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रायपुर में रेलवे सुरक्षा बल का 42वां स्थापना दिवस:ड्रोन, रोबोट और कमांडो टीम दिखाएंगे दमखम, उत्कृष्ट सेवा करने वाले जवानों को मिलेंगे पदक

रायपुर में 12 अक्टूबर को रेलवे सुरक्षा बल (RPF) का 42वां स्थापना दिवस मनाया जाएगा। रेलवे वर्कशॉप ग्राउंड में आयोजित समारोह में भव्य परेड के साथ आधुनिक सुरक्षा तकनीकों की प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी। कार्यक्रम में महिला दस्ता, कमांडो टीम, डॉग स्क्वॉड और सेगवे दस्ता अपनी कार्यक्षमता का प्रदर्शन करेंगे। समारोह के दौरान उत्कृष्ट सेवा करने वाले अधिकारियों और जवानों को पदक देकर सम्मानित किया जाएगा। तकनीकी प्रदर्शनी में ड्रोन, ह्यूमनॉइड रोबोट ‘अर्जुन’ और डिजिटल सुरक्षा प्रणालियां आकर्षण का केंद्र रहेंगी। RPF की परेड में महिला दस्ता और कमांडो टीम दिखाएंगे दमखम स्थापना दिवस समारोह का प्रमुख आकर्षण RPF की परेड होगी। इसमें महिला दस्ता, कमांडो रैपिड एक्शन टीम (CORAS), डॉग स्क्वॉड और सेगवे दस्ता शामिल होंगे। जवानों के अनुशासन, प्रशिक्षण, गश्त और आपात परिस्थितियों में कार्रवाई करने की क्षमता का प्रदर्शन किया जाएगा। प्रशिक्षित श्वानों के जरिए डॉग स्क्वॉड की कार्यक्षमता दिखाई जाएगी। वहीं, कमांडो टीम विशेष परिस्थितियों में कार्रवाई की तैयारी का प्रदर्शन करेगी। इस आयोजन के माध्यम से रेलवे सुरक्षा में महिला जवानों की भूमिका को भी सामने लाया जाएगा। 34 पदक और एक जीवन रक्षा पदक से होगा सम्मान समारोह में उत्कृष्ट कार्य करने वाले RPF अधिकारियों और जवानों को कुल 34 पदकों के साथ एक जीवन रक्षा पदक प्रदान किया जाएगा। इनमें विशिष्ट सेवा के लिए 3 राष्ट्रपति पुलिस पदक और सराहनीय सेवा के लिए 30 पुलिस पदक शामिल हैं। इसके अलावा, वर्ष 2024 में एक रेल यात्री की जान बचाने के लिए एक जवान को जीवन रक्षा पदक से सम्मानित किया जाएगा। ये सम्मान स्वतंत्रता दिवस 2025 और गणतंत्र दिवस 2026 के अवसर पर घोषित किए गए थे। RPF की स्थापना से अब तक का सफर रेलवे सुरक्षा बल को रेलवे संपत्ति की सुरक्षा और रेल व्यवस्था को सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से विकसित किया गया। रेलवे सुरक्षा बल अधिनियम, 1957 के तहत इसे कानूनी आधार मिला और 1959 में इसकी नियमावली बनाई गई। वर्ष 1965 में इसका नाम रेलवे सुरक्षा विशेष बल (RPSF) रखा गया। इसके बाद 20 सितंबर 1985 को कानून में संशोधन के जरिए RPF को संघ के सशस्त्र बल का दर्जा मिला। वर्ष 2003 में हुए बदलावों से यात्रियों और यात्री क्षेत्रों की सुरक्षा से जुड़ी जिम्मेदारियों का भी विस्तार हुआ। समय के साथ RPF की भूमिका रेलवे संपत्ति की सुरक्षा के साथ यात्रियों की सहायता, अपराधों की रोकथाम और सुरक्षित रेल यात्रा सुनिश्चित करने तक बढ़ी है। ड्रोन, रोबोट ‘अर्जुन’ और डिजिटल सिस्टम होंगे प्रदर्शित स्थापना दिवस पर आयोजित तकनीकी प्रदर्शनी में रेलवे सुरक्षा के लिए इस्तेमाल होने वाले आधुनिक उपकरणों की जानकारी दी जाएगी। इसमें निगरानी के लिए ड्रोन, ह्यूमनॉइड रोबोट ‘अर्जुन’ और डिजिटल सुरक्षा प्रणालियां प्रमुख आकर्षण होंगी। प्रदर्शनी में क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्क एंड सिस्टम्स (CCTNS) और नेशनल ऑटोमेटेड फिंगरप्रिंट आइडेंटिफिकेशन सिस्टम (NAFIS) जैसे डिजिटल सिस्टम की कार्यप्रणाली भी प्रदर्शित की जाएगी। इन तकनीकों के जरिए अपराध संबंधी जानकारी साझा करने और फिंगरप्रिंट के माध्यम से पहचान करने में तकनीक की भूमिका समझाई जाएगी। वरिष्ठ अधिकारी समारोह में होंगे शामिल कार्यक्रम में RPF की महानिदेशक सोनाली मिश्रा, दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के महाप्रबंधक तरुण प्रकाश और RPF के महानिरीक्षक मुनावर खुर्शीद सहित छत्तीसगढ़ प्रशासन एवं पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के शामिल होने का कार्यक्रम है। 42वें स्थापना दिवस के माध्यम से रेलवे सुरक्षा बल अपने जवानों की सेवा, साहस और कर्तव्यनिष्ठा को सम्मानित करने के साथ रेलवे सुरक्षा में आधुनिक तकनीकों के बढ़ते इस्तेमाल को भी प्रदर्शित करेगा।

