October 2025

छत्तीसगढ़-ओडिशा बॉर्डर पर दो दिन में पकड़ा गया 12 लाख का गांजा, तीन तस्कर गिरफ्तार

छत्तीसगढ़ और ओडिशा की सीमा पर बस्तर जिले के नगरनार थाना क्षेत्र में पुलिस ने 48 घंटे के भीतर करीब 12 लाख रुपए मूल्य का गांजा जब्त किया है। इस कार्रवाई में तस्करी में शामिल तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। आरोपी ओडिशा से गांजा भरकर मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश ले जा रहे थे। पहली कार्रवाई 29 अक्टूबर को हुई, जब नगरनार पुलिस ने ओडिशा से आ रहे एक ट्रक को रोककर जांच की। ट्रक चालक की पहचान मध्यप्रदेश निवासी मुराद साह (30 वर्ष) के रूप में हुई। तलाशी में ट्रक से 73 किलो गांजा बरामद हुआ, जिसकी कीमत लगभग 7.3 लाख रुपए आंकी गई। इसके अगले दिन यानी 30 अक्टूबर को पुलिस ने ओडिशा की ओर से आ रही एक कार को रोका। जांच में 46.37 किलो गांजा मिला, जिसकी कीमत 4.6 लाख रुपए बताई गई। कार में सवार दो युवकों मोहम्मद शोएब (24) और मुर्शीद (35), दोनों उत्तर प्रदेश के निवासी हैं, को गिरफ्तार किया गया। बस्तर के एएसपी महेश्वर नाग ने बताया कि तीनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जेल भेजा गया है। पुलिस ने कहा कि राज्य की सीमा पर लगातार चेकिंग अभियान जारी रहेगा ताकि ऐसे तस्करों पर पूरी तरह नकेल कसी जा सके।

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ट्रेन में सिलेंडर लेकर 106 किमी का सफर, बिलासपुर स्टेशन पर पकड़ा गया युवक

बिलासपुर रेलवे स्टेशन में आरपीएफ ने एक युवक को घरेलू गैस सिलेंडर के साथ गिरफ्तार किया है। युवक ने यह सिलेंडर ट्रेन में रखकर करीब 106 किलोमीटर की दूरी तय की थी। देर रात स्टेशन पहुंचने के बाद उसने सिलेंडर को प्लेटफॉर्म पर छिपा दिया था, लेकिन सुबह बाहर निकालने की कोशिश करते समय वह पकड़ा गया। घटना गुरुवार सुबह की है। आरपीएफ के जवानों ने बिलासपुर स्टेशन पर एक युवक को प्लास्टिक की बोरी लेकर बाहर जाते देखा। शक होने पर जब बोरी की जांच की गई, तो उसके अंदर इंडेन कंपनी का लाल रंग का गैस सिलेंडर मिला। पूछताछ में युवक ने बताया कि वह रायगढ़ जिले के राबर्टसन रेलवे स्टेशन से सिलेंडर लेकर लोकल ट्रेन से बिलासपुर आया था। आरोपी की पहचान खरसिया थाना क्षेत्र के ग्राम चपले निवासी शिव शंकर सारथी (21 वर्ष), पिता ननकी राम सारथी के रूप में हुई है। उसने बताया कि रात अधिक हो जाने के कारण उसने सिलेंडर प्लेटफॉर्म पर छिपा दिया था और सुबह भीड़ का फायदा उठाकर बाहर निकलने की कोशिश कर रहा था। आरपीएफ ने मामले में रेलवे अधिनियम के तहत कार्रवाई की है और जांच जारी है कि सिलेंडर को ट्रेन में लाने का उद्देश्य क्या था।

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दुर्ग जिले के नंदनी नगर थाना क्षेत्र के चर्चित भुईया पोर्टल हैकिंग केस में पुलिस ने दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। एसीसीयू (साइबर क्राइम यूनिट) और नंदनी नगर पुलिस की संयुक्त टीम ने यह कार्रवाई की।

