State

सुशासन तिहार में दिव्यांग महिला को मिली ट्राइसाइकिल, खोमीन कल्लो के जीवन में लौटी नई उम्मीद

मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले के ग्राम पंचायत हांडीटोला की रहने वाली दिव्यांग महिला खोमीन कल्लो को सुशासन तिहार 2026 के दौरान ट्राइसाइकिल मिलने से बड़ी राहत मिली है। समाज कल्याण विभाग की ओर से मिली इस सहायता ने उनके जीवन में आत्मनिर्भरता की नई उम्मीद जगाई है। 30 वर्षीय खोमीन कल्लो बौनापन और 40 प्रतिशत दिव्यांगता से प्रभावित हैं। उन्हें रोजमर्रा के काम करने और एक जगह से दूसरी जगह आने-जाने में काफी परेशानी होती थी। छोटे-छोटे कामों के लिए भी उन्हें दूसरों पर निर्भर रहना पड़ता था। ग्राम पंचायत हांडीटोला में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर के दौरान समाज कल्याण विभाग ने उन्हें ट्राइसाइकिल प्रदान की। ट्राइसाइकिल मिलने के बाद अब वे अपने जरूरी काम खुद कर पा रही हैं और आसपास आसानी से आ-जा सकती हैं। खोमीन कल्लो ने कहा कि अब उन्हें हर काम के लिए किसी का इंतजार नहीं करना पड़ता। इससे उनका आत्मविश्वास बढ़ा है और वे पहले से ज्यादा आत्मनिर्भर महसूस कर रही हैं। उन्होंने शासन, जिला प्रशासन और समाज कल्याण विभाग का आभार जताते हुए कहा कि यह मदद उनके लिए नई जिंदगी जैसी है।

सुशासन तिहार में दिव्यांग महिला को मिली ट्राइसाइकिल, खोमीन कल्लो के जीवन में लौटी नई उम्मीद Read Post »

GOVERNMENT, State, Top News

लाल किले से CM विष्णुदेव साय का बड़ा संदेश, बोले- जनजातीय समाज भारत की सांस्कृतिक पहचान की असली ताकत

भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती के अवसर पर दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किला मैदान में आयोजित राष्ट्रीय जनजाति सांस्कृतिक समागम में देशभर से हजारों जनजातीय प्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता और युवा शामिल हुए। जनजाति सुरक्षा मंच और जनजाति जागृति समिति द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे, जबकि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने भी कार्यक्रम में भाग लिया। लाल किले के मैदान में पारंपरिक वेशभूषा, लोक वाद्ययंत्र और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के बीच जनजातीय समाज की परंपरा, संस्कृति और पहचान को लेकर एक मजबूत संदेश दिया गया। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि जनजातीय समाज केवल प्रकृति का संरक्षक नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक आत्मा का सबसे प्राचीन और जीवंत स्वरूप है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनजातीय समाज ने सदियों से जल, जंगल और जमीन की रक्षा करते हुए प्रकृति और मानव जीवन के बीच संतुलन बनाए रखा है। उन्होंने कहा कि आज के पर्यावरण संकट के दौर में जनजातीय जीवन दर्शन पूरी दुनिया को टिकाऊ विकास का रास्ता दिखा सकता है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की पहचान उसकी समृद्ध जनजातीय संस्कृति से जुड़ी हुई है, जहां 42 प्रकार की जनजातियां निवास करती हैं और राज्य का बड़ा हिस्सा वन क्षेत्रों से घिरा हुआ है। मुख्यमंत्री ने भगवान बिरसा मुंडा और वीर नारायण सिंह जैसे जननायकों के संघर्ष और बलिदान को याद करते हुए कहा कि इन महान व्यक्तित्वों ने संस्कृति, स्वाभिमान और अधिकारों की रक्षा के लिए ऐतिहासिक लड़ाई लड़ी। मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार द्वारा जनजातीय संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण के लिए किए जा रहे प्रयासों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि नया रायपुर में आयोजित ‘आदि परब’, बस्तर पंडुम और बस्तर ओलंपिक जैसे आयोजन जनजातीय प्रतिभाओं को राष्ट्रीय मंच देने का काम कर रहे हैं। उन्होंने जनजातीय भाषाओं में शिक्षा को बढ़ावा देने की बात करते हुए कहा कि गोंडी, हल्बी और सादरी जैसी भाषाओं में बच्चों को प्रारंभिक शिक्षा देने की दिशा में सरकार विशेष पहल कर रही है, ताकि नई पीढ़ी अपनी संस्कृति और जड़ों से जुड़ी रहे। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि समाज के भीतर यह मांग लगातार उठ रही है कि जो लोग अपनी मूल जनजातीय परंपराओं और संस्कृति को छोड़ चुके हैं, उन्हें अनुसूचित जनजाति सूची से बाहर किए जाने पर गंभीरता से विचार होना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह मुद्दा किसी समुदाय के विरोध का नहीं, बल्कि जनजातीय समाज की पहचान और अधिकारों की सुरक्षा से जुड़ा हुआ है। कार्यक्रम के दौरान देश के विभिन्न राज्यों से आए कलाकारों ने लोकनृत्य और पारंपरिक संगीत की प्रस्तुतियों से जनजातीय विरासत की झलक पेश की। दिनभर मांदर, ढोल और लोकधुनों से गूंजते लाल किला मैदान में यह आयोजन जनजातीय एकता, सांस्कृतिक गौरव और सामाजिक चेतना का प्रतीक बनकर सामने आया।