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रायपुर में पहली बार भारत-जिम्बाब्वे महिला टी-20 सीरीज, 16 अक्टूबर से शुरू होंगे मुकाबले

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर पहली बार भारत और जिम्बाब्वे की महिला क्रिकेट टीमों के बीच द्विपक्षीय टी-20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज की मेजबानी करने जा रही है। तीन मैचों की इस सीरीज के लिए भारतीय टीम रायपुर पहुंच चुकी है, जबकि जिम्बाब्वे की टीम के 12 अक्टूबर को पहुंचने का कार्यक्रम है। दोनों टीमें मुकाबलों से पहले अभ्यास करेंगी। सीरीज के सभी मैच नवा रायपुर स्थित शहीद वीर नारायण सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में खेले जाएंगे। भारतीय टीम की कमान स्मृति मंधाना संभालेंगी। उन्हें हरमनप्रीत कौर के कप्तानी छोड़ने के बाद सभी प्रारूपों में टीम का नया कप्तान नियुक्त किया गया 16, 18 और 20 अक्टूबर को होंगे मुकाबले भारत और जिम्बाब्वे की महिला टीमों के बीच तीन टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले जाएंगे। सभी मुकाबले शाम 7 बजे शुरू होंगे। तीनों मैच नवा रायपुर के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में आयोजित होंगे। मैचों की तैयारी के लिए बनाई गई स्थानीय समिति मैचों के सफल आयोजन और व्यवस्थाओं की निगरानी के लिए प्रशासन स्तर पर तैयारियां की जा रही हैं। मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय बैठक में तैयारियों की समीक्षा की गई। इसके बाद रायपुर कलेक्टर की अध्यक्षता में स्थानीय सहयोग समिति बनाई गई है। इस समिति में पुलिस, खेल विभाग, परिवहन, लोक निर्माण विभाग, एनआरडीए और छत्तीसगढ़ स्टेट क्रिकेट संघ के अधिकारियों को शामिल किया गया है। ई-टिकट से मिलेगी स्टेडियम में एंट्री दर्शकों के लिए ऑनलाइन टिकट और डिजिटल प्रवेश की व्यवस्था की जा रही है। ई-टिकट के क्यूआर कोड को स्कैन करके स्टेडियम में प्रवेश दिया जाएगा। दर्शकों की सुविधा के लिए स्टेडियम परिसर में वाई-फाई, पार्किंग पास, सीसीटीवी निगरानी, पेयजल और खाने-पीने की व्यवस्था भी की जाएगी। छत्तीसगढ़ स्टेट क्रिकेट संघ के अनुसार, टिकटों की कीमत 250 रुपये से शुरू होगी। ऑनलाइन टिकट बिक्री 12 अक्टूबर शाम 4 बजे से शुरू होने की जानकारी दी गई है। एंबुलेंस, फायर ब्रिगेड और आपातकालीन व्यवस्था रहेगी तैयार मैच के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर भी व्यवस्था की जाएगी। आसपास के अस्पतालों की मैपिंग, स्टेडियम में एंबुलेंस की तैनाती और आपातकालीन स्थिति के लिए विशेष मार्ग निर्धारित करने की योजना है। इसके अलावा फायर ब्रिगेड, बिजली, मोबाइल नेटवर्क और पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए संबंधित विभागों को जिम्मेदारी दी गई है। NGT की रोक के बाद मिली तीन मैचों की अनुमति स्टेडियम में मैच आयोजन को लेकर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) के आदेश के बाद भी चर्चा रही है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, 2 जुलाई 2026 को ट्रिब्यूनल ने संबंधित स्टेडियमों में आगे मैच कराने पर अंतरिम रोक लगाई थी। बाद में भारत-जिम्बाब्वे महिला टी-20 सीरीज के तीन मुकाबलों के आयोजन के लिए अनुमति मिलने की जानकारी सामने आई। इस सीरीज के साथ रायपुर को अंतरराष्ट्रीय महिला क्रिकेट की मेजबानी का अवसर मिलेगा। अब क्रिकेट प्रेमियों की नजरें 16 अक्टूबर को होने वाले पहले मुकाबले पर रहेंगी।

