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बिलासपुर में 1618 शिक्षक गैरहाजिर मिले, अब डिजिटल निगरानी से होगी हाजिरी

बिलासपुर। जिले के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की उपस्थिति को लेकर डिजिटल निगरानी में बड़ी संख्या में शिक्षक गैरहाजिर पाए गए हैं। विद्या समीक्षा केंद्र के जरिए की गई निगरानी में बिल्हा, मस्तूरी, तखतपुर और कोटा ब्लॉक के स्कूलों में कुल 1618 शिक्षक बिना पूर्व सूचना के अनुपस्थित मिले। आंकड़ों के मुताबिक, सबसे अधिक 659 शिक्षक बिल्हा ब्लॉक में गैरहाजिर पाए गए। वहीं मस्तूरी में 384, तखतपुर में 323 और कोटा ब्लॉक में 252 शिक्षक अनुपस्थित मिले। डिजिटल निगरानी के दौरान सामने आए आंकड़ों के बाद स्कूलों में शिक्षकों की नियमित उपस्थिति को लेकर सवाल उठे हैं। खासकर ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूलों में शिक्षकों की अनुपस्थिति का असर विद्यार्थियों की पढ़ाई पर पड़ने की बात सामने आई है। निगरानी में स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम स्कूलों में भी कुछ शिक्षक अनुपस्थित पाए गए। अब ऐप के जरिए दर्ज होगी हाजिरी जिला शिक्षा अधिकारी संदीप कुमार पांडेय के अनुसार, अब शिक्षकों की उपस्थिति डिजिटल माध्यम से दर्ज करने की व्यवस्था लागू की जा रही है। इसके तहत स्कूल की निर्धारित 100 मीटर की सीमा में पहुंचने पर ही ऐप के माध्यम से हाजिरी दर्ज की जा सकेगी। अधिकारियों के मुताबिक, शिक्षकों की उपस्थिति का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार होगा और इसी रिकॉर्ड के आधार पर वेतन भुगतान की प्रक्रिया की जाएगी। यदि निर्धारित प्रक्रिया के तहत हाजिरी दर्ज नहीं होती है, तो संबंधित शिक्षक के वेतन पर कार्रवाई की जा सकती है। नई व्यवस्था का उद्देश्य सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की नियमित उपस्थिति की निगरानी करना और विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित होने से रोकना बताया गया है।

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गणेश उत्सव में DJ पर नाचने को लेकर विवाद, मारपीट में युवक की मौत

