रायपुर में छत्तीसगढ़ महतारी की मूर्ति तोड़फोड़ के विरोध में जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी द्वारा बुलाए गए प्रदेश बंद के बीच पुलिस ने छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना के करीब 1,000 कार्यकर्ताओं को हाउस अरेस्ट कर लिया है। इनमें संगठन के अध्यक्ष अमित बघेल और कई पदाधिकारी शामिल हैं। सभी को महादेव घाट रोड स्थित चंद्राकर हॉस्टल में रखा गया है, जहां बाहर से पुलिस बल की तैनाती की गई है।
सूत्रों के अनुसार, कार्यकर्ता शहर में बंद करवाने के लिए निकले थे। पुलिस ने समय रहते कार्रवाई करते हुए उन्हें रोक लिया। हालांकि, चेंबर ऑफ कॉमर्स ने इस बंद का समर्थन नहीं किया, जिसके चलते रायपुर के ज्यादातर बाजार और दुकानें खुले रहे।

🔹 विवाद की शुरुआत कैसे हुई
26 अक्टूबर को रायपुर के VIP चौक पर एक मानसिक रूप से अस्वस्थ युवक ने छत्तीसगढ़ महतारी की मूर्ति को क्षतिग्रस्त कर दिया था। इस घटना के बाद प्रदेशभर में विरोध शुरू हो गया। अगले दिन प्रदर्शन के दौरान, अमित बघेल ने महाराजा अग्रसेन और पंडित दीनदयाल उपाध्याय पर आपत्तिजनक टिप्पणी कर दी।
उनके बयान — “इनकी मूर्तियां क्यों नहीं टूटतीं, कौन हैं अग्रसेन महाराज?” — के बाद अग्रवाल और सिंधी समाज ने प्रदेशभर में विरोध दर्ज कराया। रायगढ़, सरगुजा और रायपुर समेत कई जिलों में उनके खिलाफ FIR दर्ज की गई।
🔹 रायगढ़ में नया विवाद
अमित बघेल के बयान के बाद रायगढ़ जिले के चक्रधर नगर क्षेत्र में रहने वाले एक युवक विजय राजपूत ने गुरु घासीदास जी पर अपशब्द कहे। शराब के नशे में दिए गए इस बयान का वीडियो वायरल होने के बाद सतनामी समाज ने विरोध जताते हुए थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई।
पुलिस ने आरोपी पर SC/ST एक्ट सहित कई धाराओं में मामला दर्ज किया है। वहीं, सिंधी समाज ने भी आरोपी को अपने समाज से निष्कासित कर दिया है।
🔹 जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी का रुख
पार्टी ने कहा कि छत्तीसगढ़ महतारी की मूर्ति तोड़ना केवल एक मूर्तिभंजन की घटना नहीं, बल्कि राज्य की अस्मिता और आस्था पर हमला है। उन्होंने सभी संगठनों, व्यापारियों और राजनीतिक दलों से शांतिपूर्ण बंद में शामिल होने की अपील की।
🔹 अग्रवाल समाज की प्रतिक्रिया
छत्तीसगढ़ी अग्रवाल समाज के केंद्रीय अध्यक्ष अनुराग अग्रवाल ने कहा कि राज्य स्थापना के 25 वर्ष पूरे होने पर यह बंद अनुचित है, लेकिन बाबा घासीदास जी के अपमान पर जिन्होंने भी आपत्तिजनक बयान दिए हैं, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की शांति भंग करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।