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रायपुर में 13 अक्टूबर को होगा कार्टून फेस्टिवल, CM साय कार्टून बनाकर करेंगे शुभारंभ

रायपुर में 13 अक्टूबर को वार्षिक कार्टून फेस्टिवल का आयोजन किया जाएगा। देश की कार्टून पत्रिका ‘कार्टून वॉच’ अपने प्रकाशन के 31वें वर्ष में प्रवेश करने जा रही है। इस अवसर पर राजधानी के एक निजी होटल में कार्यक्रम आयोजित होगा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे, जबकि विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह कार्यक्रम की अध्यक्षता करेंगे। कार्टून वॉच के संपादक त्रयम्बक शर्मा के अनुसार, मुख्यमंत्री सांकेतिक कार्टून बनाकर फेस्टिवल का उद्घाटन करेंगे। कार्यक्रम में राजनीतिक हस्तियों के साथ वरिष्ठ पत्रकार डॉ. हिमांशु द्विवेदी अतिथि वक्ता के रूप में शामिल होंगे। इसके अलावा पत्रिका से लंबे समय से जुड़े कार्टूनिस्ट और पत्रकार अपने अनुभव साझा करेंगे। जयपुर के कार्टूनिस्ट अभिषेक तिवारी को मिलेगा लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड इस वर्ष कार्टून वॉच का लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड जयपुर के वरिष्ठ कार्टूनिस्ट अभिषेक तिवारी को प्रदान किया जाएगा। यह सम्मान कार्टून कला के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाली हस्तियों को दिया जाता है। इससे पहले यह पुरस्कार बालासाहेब ठाकरे, आर.के. लक्ष्मण, सुधीर तैलंग, आबिद सुरती, प्राण, काक और अजीत नैनन जैसी प्रमुख हस्तियों को मिल चुका है। फेस्टिवल में देश के विभिन्न राज्यों से कार्टूनिस्ट हिस्सा लेंगे। आयोजकों के मुताबिक, रायपुर में हर साल आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम को राज्य सरकार और छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल का सहयोग मिलता है। PM मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पर कैरिकेचर बुक का विमोचन कार्टून वॉच के संपादक त्रयम्बक शर्मा ने बताया कि इस बार पत्रिका की ओर से पहली बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर अखिल भारतीय कैरिकेचर प्रतियोगिता आयोजित की गई। प्रतियोगिता में देशभर के कार्टूनिस्टों ने प्रधानमंत्री के कैरिकेचर तैयार किए। इन कैरिकेचर पर आधारित पुस्तक का विमोचन भी कार्टून फेस्टिवल के दौरान किया जाएगा। कार्टून कला और पत्रकारिता पर साझा होंगे अनुभव कार्यक्रम में कार्टून कला, पत्रकारिता और कार्टून वॉच की यात्रा से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर चर्चा होगी। अलग-अलग राज्यों से आने वाले कार्टूनिस्टों और पत्रकारों को अपने अनुभव साझा करने का अवसर मिलेगा। आयोजकों का उद्देश्य कार्टून कला को प्रोत्साहित करना और व्यंग्य के माध्यम से सामाजिक एवं सार्वजनिक जीवन के विभिन्न पहलुओं को सामने लाना है।