लाल किले से CM विष्णुदेव साय का बड़ा संदेश, बोले- जनजातीय समाज भारत की सांस्कृतिक पहचान की असली ताकत Read Post »

Political, Raipur, State, Top News

रेलवे स्टेशन के पास अवैध स्टॉल पर रेलवे की कार्रवाई, यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए किया सील

रायपुर रेलवे मंडल ने मुख्य रेलवे स्टेशन के प्रवेश द्वार और एक्सप्रेस-वे के पास रेलवे सीमा से लगे क्षेत्र में संचालित एक अवैध स्टॉल पर कार्रवाई करते हुए उसे सील कर दिया। रेलवे प्रशासन के अनुसार, इस स्टॉल की वजह से यात्रियों की आवाजाही प्रभावित हो रही थी और सुरक्षा संबंधी समस्याएं भी सामने आ रही थीं। बिना अनुमति संचालित हो रहा था स्टॉल वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक अवधेश कुमार त्रिवेदी के निर्देश पर वाणिज्य विभाग की टीम ने मौके का निरीक्षण किया। जांच के दौरान पाया गया कि स्टॉल पूरी तरह अवैध रूप से संचालित किया जा रहा था। इसके लिए न तो रेलवे प्रशासन से अनुमति ली गई थी और न ही रायपुर नगर निगम से कोई स्वीकृति प्राप्त की गई थी। रेलवे अधिकारियों ने बताया कि स्टॉल राज्य सरकार की भूमि पर रेलवे क्षेत्र से सटाकर लगाया गया था, जिससे स्टेशन परिसर की व्यवस्था और यातायात प्रभावित हो रहा था। शाम और रात में बढ़ रही थीं समस्याएं रेलवे प्रशासन के मुताबिक, शाम और रात के समय यह स्थान असामाजिक गतिविधियों का केंद्र बनता जा रहा था। यात्रियों को आने-जाने में परेशानी हो रही थी। साथ ही आसपास फैली गंदगी, कचरा और बचा हुआ भोजन स्वच्छता व्यवस्था को भी प्रभावित कर रहा था। देर रात संदिग्ध गतिविधियों और सुरक्षा शिकायतों के बाद रेलवे ने तत्काल कार्रवाई करते हुए स्टॉल को सील कर दिया। नगर निगम से मांगी सख्त कार्रवाई रेलवे प्रशासन ने रायपुर नगर निगम और राज्य सरकार को पत्र भेजकर मामले में आवश्यक कानूनी कार्रवाई करने का अनुरोध किया है। इसके साथ ही फाफाडीह प्रवेश द्वार से स्टेशन तक के पूरे क्षेत्र में अवैध स्टॉल हटाने, दोबारा अतिक्रमण रोकने और नियमित निगरानी सुनिश्चित करने की मांग की गई है। रेलवे ने संयुक्त निरीक्षण, स्वच्छता व्यवस्था और यात्रियों की सुरक्षा बनाए रखने के लिए नगर निगम से सहयोग भी मांगा है।