आरोपियों पर आरोप है कि उन्होंने भुईया सॉफ्टवेयर में अवैध रूप से छेड़छाड़ कर भूमि का रकबा बढ़ाया और इसी फर्जीवाड़े के जरिए 36 लाख रुपए का बैंक लोन हड़प लिया। इसके लिए उन्होंने मुरमुंदा ग्राम के पटवारी की यूजर आईडी, पासवर्ड और ओटीपी का गलत इस्तेमाल किया। फर्जी रकबा बढ़ाकर लिया लोन जांच में सामने आया कि आरोपियों ने खसरा नंबर 1538/11 और 187/04 के रिकॉर्ड में ऑनलाइन हेरफेर की। इससे जमीन का मूल्य कृत्रिम रूप से बढ़ा और उसके आधार पर बैंक से लोन स्वीकृत हो गया। पैसों के लालच में किया खेल मुख्य आरोपियों की पहचान गणेश प्रसाद तम्बोली (51) और अमित कुमार मौर्य (37) के रूप में हुई है। दोनों ने अपने परिचित अशोक उरांव के कहने पर यह काम किया, जिसने उन्हें भूमि डेटा में हेरफेर करने के बदले राशि देने का ऑफर किया था। दोनों ने पटवारी का लॉगिन डिटेल्स हासिल कर भुईया पोर्टल में डेटा में बदलाव किया। इस फर्जी रकबे के आधार पर दीनू राम यादव और एस.राम बंजारे समेत कई लोगों ने भारतीय स्टेट बैंक, अहिवारा शाखा से लगभग 36 लाख रुपए का लोन ले लिया। पहले भी एक गिरफ्तारी इससे पहले पुलिस आरोपी नंदकिशोर साहू को गिरफ्तार कर चुकी थी। अब नए गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है, जिससे और लोगों की संलिप्तता सामने आ सकती है। यह कार्रवाई अपराध क्रमांक 201/2025 के तहत धारा 318(4), 338, 336(3), 340(2), 3(5) बीएनएस और आईटी एक्ट की धारा 66(सी) के प्रावधानों में की गई है।

दुर्ग जिले के नंदनी नगर थाना क्षेत्र के चर्चित भुईया पोर्टल हैकिंग केस में पुलिस ने दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। एसीसीयू (साइबर क्राइम यूनिट) और नंदनी नगर पुलिस की संयुक्त टीम ने यह कार्रवाई की। Read Post »

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बिलासपुर में कांग्रेस नेता पर फायरिंग केस में नया खुलासा: रसूखदारों के नाम आए सामने, पुलिस ने शुरू की एंड टू एंड कार्रवाई

बिलासपुर में कांग्रेस नेता नीतेश सिंह पर फायरिंग मामले में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। पुलिस ने बताया है कि इस हमले के पीछे स्थानीय रसूखदारों की भूमिका भी हो सकती है। गिरफ्तार आरोपियों ने पूछताछ के दौरान कुछ प्रभावशाली व्यक्तियों के नाम बताए हैं, जिनकी जांच की जा रही है। 🔹 चुनावी रंजिश और जमीन विवाद से जुड़ा मामला यह घटना सरकंडा थाना क्षेत्र की है। 28 अक्टूबर की शाम कांग्रेस के पूर्व उपाध्यक्ष विश्वजीत अनंत और उसके साथियों ने जनपद उपाध्यक्ष नीतेश सिंह पर हमला किया था। हमलावरों ने करीब 14 राउंड फायरिंग की, जिसमें नीतेश समेत दो अन्य लोग घायल हुए। जांच में सामने आया है कि वारदात के पीछे जनपद उपाध्यक्ष पद के चुनाव में हार और जमीन विवाद प्रमुख कारण थे। नीतेश की जीत से नाराज गुट ने यह हमला योजना बनाकर कराया था। 🔹 मास्टरमाइंड समेत 7 आरोपी गिरफ्तार पुलिस ने तेजी दिखाते हुए 24 घंटे के भीतर ही मुख्य आरोपी विश्वजीत अनंत सहित सात लोगों को गिरफ्तार कर लिया। इनमें नाबालिगों को बाल सुधार गृह भेज दिया गया है, जबकि चार आरोपियों को दो नवंबर तक रिमांड पर लिया गया है। पुलिस उनसे यह जानकारी जुटा रही है कि पिस्टल, कट्टा और कारतूस कहां से और किसके जरिए मिले। 🔹 रसूखदारों और हथियार सप्लायर गैंग की तलाश पूछताछ में पुलिस के हाथ कई महत्वपूर्ण सुराग लगे हैं। आरोपियों ने बताया है कि शहर में कुछ प्रभावशाली लोग हथियारों की सप्लाई और आपराधिक गिरोहों से जुड़े हैं। फिलहाल पुलिस ने इनके नाम सार्वजनिक नहीं किए हैं, लेकिन दावा है कि जल्द बड़ा खुलासा किया जाएगा। इस बीच, पुलिस अवैध हथियार सप्लाई करने वाले गिरोह की भी तलाश में जुटी है। सूत्रों के अनुसार, जांच में ऐसे कई नाम सामने आए हैं जो लंबे समय से इस कारोबार से जुड़े हैं। 🔹 बाइक बरामद, साक्ष्य जुटा रही पुलिस एडिशनल एसपी ग्रामीण अर्चना झा ने बताया कि सभी आरोपियों के मेमोरेंडम बयान दर्ज किए जा चुके हैं। उनकी निशानदेही पर वारदात में इस्तेमाल दो मोटरसाइकिलें बरामद की गई हैं, जिन्हें घटना के बाद अलग-अलग जगहों पर छिपाया गया था। ACCU की टीम अब इस केस में तकनीकी और भौतिक साक्ष्य इकट्ठा कर रही है। 🔹 पुलिस की तैयारी — एंड टू एंड एक्शन बिलासपुर पुलिस का कहना है कि इस फायरिंग केस में एंड टू एंड कार्रवाई की जाएगी। यानी केवल शूटर ही नहीं, बल्कि साजिश रचने वालों और हथियार सप्लाई करने वालों को भी गिरफ्तार किया जाएगा। पुलिस का दावा है कि आने वाले दिनों में इस मामले से जुड़ा हथियार सप्लायर नेटवर्क उजागर किया जाएगा और अवैध हथियारों की बरामदगी भी संभव है।