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छत्तीसगढ़ में MBBS की 206 और BDS की 225 सीटें खाली, 15 अक्टूबर तक प्रवेश का मौका

छत्तीसगढ़ में NEET UG काउंसिलिंग के तीसरे चरण यानी मॉप-अप राउंड की सीट आवंटन सूची जारी कर दी गई है। इस चरण में प्रदेश के मेडिकल और डेंटल कॉलेजों की कुल 431 सीटें खाली हैं। इनमें MBBS की 206 और BDS की 225 सीटें शामिल हैं। सीट आवंटित होने वाले अभ्यर्थियों को 15 अक्टूबर तक प्रवेश की सभी जरूरी प्रक्रियाएं पूरी करनी होंगी। निर्धारित समय में दस्तावेजों का सत्यापन और कॉलेज में प्रवेश नहीं लेने पर अभ्यर्थी एडमिशन के अवसर से चूक सकते हैं। 15 अक्टूबर शाम 5 बजे तक पूरी करनी होगी प्रवेश प्रक्रिया मॉप-अप राउंड के तहत आवंटित सीटों पर प्रवेश प्रक्रिया 12 अक्टूबर सुबह 10 बजे से शुरू हो चुकी है। अभ्यर्थियों को दस्तावेज सत्यापन के लिए 15 अक्टूबर शाम 4 बजे तक का समय दिया गया है। वहीं, संबंधित कॉलेज में प्रवेश की अंतिम समय-सीमा शाम 5 बजे निर्धारित की गई है। अभ्यर्थियों को तय सत्यापन केंद्र पर स्वयं उपस्थित होकर आवश्यक दस्तावेजों की जांच करानी होगी। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, अवकाश के दिनों में भी संबंधित केंद्रों पर प्रवेश प्रक्रिया जारी रहेगी। सरकारी और निजी कॉलेजों के लिए अलग-अलग सत्यापन केंद्र सरकारी मेडिकल और डेंटल कॉलेजों में सीट पाने वाले अभ्यर्थियों के दस्तावेजों का सत्यापन संबंधित कॉलेज में किया जाएगा। निजी मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश के लिए आवंटित अभ्यर्थियों को दस्तावेज सत्यापन हेतु नवा रायपुर के उपरवारा स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय स्मृति स्वास्थ्य विज्ञान एवं आयुष विश्वविद्यालय के शिक्षक प्रशिक्षण संस्थान भवन में पहुंचना होगा। वहीं, निजी डेंटल कॉलेजों में सीट पाने वाले अभ्यर्थियों के दस्तावेजों की जांच शासकीय दंत चिकित्सा महाविद्यालय, रायपुर में की जाएगी। एडमिशन नहीं लेने या सीट छोड़ने पर हो सकती है कार्रवाई सीट आवंटित होने के बाद प्रवेश नहीं लेने अथवा एडमिशन के बाद सीट छोड़ने पर निर्धारित नियमों के तहत अभ्यर्थी की सिक्योरिटी या पंजीयन राशि जब्त की जा सकती है। इसके साथ ही, ऐसे अभ्यर्थियों को चालू शैक्षणिक सत्र की आगे की काउंसिलिंग प्रक्रिया में शामिल होने से भी रोका जा सकता है। इसलिए अभ्यर्थियों को सलाह दी गई है कि वे सीट आवंटन से संबंधित नियमों, दस्तावेज सत्यापन और प्रवेश की समय-सीमा का ध्यान रखें। आधिकारिक वेबसाइट पर मिलेगी पूरी जानकारी काउंसिलिंग प्रक्रिया, दस्तावेज सत्यापन केंद्र और प्रवेश से जुड़े दिशा-निर्देशों की जानकारी के लिए अभ्यर्थी चिकित्सा शिक्षा संचालनालय की आधिकारिक वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं। आधिकारिक वेबसाइट: https://cgdme.admissions.nic.in/

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रायपुर के प्रयास विद्यालय में यातायात और साइबर सुरक्षा पर जागरूकता कार्यक्रम, 300 विद्यार्थियों ने लिया हिस्सा