रेलवे स्टेशन के पास अवैध स्टॉल पर रेलवे की कार्रवाई, यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए किया सील Read Post »

GOVERNMENT, Raipur, State, Top News

बिजली कटौती पर कांग्रेस का हमला तेज, BJP नेताओं के घर घेराव की चेतावनी

रायपुर में लगातार हो रही बिजली कटौती को लेकर राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। कांग्रेस ने बिजली व्यवस्था को लेकर सीधा विरोध जताते हुए CSPDCL कार्यालय पहुंचकर अधिकारियों से बैठक की और जल्द सुधार नहीं होने पर बड़े आंदोलन की चेतावनी दी। शहर कांग्रेस अध्यक्ष Shreekumar Shankar Menon के नेतृत्व में कांग्रेस के ब्लॉक अध्यक्षों और वरिष्ठ नेताओं ने CSPDCL अधिकारी संजीव सिंह तथा शहर के सभी जोन के कार्यपालन अभियंताओं से मुलाकात की। बैठक में शहर के विभिन्न इलाकों में बार-बार हो रही बिजली कटौती, लो-वोल्टेज और अव्यवस्थित आपूर्ति का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि भीषण गर्मी के बीच लगातार बिजली गुल होने से आम जनता परेशान है। यदि जल्द सुधार नहीं हुआ तो कांग्रेस भाजपा के सांसदों, विधायकों और पदाधिकारियों के घर जाकर धरना देगी। इससे पहले भी बिजली कटौती के मुद्दे पर कांग्रेस ने डगनिया स्थित बिजली कार्यालय के बाहर धरना प्रदर्शन किया था। उस दौरान पूर्व विधायक Vikas Upadhyay के नेतृत्व में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग शामिल हुए थे। प्रदर्शन के दौरान लोगों ने बिजली विभाग के खिलाफ नारेबाजी करते हुए नियमित आपूर्ति की मांग की थी। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि बिजली संकट से लोगों का जनजीवन प्रभावित हो रहा है और सरकार इस समस्या को गंभीरता से नहीं ले रही है। पार्टी ने चेतावनी दी है कि यदि हालात नहीं सुधरे तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। बैठक में पूर्व मंत्री Satyanarayan Sharma, पूर्व महापौर Pramod Dubey, पूर्व विधायक Kuldeep Juneja और शिव सिंह ठाकुर सहित कई कांग्रेस नेता मौजूद रहे।

बिजली कटौती पर कांग्रेस का हमला तेज, BJP नेताओं के घर घेराव की चेतावनी Read Post »

GOVERNMENT, Raipur, State, Top News

डोंगरगढ़ बम्लेश्वरी मंदिर में मुर्गे की बलि से विवाद गहराया, बैगा समाज के राज बैगा गिरफ्तार, आंदोलन की चेतावनी

