Chhattisghar

जहरीली मांगुर मछली को मोंगरी बताकर बेचने का आरोप, प्रदेशभर में बिक्री पर सवाल |

छत्तीसगढ़ में बाजारों में मछली की बिक्री को लेकर गंभीर आरोप सामने आए हैं। दावा किया जा रहा है कि प्रतिबंधित और कथित रूप से जहरीली मांगुर मछली को “मोंगरी मछली” बताकर खुलेआम बेचा जा रहा है। इस मामले ने खाद्य सुरक्षा और मछली बाजार की निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जानकारी के अनुसार, रायपुर सहित प्रदेश के कई जिलों में यह मछली माफिया द्वारा गलत पहचान के साथ बेची जा रही है। आरोप है कि प्रतिबंध के बावजूद मांगुर मछली का पालन ग्रामीण और अर्ध-ग्रामीण क्षेत्रों में छोटे तालाबों और जलाशयों में किया जा रहा है और फिर इसे बाजारों में मोंगरी मछली के नाम से सप्लाई किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि रायपुर, दुर्ग, अभनपुर, माना, डुंडा-सेजबहार, धमतरी, कांकेर, जगदलपुर, बसना, सरायपाली, बलौदाबाजार, मंदिर हसौद, खरोरा और तिल्दा-नेवरा जैसे क्षेत्रों में इसके पालन और बिक्री की गतिविधियां सामने आ रही हैं। मामले को लेकर यह भी आरोप लगाए जा रहे हैं कि मत्स्य विभाग और स्थानीय स्तर पर निगरानी व्यवस्था कमजोर होने के कारण इस पर पूरी तरह रोक नहीं लग पा रही है। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। विशेषज्ञों के अनुसार मांगुर मछली को लेकर लंबे समय से स्वास्थ्य संबंधी चिंताएं जताई जाती रही हैं, इसी कारण कई जगहों पर इसके पालन और बिक्री पर प्रतिबंध या नियंत्रण की स्थिति रही है। वहीं मोंगरी मछली के नाम पर गलत लेबलिंग से उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य पर जोखिम की आशंका भी जताई जा रही है। फिलहाल प्रशासन की ओर से इस मामले की जांच और निगरानी की आवश्यकता पर जोर दिया जा रहा है ताकि बाजार में बिकने वाले उत्पादों की सही पहचान सुनिश्चित की जा सके।

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Chhattisghar, Health

कवर्धा में युवती से गैंगरेप का मामला, दो आरोपी गिरफ्तार, पुलिस जांच जारी

Kawardha के चिल्फी थाना क्षेत्र में एक गंभीर आपराधिक मामला सामने आया है, जहां छट्ठी कार्यक्रम से घर लौट रही एक युवती के साथ कथित रूप से सामूहिक दुष्कर्म की घटना हुई। घटना के बाद पीड़िता को बेहोशी की हालत में अर्धनग्न अवस्था में जंगल क्षेत्र में छोड़ दिया गया। जानकारी के अनुसार, पीड़िता शुक्रवार-शनिवार की रात एक परिचित के घर आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने गई थी। कार्यक्रम के बाद वह देर रात घर लौट रही थी, तभी ग्राम सरोदादादर और रानीदहरा मार्ग के बीच जंगल इलाके में रास्ते में दो परिचित युवकों ने उसे रोक लिया। आरोप है कि दोनों ने युवती को जबरन शराब पिलाई और उसके साथ बारी-बारी से दुष्कर्म किया। वारदात के बाद दोनों आरोपी उसे मौके पर बेहोशी की हालत में छोड़कर फरार हो गए। सुबह स्थानीय लोगों ने जंगल में युवती को देखा और पुलिस को सूचना दी। इसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और गंभीर हालत में पीड़िता को अस्पताल में भर्ती कराया गया। पीड़िता के बयान और शुरुआती जांच के आधार पर पुलिस ने मामले में दो आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस आगे की जांच में जुटी हुई है और घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।