रायपुर। पुलिस कमिश्नरेट रायपुर की ओर से सड्डू स्थित प्रयास विद्यालय में यातायात नियमों और साइबर सुरक्षा को लेकर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में करीब 300 विद्यार्थियों को सड़क सुरक्षा, यातायात नियमों के पालन और ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचने के उपायों की जानकारी दी गई। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में एसीपी ट्रैफिक सीमा अहिरवार उपस्थित रहीं। उन्होंने विद्यार्थियों को यातायात नियमों का पालन करने और सड़क पर सुरक्षित व्यवहार अपनाने की समझाइश दी। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। विद्यार्थियों को अपने परिवार और आसपास के लोगों को भी यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने के लिए प्रेरित किया गया। साइबर अपराधों से बचाव के बताए तरीके कार्यक्रम में साइबर सुरक्षा को लेकर भी जानकारी दी गई। विद्यार्थियों को सोशल मीडिया का जिम्मेदारी से इस्तेमाल करने, अनजान लिंक पर क्लिक करने से बचने और फर्जी कॉल व संदेशों के प्रति सतर्क रहने की सलाह दी गई। साथ ही, पासवर्ड, ओटीपी और निजी जानकारी किसी के साथ साझा नहीं करने के महत्व को समझाया गया। चित्रकला प्रतियोगिता के विजेता सम्मानित जागरूकता कार्यक्रम के तहत यातायात और साइबर सुरक्षा विषय पर चित्रकला प्रतियोगिता भी आयोजित की गई। प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को प्रथम, द्वितीय और तृतीय पुरस्कार के साथ सांत्वना पुरस्कार प्रदान किए गए। विद्यार्थियों ने अपनी कलाकृतियों के माध्यम से सड़क सुरक्षा और साइबर अपराधों से बचाव के संदेश प्रस्तुत किए। पुलिस कमिश्नरेट रायपुर के इस कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में यातायात नियमों के प्रति जिम्मेदारी बढ़ाना, साइबर अपराधों से बचाव के लिए जागरूक करना और उन्हें सुरक्षित एवं जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रेरित करना रहा।

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बिश्रामपुर में मां-बेटे की संदिग्ध मौत से सनसनी, अलग-अलग जगह मिले दोनों के शव; हत्या की आशंका

छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले के बिश्रामपुर क्षेत्र में मां-बेटे की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। कालीघाट के पास कक्षा 12वीं के छात्र का शव मिलने के बाद पुलिस जब उसके घर पहुंची, तो वहां उसकी मां मृत अवस्था में मिलीं। एक ही परिवार के दो सदस्यों की मौत से इलाके में सनसनी फैल गई है। मामले में हत्या की आशंका जताई जा रही है, हालांकि मौत के वास्तविक कारणों की आधिकारिक पुष्टि जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही हो सकेगी। जानकारी के अनुसार, बिश्रामपुर के कॉन्वेंट स्कूल में कक्षा 12वीं में पढ़ने वाले छात्र सुजल बरेठ का शव कालीघाट के पास मिला था। पुलिस ने शव की पहचान होने के बाद छात्र के ममता कॉलोनी स्थित घर पहुंचकर जांच शुरू की। घर में उसकी मां रजनी बरेठ से संपर्क नहीं हो पाने और परिस्थितियां संदिग्ध लगने पर दरवाजे का ताला तोड़ा गया। अंदर उनकी लाश मिली। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने जांच तेज कर दी है। घटनास्थल पर फोरेंसिक टीम और डॉग स्क्वॉड को बुलाया गया। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, दोनों शवों पर चोट के निशान मिलने की बात सामने आई है। ऐसे में पुलिस हत्या समेत विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। रजनी बरेठ ग्राम बेलटिकरी में शासकीय शिक्षिका के पद पर कार्यरत थीं। बताया गया है कि वह तलाकशुदा थीं और अपने इकलौते बेटे सुजल के साथ रहती थीं। जांच के दौरान पुलिस ने महिला का मोबाइल फोन भी जब्त किया है। वहीं, मृतिका के पूर्व पति से पूछताछ किए जाने की जानकारी सामने आई है। इसके अलावा, घटनास्थल से दूर स्कूटी मिलने की बात भी मामले को कई सवालों से जोड़ रही है। पुलिस उपलब्ध साक्ष्यों, मोबाइल की जांच और अन्य तथ्यों के आधार पर घटनाक्रम का पता लगाने में जुटी है। मां-बेटे की मौत किन परिस्थितियों में हुई? क्या दोनों घटनाओं के बीच कोई संबंध है? और घटनास्थल से दूर मिली स्कूटी इस मामले में क्या अहम सुराग दे सकती है? फिलहाल इन सवालों के जवाब सामने आना बाकी है। बाइट: योगेश देवांगन, एडिशनल एसपी, सूरजपुर पुलिस जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही मौत के कारणों तथा घटना से जुड़े अन्य तथ्यों की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