डोंगरगढ़ स्थित मां बम्लेश्वरी मंदिर एक बार फिर विवादों में घिर गया है। कथित तौर पर मंदिर परिसर में मुर्गे की बलि और बैगा परंपरा से पूजा को लेकर हुए विवाद के बाद मामला तूल पकड़ता जा रहा है। इस घटना में राज बैगा किशोर नेताम की गिरफ्तारी के बाद आदिवासी समाज में नाराज़गी बढ़ गई है। जानकारी के अनुसार 19 मई को मंदिर के ऊपरी परिसर में पुराने रोपवे के पास एक चट्टान को ‘गढ़ माता’ मानकर बैगा परंपरा के अनुसार पूजा-अर्चना की गई थी। इसी दौरान मुर्गे की बलि देने का आरोप सामने आया, जिसके बाद स्थिति विवादित हो गई। घटना के बाद मंदिर ट्रस्ट समिति के अध्यक्ष Manoj Agrawal ने डोंगरगढ़ थाने में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में कहा गया कि इस घटना से मंदिर की धार्मिक मर्यादा भंग हुई है और श्रद्धालुओं की भावनाएं आहत हुई हैं। ट्रस्ट का कहना है कि मंदिर परिसर में केवल सनातन वैदिक परंपरा के अनुसार ही पूजा की अनुमति है और किसी भी प्रकार की बलि प्रथा स्वीकार नहीं की जा सकती। वहीं दूसरी ओर आदिवासी और गोंड समाज ने इस कार्रवाई पर आपत्ति जताई है। समाज का कहना है कि मां बम्लेश्वरी धाम से उनकी आस्था और बैगा परंपरा सदियों से जुड़ी हुई है और इसे अपराध मानकर कार्रवाई करना गलत है। आदिवासी संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि न्याय नहीं मिला तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा। इस पूरे मामले पर डोंगरगढ़ एसडीओपी Kesari Nandan Nayak ने बताया कि 19 मई को अनुमति लेकर आदिवासी समाज के कुछ लोगों ने पूजा की थी। प्रशासन की अनुमति के बाद चट्टान को गढ़ माता मानकर पूजा शुरू की गई थी। इसी दौरान कथित रूप से मुर्गे की बलि दी गई। उन्होंने बताया कि ट्रस्ट समिति की शिकायत के आधार पर एफआईआर दर्ज कर ली गई है और आरोपी किशोर नेताम को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। मामले की जांच जारी है। फिलहाल गिरफ्तारी के बाद विवाद और गहरा गया है और आदिवासी समाज में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।

डोंगरगढ़ बम्लेश्वरी मंदिर में मुर्गे की बलि से विवाद गहराया, बैगा समाज के राज बैगा गिरफ्तार, आंदोलन की चेतावनी Read Post »

Religion, State, Top News

रायगढ़ में भीषण आग: कबाड़ गोदाम से फैली लपटों ने 43 बाइक जलाईं, करोड़ों का नुकसान

छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में शनिवार दोपहर एक बड़ा अग्निकांड सामने आया, जहां कबाड़ और प्लास्टिक गोदाम में लगी भीषण आग ने पास स्थित बाइक शोरूम को भी अपनी चपेट में ले लिया। इस हादसे में करीब 43 बाइक पूरी तरह जलकर राख हो गईं। जानकारी के अनुसार, आग छातामुड़ा रोड स्थित कबाड़ और प्लास्टिक सामग्री से भरे गोदाम में अचानक भड़की। चूंकि गोदाम में बड़ी मात्रा में ज्वलनशील सामग्री मौजूद थी, इसलिए आग तेजी से फैल गई और बगल में स्थित हीरो बाइक शोरूम तक पहुंच गई। आग की लपटों ने शोरूम में खड़ी नई और पुरानी मिलाकर लगभग 43 बाइकें नष्ट कर दीं। इसके अलावा शोरूम और वर्कशॉप में रखा अन्य सामान भी जल गया। आग बढ़ते देख कर्मचारियों ने कुछ नई बाइकें बाहर निकालकर सुरक्षित स्थान पर रखीं। हादसे के दौरान बाहर निकाली गई 2-3 बाइक चोरी होने की भी सूचना मिली है, जिसकी शिकायत पुलिस को दे दी गई है। आग की चपेट में एक माजदा वाहन और एक छोटा हाथी (टाटा ऐस) भी आकर पूरी तरह जल गए। आग पर काबू पाने के लिए दमकल विभाग की करीब 11 गाड़ियों को लगाया गया। कई घंटों की मशक्कत के बाद आग पर लगभग नियंत्रण पा लिया गया, लेकिन गोदाम के अंदर अभी भी धुआं उठ रहा है क्योंकि प्लास्टिक सामग्री अंदर तक सुलग रही है। जिला फायर ब्रिगेड के अधिकारियों के अनुसार, आग बुझाने में काफी कठिनाई आई क्योंकि ऊपर से आग बुझने के बाद भी अंदर की परतों में आग सुलगती रही और बार-बार भड़कती रही। फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल सका है और जांच जारी है। शुरुआती आकलन के अनुसार कुल नुकसान काफी बड़ा बताया जा रहा है।

