबिक, पहली बार जब इंदु क्लिनिक पहुंचीं तो डॉक्टर मौजूद नहीं था। बाद में उसके आने की सूचना मिलने पर वह दोबारा वहां गईं। इसी दौरान इलाज के दौरान अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि इंजेक्शन लगाने के बाद उन्हें उल्टियां शुरू हो गईं और वह बेहोश हो गईं, हालांकि कैमरे पर कोई बयान देने को तैयार नहीं है। कथित डॉक्टर जयंत साहू के अनुसार, इंदु को सर्दी-खांसी और सीने में दर्द था। उन्होंने बीपी चेक किया और बताया कि महिला ने खाना नहीं खाया था, इसलिए ज्यादा दवा नहीं दी जा सकती। करीब 15-20 मिनट बाद अचानक उनकी हालत बिगड़ी, उल्टी हुई और वह चक्कर खाकर गिर पड़ीं। पानी पिलाने पर थोड़ी देर होश आया, लेकिन फिर से बेहोश हो गईं। इसके बाद उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पलारी भेजा गया। महिला की सास कांति साहू ने बताया कि जब बहू काफी देर तक घर नहीं लौटी तो वह क्लिनिक पहुंचीं। वहां इंदु अपने पति की गोद में बेहोश पड़ी थीं। तुरंत उन्हें पलारी अस्पताल ले जाया गया, जहां ड्यूटी डॉक्टर ने जांच के बाद बताया कि अस्पताल पहुंचने से पहले ही महिला की मौत हो चुकी थी। बताया गया कि महिला के नाक से झाग और खून निकल रहा था। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पलारी के बीएमओ डॉ. पंकज वर्मा के अनुसार, दोपहर करीब 2 बजे महिला का शव अस्पताल लाया गया था। परिवार के लोग लगभग चार घंटे तक अस्पताल में रहे। शाम करीब 6 बजे उन्होंने लिखित में पोस्टमॉर्टम न कराने की बात कही, जिसके बाद शव उन्हें सौंप दिया गया। मामले में अब तक न तो पुलिस में शिकायत दर्ज हुई है और न ही किसी प्रकार की आधिकारिक जांच शुरू की गई है। परिजनों ने उसी दिन अंतिम संस्कार भी कर दिया। गांव में इस घटना को लेकर चर्चा है, लेकिन कोई भी खुलकर सामने आने को तैयार नहीं है।

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Balodabazar, Chhattisgarh

रायपुर में पीएम सूर्यघर योजना की समीक्षा: ऋण व सब्सिडी में देरी पर सख्ती, साप्ताहिक रिपोर्ट अनिवार्य

रायपुर कलेक्ट्रेट में शुक्रवार को प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना की प्रगति की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने योजना के तहत प्राप्त आवेदनों, स्वीकृत मामलों, सब्सिडी वितरण और स्थापित सोलर रूफटॉप सिस्टम की स्थिति की विस्तृत जानकारी ली। कलेक्टर ने छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (CSPDCL) के अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में कार्य की गति तेज करने के निर्देश दिए। बैंकवार लक्ष्यों की समीक्षा करते हुए उन्होंने स्पष्ट कहा कि पात्र हितग्राहियों को ऋण स्वीकृति में किसी भी प्रकार की अनावश्यक देरी स्वीकार नहीं की जाएगी। बैठक में भारतीय स्टेट बैंक की धीमी प्रगति पर नाराजगी जताई गई और बैंक को योजना के प्रति गंभीरता दिखाने तथा आवेदकों को समुचित जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। गांव-वार्ड स्तर पर लगाए जाएंगे शिविर डॉ. सिंह ने अधिकाधिक लोगों तक योजना का लाभ पहुंचाने के लिए व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाने पर जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि गांव और वार्ड स्तर पर विशेष शिविर आयोजित किए जाएं, ताकि आवेदन, तकनीकी स्वीकृति, ऋण स्वीकृति और सब्सिडी की प्रक्रिया समयबद्ध ढंग से पूरी हो सके। किसी भी स्तर पर फाइलों को लंबित नहीं रखा जाए। समीक्षा के दौरान यह भी तय किया गया कि सभी बैंक और संबंधित विभाग हर सप्ताह अपनी प्रगति रिपोर्ट जिला कार्यालय में प्रस्तुत करेंगे, ताकि योजना की निरंतर मॉनिटरिंग हो और पात्र लाभार्थियों को समय पर सहायता मिल सके। बैठक में जिला पंचायत सीईओ कुमार बिश्वरंजन, एलडीएम मोहम्मद मोफिज सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, जिले के बैंक प्रतिनिधि और बिजली विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।

