Chhattisghar

भिलाई नगर निगम घेराव: भ्रष्टाचार के आरोपों पर BJP का हंगामा, पार्षद का माइक छीने जाने से बढ़ा विवाद

छत्तीसगढ़ के Bhilai में नगर निगम के खिलाफ Bharatiya Janata Party का विरोध प्रदर्शन तेज हो गया है। कथित भ्रष्टाचार और अव्यवस्थाओं को लेकर पार्टी की जांच एवं संघर्ष समिति के नेतृत्व में सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने नगर निगम कार्यालय का घेराव किया। प्रदर्शन के दौरान स्थिति उस समय तनावपूर्ण हो गई जब भाजपा पार्षद संतोष मौर्य निगम आयुक्त की कार्यशैली पर सवाल उठा रहे थे। इसी बीच उनका माइक छीन लिया गया, जिससे कार्यकर्ता भड़क उठे और मौके पर जोरदार नारेबाजी शुरू हो गई। भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि महापौर Neeraj Pal और निगम आयुक्त की मिलीभगत से वित्तीय गड़बड़ियां हो रही हैं। उन्होंने शिक्षा उपकर निधि, 1248 भूखंडों की नीलामी से मिली राशि और अन्य आर्थिक मामलों में पारदर्शिता की कमी का मुद्दा उठाया। इसके अलावा संजय नगर तालाब के पास स्थित व्यावसायिक भूमि के बिना शासन अनुमति किए गए ऑक्शन को भी गंभीर मामला बताया गया। नेताओं ने यह भी कहा कि निगम की सामान्य सभा में पास प्रस्तावों के विपरीत कार्य किए जा रहे हैं। प्रदर्शन के दौरान शहर में पेयजल संकट और सफाई व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए गए। नेताओं का कहना है कि भीषण गर्मी में लोग पानी की कमी और गंदगी से परेशान हैं, लेकिन निगम प्रशासन इस ओर ध्यान नहीं दे रहा। यह प्रदर्शन Ramji Bharti और Purushottam Dewangan के नेतृत्व में किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में भाजपा पदाधिकारी और पार्षद शामिल रहे। नेताओं ने चेतावनी दी कि जनता से जुड़े मुद्दों पर उनका आंदोलन आगे भी जारी रहेगा।

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कवर्धा हादसा: नदी में गिरी कार, 4 युवकों की मौत, 2 गंभीर घायल

छत्तीसगढ़ के कवर्धा जिले में देर रात एक दर्दनाक सड़क हादसा सामने आया, जहां तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर फोक नदी में गिर गई। इस दुर्घटना में कार सवार 4 युवकों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 2 अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। जानकारी के मुताबिक सभी युवक रायपुर के बिरगांव से पंडरिया क्षेत्र में एक शादी समारोह में शामिल होने जा रहे थे। इसी दौरान पांडातराई थाना क्षेत्र के पास सड़क पर बने गड्ढे के कारण कार का संतुलन बिगड़ गया और वाहन पलटते हुए करीब 30 फीट नीचे नदी में जा गिरा। घटना के बाद आसपास के लोगों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर घायलों को बाहर निकाला और पुलिस को सूचना दी। पुलिस और एंबुलेंस की टीम ने दोनों घायलों को अस्पताल पहुंचाया, जहां उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है। बाद में उन्हें बेहतर इलाज के लिए रायपुर रेफर कर दिया गया। पुलिस ने मृतकों के शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव परिजनों को सौंपे जाएंगे। दुर्घटनाग्रस्त वाहन को भी नदी से बाहर निकाल लिया गया है और मामले की जांच जारी है।

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बोरझारा की अऊम इंजिनियरिंग में श्रम विवाद गहराया, 30 अप्रैल को उग्र धरना-प्रदर्शन की चेतावनी