रायगढ़ में भीषण आग: कबाड़ गोदाम से फैली लपटों ने 43 बाइक जलाईं, करोड़ों का नुकसान Read Post »

Accident, Raigarh, State, Top News

AIIMS रायपुर की बड़ी उपलब्धि: 10 महीने के मासूम की दुर्लभ हार्ट सर्जरी सफल, नई जिंदगी मिली

AIIMS Raipur ने बाल हृदय चिकित्सा के क्षेत्र में एक बड़ी सफलता हासिल की है। यहां डॉक्टरों ने 10 महीने के एक मासूम बच्चे की बेहद जटिल और दुर्लभ हृदय सर्जरी सफलतापूर्वक की, जिससे उसे नई जिंदगी मिली। बच्चा ‘एएलसीएपीए’ (Anomalous Left Coronary Artery from the Pulmonary Artery) नाम की गंभीर और जन्मजात हृदय बीमारी से पीड़ित था। यह बीमारी लगभग 3 लाख नवजात शिशुओं में से किसी एक में पाई जाती है और समय पर इलाज न मिलने पर जानलेवा साबित हो सकती है। रायपुर जिले के इस मासूम की हालत बेहद नाजुक थी। गंभीर जोखिम के कारण कई अस्पतालों ने इलाज करने से इनकार कर दिया था, जिसके बाद उसे AIIMS रायपुर रेफर किया गया। यह जटिल ऑपरेशन कई विभागों की संयुक्त टीम ने मिलकर किया, जिसमें कार्डियोथोरेसिक एंड वैस्कुलर सर्जरी, कार्डियोलॉजी, कार्डियक एनेस्थीसिया, रेडियोलॉजी और पीडियाट्रिक्स विभाग शामिल रहे। डॉक्टरों के अनुसार बच्चे का हृदय कार्य (Left Ventricular Ejection Fraction) केवल 20 प्रतिशत रह गया था, साथ ही गंभीर माइट्रल रिगर्जिटेशन ने स्थिति को और कठिन बना दिया था। कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. नाइक के मुताबिक यह बीमारी जन्मजात हृदय रोगों में सबसे जटिल मानी जाती है और इसका इलाज दुनिया के चुनिंदा बड़े मेडिकल संस्थानों में ही संभव हो पाता है। सर्जरी के दौरान और बाद में क्रिटिकल केयर टीम ने लगातार निगरानी रखी। शुरुआती 24 घंटे बच्चे के लिए बेहद महत्वपूर्ण थे, जिसमें उसे विशेष जीवन रक्षक सहायता दी गई। ऑपरेशन के बाद बच्चे की हालत में तेजी से सुधार हुआ। दूसरे ही दिन उसे वेंटिलेटर से हटा दिया गया और 9वें दिन उसे पूरी तरह स्वस्थ और स्थिर स्थिति में अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।

AIIMS रायपुर की बड़ी उपलब्धि: 10 महीने के मासूम की दुर्लभ हार्ट सर्जरी सफल, नई जिंदगी मिली Read Post »

Health, Raipur, State, Top News

धमतरी पुलिस को मिली हाईटेक FSL मोबाइल यूनिट वैन, अब घटनास्थल पर ही होगी वैज्ञानिक जांच