बिलासपुर के मस्तूरी थाना क्षेत्र में गणेश उत्सव के दौरान DJ पर नाचने को लेकर शुरू हुआ विवाद खूनी संघर्ष में बदल गया। दो पक्षों के बीच जमकर मारपीट हुई। इस दौरान तलवार, चाकू, लाठी-डंडे, लोहे की रॉड और पत्थरों से हमला किए जाने की बात सामने आई है। घटना में गंभीर रूप से घायल शैलेष कुमार राठौर की इलाज के दौरान मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल है। पुलिस ने मामले में 14 संदेहियों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। वहीं, मृतक के परिवार के कई सदस्य भी घायल हुए हैं, जिनमें दो की हालत गंभीर बताई जा रही है और उनका सिम्स में इलाज चल रहा है। DJ पर नाचने को लेकर शुरू हुआ विवाद जानकारी के मुताबिक, रविवार रात करीब 10:30 से 11 बजे के बीच गतौरा के जनक पहरी इलाके में गणेश पंडाल में DJ बज रहा था। इसी दौरान DJ पर नाचने को लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद हो गया। परिजनों का कहना है कि दोनों पक्षों के बीच पहले से भी विवाद चला आ रहा था। कहासुनी के बाद विवाद बढ़ गया और दोनों पक्षों में मारपीट शुरू हो गई। आरोप है कि इस दौरान तलवार और चाकू समेत धारदार हथियारों के अलावा लाठी-डंडे और लोहे की रॉड से हमला किया गया। मौके पर पथराव किए जाने की बात भी सामने आई है। इलाज के दौरान शैलेष की मौत हमले में शैलेष कुमार राठौर गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उन्हें उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। घटना में मृतक के पिता व्यास नारायण राठौर और बड़े भाई रवि कुमार राठौर के घायल होने की जानकारी है। इसके अलावा बीच-बचाव करने पहुंचे विक्रम राठौर और विकास राठौर के भी घायल होने की बात सामने आई है। घायलों में दो की स्थिति गंभीर बताई जा रही है। 14 संदेही हिरासत में घटना की सूचना मिलते ही मस्तूरी पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने मामले में 14 संदेहियों को हिरासत में लिया है और उनसे पूछताछ की जा रही है। परिजनों ने आरोप लगाया है कि हमले में करीब 13 से 15 लोग शामिल थे। हालांकि, घटना में वास्तव में कौन-कौन शामिल था और किसकी क्या भूमिका रही, यह पुलिस की जांच के बाद स्पष्ट होगा। एडिशनल एसपी ने किया घटनास्थल का निरीक्षण घटना की गंभीरता को देखते हुए सोमवार सुबह एडिशनल एसपी ग्रामीण मधुलिका सिंह भी गतौरा पहुंचीं। उन्होंने घटनास्थल का निरीक्षण किया और स्थानीय पुलिस अधिकारियों से घटना की जानकारी ली। पुलिस पुराने विवाद के साथ-साथ DJ पर नाचने को लेकर हुए तत्काल विवाद और उसके बाद हुई हिंसा के सभी पहलुओं की जांच कर रही है। पुलिस हथियारों के इस्तेमाल और घटना में शामिल लोगों की भूमिका भी जांच रही है। पत्नी ने आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की मृतक शैलेष राठौर की पत्नी ने घटना में शामिल आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि पति की मौत से उनके बच्चे अनाथ हो गए हैं और आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए। वहीं, परिजनों और कुछ स्थानीय लोगों ने कुछ आरोपियों के कथित अवैध कब्जे पर बने होटल के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग की है। पुलिस के अनुसार, मामले में FIR दर्ज कर ली गई है। हिरासत में लिए गए लोगों से पूछताछ के साथ अन्य साक्ष्यों को जुटाया जा रहा है। जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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बिलासपुर में सरकारी जमीन पर बने दो मंजिला मकान पर चला बुलडोजर, 3 नोटिस के बाद निगम की कार्रवाई

बिलासपुर में सरकारी जमीन पर किए गए कथित अवैध कब्जे के खिलाफ नगर निगम ने बड़ी कार्रवाई की है। अरपा पार बंधवापारा स्थित सतबहिनया मंदिर के पास सरकारी जमीन पर बने दो मंजिला मकान को नगर निगम की टीम ने बुलडोजर चलाकर ढहा दिया। नगर निगम के अनुसार, मकान मालिक रंजीत कश्यप को निर्माण से संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत करने के लिए तीन बार नोटिस जारी किया गया था। तय समय के भीतर आवश्यक दस्तावेज पेश नहीं किए गए और नोटिस का संतोषजनक जवाब भी नहीं मिला। इसके बाद निर्धारित प्रक्रिया पूरी कर निगम ने निर्माण हटाने की कार्रवाई की। जोन कमिश्नर रंजना अग्रवाल के मुताबिक, सतबहिनया मंदिर बंधवापारा क्षेत्र में सरकारी जमीन पर दो मंजिला मकान का निर्माण किया गया था। निगम की ओर से लगातार नोटिस देकर जमीन और निर्माण से जुड़े दस्तावेज मांगे गए, लेकिन दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए। नगर निगम कमिश्नर प्रकाश कुमार सर्वे के निर्देश पर जोन क्रमांक-8 और अतिक्रमण शाखा की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची। टीम ने बुलडोजर की मदद से दो मंजिला निर्माण को पूरी तरह ढहा दिया और जमीन को अतिक्रमण से मुक्त कराया। नगर निगम अधिकारियों ने कहा कि सरकारी जमीन या निगम की संपत्ति पर अवैध कब्जा और बिना अनुमति निर्माण को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। शहर में ऐसे मामलों की जांच कर नियमों के अनुसार कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। निगम ने अधिकारियों को सरकारी जमीन पर होने वाले अवैध निर्माण और अतिक्रमण की निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों के मुताबिक, जांच के दौरान सामने आने वाले अन्य मामलों में भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

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बिलासपुर कस्टडी डेथ मामले में CBI ने दर्ज की हत्या की FIR, सुप्रीम कोर्ट ने मांगी जांच रिपोर्ट