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Crime, kawardha

कवर्धा में चक्काजाम से थमा ट्रैफिक, गृहमंत्री विजय शर्मा का काफिला भी फंसा

कवर्धा जिले के पोंडी क्षेत्र में शराब भट्ठी हटाने की मांग को लेकर शुक्रवार को बड़ा प्रदर्शन देखने को मिला। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के कार्यकर्ताओं और स्कूली छात्रों ने रायपुर-जबलपुर नेशनल हाईवे-30 पर चक्काजाम कर दिया, जिससे कई घंटों तक यातायात प्रभावित रहा। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि लंबे समय से शराब भट्ठी को हटाने की मांग की जा रही है, लेकिन प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। इसी नाराजगी के चलते छात्र और कार्यकर्ता सड़क पर उतर आए और हाईवे जाम कर विरोध जताया। धरना और चक्काजाम का असर इतना ज्यादा रहा कि प्रदेश के डिप्टी सीएम और गृहमंत्री Vijay Sharma का काफिला भी जाम में फंस गया। मौके पर पहुंची पुलिस और प्रशासन की टीम प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास करती रही। हाईवे के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। यात्री बसों समेत कई वाहन घंटों तक जाम में फंसे रहे, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। प्रदर्शन कर रहे छात्रों का कहना है कि शराब भट्ठी के कारण आसपास का माहौल प्रभावित हो रहा है और इसका गलत असर स्कूली बच्चों पर पड़ रहा है।

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Accident, kawardha

रायपुर के लक्ष्य ज्वेलर्स चोरी मामले में 2 हिरासत में: 90 लाख के जेवर लेकर फरार हुए थे आरोपी

राजधानी रायपुर के शंकर नगर स्थित Lakshya Jewellers में हुई बड़ी चोरी के मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को हिरासत में लिया है। चोरी में करीब 90 लाख रुपए के सोने के जेवरात ले जाए गए थे। पुलिस का कहना है कि गिरफ्तार आरोपियों में एक शातिर चोर है, जो पहले भी चोरी के मामलों में जेल जा चुका है। वहीं, उसके फरार साथियों की तलाश जारी है। घटना शनिवार और रविवार की दरमियानी रात की बताई जा रही है। पुलिस के अनुसार, दो नकाबपोश बदमाश बाइक से दुकान पहुंचे और कटर की मदद से ताला काटकर अंदर घुस गए। आरोपी करीब आधे घंटे तक दुकान के भीतर रहे और सोने के जेवर बैग में भरकर फरार हो गए। रविवार को दुकान बंद होने के कारण चोरी की जानकारी नहीं मिल सकी। सोमवार सुबह दुकान खुलने पर घटना का पता चला, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने दुकान के CCTV फुटेज खंगाले, जिसमें दोनों आरोपी आराम से चोरी करते दिखाई दिए। पुलिस के मुताबिक, चोरों ने केवल सोने के जेवर चोरी किए, जबकि चांदी और आर्टिफिशियल ज्वेलरी को नहीं छुआ। जांच के दौरान फोरेंसिक टीम और डॉग स्क्वॉड को भी बुलाया गया। डॉग स्क्वॉड दुकान से करीब डेढ़ किलोमीटर दूर गांधी नगर-काली नगर रोड तक पहुंचा और वहीं जाकर रुक गया। इसके बाद पुलिस ने आसपास के इलाकों में सर्च अभियान चलाया। देर रात पुलिस ने कालीनगर इलाके से एक संदिग्ध पुराने चोर को हिरासत में लिया। उसके पास से कुछ सोने के जेवर भी बरामद किए गए हैं। पुलिस के मुताबिक आरोपी ओडिशा के रहने वाले हैं और फिलहाल कालीमाता वार्ड में किराए के मकान में रह रहे थे। पुलिस अब फरार आरोपी की तलाश कर रही है। पुलिस को आशंका है कि पकड़े गए आरोपियों से शहर में हुई अन्य चोरी की घटनाओं का भी खुलासा हो सकता है। बताया जा रहा है कि करीब 20 दिन पहले पुलिस ने दुकान संचालक को सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और सेंट्रल लॉक सिस्टम लगाने की सलाह दी थी।

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भुवनेश्वर कुमार के तूफान में उड़ी मुंबई इंडियंस: रोमांचक मुकाबले में RCB ने आखिरी गेंद पर दर्ज की जीत