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रायपुर मेकाहारा अस्पताल में अव्यवस्था: एक ही बेड पर दो प्रसूताएं, हाईकोर्ट ने जताई नारा

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर स्थित डॉ. भीमराव अंबेडकर मेमोरियल (मेकाहारा) अस्पताल में लापरवाही और संसाधनों की भारी कमी एक बार फिर सामने आई है। यहां एक ही बेड पर दो प्रसूताओं को भर्ती करने का मामला सामने आया है। 29 अक्टूबर को अस्पताल के गायनी वार्ड में सभी 150 बेड भरे हुए थे। ऐसे में मजबूर होकर वार्ड नंबर 5 और 6 में दो-दो महिलाओं को एक ही बेड पर रखा गया। दोनों प्रसूताएं अपने नवजात शिशुओं के साथ बमुश्किल बेड का आधा हिस्सा साझा कर रहीं थीं। 🔹 हाईकोर्ट ने जताई गहरी चिंता मेकाहारा की इस अव्यवस्था को लेकर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने स्वतः संज्ञान लेते हुए सख्त टिप्पणी की है। कोर्ट ने कहा — “एक ही बेड पर दो प्रसूताओं को रखना बेहद चिंताजनक और अमानवीय स्थिति है। प्रसूताओं की गोपनीयता, स्वच्छता और गरिमा की रक्षा आवश्यक है।” मुख्य न्यायाधीश रमेश कुमार सिन्हा और जस्टिस बीडी गुरु की डिवीजन बेंच ने स्वास्थ्य विभाग के एडिशनल चीफ सेक्रेटरी (ACS) से शपथपत्र के साथ रिपोर्ट तलब की है। साथ ही अस्पतालों में किट और रीजेंट की कमी पर CG-MSC के प्रबंध निदेशक से जवाब मांगा गया है। 🔹 हर घंटे एक डिलीवरी, बेड फुल अस्पताल प्रशासन के अनुसार, गायनी वार्ड में हर घंटे लगभग एक डिलीवरी होती है, यानी दिनभर में करीब 24 प्रसव किए जाते हैं। मरीजों की संख्या बढ़ने के कारण कई बार बेड की भारी कमी हो जाती है। 🔹 मातृ-शिशु अस्पताल बनाने की तैयारी अस्पताल के अधीक्षक डॉ. संतोष सोनकर ने कहा कि मेकाहारा में पूरे प्रदेश से मरीज रेफर होकर आते हैं। किसी भी प्रसूता को वापस नहीं किया जा सकता। उन्होंने बताया कि जल्द ही अलग से मातृ-शिशु अस्पताल का निर्माण किया जा रहा है, ताकि बेड की कमी दूर की जा सके। 🔹 हाईकोर्ट ने खबर को माना जनहित याचिका 30 अक्टूबर को एक प्रमुख समाचार पत्र में प्रकाशित रिपोर्ट को देखते हुए हाईकोर्ट ने इसे जनहित याचिका के रूप में स्वीकार किया। अदालत ने कहा कि अस्पताल में फैली अव्यवस्था महिलाओं और नवजातों के जीवन के लिए खतरा बन सकती है। मामले की अगली सुनवाई 6 नवंबर को होगी। 🔹 परिजनों का गुस्सा, अस्पताल में हंगामा एक ही बेड पर दो-दो महिलाओं को भर्ती किए जाने पर मरीजों के परिजनों ने विरोध जताया। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ नाराजगी जाहिर करते हुए हंगामा भी किया। बाद में स्थिति को नियंत्रित कर लिया गया। अस्पताल में पहले भी सर्जरी में देरी, अव्यवस्था और भीड़भाड़ जैसी शिकायतें सामने आती रही हैं।