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जांजगीर-चांपा में पुलिसकर्मियों से सफाई कराने का आरोप, वर्दी में झाड़ू लगाते वीडियो वायरल

जांजगीर-चांपा में पुलिसकर्मियों से सफाई कराने का आरोप सामने आया है। मामले से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस विभाग में इसे लेकर चर्चा शुरू हो गई है। वायरल वीडियो में कुछ पुलिसकर्मी वर्दी में झाड़ू लगाते हुए नजर आ रहे हैं। आरोप लगाया जा रहा है कि रक्षित निरीक्षक के निर्देश पर पुलिसकर्मियों से सफाई कराई गई। वीडियो सामने आने के बाद रक्षित निरीक्षक के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी उठ रही है। हालांकि, वायरल वीडियो की वास्तविक परिस्थितियों और पुलिसकर्मियों से सफाई कराए जाने के आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। ऐसे में पूरे मामले की सच्चाई जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। अब सवाल यह है कि क्या पुलिस विभाग वायरल वीडियो और लगाए गए आरोपों की जांच कराएगा और अगर आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ क्या कार्रवाई होगी?

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भिलाई में 6 साल की मासूम से दुष्कर्म का मामला, आरोपी गिरफ्तार; महिलाओं ने की कड़ी सजा की मांग

भिलाई के खुर्सीपार इलाके में छह साल की मासूम बच्ची के साथ कथित दुष्कर्म के मामले में पुलिस ने मकान मालिक दिलावर यादव को गिरफ्तार किया है। आरोपी की गिरफ्तारी के बाद स्थानीय महिलाओं और शिवसेना कार्यकर्ताओं में आक्रोश देखने को मिला। खुर्सीपार क्षेत्र की बड़ी संख्या में महिलाएं सेक्टर-6 स्थित पुलिस कंट्रोल रूम पहुंचीं और आरोपी को कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग की। महिलाओं ने अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक से मुलाकात कर कहा कि आरोपी को फांसी की सजा दी जानी चाहिए। महिलाओं ने यह भी कहा कि यदि फांसी नहीं दी जा सकती तो आरोपी को उनके हवाले कर दिया जाए। वहीं, शिवसेना कार्यकर्ताओं ने भी पुलिस कंट्रोल रूम पहुंचकर मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की। शिवसेना जिला अध्यक्ष पंकज नायर ने आरोपी पर अन्य गंभीर आरोप लगाए और उसके मकान पर बुलडोजर कार्रवाई की मांग की। फिलहाल पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है।

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छत्तीसगढ़ में नए सॉलिड वेस्ट नियम लागू, 6 महीने बाद भी तय नहीं हुई जुर्माने की दर