रायपुर के शहीद वीर नारायण सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में खेले गए रोमांचक मुकाबले में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने मुंबई इंडियंस को 2 विकेट से हरा दिया। आखिरी गेंद तक चले इस मुकाबले में RCB ने शानदार जीत दर्ज की, जबकि इस हार के साथ मुंबई इंडियंस की प्लेऑफ में पहुंचने की उम्मीदों को बड़ा झटका लगा है। मैच में RCB के तेज गेंदबाज Bhuvneshwar Kumar ने घातक गेंदबाजी करते हुए 4 विकेट हासिल किए और मुंबई की बल्लेबाजी को शुरुआत से दबाव में रखा। कप्तान Suryakumar Yadav को उन्होंने तीसरे ओवर में Virat Kohli के हाथों कैच आउट कराया। मुंबई इंडियंस निर्धारित 20 ओवर में 166 रन ही बना सकी। लक्ष्य का पीछा करने उतरी RCB की शुरुआत भी ज्यादा मजबूत नहीं रही और विराट कोहली बड़ा स्कोर बनाने में सफल नहीं हुए। इसके बावजूद टीम ने संघर्ष जारी रखा और आखिरी गेंद पर मुकाबला अपने नाम कर लिया। मुंबई इंडियंस की ओर से तेज गेंदबाज Corbin Bosch ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 4 विकेट झटके, लेकिन टीम को जीत नहीं दिला सके। रायपुर में खेले गए इस मुकाबले को देखने के लिए छत्तीसगढ़, ओडिशा, गुजरात और मध्यप्रदेश समेत कई राज्यों से क्रिकेट प्रेमी पहुंचे थे। मैच शुरू होने से पहले ही स्टेडियम लगभग पूरी तरह भर चुका था। चूंकि रायपुर इस सीजन में RCB का नया होम ग्राउंड बना हुआ है, इसलिए स्टेडियम में विराट कोहली के समर्थकों की संख्या सबसे ज्यादा नजर आई। करीब एक दशक बाद रायपुर में IPL मुकाबले का आयोजन हुआ, जिससे क्रिकेट फैंस में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। मौसम और पिच ने तेज गेंदबाजों को अच्छी मदद दी। बारिश और नमी के कारण गेंदबाजों को स्विंग मिली, जिससे बल्लेबाजों को शुरुआत में रन बनाने में परेशानी हुई। रायपुर के इस मैदान पर पहले भी गेंदबाजों को मदद मिलती रही है। यहां खेले गए IPL मुकाबलों में औसत स्कोर अपेक्षाकृत कम रहा है। हालांकि हाल के मैचों में यहां बल्लेबाजी के लिए बेहतर पिच भी देखने को मिली थी। इसी साल भारत और न्यूजीलैंड के बीच हुए टी20 मुकाबले में 400 से ज्यादा रन बने थे और टीम इंडिया ने बड़ा लक्ष्य आसानी से हासिल कर लिया था।

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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय हरिनाम संकीर्तन नामयज्ञ में हुए शामिल

रायपुर के गायत्री नगर स्थित श्री जगन्नाथ मंदिर में आयोजित हरिनाम संकीर्तन नामयज्ञ कार्यक्रम में मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा की विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि हरिनाम संकीर्तन जैसी परंपराएं भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर हैं। ऐसे धार्मिक और आध्यात्मिक आयोजन समाज में भाईचारे, सद्भाव और सकारात्मक ऊर्जा का संदेश देते हैं। कार्यक्रम में विधायक Purandar Mishra समेत कई जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक और बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।

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छत्तीसगढ़ में जमीन रिकॉर्ड पूरी तरह डिजिटल: रजिस्ट्री के साथ ही शुरू होगा नामांतरण, हर बदलाव पर मिलेगा SMS अलर्ट