धमतरी पुलिस को अपराध जांच को और अधिक आधुनिक और प्रभावी बनाने के लिए अत्याधुनिक एफएसएल (फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी) मोबाइल यूनिट वैन की सौगात मिली है। पुलिस लाइन रूद्री धमतरी में आयोजित कार्यक्रम में इस हाईटेक वैन का विधिवत शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम में महापौर Jagdish Ramu Rohra, पूर्व विधायक Inderchand Chopra और पुलिस अधीक्षक Suraj Singh Parihar ने हरी झंडी दिखाकर वैन को रवाना किया। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक यह हाईटेक मोबाइल यूनिट अब घटनास्थल पर पहुंचकर तुरंत वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाने, फिंगरप्रिंट जांच, डिजिटल और भौतिक साक्ष्यों को सुरक्षित रखने, फोटोग्राफी, वीडियोग्राफी और अन्य तकनीकी जांच कार्य करने में सक्षम होगी। इससे मौके पर ही प्रारंभिक वैज्ञानिक परीक्षण संभव हो सकेगा और जांच प्रक्रिया अधिक मजबूत और पारदर्शी बनेगी। धमतरी पुलिस ने बताया कि गंभीर और संवेदनशील मामलों की वैज्ञानिक तरीके से जांच के चलते वर्ष 2026 में अब तक 6 आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा दिलाई जा चुकी है। अधिकारियों का मानना है कि नई एफएसएल मोबाइल यूनिट के जुड़ने से विवेचना प्रणाली और अधिक तेज, आधुनिक और तकनीकी रूप से सशक्त होगी। रायपुर में आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय गृह मंत्री द्वारा प्रदेश के विभिन्न जिलों के लिए एफएसएल मोबाइल यूनिट वैन को रवाना किया गया था। धमतरी जिले के लिए उपलब्ध कराई गई वैन को वैज्ञानिक अधिकारी Amit Kumar Patel धमतरी लेकर पहुंचे। महापौर जगदीश रामू रोहरा ने धमतरी पुलिस की आधुनिक तकनीक आधारित कार्यप्रणाली की सराहना करते हुए कहा कि नई सुविधा से अपराध जांच और अधिक प्रभावी होगी और लोगों का पुलिस एवं न्याय व्यवस्था पर भरोसा मजबूत होगा। वहीं पुलिस अधीक्षक सूरज सिंह परिहार ने कहा कि बदलते अपराधों के स्वरूप को देखते हुए वैज्ञानिक और तकनीकी जांच बेहद जरूरी हो गई है। उन्होंने कहा कि एफएसएल मोबाइल यूनिट से साक्ष्य आधारित जांच मजबूत होगी और दोषसिद्धि दर बढ़ाने में मदद मिलेगी। कार्यक्रम के दौरान वैज्ञानिक अधिकारी अमित कुमार पटेल ने वैन में मौजूद आधुनिक उपकरणों और उसकी कार्यप्रणाली की जानकारी जनप्रतिनिधियों, पुलिस अधिकारियों और मीडिया को दी।

धमतरी पुलिस को मिली हाईटेक FSL मोबाइल यूनिट वैन, अब घटनास्थल पर ही होगी वैज्ञानिक जांच Read Post »

GOVERNMENT, Raipur, State, Top News

अंतर्राष्ट्रीय जैव विविधता दिवस पर कोपरा जलाशय में जागरूकता कार्यक्रम, स्वच्छता अभियान और बर्ड वॉक आयोजित

रायपुर के कोपरा जलाशय परिसर में अंतर्राष्ट्रीय जैव विविधता दिवस के अवसर पर पर्यावरण संरक्षण और जैव विविधता संवर्धन को लेकर जनजागरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य लोगों को जैव विविधता के महत्व के प्रति जागरूक करना और प्रकृति संरक्षण के लिए सामूहिक भागीदारी को बढ़ावा देना था। कार्यक्रम की शुरुआत स्वच्छता अभियान से हुई, जिसमें नागरिकों, स्वयंसेवकों और पर्यावरण प्रेमियों ने जलाशय परिसर में सफाई कर स्वच्छ और हरित वातावरण बनाए रखने का संदेश दिया। प्रतिभागियों ने पर्यावरण संरक्षण के लिए मिलकर काम करने का संकल्प भी लिया। इसके बाद आयोजित बर्ड वॉक में लोगों ने क्षेत्र में मौजूद विभिन्न पक्षियों का अवलोकन किया। विशेषज्ञों ने बताया कि प्राकृतिक संतुलन बनाए रखने में पक्षियों की अहम भूमिका होती है। साथ ही जैव विविधता और पक्षियों के बीच संबंधों की भी जानकारी साझा की गई। आयोजकों ने कहा कि जैव विविधता का संरक्षण केवल सरकारी प्रयासों से संभव नहीं है, बल्कि समाज के हर व्यक्ति की सक्रिय भागीदारी जरूरी है। कार्यक्रम के जरिए लोगों को प्रकृति और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी समझाने का प्रयास किया गया।

