Chhattisgarh

रायपुर में रेलवे सुरक्षा बल का 42वां स्थापना दिवस:ड्रोन, रोबोट और कमांडो टीम दिखाएंगे दमखम, उत्कृष्ट सेवा करने वाले जवानों को मिलेंगे पदक

रायपुर में 12 अक्टूबर को रेलवे सुरक्षा बल (RPF) का 42वां स्थापना दिवस मनाया जाएगा। रेलवे वर्कशॉप ग्राउंड में आयोजित समारोह में भव्य परेड के साथ आधुनिक सुरक्षा तकनीकों की प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी। कार्यक्रम में महिला दस्ता, कमांडो टीम, डॉग स्क्वॉड और सेगवे दस्ता अपनी कार्यक्षमता का प्रदर्शन करेंगे। समारोह के दौरान उत्कृष्ट सेवा करने वाले अधिकारियों और जवानों को पदक देकर सम्मानित किया जाएगा। तकनीकी प्रदर्शनी में ड्रोन, ह्यूमनॉइड रोबोट ‘अर्जुन’ और डिजिटल सुरक्षा प्रणालियां आकर्षण का केंद्र रहेंगी। RPF की परेड में महिला दस्ता और कमांडो टीम दिखाएंगे दमखम स्थापना दिवस समारोह का प्रमुख आकर्षण RPF की परेड होगी। इसमें महिला दस्ता, कमांडो रैपिड एक्शन टीम (CORAS), डॉग स्क्वॉड और सेगवे दस्ता शामिल होंगे। जवानों के अनुशासन, प्रशिक्षण, गश्त और आपात परिस्थितियों में कार्रवाई करने की क्षमता का प्रदर्शन किया जाएगा। प्रशिक्षित श्वानों के जरिए डॉग स्क्वॉड की कार्यक्षमता दिखाई जाएगी। वहीं, कमांडो टीम विशेष परिस्थितियों में कार्रवाई की तैयारी का प्रदर्शन करेगी। इस आयोजन के माध्यम से रेलवे सुरक्षा में महिला जवानों की भूमिका को भी सामने लाया जाएगा। 34 पदक और एक जीवन रक्षा पदक से होगा सम्मान समारोह में उत्कृष्ट कार्य करने वाले RPF अधिकारियों और जवानों को कुल 34 पदकों के साथ एक जीवन रक्षा पदक प्रदान किया जाएगा। इनमें विशिष्ट सेवा के लिए 3 राष्ट्रपति पुलिस पदक और सराहनीय सेवा के लिए 30 पुलिस पदक शामिल हैं। इसके अलावा, वर्ष 2024 में एक रेल यात्री की जान बचाने के लिए एक जवान को जीवन रक्षा पदक से सम्मानित किया जाएगा। ये सम्मान स्वतंत्रता दिवस 2025 और गणतंत्र दिवस 2026 के अवसर पर घोषित किए गए थे। RPF की स्थापना से अब तक का सफर रेलवे सुरक्षा बल को रेलवे संपत्ति की सुरक्षा और रेल व्यवस्था को सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से विकसित किया गया। रेलवे सुरक्षा बल अधिनियम, 1957 के तहत इसे कानूनी आधार मिला और 1959 में इसकी नियमावली बनाई गई। वर्ष 1965 में इसका नाम रेलवे सुरक्षा विशेष बल (RPSF) रखा गया। इसके बाद 20 सितंबर 1985 को कानून में संशोधन के जरिए RPF को संघ के सशस्त्र बल का दर्जा मिला। वर्ष 2003 में हुए बदलावों से यात्रियों और यात्री क्षेत्रों की सुरक्षा से जुड़ी जिम्मेदारियों का भी विस्तार हुआ। समय के साथ RPF की भूमिका रेलवे संपत्ति की सुरक्षा के साथ यात्रियों की सहायता, अपराधों की रोकथाम और सुरक्षित रेल यात्रा सुनिश्चित करने तक बढ़ी है। ड्रोन, रोबोट ‘अर्जुन’ और डिजिटल सिस्टम होंगे प्रदर्शित स्थापना दिवस पर आयोजित तकनीकी प्रदर्शनी में रेलवे सुरक्षा के लिए इस्तेमाल होने वाले आधुनिक उपकरणों की जानकारी दी जाएगी। इसमें निगरानी के लिए ड्रोन, ह्यूमनॉइड रोबोट ‘अर्जुन’ और डिजिटल सुरक्षा प्रणालियां प्रमुख आकर्षण होंगी। प्रदर्शनी में क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्क एंड सिस्टम्स (CCTNS) और नेशनल ऑटोमेटेड फिंगरप्रिंट आइडेंटिफिकेशन सिस्टम (NAFIS) जैसे डिजिटल सिस्टम की कार्यप्रणाली भी प्रदर्शित की जाएगी। इन तकनीकों के जरिए अपराध संबंधी जानकारी साझा करने और फिंगरप्रिंट के माध्यम से पहचान करने में तकनीक की भूमिका समझाई जाएगी। वरिष्ठ अधिकारी समारोह में होंगे शामिल कार्यक्रम में RPF की महानिदेशक सोनाली मिश्रा, दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के महाप्रबंधक तरुण प्रकाश और RPF के महानिरीक्षक मुनावर खुर्शीद सहित छत्तीसगढ़ प्रशासन एवं पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के शामिल होने का कार्यक्रम है। 42वें स्थापना दिवस के माध्यम से रेलवे सुरक्षा बल अपने जवानों की सेवा, साहस और कर्तव्यनिष्ठा को सम्मानित करने के साथ रेलवे सुरक्षा में आधुनिक तकनीकों के बढ़ते इस्तेमाल को भी प्रदर्शित करेगा।