Chhattisgarh में जमीन संबंधी व्यवस्थाओं को पूरी तरह डिजिटल बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। राज्य गठन के बाद पहली बार जमीन के लगभग सभी रिकॉर्ड ऑनलाइन कर दिए गए हैं। 5 मई तक रायपुर समेत पूरे प्रदेश के गांवों के 5.87 करोड़ से अधिक खसरा रिकॉर्ड डिजिटल प्लेटफॉर्म पर अपलोड किए जा चुके हैं। राज्य सरकार ने अब जमीन की रजिस्ट्री और नामांतरण प्रक्रिया को भी ऑनलाइन सिस्टम से जोड़ दिया है। नई व्यवस्था के तहत रजिस्ट्री होते ही नामांतरण की प्रक्रिया स्वतः शुरू हो जाएगी। इससे लोगों को तहसील और पटवारी कार्यालयों के बार-बार चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। सरकार ने रजिस्ट्री में दर्ज मोबाइल नंबर को जमीन रिकॉर्ड से लिंक किया है। ऐसे में रिकॉर्ड में किसी भी तरह की छेड़छाड़, बदलाव या संदिग्ध गतिविधि होने पर जमीन मालिक और संबंधित अधिकारियों को तुरंत एसएमएस अलर्ट मिलेगा। इससे फर्जीवाड़े और अवैध फेरबदल पर रोक लगाने में मदद मिलने की उम्मीद है। राजस्व विभाग के अनुसार प्रदेश के 20 हजार से ज्यादा गांवों का भूमि डेटा ऑनलाइन किया जा चुका है। 20,286 गांवों के खसरा रिकॉर्ड और 19,694 गांवों के नक्शों को स्कैन कर डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराया गया है। वहीं प्रधानमंत्री गति शक्ति योजना के तहत 18,959 गांवों के नक्शों की जियोरेफरेंसिंग भी पूरी कर ली गई है। नई तकनीक की मदद से जमीन का लोकेशन, सीमांकन और रिकॉर्ड ऑनलाइन देखा जा सकेगा। इसके अलावा राज्य के सभी 105 उप-पंजीयक कार्यालयों को तहसील कार्यालयों से ऑनलाइन जोड़ा गया है, जिससे जमीन से जुड़े मामलों का निपटारा तेज होगा। राज्य सरकार का दावा है कि अब लोग मोबाइल एप और ऑनलाइन पोर्टल के जरिए घर बैठे खसरा, बी-1 और अन्य दस्तावेज डाउनलोड कर सकेंगे। साथ ही जमीन पर बैंक लोन या गिरवी जैसी जानकारी भी पोर्टल पर उपलब्ध रहेगी, जिससे खरीदी-बिक्री में पारदर्शिता बढ़ेगी। राजस्व मंत्री Tank Ram Verma ने कहा कि डिजिटल इंडिया भू-अभिलेख आधुनिकीकरण कार्यक्रम के तहत राजस्व व्यवस्था को पारदर्शी और पेपरलेस बनाया जा रहा है, ताकि लोगों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें।

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भिलाई में रिश्वत लेते ट्रैफिक SI का VIDEO वायरल, 200 रुपए लेते दिखा अधिकारी

दुर्ग जिले के भिलाई से पुलिस विभाग से जुड़े दो वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। एक वीडियो में ट्रैफिक सब इंस्पेक्टर युवक से चालान के बदले 200 रुपए लेते दिखाई दे रहा है, जबकि दूसरे वीडियो में एक कॉन्स्टेबल धारा 307 के आरोपी से हाथ मिलाते और गले लगते नजर आ रहा है। पहला मामला दुर्ग ट्रैफिक विभाग से जुड़ा है। वायरल वीडियो में ट्रैफिक सब इंस्पेक्टर महेश्वर देवांगन युवक से पैसे लेते दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में यह भी सुनाई दे रहा है कि अधिकारी युवक को पैसे गिनने के लिए कह रहा है। वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस विभाग ने कार्रवाई करते हुए ट्रैफिक एसआई महेश्वर देवांगन को लाइन अटैच कर दिया है। ट्रैफिक टीआई टीडी चंद्रा ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि वीडियो सामने आने के बाद विभागीय कार्रवाई की गई है। वहीं दूसरा वीडियो पावर हाउस रेलवे स्टेशन के सामने का बताया जा रहा है। इसमें छावनी थाना में पदस्थ कॉन्स्टेबल प्रमोद साहू एक युवक से हाथ मिलाते और गले लगते नजर आ रहे हैं। युवक की पहचान बाबू खान के रूप में हुई है। जानकारी के मुताबिक बाबू खान के खिलाफ जामुल थाना में धारा 307 के तहत मामला दर्ज है और वह फिलहाल जमानत पर बाहर है। बताया जा रहा है कि वह पहले भी जेल जा चुका है। हालांकि दूसरे वीडियो को लेकर अब तक पुलिस विभाग की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है और न ही किसी तरह की कार्रवाई की पुष्टि हुई है।

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रायपुर में ग्लोबल हॉस्पिटल पर निगम की कार्रवाई, नाले पर बने अवैध कब्जे पर चला बुलडोजर