रायपुर के बोरझारा स्थित अऊम इंजिनियरिंग प्राइवेट लिमिटेड में श्रमिकों के साथ कथित अन्याय का मामला सामने आया है, जिसने अब बड़ा रूप ले लिया है। दो कर्मचारियों—कृष्ण कुमार कुजूर और किशोर मिर्धा—ने फैक्ट्री प्रबंधन पर बिना कारण बताए नौकरी से निकालने और बकाया भुगतान नहीं करने का आरोप लगाया है। शिकायत के अनुसार, कृष्ण कुमार कुजूर लगभग 6 महीने से क्वालिटी इंचार्ज और किशोर मिर्धा करीब 1 महीने से सुपरवाइजर के पद पर कार्यरत थे। दोनों का दावा है कि उनके काम को लेकर कभी कोई शिकायत नहीं की गई। इसके बावजूद 22 अप्रैल 2026 को अचानक बिना किसी पूर्व सूचना या नोटिस के उन्हें काम से निकाल दिया गया और फैक्ट्री गेट बंद कर दिया गया। आरोप यह भी है कि काम के दौरान उनका नाम ESIC और PF (PAF) में दर्ज नहीं किया गया, जो श्रम कानूनों का उल्लंघन है। कर्मचारियों का कहना है कि जब उन्होंने अपने बकाया वेतन और हिसाब-किताब की मांग की, तो प्रबंधन ने भुगतान करने से इनकार कर दिया और धमकी भरे लहजे में बात की। इस मामले में आवेदक बेदराम साहू ने बताया कि उन्होंने दो बार फोन के माध्यम से फैक्ट्री प्रबंधन से बातचीत कर मजदूरों का भुगतान कराने का प्रयास किया, लेकिन यश गुप्ता नामक व्यक्ति ने गलत नियमों का हवाला देते हुए भुगतान से साफ मना कर दिया। श्रम कानूनों के तहत अब किशोर मिर्धा को दो महीने का नोटिस पेमेंट और कृष्ण कुमार कुजूर को एक महीने का नोटिस पेमेंट मिलना चाहिए। कुल मिलाकर कृष्ण कुजूर के 34,660 रुपये और किशोर मिर्धा के 43,200 रुपये बकाया बताए गए हैं। आवेदक ने फैक्ट्री प्रबंधन को दो दिन के भीतर भुगतान करने की चेतावनी दी है। अन्यथा 30 अप्रैल 2026 को फैक्ट्री गेट के सामने मजदूर परिवार और स्थानीय लोगों के साथ धरना-प्रदर्शन और घेराव किया जाएगा। साथ ही, इस दौरान होने वाली किसी भी स्थिति के लिए पूरी जिम्मेदारी कंपनी प्रबंधन की होगी।

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दुर्ग में बारात से लौट रही बस पलटी, 19 लोग घायल, हिर्री के पास तेज रफ्तार बनी हादसे की वजह

छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में रविवार देर रात एक बड़ा सड़क हादसा हो गया, जब बारातियों से भरी एक बस अनियंत्रित होकर सड़क से नीचे उतर गई और पलट गई। इस हादसे में कुल 19 लोग घायल हो गए, जिनमें दो की हालत गंभीर बताई जा रही है। यह दुर्घटना बोरी थाना क्षेत्र के ग्राम हिर्री के पास दुर्ग-जालबांधा मेन रोड पर हुई। जानकारी के अनुसार, बस मड़ियापार गांव से बारात लेकर दुर्ग के तितुरडीह लौट रही थी। रास्ते में एक टर्निंग पर तेज रफ्तार के कारण चालक वाहन पर नियंत्रण खो बैठा, जिससे बस अचानक पलट गई। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और यात्रियों में चीख-पुकार सुनाई देने लगी। बस में 30 से अधिक लोग सवार थे। हादसे में 17 लोगों को हल्की चोटें आईं, जबकि एक बुजुर्ग और एक बच्चा गंभीर रूप से घायल हुए हैं। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। स्थानीय लोगों की मदद से बस में फंसे यात्रियों को बाहर निकाला गया और सभी घायलों को एंबुलेंस की सहायता से अस्पताल पहुंचाया गया। गंभीर रूप से घायल दोनों मरीजों को पहले दुर्ग जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए एम्स रेफर कर दिया गया है। बाकी घायलों का इलाज जिला अस्पताल और अन्य नजदीकी स्वास्थ्य केंद्रों में जारी है। हादसे के कारण कुछ समय के लिए सड़क पर यातायात भी प्रभावित रहा। पुलिस मामले की जांच कर रही है कि बस दुर्घटना के पीछे तेज रफ्तार के अलावा कोई अन्य कारण तो नहीं था।

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GGU में लॉ स्टूडेंट्स के बीच हिंसक झड़प: आपत्तिजनक चैट्स वायरल, 4 छात्रों पर FIR