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रायपुर में पहली बार भारत-जिम्बाब्वे महिला टी-20 सीरीज, 16 अक्टूबर से शुरू होंगे मुकाबले

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर पहली बार भारत और जिम्बाब्वे की महिला क्रिकेट टीमों के बीच द्विपक्षीय टी-20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज की मेजबानी करने जा रही है। तीन मैचों की इस सीरीज के लिए भारतीय टीम रायपुर पहुंच चुकी है, जबकि जिम्बाब्वे की टीम के 12 अक्टूबर को पहुंचने का कार्यक्रम है। दोनों टीमें मुकाबलों से पहले अभ्यास करेंगी। सीरीज के सभी मैच नवा रायपुर स्थित शहीद वीर नारायण सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में खेले जाएंगे। भारतीय टीम की कमान स्मृति मंधाना संभालेंगी। उन्हें हरमनप्रीत कौर के कप्तानी छोड़ने के बाद सभी प्रारूपों में टीम का नया कप्तान नियुक्त किया गया 16, 18 और 20 अक्टूबर को होंगे मुकाबले भारत और जिम्बाब्वे की महिला टीमों के बीच तीन टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले जाएंगे। सभी मुकाबले शाम 7 बजे शुरू होंगे। तीनों मैच नवा रायपुर के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में आयोजित होंगे। मैचों की तैयारी के लिए बनाई गई स्थानीय समिति मैचों के सफल आयोजन और व्यवस्थाओं की निगरानी के लिए प्रशासन स्तर पर तैयारियां की जा रही हैं। मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय बैठक में तैयारियों की समीक्षा की गई। इसके बाद रायपुर कलेक्टर की अध्यक्षता में स्थानीय सहयोग समिति बनाई गई है। इस समिति में पुलिस, खेल विभाग, परिवहन, लोक निर्माण विभाग, एनआरडीए और छत्तीसगढ़ स्टेट क्रिकेट संघ के अधिकारियों को शामिल किया गया है। ई-टिकट से मिलेगी स्टेडियम में एंट्री दर्शकों के लिए ऑनलाइन टिकट और डिजिटल प्रवेश की व्यवस्था की जा रही है। ई-टिकट के क्यूआर कोड को स्कैन करके स्टेडियम में प्रवेश दिया जाएगा। दर्शकों की सुविधा के लिए स्टेडियम परिसर में वाई-फाई, पार्किंग पास, सीसीटीवी निगरानी, पेयजल और खाने-पीने की व्यवस्था भी की जाएगी। छत्तीसगढ़ स्टेट क्रिकेट संघ के अनुसार, टिकटों की कीमत 250 रुपये से शुरू होगी। ऑनलाइन टिकट बिक्री 12 अक्टूबर शाम 4 बजे से शुरू होने की जानकारी दी गई है। एंबुलेंस, फायर ब्रिगेड और आपातकालीन व्यवस्था रहेगी तैयार मैच के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर भी व्यवस्था की जाएगी। आसपास के अस्पतालों की मैपिंग, स्टेडियम में एंबुलेंस की तैनाती और आपातकालीन स्थिति के लिए विशेष मार्ग निर्धारित करने की योजना है। इसके अलावा फायर ब्रिगेड, बिजली, मोबाइल नेटवर्क और पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए संबंधित विभागों को जिम्मेदारी दी गई है। NGT की रोक के बाद मिली तीन मैचों की अनुमति स्टेडियम में मैच आयोजन को लेकर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) के आदेश के बाद भी चर्चा रही है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, 2 जुलाई 2026 को ट्रिब्यूनल ने संबंधित स्टेडियमों में आगे मैच कराने पर अंतरिम रोक लगाई थी। बाद में भारत-जिम्बाब्वे महिला टी-20 सीरीज के तीन मुकाबलों के आयोजन के लिए अनुमति मिलने की जानकारी सामने आई। इस सीरीज के साथ रायपुर को अंतरराष्ट्रीय महिला क्रिकेट की मेजबानी का अवसर मिलेगा। अब क्रिकेट प्रेमियों की नजरें 16 अक्टूबर को होने वाले पहले मुकाबले पर रहेंगी।