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में जनवरी 2024 में हुई श्रवण सूर्यवंशी उर्फ सरवन तामरे की हिरासत में मौत के मामले में अब CBI ने हत्या का केस दर्ज किया है। यह कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट के 12 अगस्त 2026 के आदेश के बाद की गई है। CBI ने 30 जुलाई 2026 को सिविल लाइंस थाने में दर्ज FIR नंबर 1036 को अपनी जांच का आधार बनाया है। मामले में फिलहाल CBI के रिकॉर्ड में आरोपी के नाम की जगह अज्ञात व्यक्ति दर्ज किया गया है। सुप्रीम कोर्ट ने CBI को निर्देश दिया है कि श्रवण की हिरासत में मौत किन परिस्थितियों में हुई, इसकी विस्तृत जांच की जाए। यदि जांच में किसी अधिकारी की हिरासत में हिंसा या मौत में भूमिका सामने आती है, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। कोर्ट ने CBI को 13 अक्टूबर 2026 को होने वाली अगली सुनवाई से पहले जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा है। जांच के दायरे में उन अधिकारियों की भूमिका भी शामिल है, जिन्होंने न्यायिक जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद उचित कार्रवाई नहीं की। 17 जनवरी को पुलिस ने पकड़ा था जानकारी के अनुसार, ग्राम मोहरा निवासी श्रवण सूर्यवंशी करीब 35 साल का था और खेती-किसानी करता था। पुलिस ने उसे 17 जनवरी 2024 को हिरासत में लिया था। अगले दिन पुलिस ने 6 लीटर महुआ शराब के साथ उसकी गिरफ्तारी दिखाते हुए आबकारी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया। 19 जनवरी को उसे कोर्ट में पेश किया गया, जहां से न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। 20 जनवरी को परिजन उससे मिलने जेल पहुंचे, लेकिन उन्हें मुलाकात नहीं हो सकी। जेल में बिगड़ी तबीयत, SIMS में मौत 21 जनवरी को जेल में श्रवण की तबीयत अचानक खराब हुई। पहले जेल अस्पताल में उसका उपचार किया गया और हालत गंभीर होने पर उसे सिम्स अस्पताल रेफर किया गया। अस्पताल पहुंचने के बाद 22 जनवरी को उसकी मौत हो गई। जेल प्रबंधन के अनुसार, उसे सांस लेने में परेशानी होने के बाद अस्पताल भेजा गया था। न्यायिक जांच में सिर की चोट का उल्लेख 22 जुलाई 2024 को न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी निकसन डेविड लकड़ा ने जांच रिपोर्ट प्रस्तुत की थी। रिपोर्ट में पोस्टमॉर्टम, हिस्टोपैथोलॉजी और FSL समेत विभिन्न दस्तावेजों का परीक्षण किया गया। जांच रिपोर्ट के अनुसार, शरीर में किसी प्रकार का रासायनिक जहर नहीं पाया गया था। मेडिकल दस्तावेजों में मौत का कारण सिर में लगी चोट के बाद कार्डियो-रेस्पिरेटरी अरेस्ट बताया गया। उपलब्ध मेडिकल और अन्य दस्तावेजों के आधार पर न्यायिक जांच में भी सिर की चोट को मौत से जोड़ा गया था। परिजनों ने पुलिस पर लगाए आरोप न्यायिक जांच के दौरान श्रवण की पत्नी लहराबाई सूर्यवंशी ने बताया था कि घटना वाले दिन थाना सीपत के पुलिसकर्मी श्रवण को अपने साथ ले गए थे। बाद में उन्हें जानकारी मिली कि श्रवण को सिम्स अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इसके अगले दिन उसकी मौत की सूचना मिली। श्रवण के पिता अमृतलाल ताम्र ने भी जांच में बताया कि 18 जनवरी की शाम पुलिस उसे शराब के मामले में लेकर गई थी। 21 जनवरी की रात उन्हें श्रवण को जेल से सिम्स भेजे जाने की जानकारी मिली और अगले दिन सुबह उसकी मौत की खबर मिली। परिजनों की ओर से हिरासत के दौरान मारपीट के गंभीर आरोप भी लगाए गए हैं। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि CBI की जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी। परिजनों को 25 लाख का अंतरिम मुआवजा सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार को मृतक के परिजनों को 25 लाख रुपये का अंतरिम मुआवजा देने का निर्देश दिया है। अंतिम मुआवजे की राशि बाद में तय की जाएगी। CBI टीम ने बिलासपुर पहुंचकर शुरू की जांच सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद 15 अगस्त को CBI की टीम बिलासपुर पहुंची थी। SP रैंक के अधिकारी के नेतृत्व में चार सदस्यीय टीम ने सिविल लाइंस थाने से केस डायरी और अन्य रिकॉर्ड हासिल किए। इसके बाद टीम सेंट्रल जेल पहुंची और जेल अधीक्षक समेत संबंधित कर्मचारियों से पूछताछ की। CBI अब केस डायरी, न्यायिक जांच रिपोर्ट और मेडिकल दस्तावेजों के आधार पर हिरासत में हुई मौत की परिस्थितियों की जांच कर रही है। 13 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट में CBI की जांच रिपोर्ट पेश होने के बाद मामले में आगे की तस्वीर स्पष्ट होने की उम्मीद है।