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रायपुर में क्रांति सेना के 1000 कार्यकर्ता हाउस अरेस्ट, अमित बघेल समेत पदाधिकारी हिरासत में

रायपुर में छत्तीसगढ़ महतारी की मूर्ति तोड़फोड़ के विरोध में जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी द्वारा बुलाए गए प्रदेश बंद के बीच पुलिस ने छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना के करीब 1,000 कार्यकर्ताओं को हाउस अरेस्ट कर लिया है। इनमें संगठन के अध्यक्ष अमित बघेल और कई पदाधिकारी शामिल हैं। सभी को महादेव घाट रोड स्थित चंद्राकर हॉस्टल में रखा गया है, जहां बाहर से पुलिस बल की तैनाती की गई है। सूत्रों के अनुसार, कार्यकर्ता शहर में बंद करवाने के लिए निकले थे। पुलिस ने समय रहते कार्रवाई करते हुए उन्हें रोक लिया। हालांकि, चेंबर ऑफ कॉमर्स ने इस बंद का समर्थन नहीं किया, जिसके चलते रायपुर के ज्यादातर बाजार और दुकानें खुले रहे। 🔹 विवाद की शुरुआत कैसे हुई 26 अक्टूबर को रायपुर के VIP चौक पर एक मानसिक रूप से अस्वस्थ युवक ने छत्तीसगढ़ महतारी की मूर्ति को क्षतिग्रस्त कर दिया था। इस घटना के बाद प्रदेशभर में विरोध शुरू हो गया। अगले दिन प्रदर्शन के दौरान, अमित बघेल ने महाराजा अग्रसेन और पंडित दीनदयाल उपाध्याय पर आपत्तिजनक टिप्पणी कर दी। उनके बयान — “इनकी मूर्तियां क्यों नहीं टूटतीं, कौन हैं अग्रसेन महाराज?” — के बाद अग्रवाल और सिंधी समाज ने प्रदेशभर में विरोध दर्ज कराया। रायगढ़, सरगुजा और रायपुर समेत कई जिलों में उनके खिलाफ FIR दर्ज की गई। 🔹 रायगढ़ में नया विवाद अमित बघेल के बयान के बाद रायगढ़ जिले के चक्रधर नगर क्षेत्र में रहने वाले एक युवक विजय राजपूत ने गुरु घासीदास जी पर अपशब्द कहे। शराब के नशे में दिए गए इस बयान का वीडियो वायरल होने के बाद सतनामी समाज ने विरोध जताते हुए थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने आरोपी पर SC/ST एक्ट सहित कई धाराओं में मामला दर्ज किया है। वहीं, सिंधी समाज ने भी आरोपी को अपने समाज से निष्कासित कर दिया है। 🔹 जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी का रुख पार्टी ने कहा कि छत्तीसगढ़ महतारी की मूर्ति तोड़ना केवल एक मूर्तिभंजन की घटना नहीं, बल्कि राज्य की अस्मिता और आस्था पर हमला है। उन्होंने सभी संगठनों, व्यापारियों और राजनीतिक दलों से शांतिपूर्ण बंद में शामिल होने की अपील की। 🔹 अग्रवाल समाज की प्रतिक्रिया छत्तीसगढ़ी अग्रवाल समाज के केंद्रीय अध्यक्ष अनुराग अग्रवाल ने कहा कि राज्य स्थापना के 25 वर्ष पूरे होने पर यह बंद अनुचित है, लेकिन बाबा घासीदास जी के अपमान पर जिन्होंने भी आपत्तिजनक बयान दिए हैं, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की शांति भंग करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।