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रायपुर में 13 अक्टूबर को होगा कार्टून फेस्टिवल, CM साय कार्टून बनाकर करेंगे शुभारंभ

रायपुर में 13 अक्टूबर को वार्षिक कार्टून फेस्टिवल का आयोजन किया जाएगा। देश की कार्टून पत्रिका ‘कार्टून वॉच’ अपने प्रकाशन के 31वें वर्ष में प्रवेश करने जा रही है। इस अवसर पर राजधानी के एक निजी होटल में कार्यक्रम आयोजित होगा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे, जबकि विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह कार्यक्रम की अध्यक्षता करेंगे। कार्टून वॉच के संपादक त्रयम्बक शर्मा के अनुसार, मुख्यमंत्री सांकेतिक कार्टून बनाकर फेस्टिवल का उद्घाटन करेंगे। कार्यक्रम में राजनीतिक हस्तियों के साथ वरिष्ठ पत्रकार डॉ. हिमांशु द्विवेदी अतिथि वक्ता के रूप में शामिल होंगे। इसके अलावा पत्रिका से लंबे समय से जुड़े कार्टूनिस्ट और पत्रकार अपने अनुभव साझा करेंगे। जयपुर के कार्टूनिस्ट अभिषेक तिवारी को मिलेगा लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड इस वर्ष कार्टून वॉच का लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड जयपुर के वरिष्ठ कार्टूनिस्ट अभिषेक तिवारी को प्रदान किया जाएगा। यह सम्मान कार्टून कला के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाली हस्तियों को दिया जाता है। इससे पहले यह पुरस्कार बालासाहेब ठाकरे, आर.के. लक्ष्मण, सुधीर तैलंग, आबिद सुरती, प्राण, काक और अजीत नैनन जैसी प्रमुख हस्तियों को मिल चुका है। फेस्टिवल में देश के विभिन्न राज्यों से कार्टूनिस्ट हिस्सा लेंगे। आयोजकों के मुताबिक, रायपुर में हर साल आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम को राज्य सरकार और छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल का सहयोग मिलता है। PM मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पर कैरिकेचर बुक का विमोचन कार्टून वॉच के संपादक त्रयम्बक शर्मा ने बताया कि इस बार पत्रिका की ओर से पहली बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर अखिल भारतीय कैरिकेचर प्रतियोगिता आयोजित की गई। प्रतियोगिता में देशभर के कार्टूनिस्टों ने प्रधानमंत्री के कैरिकेचर तैयार किए। इन कैरिकेचर पर आधारित पुस्तक का विमोचन भी कार्टून फेस्टिवल के दौरान किया जाएगा। कार्टून कला और पत्रकारिता पर साझा होंगे अनुभव कार्यक्रम में कार्टून कला, पत्रकारिता और कार्टून वॉच की यात्रा से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर चर्चा होगी। अलग-अलग राज्यों से आने वाले कार्टूनिस्टों और पत्रकारों को अपने अनुभव साझा करने का अवसर मिलेगा। आयोजकों का उद्देश्य कार्टून कला को प्रोत्साहित करना और व्यंग्य के माध्यम से सामाजिक एवं सार्वजनिक जीवन के विभिन्न पहलुओं को सामने लाना है।