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बिलासपुर-पेंड्रा NH-45 की बदहाली पर कांग्रेस का प्रदर्शन, सड़क पर धान रोपकर जताया विरोध

बिलासपुर से रतनपुर-केंदा-केंवची तक NH-45 की खराब हालत और कथित घटिया निर्माण के विरोध में कांग्रेस ने सड़क पर उतरकर प्रदर्शन किया। कोटा विधायक अटल श्रीवास्तव के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों ने गड्ढों और कीचड़ से भरी सड़क पर धान की रोपाई कर विरोध जताया। करीब दो घंटे चले धरने में सड़क निर्माण की उच्चस्तरीय जांच और जिम्मेदार ठेकेदार व अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की गई। बिलासपुर-रतनपुर से पेंड्रा-केंवची तक करीब 97 किलोमीटर सड़क का निर्माण लगभग 510 करोड़ रुपए की लागत से किया जा रहा है। बारिश के बाद कई हिस्सों में सड़क की स्थिति खराब हो गई है। नई बनी सड़क पर दरारें आने और कई जगह सड़क उखड़ने का आरोप लगाया गया है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि कुछ दरारों को मुरूम डालकर ढंक दिया गया। इसी मार्ग पर 2 अगस्त को करीब 35 साल पुराना पुल टूट गया था। इसके बाद कई जगह डायवर्सन बनाए गए, लेकिन बारिश के कारण ये रास्ते कीचड़ और दलदल में बदल गए। इससे यातायात प्रभावित है और कई किलोमीटर तक वाहनों की कतार लग रही है। स्थानीय लोगों के अनुसार बिलासपुर से पेंड्रा का सामान्य तीन घंटे का सफर अब छह से आठ घंटे तक लग रहा है। विधायक अटल श्रीवास्तव ने आरोप लगाया कि सड़क पर गड्ढों और कीचड़ के कारण वाहन फंस रहे हैं और हादसों का खतरा बढ़ गया है। कांग्रेस ने सड़क की तत्काल मरम्मत, अधूरे निर्माण को जल्द पूरा कराने और गुणवत्ता की तकनीकी जांच की मांग की। प्रदर्शन के दौरान कोटा एसडीएम नितिन तिवारी, रतनपुर तहसीलदार और राष्ट्रीय राजमार्ग के कार्यपालन अभियंता मौके पर पहुंचे। कांग्रेस नेताओं ने कलेक्टर के नाम अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा। विधायक ने चेतावनी दी कि मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा।

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बिलासपुर में छात्रों के लिए बनेगी मल्टी स्टोरी बिल्डिंग, मंत्री नेताम ने हॉस्टल सुविधाएं बेहतर करने के दिए निर्देश