गुरु घासीदास सेंट्रल यूनिवर्सिटी (GGU) में लॉ विभाग के छात्रों के बीच विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। सोशल मीडिया पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणियों के बाद मामला इतना बढ़ गया कि छात्रों के बीच मारपीट हो गई। यह घटना बिलासपुर के कोनी थाना क्षेत्र की है। जानकारी के अनुसार, कुछ छात्रों के बीच इंस्टाग्राम पर हुई बातचीत में भगवान भगवान राम, परशुराम और डॉ. भीमराव अंबेडकर को लेकर विवादित टिप्पणियां की गईं। इसके बाद कैंपस में तनाव बढ़ गया। शुक्रवार रात जैसे ही ये चैट्स सोशल मीडिया पर वायरल हुईं, बड़ी संख्या में छात्र स्वामी विवेकानंद हॉस्टल के सामने इकट्ठा हो गए और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। देखते ही देखते स्थिति बिगड़ गई और छात्रों के बीच हाथापाई होने लगी। घटना के दौरान यूनिवर्सिटी के सुरक्षा कर्मी मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक झड़प हो चुकी थी। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें छात्र आपस में मारपीट करते दिखाई दे रहे हैं। मामले में चार छात्रों—प्रियांशु सिंह, कौस्तुभ मणि पांडेय, अंशुमान सिंह और तूफान चंद्रनायक—के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। यूनिवर्सिटी प्रबंधन ने भी इस मामले में थाने में शिकायत दी है। साथ ही सभी आरोपित छात्रों को हॉस्टल से निष्कासित कर दिया गया है। इस घटना के बाद बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने यूनिवर्सिटी परिसर का घेराव कर विरोध प्रदर्शन किया और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। यूनिवर्सिटी प्रशासन ने बताया कि अनुशासनहीनता को गंभीरता से लेते हुए जांच समिति गठित कर दी गई है और रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। गौरतलब है कि हाल के समय में कैंपस में कई विवाद सामने आ चुके हैं, जिससे व्यवस्थाओं पर सवाल उठ रहे हैं।

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राजधानी में ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों पर पुलिस की सख्ती बढ़ी, ई-चालान वसूली के लिए घर-घर कार्रवाई

राजधानी में ट्रैफिक नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ पुलिस अब सख्त रुख अपना रही है। पारंपरिक चेकिंग के बजाय अब डिजिटल सिस्टम के जरिए ई-चालान जारी किए जा रहे हैं। शहर के प्रमुख चौक-चौराहों पर लगे सीसीटीवी कैमरों से नियम तोड़ने वाले वाहन चालकों की पहचान कर उनके पते पर सीधे चालान भेजा जा रहा है। जानकारी के मुताबिक, हर दिन करीब 5 हजार ई-चालान जारी हो रहे हैं। हालांकि, बड़ी संख्या में लोग चालान का भुगतान नहीं कर रहे हैं, जिसके चलते ट्रैफिक पुलिस अब वसूली के लिए सीधे वाहन मालिकों के घर पहुंच रही है। जिन चालकों पर बार-बार चालान जारी हुए हैं, उन्हें पहले नोटिस देकर भुगतान के लिए कहा जा रहा है। इसके बावजूद अगर जुर्माना जमा नहीं किया जाता, तो पुलिस मौके पर ही वाहन जब्त कर रही है। अब तक कई गाड़ियां जब्त की जा चुकी हैं। आंकड़ों के अनुसार शहर में लगभग 1.64 लाख ई-चालान अभी भी पेंडिंग हैं। इनमें से 737 वाहन चालकों पर 44,175 बार रिपीटेड चालान दर्ज किए गए हैं। एक मामले में तो एक बाइक, जिसकी कीमत करीब 95 हजार रुपए है, उस पर 1.77 लाख रुपए का जुर्माना बकाया है। ट्रैफिक पुलिस की टीम क्रेन के साथ घर-घर पहुंचकर कार्रवाई कर रही है। जिन मामलों में प्रकरण कोर्ट में लंबित हैं, उन्हें लोक अदालत के माध्यम से निपटाने की सलाह दी जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि नियमों का पालन नहीं करने वालों के खिलाफ यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।