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रायपुर स्पा सेंटर में डकैती: तीन आरोपी गिरफ्तार, 1.20 लाख रुपए लूटकर DVR भी ले गए

रायपुर के न्यू राजेन्द्र नगर थाना क्षेत्र में स्थित एक वेलनेस स्पा सेंटर में डकैती की वारदात सामने आई है। बदमाशों ने सेंटर के मैनेजर को बंधक बनाकर 1.20 लाख रुपए लूट लिए। पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। घटना 26 अक्टूबर की रात करीब 8 बजे की है। सन्नी मनवानी (36) ने शिकायत में बताया कि करीब 8 लोग अचानक स्पा सेंटर में घुस आए। उन्होंने उसे और मैनेजर को बंधक बनाकर गल्ले से 20 हजार रुपए लूट लिए। इसके बाद दो आरोपी उसे बाइक से एटीएम ले गए और वहां से 50 हजार रुपए निकलवाए। फिर एक पेट्रोल पंप में क्रेडिट कार्ड स्वाइप कर 50 हजार रुपए और लूट लिए। फरार होने से पहले आरोपियों ने CCTV कैमरे का DVR भी अपने साथ ले लिया ताकि सबूत न मिल सके। पुलिस ने क्राइम ब्रांच और न्यू राजेन्द्र नगर थाना टीम के साथ मिलकर जांच शुरू की। मोबाइल लोकेशन और CCTV फुटेज के आधार पर तीन आरोपियों — धनराज चौधरी ऊर्फ हनी, गुरविंदर सिंह और नवजोत सिंह भामरा — को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस ने उनके पास से लूटी गई रकम और घटना में इस्तेमाल बाइक बरामद की है। तीनों को रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। वहीं, बाकी फरार आरोपियों की पहचान कर ली गई है और उन्हें पकड़ने के लिए लगातार दबिश दी जा रही है।

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रायपुर में “रन फॉर यूनिटी” का आयोजन: CM विष्णुदेव साय समेत कई दिग्गज शामिल, सरदार पटेल को दी श्रद्धांजलि और एकता का संदेश

देश के लौहपुरुष और पूर्व उप प्रधानमंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती के अवसर पर रायपुर में “रन फॉर यूनिटी” का भव्य आयोजन किया गया। इस मौके पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने स्वयं भाग लेकर राष्ट्रीय एकता का संदेश दिया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, कार्यकर्ता, विद्यार्थी और आम नागरिक शामिल हुए। कार्यक्रम की शुरुआत शास्त्री चौक से हुई, जहां उपस्थित लोगों ने सरदार पटेल की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की। इसके बाद एकता मार्च शारदा चौक तक पहुंचा, जहां डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की प्रतिमा स्थल पर कार्यक्रम का समापन हुआ। राष्ट्रीय एकता और अखंडता का प्रतीक बना आयोजनहर वर्ष की तरह इस बार भी “रन फॉर यूनिटी” का उद्देश्य सरदार पटेल के अद्वितीय योगदान को याद करते हुए राष्ट्रीय एकता और अखंडता के संदेश को जन-जन तक पहुंचाना था। इस आयोजन का नेतृत्व भारतीय जनता पार्टी शहर जिला इकाई और भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) ने संयुक्त रूप से किया। युवाओं के लिए प्रेरणा का अवसरकार्यक्रम में शामिल युवाओं को सरदार पटेल के विचारों और ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ के संकल्प से प्रेरणा लेने का संदेश दिया गया। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सरदार पटेल अपनी दूरदृष्टि और दृढ़ निश्चय के कारण भारत के “लौह पुरुष” कहलाए। उन्होंने बिखरे हुए रियासतों को एक सूत्र में बांधकर देश की एकता की नींव रखी। विविधता में एकता हमारी शक्ति – CM सायमुख्यमंत्री ने कहा कि भारत विविधताओं से भरा देश है और “विविधता में एकता” हमारी सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर पूरे देश में एकता के इस पर्व को मनाया जा रहा है। साय ने उपस्थित लोगों को राष्ट्रीय एकता की शपथ दिलाते हुए कहा कि हम सब मिलकर “एक भारत, श्रेष्ठ भारत” के संकल्प को साकार करेंगे। उन्होंने युवाओं के उत्साह और अनुशासन की सराहना करते हुए कहा कि यह जोश राष्ट्रप्रेम और सरदार पटेल के आदर्शों के प्रति समर्पण का प्रतीक है। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री जुएल ओराम, वन मंत्री केदार कश्यप, विधायक किरण देव, विधायक पुरंदर मिश्रा, और छत्तीसगढ़ लौह शिल्पकार विकास बोर्ड के अध्यक्ष प्रफुल्ल विश्वकर्मा सहित कई गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।