बिलासपुर: छात्रों को बेहतर आवासीय सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए बिलासपुर में मल्टी स्टोरी बिल्डिंग बनाए जाने की योजना है। इस संबंध में मंत्री नेताम ने अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई और व्यवस्थाओं को बेहतर करने के निर्देश दिए हैं। मंत्री ने कहा कि हॉस्टल में रहने वाले छात्रों को बेहतर सुविधाएं मिलनी चाहिए। विद्यार्थियों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए भवन और अन्य मूलभूत व्यवस्थाओं को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया जाए। बैठक के दौरान उन्होंने मत्स्य विभाग समेत विभिन्न विभागों की योजनाओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को सरकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि योजनाओं का लाभ केवल कागजों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि पात्र लोगों तक समय पर पहुंचना चाहिए। मंत्री ने अधिकारियों को नियमित रूप से मैदानी क्षेत्रों का दौरा करने और योजनाओं की जमीनी स्थिति की निगरानी करने को कहा। साथ ही किसानों और अन्य हितग्राहियों से लगातार संपर्क बनाए रखने के निर्देश दिए, ताकि उनकी समस्याओं और जरूरतों की जानकारी सीधे मिल सके। उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाओं का अंतिम उद्देश्य लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाना है। इसलिए योजनाओं को लागू करते समय अधिकारियों को संवेदनशीलता, पारदर्शिता और जिम्मेदारी के साथ काम करना चाहिए। मंत्री नेताम ने अधिकारियों से यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि सरकारी योजनाओं का असर जमीन पर दिखाई दे और लोगों को उनका वास्तविक लाभ मिल सके।

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बिलासपुर रेलवे जोन के पानी पर CAG की रिपोर्ट में सवाल, 16 जोन में सबसे ज्यादा कमी स्कोर

बिलासपुर जोन यानी दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (SECR) के कई स्टेशनों पर यात्रियों को मिलने वाले पेयजल की गुणवत्ता को लेकर CAG की रिपोर्ट में गंभीर कमियां सामने आई हैं। नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक ने देश के 16 रेलवे जोन के 512 चयनित स्टेशनों पर पेयजल और न्यूनतम यात्री सुविधाओं का आकलन किया। रिपोर्ट के मुताबिक, कई स्टेशनों के पानी के नमूनों में E. coli और Total Coliform बैक्टीरिया पाए गए। E. coli की मौजूदगी पानी के मल या सीवेज से दूषित होने का संकेत मानी जाती है। कुछ स्थानों पर पानी में क्लोरीन का स्तर भी निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं मिला। CAG ने पेयजल व्यवस्था में सामने आई कमियों के आधार पर रेलवे जोन का Deficiency Score तैयार किया। इस स्कोर में संख्या जितनी कम होती है, व्यवस्था उतनी बेहतर मानी जाती है। पेयजल से जुड़े मानकों में SECR का कमी स्कोर 93.35 रहा, जो 16 रेलवे जोन में सबसे ज्यादा है। इसके मुकाबले दक्षिण मध्य रेलवे का कमी स्कोर 17.53 रहा, जो सबसे कम था। इस आधार पर पेयजल व्यवस्था के मामले में दक्षिण मध्य रेलवे का प्रदर्शन बेहतर पाया गया। न्यूनतम यात्री सुविधाओं में भी SECR की स्थिति कमजोर CAG की जांच में पेयजल के अलावा यात्रियों के लिए उपलब्ध अन्य जरूरी सुविधाओं का भी आकलन किया गया। इनमें टॉयलेट, बैठने की व्यवस्था, प्लेटफॉर्म पर शेड और अन्य बुनियादी सुविधाएं शामिल थीं। रिपोर्ट के मुताबिक, SECR की सामान्य यात्री सुविधाओं में भी कई कमियां सामने आईं। हालांकि, दिव्यांग यात्रियों के लिए उपलब्ध सुविधाओं के मामले में SECR का प्रदर्शन बेहतर रहा। इस श्रेणी में जोन ने देश में दूसरा स्थान हासिल किया और इसका Deficiency Score 20.97 रहा। 512 स्टेशनों पर हुआ आकलन CAG ने देश के 16 रेलवे जोन के 512 चयनित स्टेशनों पर यात्रियों को मिलने वाली पेयजल और न्यूनतम यात्री सुविधाओं की स्थिति की जांच की। तय मानकों और वास्तविक स्थिति के बीच अंतर के आधार पर अलग-अलग जोन का कमी स्कोर तैयार किया गया। रेलवे ने सुधार की योजना बताई CAG की रिपोर्ट सामने आने के बाद रेलवे की ओर से पेयजल व्यवस्था में सुधार की बात कही गई है। बिलासपुर जोन के स्टेशनों पर बेहतर पानी उपलब्ध कराने के लिए वाटर कूलर और Tank-to-Tap Water Filtration System लगाने की योजना पर काम किया जा रहा है। इसके साथ ही पानी की टंकियों की नियमित सफाई, रखरखाव और पानी की गुणवत्ता की समय-समय पर जांच करने की व्यवस्था मजबूत करने की बात कही गई है। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, यात्रियों को बेहतर और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक सुधार किए जाएंगे।