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पावरलिफ्टिंग में अभिषेक जॉर्ज का दम, 767.5 किलो उठाकर चमके; दुर्ग टीम बनी ओवरऑल चैंपियन

छत्तीसगढ़ पावर लिफ्टिंग एसोसिएशन द्वारा आयोजित राज्य स्तरीय पावरलिफ्टिंग प्रतियोगिता में दुर्ग की टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए ओवरऑल चैंपियन का खिताब अपने नाम किया। वहीं बिलासपुर के खिलाड़ी अभिषेक जॉर्ज ने सीनियर वर्ग (120 किग्रा) में सबसे ज्यादा 767.5 किलोग्राम वजन उठाकर खास पहचान बनाई। अभिषेक जॉर्ज ने स्क्वाट में 307.5 किग्रा, बेंच प्रेस में 170 किग्रा और डेडलिफ्ट में 290 किग्रा वजन उठाकर कुल 767.5 किलोग्राम का रिकॉर्ड बनाया। इसी तरह सीनियर वर्ग (83 किग्रा) में दुर्ग के कुलदीप वर्मा ने स्क्वाट में 230 किग्रा, बेंच प्रेस में 127.5 किग्रा और डेडलिफ्ट में 250 किग्रा के साथ कुल 607.5 किलोग्राम वजन उठाया। एसोसिएशन के महासचिव कृष्णा साहू ने बताया कि प्रतियोगिता सब जूनियर, जूनियर, सीनियर और मास्टर वर्गों में आयोजित की गई थी। इसमें महिला और पुरुष दोनों वर्गों के विभिन्न वजन वर्ग शामिल किए गए थे। राज्य के 16 जिलों से आए खिलाड़ियों ने प्रतियोगिता में हिस्सा लिया। प्रतियोगिता में विजेता खिलाड़ियों को नकद पुरस्कार, ट्रॉफी, मेडल और प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। साथ ही प्रतिभागियों का ऑनलाइन पंजीयन किया गया था और उनके रहने-खाने की व्यवस्था आयोजन समिति द्वारा की गई थी। इस प्रतियोगिता के आधार पर राष्ट्रीय पावरलिफ्टिंग प्रतियोगिता के लिए छत्तीसगढ़ की टीम का चयन भी किया गया है, जो आने वाले समय में राज्य का प्रतिनिधित्व करेगी। पुरस्कार वितरण समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में भूपेश बघेल मौजूद रहे। उन्होंने चयनित खिलाड़ियों को बधाई देते हुए राष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद जताई।

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छत्तीसगढ़ में स्पीड पर सख्ती: तेज गाड़ी चलाते ही घर पहुंचेगा चालान, 5 जिलों में लेडार कैमरे शुरू

छत्तीसगढ़ में बढ़ते सड़क हादसों को नियंत्रित करने के लिए परिवहन विभाग ने पहली बार लेडार तकनीक से चलने वाले स्पीड कैमरों की शुरुआत की है। अब निर्धारित गति सीमा से अधिक तेज वाहन चलाने पर सीधे वाहन मालिक के घर ई-चालान भेजा जाएगा। पायलट प्रोजेक्ट के तहत लगभग 1 करोड़ 90 लाख रुपए की लागत से 7 आधुनिक कैमरे लगाए गए हैं। इन्हें रायपुर, बिलासपुर, अंबिकापुर, जगदलपुर और धमतरी जिलों के प्रमुख और व्यस्त मार्गों पर स्थापित किया गया है। रायपुर में मरीन ड्राइव, वीआईपी रोड और मंदिर हसौद क्षेत्र में कैमरे लगाए गए हैं। वहीं अन्य जिलों में भी ऐसे स्थान चुने गए हैं जहां ट्रैफिक का दबाव ज्यादा है और दुर्घटनाएं अधिक होती हैं। ये कैमरे वाई-फाई से जुड़े हुए हैं और परिवहन विभाग के सॉफ्टवेयर से सीधे कनेक्ट रहते हैं। करीब 100 मीटर की दूरी तक ये वाहनों की गति को सटीक रूप से माप सकते हैं। दो लेन की सड़कों पर भी ये एक साथ कई वाहनों की निगरानी कर सकते हैं और उनकी जानकारी रिकॉर्ड कर लेते हैं। लेडार आधारित यह तकनीक प्रकाश किरणों के माध्यम से वाहन की स्पीड और दूरी का आकलन करती है। यदि कोई वाहन तय सीमा से तेज चलता है, तो कैमरा उसकी नंबर प्लेट की फोटो और वीडियो रिकॉर्ड कर लेता है। इसके बाद स्वतः ई-चालान तैयार होकर वाहन मालिक को व्हाट्सएप और ईमेल के जरिए भेज दिया जाता है। इन कैमरों में नाइट विजन की सुविधा भी दी गई है, जिससे रात के समय भी साफ निगरानी संभव है। खराब मौसम में भी ये कैमरे प्रभावी ढंग से काम कर सकते हैं। फिलहाल इन कैमरों की टेस्टिंग चल रही है। परिवहन विभाग और पुलिस की संयुक्त निगरानी में जल्द ही इन्हें पूरी तरह से लागू किया जाएगा। शुरुआती चरण में लोगों को जागरूक किया जाएगा, उसके बाद नियमों का सख्ती से पालन कराया जाएगा। अधिकारियों के अनुसार, सड़क सुरक्षा को मजबूत करने और ट्रैफिक नियमों के पालन को सुनिश्चित करने के लिए यह कदम उठाया गया है। आने वाले समय में इस व्यवस्था को राज्य के अन्य जिलों में भी लागू करने की योजना है।