राजधानी रायपुर में नाले पर अवैध कब्जा करने के मामले में नगर निगम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए ग्लोबल हॉस्पिटल परिसर के पास बने अवैध निर्माण को हटाया। पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर वार्ड क्रमांक-40 में निगम की टीम ने जेसीबी की मदद से नाले पर बनाए गए अवैध पाटे को तोड़ दिया। कार्रवाई के दौरान अस्पताल प्रबंधन पर 10 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया गया। बताया जा रहा है कि नगर निगम को इस संबंध में जनशिकायत मिली थी, जिसके बाद जांच कर कार्रवाई की गई। जोन कमिश्नर क्षीरसागर नायक के अनुसार, स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की और शिकायत सही पाई। इसके बाद तत्काल बुलडोजर बुलाकर नाले के ऊपर करीब 50 मीटर तक बनाए गए अवैध पाटे को हटाया गया। कार्रवाई के दौरान नाले से लगभग दो ट्रक मलबा भी निकाला गया। निगम अधिकारियों का कहना है कि अवैध निर्माण के कारण नाले की सफाई और जल निकासी व्यवस्था प्रभावित हो रही थी। मौके पर जोन स्वास्थ्य अधिकारी संदीप वर्मा, स्वच्छता निरीक्षक दिलीप साहू और प्रेम मानिकपुरी सहित निगम की टीम मौजूद रही। अधिकारियों ने अस्पताल प्रबंधन को भविष्य में दोबारा इस तरह का अतिक्रमण नहीं करने की चेतावनी दी है। नगर निगम ने साफ किया है कि शहर में नालों और सार्वजनिक स्थानों पर अवैध कब्जों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। जनशिकायत मिलने पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी ताकि सफाई और जल निकासी व्यवस्था प्रभावित न हो।

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रायपुर में फर्जी नौकरी के नाम पर 1.5 करोड़ की ठगी, सरकारी शिक्षक समेत दो आरोपी गिरफ्तार

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में फर्जी सरकारी नौकरी का लालच देकर बड़ी ठगी का मामला सामने आया है। रायपुर ग्रामीण पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिन्होंने नकली नियुक्ति आदेश के जरिए 34 बेरोजगार युवाओं से करीब 1.5 करोड़ रुपये की ठगी की। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान डोंगरगढ़ निवासी राजेश शर्मा और मनोज कुमार श्रीवास्तव के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने सामान्य प्रशासन विभाग के नाम से फर्जी नियुक्ति आदेश तैयार किया था। इसमें परिवहन, राजस्व, वन, पंचायत और स्कूल शिक्षा विभाग में भर्ती का उल्लेख किया गया था। आदेश को असली दिखाने के लिए सचिव और उप-सचिव के डिजिटल हस्ताक्षरों का भी दुरुपयोग किया गया। आरोपियों ने इस फर्जी आदेश को सोशल मीडिया, विशेष रूप से व्हाट्सऐप के माध्यम से वायरल किया और बेरोजगार युवाओं को सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा देकर उनसे मोटी रकम वसूली। शिकायत मिलने के बाद राखी थाना में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच के दौरान तकनीकी साक्ष्यों और मोबाइल डेटा के आधार पर पुलिस ने आरोपियों की पहचान की। दोनों आरोपी डोंगरगढ़ के रहने वाले हैं। इनमें से राजेश शर्मा एक शासकीय शिक्षक है, जबकि मनोज कुमार श्रीवास्तव निजी स्कूल में क्लर्क के पद पर कार्यरत है। पुलिस टीम ने राजनांदगांव जिले में छापेमारी कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि आर्थिक तंगी और कर्ज के चलते उन्होंने इस ठगी की योजना बनाई थी। वे कंप्यूटर के जरिए फर्जी नियुक्ति आदेश तैयार कर मोबाइल के माध्यम से लोगों तक पहुंचाते थे। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से कंप्यूटर सेट, प्रिंटर और अन्य डिजिटल उपकरण जब्त किए हैं। इस मामले में भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं और आईटी एक्ट के तहत अपराध दर्ज किया गया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मामले की जांच जारी है और यह पता लगाया जा रहा है कि आरोपियों ने और कितने लोगों को अपना शिकार बनाया है। साथ ही आम लोगों से अपील की गई है कि सरकारी नौकरी से संबंधित किसी भी सूचना के लिए केवल आधिकारिक स्रोतों पर ही भरोसा करें और सोशल मीडिया पर वायरल संदेशों से सावधान रहें। सीएसपी नया रायपुर तुलसीराम लेकाम ने बताया कि शिकायत मिलने के बाद केस दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। जांच के आधार पर राजनांदगांव में दबिश देकर आरोपियों को पकड़ा गया। अब यह पता लगाया जा रहा है कि इस गिरोह ने कुल कितने लोगों से ठगी की है।

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