छत्तीसगढ़ में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के नए नियम लागू हुए करीब छह महीने बीत चुके हैं, लेकिन नियमों का उल्लंघन करने वालों से कितनी पेनाल्टी वसूली जाएगी, यह अब तक तय नहीं हो पाया है। जुर्माने की स्पष्ट दर नहीं होने से नगरीय निकायों के सामने नियमों का प्रभावी तरीके से पालन कराने की चुनौती बनी हुई है। केंद्र सरकार के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने 27 जनवरी 2026 को सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट रूल्स-2026 का नोटिफिकेशन जारी किया था। नए नियमों ने 2016 के नियमों की जगह ली और 1 अप्रैल 2026 से देशभर में लागू किए गए। इन नियमों के तहत घरों, दुकानों, संस्थानों और अन्य जगहों से निकलने वाले कचरे को स्रोत स्तर पर चार श्रेणियों में अलग करना जरूरी किया गया है। इसमें गीला कचरा, सूखा कचरा, सैनिटरी वेस्ट और स्पेशल केयर वेस्ट शामिल हैं। नियम लागू, लेकिन स्थानीय पेनाल्टी अभी तय नहीं नए प्रावधानों के मुताबिक स्थानीय निकायों को अलग-अलग श्रेणी के कचरे का संग्रहण, परिवहन और वैज्ञानिक तरीके से निपटान सुनिश्चित करना है। कचरा फैलाने और खुले में कचरा फेंकने जैसी गतिविधियों पर कार्रवाई का प्रावधान भी किया गया है। हालांकि छत्तीसगढ़ में इन नियमों के उल्लंघन पर लागू होने वाली पेनाल्टी की दर और स्थानीय स्तर पर कार्रवाई की विस्तृत व्यवस्था अभी अधिसूचित नहीं हुई है। ऐसे में निकायों के सामने यह स्पष्ट नहीं है कि घर से अलग-अलग कचरा नहीं देने, खुले में कचरा फेंकने या कचरा जलाने जैसे मामलों में कितनी राशि का जुर्माना लगाया जाए। चार श्रेणियों में कचरा अलग करना जरूरी नए नियमों में कचरे को स्रोत पर ही अलग करने पर जोर दिया गया है। घरों और संस्थानों से निकलने वाले कचरे को गीला, सूखा, सैनिटरी और स्पेशल केयर वेस्ट के रूप में अलग करना होगा। सूखे कचरे में प्लास्टिक, कागज, धातु, कांच, लकड़ी और रबर जैसी सामग्री को अलग कर रीसाइक्लिंग के लिए भेजने की व्यवस्था है। वहीं रसोई के कचरे, फल-सब्जियों के छिलकों, फूल और अन्य जैविक कचरे को कम्पोस्टिंग या बायोमीथेनेशन के जरिए प्रोसेस करने का प्रावधान किया गया है। लैंडफिल में सिर्फ अंतिम अवशेष भेजने पर जोर नए नियमों में लैंडफिल के इस्तेमाल को ऐसे कचरे तक सीमित करने की दिशा में प्रावधान किए गए हैं, जिसे रीसाइकिल नहीं किया जा सकता, ऊर्जा के रूप में इस्तेमाल नहीं किया जा सकता या जो निष्क्रिय अवशेष है। इसका उद्देश्य ऐसी सामग्री को लैंडफिल में जाने से रोकना है, जिससे दोबारा उपयोगी सामग्री, खाद या ऊर्जा प्राप्त की जा सकती है। बल्क वेस्ट जनरेटर की भी जिम्मेदारी प्रतिदिन 100 किलो या उससे अधिक कचरा उत्पन्न करने वाली संस्थाओं समेत निर्धारित मानकों के बल्क वेस्ट जनरेटर को अपने कचरे के संग्रहण, परिवहन और प्रोसेसिंग की पर्यावरणीय व्यवस्था सुनिश्चित करनी होगी। इसके अलावा स्थानीय निकायों को कचरा प्रबंधन से जुड़े कार्यों के जरिए कार्बन क्रेडिट हासिल करने के लिए भी प्रोत्साहित किया गया है। पुराने कचरा डंप साइटों की मैपिंग और मूल्यांकन के बाद बायोमाइनिंग और बायोरेमेडिएशन करने का प्रावधान भी नए नियमों में शामिल है। अब तैयार होगा पेनाल्टी का ड्राफ्ट संचालक, नगरीय प्रशासन नीलेश महादेव क्षीरसागर के अनुसार, नियमों के तहत पेनाल्टी तय करने के लिए ड्राफ्ट तैयार करने के निर्देश अधिकारियों को दिए गए हैं। ड्राफ्ट तैयार होने और उसका नोटिफिकेशन जारी होने के बाद प्रदेश के नगरीय निकायों में उसी के आधार पर नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल नए नियम लागू होने के बावजूद जुर्माने की दर तय नहीं होने से नगरीय निकायों में इनके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए राज्य स्तर की पेनाल्टी व्यवस्था का इंतजार है।

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महिला के नाखूनों में मिले DNA से 2 साल बाद खुला हत्या का राज, रायपुर में तीन आरोपी गिरफ्तार