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गुजरात में बस्तर की गूंज: एकता परेड में छत्तीसगढ़ की झांकी बनी आकर्षण का केंद्र, PM मोदी ने की सराहना

गुजरात के एकता नगर में आयोजित राष्ट्रीय एकता परेड में इस बार छत्तीसगढ़ की झांकी ने सबका दिल जीत लिया। सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती के अवसर पर प्रस्तुत की गई झांकी “बस्तर की धरती – संस्कृति, सृजन और प्रगति की गाथा” थीम पर आधारित थी। परंपरा और विकास का संगम दर्शाती इस झांकी ने न सिर्फ दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया, बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इसकी प्रशंसा की। पीएम मोदी ने कहा कि छत्तीसगढ़ की झांकी में दिखाया गया बस्तर नए भारत के समावेशी विकास की प्रेरणादायक झलक है। लोकसंस्कृति और विकास की अनोखी प्रस्तुतिझांकी के अग्रभाग में माड़िया जनजाति के कलाकारों ने पारंपरिक गौर नृत्य के माध्यम से बस्तर की लोकसंस्कृति और सामूहिकता की झलक प्रस्तुत की। वहीं, तुरही और नंदी की आकृतियों ने क्षेत्र की धार्मिक आस्था और शिव भक्ति की परंपरा को जीवंत किया। “संघर्ष से विकास” की कहानी कहता मध्य भागझांकी के मध्य भाग में बस्तर की विकास यात्रा को दिखाया गया — जहां कभी नक्सलवाद का असर था, वहीं अब शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क और रोजगार के क्षेत्र में प्रगति हो रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में यह क्षेत्र “बंदूक नहीं, विकास” की नई पहचान बना रहा है। महिलाओं की भूमिका और ढोकरा कला की छटाअंतिम भाग में टोकरी लिए महिला की प्रतिमा ने बस्तर की नारी शक्ति और आत्मनिर्भरता का प्रतीक प्रस्तुत किया। पूरी झांकी ढोकरा धातु कला से सजाई गई थी, जो बस्तर के पारंपरिक शिल्प की सुंदर झलक दिखाती है। आज का बस्तर अब केवल संस्कृति का प्रतीक नहीं, बल्कि विकास, शिक्षा और आत्मनिर्भरता का मॉडल बन चुका है। गांवों में बिजली, इंटरनेट, शिक्षा और रोजगार अब आम दृश्य हैं। महिलाएं वनोपज और हस्तशिल्प के माध्यम से आत्मनिर्भर बन रही हैं, जबकि युवा “नए भारत” के सशक्त प्रतिनिधि के रूप में उभर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने बताया झांकी का संदेश – “भय से विश्वास की ओर”मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि झांकी का मुख्य विषय “बदलता बस्तर: संघर्ष से विकास की ओर” है, जो बस्तर की नई दिशा और राज्य सरकार की विकासोन्मुख नीतियों का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि झांकी के माध्यम से यह संदेश दिया गया है कि बस्तर अब शांति, प्रगति और समृद्धि की राह पर अग्रसर है। राष्ट्रीय स्तर पर हुआ चयनछत्तीसगढ़ की झांकी का चयन गृह सचिव की अध्यक्षता वाली समिति ने किया। मौलिकता, सांस्कृतिक विविधता और विकास की झलक के आधार पर देशभर की झांकियों में इसे प्रमुख स्थान दिया गया। अंतिम सूची में एनएसजी, एनडीआरएफ, अंडमान-निकोबार, गुजरात, जम्मू-कश्मीर, महाराष्ट्र, मणिपुर, पुद्दुचेरी और उत्तराखंड की झांकियां भी शामिल थीं। छत्तीसगढ़ की “बदलता बस्तर” झांकी ने अपनी कलात्मकता और “नए बस्तर – नए भारत” के संदेश से पूरे देश में छाप छोड़ी।