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Chhattisgarh, Raipur

होली पर घर वापसी का दबाव: लंबी दूरी की ट्रेनों में ‘नो रूम’, स्पेशल ट्रेनें भी फुल

होली से पहले घर लौटने वालों की भारी भीड़ के चलते जोन से गुजरने वाली लंबी दूरी की ट्रेनों में जबरदस्त दबाव है। स्थिति यह है कि त्योहार से पहले ही नहीं, बल्कि होली के एक सप्ताह बाद तक अधिकांश ट्रेनों में सीटें पूरी तरह भरी हुई हैं। रिजर्वेशन कोच में भी यात्रियों को बैठने की जगह नहीं मिल रही, जबकि स्लीपर बोगियां जनरल डिब्बों जैसी नजर आ रही हैं। यात्री फर्श पर लेटकर, दरवाजों के पास बैठकर और शौचालय के आसपास जगह बनाकर सफर करने को मजबूर हैं। फरवरी के अंतिम सप्ताह से मार्च के दूसरे सप्ताह तक कई प्रमुख ट्रेनों में एसी और स्लीपर—दोनों श्रेणियों में लंबी वेटिंग चल रही है, जिससे कन्फर्म टिकट पाना बेहद कठिन हो गया है। इन ट्रेनों में सबसे ज्यादा दबाव स्पेशल ट्रेनें भी राहत नहीं दे रहीं रेलवे ने होली पर 14 फेरों के लिए 5 स्पेशल ट्रेनों की घोषणा की है—दुर्ग–निजामुद्दीन, गोंदिया–छपरा, गोंदिया–पटना, बिलासपुर–चर्लापल्ली और दुर्ग–मधुबनी रूट पर अतिरिक्त फेरे चल रहे हैं। इसके बावजूद अधिकांश स्पेशल ट्रेनों में भी वेटिंग जारी है। टिकट विंडो खुलने के कुछ ही समय बाद प्रतीक्षा सूची शुरू हो जाती है। साथ ही, रेलवे बोर्ड द्वारा तिरूपति–रक्सौल, हटिया–दुर्ग और पटना–सिकंदराबाद रूट की 7 ट्रेनों के 56 फेरे संचालित किए जा रहे हैं, जिनका बिलासपुर में स्टॉपेज है। यहां भी कन्फर्म सीट मिलना चुनौती बना हुआ है। कोच के भीतर बदतर हालात बुधवार रात एलटीटी-शालीमार एक्सप्रेस के स्लीपर कोच में यात्रियों की भीड़ चरम पर रही। फर्श से लेकर गेट तक लोग लेटे मिले, पैर रखने तक की जगह नहीं थी। कई यात्रियों ने टीटीई से कन्फर्म बर्थ की मांग की, लेकिन राहत नहीं मिली। शौचालय तक जाने के लिए सोए यात्रियों के ऊपर से गुजरना पड़ा, जबकि परिवारों को अपनी बर्थ तक पहुंचने के लिए सामान खिसकाकर रास्ता बनाना पड़ा। कुल मिलाकर, होली के मौके पर घर वापसी की भीड़ ने रेल सफर को बेहद कठिन बना दिया है। यात्रियों को सलाह दी जा रही है कि वे यात्रा की योजना पहले से बनाएं और वैकल्पिक तिथियों पर टिकट तलाशें।

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Chhattisgarh

रायपुर में छत्तीसगढ़ी ब्राह्मण समाज का 32वां सामूहिक उपनयन संस्कार संपन्न, 64 बटुक बने यज्ञोपवीतधारी