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छत्तीसगढ़ में MBBS की 206 और BDS की 225 सीटें खाली, 15 अक्टूबर तक प्रवेश का मौका

छत्तीसगढ़ में NEET UG काउंसिलिंग के तीसरे चरण यानी मॉप-अप राउंड की सीट आवंटन सूची जारी कर दी गई है। इस चरण में प्रदेश के मेडिकल और डेंटल कॉलेजों की कुल 431 सीटें खाली हैं। इनमें MBBS की 206 और BDS की 225 सीटें शामिल हैं। सीट आवंटित होने वाले अभ्यर्थियों को 15 अक्टूबर तक प्रवेश की सभी जरूरी प्रक्रियाएं पूरी करनी होंगी। निर्धारित समय में दस्तावेजों का सत्यापन और कॉलेज में प्रवेश नहीं लेने पर अभ्यर्थी एडमिशन के अवसर से चूक सकते हैं। 15 अक्टूबर शाम 5 बजे तक पूरी करनी होगी प्रवेश प्रक्रिया मॉप-अप राउंड के तहत आवंटित सीटों पर प्रवेश प्रक्रिया 12 अक्टूबर सुबह 10 बजे से शुरू हो चुकी है। अभ्यर्थियों को दस्तावेज सत्यापन के लिए 15 अक्टूबर शाम 4 बजे तक का समय दिया गया है। वहीं, संबंधित कॉलेज में प्रवेश की अंतिम समय-सीमा शाम 5 बजे निर्धारित की गई है। अभ्यर्थियों को तय सत्यापन केंद्र पर स्वयं उपस्थित होकर आवश्यक दस्तावेजों की जांच करानी होगी। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, अवकाश के दिनों में भी संबंधित केंद्रों पर प्रवेश प्रक्रिया जारी रहेगी। सरकारी और निजी कॉलेजों के लिए अलग-अलग सत्यापन केंद्र सरकारी मेडिकल और डेंटल कॉलेजों में सीट पाने वाले अभ्यर्थियों के दस्तावेजों का सत्यापन संबंधित कॉलेज में किया जाएगा। निजी मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश के लिए आवंटित अभ्यर्थियों को दस्तावेज सत्यापन हेतु नवा रायपुर के उपरवारा स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय स्मृति स्वास्थ्य विज्ञान एवं आयुष विश्वविद्यालय के शिक्षक प्रशिक्षण संस्थान भवन में पहुंचना होगा। वहीं, निजी डेंटल कॉलेजों में सीट पाने वाले अभ्यर्थियों के दस्तावेजों की जांच शासकीय दंत चिकित्सा महाविद्यालय, रायपुर में की जाएगी। एडमिशन नहीं लेने या सीट छोड़ने पर हो सकती है कार्रवाई सीट आवंटित होने के बाद प्रवेश नहीं लेने अथवा एडमिशन के बाद सीट छोड़ने पर निर्धारित नियमों के तहत अभ्यर्थी की सिक्योरिटी या पंजीयन राशि जब्त की जा सकती है। इसके साथ ही, ऐसे अभ्यर्थियों को चालू शैक्षणिक सत्र की आगे की काउंसिलिंग प्रक्रिया में शामिल होने से भी रोका जा सकता है। इसलिए अभ्यर्थियों को सलाह दी गई है कि वे सीट आवंटन से संबंधित नियमों, दस्तावेज सत्यापन और प्रवेश की समय-सीमा का ध्यान रखें। आधिकारिक वेबसाइट पर मिलेगी पूरी जानकारी काउंसिलिंग प्रक्रिया, दस्तावेज सत्यापन केंद्र और प्रवेश से जुड़े दिशा-निर्देशों की जानकारी के लिए अभ्यर्थी चिकित्सा शिक्षा संचालनालय की आधिकारिक वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं। आधिकारिक वेबसाइट: https://cgdme.admissions.nic.in/