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गंदगी के बीच बन रही थी बर्फी, बिलासपुर में श्रीराम स्वीट्स बंद; 15 किलो मिठाई नष्ट

रक्षाबंधन से पहले बिलासपुर में खाद्य विभाग ने मिठाई दुकानों के खिलाफ जांच अभियान तेज कर दिया है। मंगलवार को सिरगिट्टी के नगपुरा स्थित श्रीराम स्वीट्स में जांच के दौरान मिठाई बनाने वाली जगह पर भारी गंदगी मिली। इसी अस्वच्छ माहौल में बर्फी तैयार की जा रही थी। जिले में खाद्य सुरक्षा को लेकर ‘खाबो-बने रहिबो’ अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के तहत मिठाई दुकानों और खाद्य सामग्री बनाने वाली जगहों की जांच की जा रही है। नियमों में खामी मिलने पर विभाग कार्रवाई कर रहा है। श्रीराम स्वीट्स पर कार्रवाई जांच के दौरान खाद्य विभाग की टीम ने दुकान से पेड़े का सैंपल लिया और उसे जांच के लिए लैब भेजा। दुकान में करीब 15 किलो बर्फी मिली, जिसे अधिकारियों ने मौके पर ही नष्ट करा दिया। अस्वच्छता मिलने के बाद विभाग ने दुकान का खाद्य लाइसेंस निलंबित कर दिया और श्रीराम स्वीट्स को बंद करा दिया। लैब रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। दो दुकानों से घी के सैंपल अभियान के दौरान खाद्य विभाग ने दो अन्य दुकानों से घी के सैंपल भी लिए हैं। इन नमूनों को जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है। रिपोर्ट के आधार पर संबंधित दुकानों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इससे पहले सोमवार को व्यापार विहार और शनिचरी बाजार में भी खाद्य विभाग की टीम ने जांच की थी। व्यापार विहार स्थित पवन ट्रेडर्स में बरफी के पैकेट पर जरूरी जानकारी दर्ज नहीं थी। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर विभाग ने करीब 102 किलो बरफी के 23 कार्टून जब्त किए और उसका सैंपल भी जांच के लिए लैब भेजा।

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बिलासपुर में बुजुर्ग महिला से 2 लाख के जेवर की ठगी, सुरक्षा का झांसा देकर बदमाशों ने बदली सोने की पोटली

बिलासपुर में बुजुर्ग महिला को सुरक्षा का डर दिखाकर ठगी करने का मामला सामने आया है। शातिर ठगों ने महिला को बातों में उलझाकर करीब 2 लाख रुपये कीमत के सोने के जेवर लेकर फरार हो गए। पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामला सिविल लाइन थाना क्षेत्र का है। पुलिस के अनुसार सिंधी कॉलोनी निवासी 68 वर्षीय विद्या मोटवानी की कंवरराम मार्केट में कपड़ों की दुकान है। 3 अगस्त की शाम वह रोज की तरह सब्जी खरीदने बाजार गई थीं। बस स्टैंड का रास्ता पूछकर शुरू की बातचीत नेहरू चौक के पास ऑटो में बैठे दो युवकों ने महिला से बस स्टैंड जाने का रास्ता पूछा। बातचीत के दौरान एक और युवक वहां पहुंच गया। इसके बाद तीनों आरोपियों ने मिलकर महिला को अपनी बातों में उलझा लिया। आरोपियों ने महिला को बताया कि शहर में चोरी और लूट की घटनाएं बढ़ रही हैं, इसलिए सोने के गहने पहनकर घूमना सुरक्षित नहीं है। उन्होंने महिला को भरोसा दिलाया कि जेवर कपड़े में बांधकर सुरक्षित रख दिए जाएंगे। इसके बाद महिला उनके झांसे में आ गई और अपने हाथ का सोने का कंगन और अंगूठी उतारकर आरोपियों को दे दिए। ठगों ने जेवर कपड़े में बांधने का नाटक किया और महिला को कागज की पोटली थमा दी। कुछ दूर जाने के बाद आरोपियों ने महिला को ऑटो से उतार दिया और फरार हो गए। बाद में जब महिला ने पोटली खोली तो उसमें जेवर की जगह कागज निकला। एक कंगन बचने से बड़ा नुकसान टला परिजनों ने बताया कि महिला के एक हाथ में चोट के कारण सूजन थी, जिसकी वजह से उस हाथ का दूसरा सोने का कंगन नहीं निकल पाया। अगर वह कंगन भी उतर जाता तो ठग और ज्यादा जेवर लेकर फरार हो जाते। ऑटो चालक की भूमिका पर भी जांच पुलिस को इस वारदात में ऑटो चालक की भूमिका पर भी संदेह है। जांच में यह देखा जा रहा है कि क्या ऑटो चालक भी इस पूरी साजिश में शामिल था। पुलिस ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले हैं। फुटेज में दो युवक महिला से बातचीत करते और उसे अपने झांसे में लेते नजर आ रहे हैं। पुलिस संदिग्धों की पहचान कर गिरफ्तारी के प्रयास में जुटी है।