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अंबेडकर अस्पताल में एंबुलेंस संचालकों की गुंडागर्दी: मरीज के परिजन से मारपीट, पुलिस की मौजूदगी में शांत हुआ मामला

रायपुर के अंबेडकर अस्पताल (मेकाहारा) में प्राइवेट एंबुलेंस संचालकों की मनमानी थमने का नाम नहीं ले रही है। बुधवार देर रात अस्पताल के मेन गेट पर एंबुलेंस चालकों और मरीज के परिजनों के बीच विवाद मारपीट में बदल गया। आरोप है कि एंबुलेंस चालकों ने न केवल परिजनों से हाथापाई की, बल्कि चाकू दिखाकर जान से मारने की धमकी भी दी। घटना की जानकारी मिलते ही अस्पताल चौकी और मौदहापारा थाने की पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने दोनों पक्षों को शांत कराया। अगले दिन दोनों पक्षों के बीच थाने में समझौता हो गया। मिली जानकारी के अनुसार, बलौदाबाजार से आए मरीज के परिजन अस्पताल के गेट नंबर-1 के पास चाय पी रहे थे। तभी वहां मौजूद कुछ एंबुलेंस संचालकों ने किसी बात पर बहस शुरू कर दी और झगड़ा मारपीट में बदल गया। इस घटना के बाद सवाल उठने लगे हैं कि अस्पताल परिसर में ये प्राइवेट एंबुलेंस किसकी अनुमति से खड़ी रहती हैं? अस्पताल प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि किसी भी निजी एंबुलेंस को अस्पताल परिसर में खड़ा करने की अनुमति नहीं दी गई है। इसके बावजूद मेन गेट के आसपास कई एंबुलेंसें हमेशा खड़ी रहती हैं। मेन गेट पर प्राइवेट एंबुलेंस का कब्जा, मरीजों से मनमाना किरायाअस्पताल के बाहर दर्जनों प्राइवेट एंबुलेंस और ऑटो चालक हर समय खड़े रहते हैं। इनमें से कई चालक मनमाने किराए वसूल रहे हैं। भास्कर टीम द्वारा किए गए निरीक्षण में पाया गया कि महज 3 किलोमीटर की दूरी पर स्थित निजी अस्पताल तक ले जाने के लिए 500 रुपए की मांग की गई। वहीं धमतरी ले जाने का किराया 4000 रुपए बताया गया। निजी अस्पतालों के एजेंट सक्रियसूत्रों के अनुसार, अंबेडकर अस्पताल में कुछ एजेंट सक्रिय हैं जो मरीजों को बहला-फुसलाकर निजी अस्पतालों में भर्ती करवाने का काम करते हैं। बदले में इन्हें कमीशन दिया जाता है। बताया जाता है कि ऐसे तीन एजेंट अस्पताल परिसर में लगातार घूमते रहते हैं। “मेकाहारा एंबुलेंस संघ” के नाम पर ग्रुप बना4 से 6 एंबुलेंस संचालकों ने “मेकाहारा एंबुलेंस संघ” नाम से एक समूह भी बना लिया था। अस्पताल प्रबंधन को जब इसकी जानकारी मिली, तो उन्होंने तुरंत इस नाम का उपयोग न करने की चेतावनी दी। अस्पताल प्रबंधन ने पुलिस को लिखा पत्रअस्पताल प्रशासन ने पुलिस को पत्र भेजकर सभी प्राइवेट एंबुलेंस को अस्पताल गेट से हटाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही सुरक्षा गार्डों को सख्त आदेश दिए गए हैं कि किसी भी निजी वाहन को अस्पताल परिसर में पार्क नहीं करने दिया जाए।

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