रायपुर में छत्तीसगढ़ी ब्राह्मण समाज द्वारा 32वें सामूहिक उपनयन संस्कार समारोह का भव्य आयोजन किया गया। विप्र सांस्कृतिक भवन प्रबंध समिति के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में 64 बटुकों का यज्ञोपवीत संस्कार वैदिक रीति-रिवाजों और मंत्रोच्चार के साथ संपन्न हुआ। सुबह 6 बजे से विप्र भवन परिसर में धार्मिक अनुष्ठानों की शुरुआत हुई। आचार्य ओमप्रकाश तिवारी के मार्गदर्शन में मुंडन, हल्दी, पूजन और अन्य पारंपरिक विधियां संपन्न कराई गईं। मुख्य यजमान विनय तिवारी एवं संध्या तिवारी सहित अष्टबंध ब्राह्मणों ने वैदिक मंत्रों के बीच संस्कार को पूर्ण कराया। इस अवसर पर विद्वानों ने उपनयन संस्कार के आध्यात्मिक और शैक्षणिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह संस्कार बालक के जीवन में अनुशासन, अध्ययन और कर्तव्यबोध की नई शुरुआत का प्रतीक है। संस्कार के उपरांत बटुकों की पारंपरिक बारात निकाली गई। बैंड-बाजे की धुन पर सभी विप्र भवन से ब्राह्मणपारा स्थित सोहागा मंदिर पहुंचे, जहां भगवान मुरली मनोहर एवं राधा रानी के दर्शन कर आशीर्वाद लिया गया। पूरे मार्ग में धार्मिक उत्साह और उल्लास का वातावरण देखने को मिला। कार्यक्रम में नरेंद्र तिवारी, सुरेंद्र शुक्ला, राजेंद्र तिवारी, हरीश शर्मा, अवधेश दुबे, सुरेंद्र दीवान और नटराज शर्मा सहित अष्टबंध ब्राह्मणों ने बटुकों को संयमित जीवन, विद्या-अध्ययन और समाज सेवा का संदेश दिया। समारोह में छत्तीसगढ़ी युवा विकास संगठन के अध्यक्ष ज्ञानेश शर्मा, संजय दीवान, भूपेंद्र शर्मा, मिश्रीलाल पांडेय, व्यास नारायण शुक्ला सहित समाज के अनेक पदाधिकारी और विप्र शक्ति महिला मंडल की सदस्याएं बड़ी संख्या में उपस्थित रहीं। पूरे आयोजन में धार्मिक आस्था, परंपरा और सामाजिक एकता की झलक देखने को मिली।

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Chhattisgarh, Raigarh

रायपुर में स्कूल निर्माण कार्यों की कलेक्टर ने की समीक्षा, 8 मार्च से पहले काम पूरे करने के सख्त निर्देश

रायपुर जिले में पीएमश्री और शासकीय स्कूलों में चल रहे निर्माण एवं मरम्मत कार्यों की प्रगति की कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने समीक्षा की। कलेक्टोरेट सभाकक्ष में आयोजित संयुक्त बैठक में उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट रूप से निर्देश दिया कि सभी कार्य निर्धारित समय-सीमा के भीतर हर हाल में पूरे किए जाएं। बैठक के दौरान फिनिशिंग स्टेज पर पहुंचे निर्माण कार्यों, मरम्मत कार्यों और विशेष रूप से बालिका शौचालय निर्माण को 8 मार्च 2026 से पहले पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने कहा कि कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या देरी स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने लोक निर्माण विभाग, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा, नगरीय निकाय और जनपद पंचायत के अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ नियमित मॉनिटरिंग करने को कहा। टेंडर आधारित एवं बड़े निर्माण कार्यों को अप्रैल 2026 के अंत तक पूरा करने का लक्ष्य तय किया गया है। कलेक्टर ने यह भी निर्देशित किया कि भूमि विवाद, डिस्मेंटलिंग या अन्य कारणों से अटके कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जाए। उन्होंने जोर देकर कहा कि नए शिक्षा सत्र की शुरुआत से पहले सभी अधूरे निर्माण और मरम्मत कार्य पूरे कर लिए जाएं, ताकि विद्यार्थियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। बैठक में जिला शिक्षा अधिकारी हिमांशु भारती ने समग्र शिक्षा, स्कूल शिक्षा और अन्य मदों के तहत स्वीकृत निर्माण कार्यों की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की। इस दौरान जिला पंचायत सीईओ कुमार बिश्वरंजन, जिला मिशन समन्वयक अरुण कुमार शर्मा सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

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