अंतर्राष्ट्रीय जैव विविधता दिवस पर कोपरा जलाशय में जागरूकता कार्यक्रम, स्वच्छता अभियान और बर्ड वॉक आयोजित Read Post »

State, Top News

छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी का कहर: बिलासपुर में बुजुर्ग की मौत, अगले 5 दिन हीटवेव का अलर्ट

छत्तीसगढ़ में गर्मी लगातार लोगों की मुश्किलें बढ़ा रही है। मौसम विभाग ने मध्य छत्तीसगढ़ के कई इलाकों में अगले 5 दिनों तक हीटवेव चलने की चेतावनी जारी की है। प्रदेशभर में तापमान फिलहाल इसी स्तर पर बने रहने की संभावना जताई गई है। इस बीच बिलासपुर से एक दुखद मामला सामने आया है, जहां लू लगने से एक 75 वर्षीय बुजुर्ग की मौत की आशंका जताई जा रही है। जोंधरा गांव में बुजुर्ग का शव बाजार स्थित एक जूता दुकान के बाहर मिला। जानकारी के मुताबिक वह पिछले दो महीनों से गांव में भीख मांगकर जीवन यापन कर रहा था और पिछले कुछ दिनों से बीमार भी था। तेज गर्मी के बीच वह अक्सर बाजार इलाके में ही पड़ा रहता था। विशेषज्ञों ने लोगों को सुबह 11 बजे से दोपहर 12 बजे के बीच घर से बाहर नहीं निकलने की सलाह दी है। इस दौरान UV रेज का स्तर एक्सट्रीम कैटेगरी में पहुंच सकता है, जिससे त्वचा और आंखों को गंभीर नुकसान होने का खतरा रहता है। मेकाहारा अस्पताल के डर्मेटोलॉजी विभाग के HOD डॉ. Mrityunjay Singh ने बताया कि तेज धूप में कुछ ही मिनटों के भीतर सनबर्न, आंखों में जलन, डिहाइड्रेशन और हीट स्ट्रोक जैसी समस्याएं हो सकती हैं। विशेषज्ञों के अनुसार सुबह 10 बजे के बाद UV रेज तेजी से बढ़ने लगती हैं। 11 से 12 बजे के बीच इसका स्तर सबसे ज्यादा रहने की संभावना है। ऐसे में जरूरी काम होने पर ही दोपहर बाद बाहर निकलने की सलाह दी गई है। प्रदेश में शुक्रवार को सबसे अधिक तापमान दुर्ग में 44.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान अंबिकापुर में 23.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। मौसम विभाग के मुताबिक रायपुर में भी तापमान 45 डिग्री तक पहुंच सकता है और अगले दो दिनों तक मौसम शुष्क बना रहेगा। बिलासपुर स्वास्थ्य विभाग ने भी एडवाइजरी जारी कर लोगों से ज्यादा पानी पीने, धूप से बचने और शरीर को हाइड्रेट रखने की अपील की है। बच्चों, बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं को विशेष सावधानी बरतने को कहा गया है। वहीं रायगढ़ में भी तेज गर्मी से लोग परेशान हैं। तापमान 44 डिग्री पहुंचने के कारण पंखे और कूलर भी असर नहीं दिखा रहे। हल्की बूंदाबांदी के बावजूद उमस और गर्म हवाओं से राहत नहीं मिली है। विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार बढ़ती गर्मी का असर मानसिक स्वास्थ्य पर भी पड़ सकता है। ज्यादा तापमान से चिड़चिड़ापन, तनाव, नींद की समस्या और मूड स्विंग जैसी दिक्कतें बढ़ सकती हैं।

छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी का कहर: बिलासपुर में बुजुर्ग की मौत, अगले 5 दिन हीटवेव का अलर्ट Read Post »

Bilaspur, Health, State, Top News
Scroll to Top