बिलासपुर में नकली (एनालॉग) पनीर पर सख्ती, होटल-रेस्टोरेंट संचालकों को प्रशासन की चेतावनी

बिलासपुर में प्रतिबंधित एनालॉग (नकली) पनीर के निर्माण, भंडारण, बिक्री और उपयोग पर रोक को सख्ती से लागू करने के लिए खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने अभियान तेज कर दिया है। रविवार को जिले के होटल और रेस्टोरेंट संचालकों की बैठक आयोजित कर उन्हें स्पष्ट निर्देश दिए गए कि किसी भी स्थिति में एनालॉग पनीर का उपयोग या कारोबार न करें। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन के आयुक्त के निर्देश पर प्रदेशभर में इस अभियान को चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में बिलासपुर में अधिकारियों ने होटल और रेस्टोरेंट संचालकों को बताया कि प्रतिबंधित पनीर की खरीद, बिक्री, भंडारण और उपयोग पूरी तरह प्रतिबंधित है। यदि किसी प्रतिष्ठान में इसका उपयोग पाया गया तो खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।

अधिकारियों ने व्यापारियों से अपील की कि वे केवल प्रमाणित और गुणवत्तायुक्त पनीर ही खरीदें तथा अपने सप्लायरों की भी जांच करें। उनका कहना है कि जब तक बाजार में इसकी सप्लाई पूरी तरह बंद नहीं होगी, तब तक इस पर प्रभावी रोक लगाना संभव नहीं होगा।

बैठक के दौरान होटल और रेस्टोरेंट संचालकों को स्वच्छता, खाद्य पदार्थों के सुरक्षित भंडारण, गुणवत्ता बनाए रखने, लाइसेंस संबंधी नियमों और खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन करने के निर्देश भी दिए गए। विभाग ने साफ किया कि समय-समय पर निरीक्षण जारी रहेगा और किसी भी प्रकार की लापरवाही मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।

बैठक के बाद खाद्य एवं औषधि प्रशासन की टीम ने शहर के कई होटल, रेस्टोरेंट और खाद्य प्रतिष्ठानों में औचक निरीक्षण किया। जांच के दौरान विशेष रूप से एनालॉग पनीर की उपलब्धता की पड़ताल की गई। विभाग के अनुसार फिलहाल किसी भी प्रतिष्ठान में प्रतिबंधित पनीर नहीं मिला, लेकिन आगे भी नियमित जांच जारी रहेगी।

प्रशासन ने आम लोगों से भी सहयोग की अपील की है। यदि किसी होटल, रेस्टोरेंट, डेयरी या अन्य प्रतिष्ठान में एनालॉग पनीर का निर्माण, बिक्री, भंडारण या उपयोग होता दिखाई दे तो इसकी शिकायत विभाग की आधिकारिक वेबसाइट, हेल्पलाइन नंबर 9340597097 या संबंधित कार्यालय में की जा सकती है।

जिला खाद्य एवं औषधि अधिकारी आर.आर. देवांगन ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा एनालॉग पनीर पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है। सभी खाद्य कारोबारियों को इसके उपयोग और कारोबार पर तत्काल रोक लगाने के निर्देश दिए गए हैं। नियमों का उल्लंघन करने वालों पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।

Scroll to Top