रायपुर के खमतराई थाना क्षेत्र में करीब दो साल पहले हुई महिला की हत्या के मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, इस केस की जांच में महिला के नाखूनों से मिले जैविक सैंपल अहम साबित हुए। घटना के समय सुरक्षित किए गए इन सैंपल से तैयार DNA प्रोफाइल का बाद में संदिग्धों के DNA से मिलान कराया गया, जिसमें तीनों आरोपियों के DNA मैच होने का दावा पुलिस ने किया है। पुलिस के अनुसार, 21 अगस्त 2024 को ट्रांसपोर्ट नगर में शराब पीने के दौरान विवाद हुआ था। इसी दौरान राजू मंडल उर्फ बंगाली ने लता साहू का गला दबाया, जबकि मनहरण सारंग ने उसके दोनों हाथ और राजेश पाल उर्फ चोटी ने उसके दोनों पैर पकड़ रखे थे। पुलिस का कहना है कि संघर्ष के दौरान महिला ने खुद को बचाने के लिए आरोपियों को नोचा था। इसी दौरान उनके जैविक निशान महिला के नाखूनों में रह गए। हत्या के बाद आरोपी घर में रखा कैश और अन्य सामान लेकर फरार हो गए थे। शराब को लेकर शुरू हुआ था विवाद पुलिस के मुताबिक, लता साहू के दूसरे पति का फेरी का काम था। 21 अगस्त 2024 को मनहरण सारंग, राजेश पाल और राजू मंडल उसके घर पहुंचे थे। तीनों महिला और उसके पति के परिचित बताए गए हैं। घर पर चारों ने शराब पी। शराब खत्म होने के बाद दोबारा शराब लाने को लेकर विवाद शुरू हो गया। मामला बढ़ने पर हाथापाई होने लगी। पुलिस के अनुसार इसी दौरान तीनों आरोपियों ने महिला को पकड़ लिया और राजू मंडल ने उसका गला दबा दिया। कुछ देर बाद महिला की गतिविधियां बंद हो गईं। इसके बाद आरोपी घर से नकदी, साड़ी और पायल लेकर पीछे की दीवार से निकल गए। पुलिस के मुताबिक, नकदी तीनों ने आपस में बांट ली, जबकि साड़ी और पायल मनहरण सारंग ने अपने पास रख ली थी। घटना के बाद सुरक्षित रखा गया था DNA सैंपल हत्या के समय आरोपियों की पहचान पुलिस के सामने नहीं आ सकी थी। जांच के दौरान महिला के नाखूनों में मिले जैविक पदार्थ के सैंपल सुरक्षित किए गए और उनका DNA प्रोफाइल तैयार कराया गया। करीब दो साल बाद जांच में कुछ संदिग्धों के बारे में जानकारी मिलने पर पुलिस ने उनके DNA सैंपल लिए। पुलिस के मुताबिक, पुराने DNA प्रोफाइल से मिलान करने पर तीनों संदिग्धों के सैंपल मैच हुए। पूछताछ में सामने आई घटना की कड़ी DNA मिलान के बाद पुलिस ने तीनों संदिग्धों से पूछताछ की। पुलिस का कहना है कि पूछताछ के दौरान आरोपियों ने घटना को लेकर अलग-अलग जानकारी दी। इसके बाद उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर पूछताछ आगे बढ़ाई गई और पुलिस के अनुसार हत्या से जुड़े घटनाक्रम की जानकारी सामने आई। मामले में पुलिस ने मनहरण सारंग (33), राजेश पाल उर्फ चोटी उर्फ राजू (31) और राजू मंडल उर्फ बंगाली (35) को गिरफ्तार किया है। मनहरण सारंग रायपुर के रावांभाठा क्षेत्र का रहने वाला बताया गया है। राजेश पाल मूल रूप से मुंगेली के नवागांव का निवासी है, जबकि राजू मंडल रावांभाठा, खमतराई में रहता है और मूल रूप से दुर्ग का रहने वाला बताया गया है। राजू मंडल पर पहले से दर्ज हैं मामले पुलिस के मुताबिक, राजू मंडल उर्फ बंगाली के खिलाफ पहले से चोरी के दो मामलों और हत्या के एक मामले समेत तीन अपराध दर्ज हैं। लता साहू की हत्या का मामला उसके खिलाफ दर्ज चौथा अपराध बताया गया है। वहीं मनहरण सारंग के खिलाफ भी मारपीट कर गंभीर चोट पहुंचाने और अवैध वसूली से संबंधित मामला पहले से दर्ज होने की जानकारी पुलिस ने दी है। पुलिस के मुताबिक, इस मामले में वैज्ञानिक साक्ष्यों के तौर पर सुरक्षित किए गए DNA प्रोफाइल ने करीब दो साल बाद जांच को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

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