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सिर्फ ढाई महीने की शादी… एक कॉल, एक आखिरी गले लगना… और फिर बंद दरवाज़े के पीछे खत्म हो गई एक ज़िंदगी!

जानकारी के मुताबिक, युवती ने आत्महत्या से पहले अपने पति को फोन कर घर बुलाया और तबीयत खराब होने की बात कही। पति के घर पहुंचने पर उसने सामान्य व्यवहार किया और उसे गले भी लगाया, लेकिन इसके बाद अचानक कमरे में जाकर खुद को अंदर से बंद कर लिया। काफी देर तक दरवाजा नहीं खुलने पर परिजन घबरा गए और छप्पर तोड़कर अंदर पहुंचे, जहां युवती साड़ी के फंदे से लटकी मिली। उसे तुरंत नीचे उतारा गया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। बताया जा रहा है कि मृतका की शादी करीब ढाई महीने पहले ही 19 वर्षीय युवक से हुई थी। दोनों की शादी सामाजिक रीति-रिवाज के साथ संपन्न हुई थी। पति के अनुसार, पत्नी छोटी-छोटी बातों पर नाराज हो जाती थी। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और पंचनामा कार्रवाई के बाद शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया। फिलहाल मायके पक्ष की ओर से कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है। पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है।

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मूंदगांव में सिलेंडर ब्लास्ट के बाद उजड़े परिवार को मिली मदद, उदयाचल परिवार ने बढ़ाया सहयोग

Moondgaon में 30 मार्च को हुए गैस सिलेंडर ब्लास्ट ने एक परिवार की जिंदगी पूरी तरह बदल दी। धमाका इतना जोरदार था कि आग ने पूरे घर को अपनी चपेट में ले लिया और सारा घरेलू सामान जलकर राख हो गया। इस हादसे में परिवार का मुखिया और एक पड़ोसी झुलस गए, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना के बाद पीड़ित परिवार के सामने जीवन-यापन का संकट खड़ा हो गया। ऐसे में Udayachal Parivar ने मानवता का परिचय देते हुए तुरंत मदद पहुंचाई। संस्था के सदस्य 31 मार्च को मौके पर पहुंचे और परिवार को 15 दिनों का राशन, कपड़े, बर्तन, पलंग और अन्य जरूरी सामान उपलब्ध कराया। संस्था ने आश्वासन दिया है कि आगे भी जरूरत पड़ने पर हर संभव सहयोग किया जाएगा। इस सेवा कार्य के दौरान Dr. Pukhraj Bafna, उत्तमचंद जैन, राजेंद्र बाफना, अशोक मोदी, प्रकाश रंगारी, संतोष शुक्ला, गौरव साहू और ग्राम सरपंच भूमिका सिन्हा मौजूद रहे। संस्था के पीआरओ गुरदीप बग्गा ने बताया कि हादसे की जानकारी मिलते ही उदयाचल परिवार सबसे पहले सहायता के लिए पहुंचा और पीड़ितों को तत्काल राहत उपलब्ध कराई।

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