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बिलासपुर में नकली (एनालॉग) पनीर पर सख्ती, होटल-रेस्टोरेंट संचालकों को प्रशासन की चेतावनी

बिलासपुर में प्रतिबंधित एनालॉग (नकली) पनीर के निर्माण, भंडारण, बिक्री और उपयोग पर रोक को सख्ती से लागू करने के लिए खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने अभियान तेज कर दिया है। रविवार को जिले के होटल और रेस्टोरेंट संचालकों की बैठक आयोजित कर उन्हें स्पष्ट निर्देश दिए गए कि किसी भी स्थिति में एनालॉग पनीर का उपयोग या कारोबार न करें। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन के आयुक्त के निर्देश पर प्रदेशभर में इस अभियान को चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में बिलासपुर में अधिकारियों ने होटल और रेस्टोरेंट संचालकों को बताया कि प्रतिबंधित पनीर की खरीद, बिक्री, भंडारण और उपयोग पूरी तरह प्रतिबंधित है। यदि किसी प्रतिष्ठान में इसका उपयोग पाया गया तो खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने व्यापारियों से अपील की कि वे केवल प्रमाणित और गुणवत्तायुक्त पनीर ही खरीदें तथा अपने सप्लायरों की भी जांच करें। उनका कहना है कि जब तक बाजार में इसकी सप्लाई पूरी तरह बंद नहीं होगी, तब तक इस पर प्रभावी रोक लगाना संभव नहीं होगा। बैठक के दौरान होटल और रेस्टोरेंट संचालकों को स्वच्छता, खाद्य पदार्थों के सुरक्षित भंडारण, गुणवत्ता बनाए रखने, लाइसेंस संबंधी नियमों और खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन करने के निर्देश भी दिए गए। विभाग ने साफ किया कि समय-समय पर निरीक्षण जारी रहेगा और किसी भी प्रकार की लापरवाही मिलने पर कार्रवाई की जाएगी। बैठक के बाद खाद्य एवं औषधि प्रशासन की टीम ने शहर के कई होटल, रेस्टोरेंट और खाद्य प्रतिष्ठानों में औचक निरीक्षण किया। जांच के दौरान विशेष रूप से एनालॉग पनीर की उपलब्धता की पड़ताल की गई। विभाग के अनुसार फिलहाल किसी भी प्रतिष्ठान में प्रतिबंधित पनीर नहीं मिला, लेकिन आगे भी नियमित जांच जारी रहेगी। प्रशासन ने आम लोगों से भी सहयोग की अपील की है। यदि किसी होटल, रेस्टोरेंट, डेयरी या अन्य प्रतिष्ठान में एनालॉग पनीर का निर्माण, बिक्री, भंडारण या उपयोग होता दिखाई दे तो इसकी शिकायत विभाग की आधिकारिक वेबसाइट, हेल्पलाइन नंबर 9340597097 या संबंधित कार्यालय में की जा सकती है। जिला खाद्य एवं औषधि अधिकारी आर.आर. देवांगन ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा एनालॉग पनीर पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है। सभी खाद्य कारोबारियों को इसके उपयोग और कारोबार पर तत्काल रोक लगाने के निर्देश दिए गए हैं। नियमों का उल्लंघन करने वालों पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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