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ITSA अस्पताल में सड़क सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम, 150 से अधिक लोगों को यातायात नियमों की दी गई जानकारी

रायपुर। सड़क दुर्घटनाओं को रोकने और लोगों को सुरक्षित यातायात व्यवहार के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से ITSA अस्पताल में सड़क सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें 150 से अधिक लोगों ने हिस्सा लिया और यातायात नियमों के पालन की आवश्यकता के बारे में जानकारी प्राप्त की। कार्यक्रम में सहायक पुलिस आयुक्त (यातायात) श्रीमती सीमा अहिरवार ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि सड़क सुरक्षा सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। प्रत्येक व्यक्ति को वाहन चलाते समय अपनी सुरक्षा के साथ-साथ सड़क पर चलने वाले अन्य लोगों की सुरक्षा का भी ध्यान रखना चाहिए। हेलमेट, सीट बेल्ट और गति सीमा पर जोर कार्यक्रम के दौरान लोगों को दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट पहनने, चारपहिया वाहन में सीट बेल्ट लगाने, वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का इस्तेमाल नहीं करने और निर्धारित गति सीमा का पालन करने की समझाइश दी गई। इन नियमों का पालन सड़क दुर्घटनाओं के जोखिम को कम करने में महत्वपूर्ण माना गया। ITSA निदेशक ने की नियमों के पालन की अपील ITSA अस्पताल के निदेशक सुनील बलानी ने लोगों से सुरक्षित यातायात व्यवहार को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने और यातायात नियमों का जिम्मेदारीपूर्वक पालन करने की अपील की। इस जागरूकता कार्यक्रम में सुरक्षित भवः फाउंडेशन के सदस्यों के साथ ITSA अस्पताल के पदाधिकारियों और कर्मचारियों ने भी भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य लोगों में सड़क सुरक्षा के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करना और सुरक्षित यातायात व्यवहार को बढ़ावा देना रहा।

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रायपुर के प्रयास विद्यालय में यातायात और साइबर सुरक्षा पर जागरूकता कार्यक्रम, 300 विद्यार्थियों ने लिया हिस्सा

रायपुर। पुलिस कमिश्नरेट रायपुर की ओर से सड्डू स्थित प्रयास विद्यालय में यातायात नियमों और साइबर सुरक्षा को लेकर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में करीब 300 विद्यार्थियों को सड़क सुरक्षा, यातायात नियमों के पालन और ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचने के उपायों की जानकारी दी गई। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में एसीपी ट्रैफिक सीमा अहिरवार उपस्थित रहीं। उन्होंने विद्यार्थियों को यातायात नियमों का पालन करने और सड़क पर सुरक्षित व्यवहार अपनाने की समझाइश दी। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। विद्यार्थियों को अपने परिवार और आसपास के लोगों को भी यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने के लिए प्रेरित किया गया। साइबर अपराधों से बचाव के बताए तरीके कार्यक्रम में साइबर सुरक्षा को लेकर भी जानकारी दी गई। विद्यार्थियों को सोशल मीडिया का जिम्मेदारी से इस्तेमाल करने, अनजान लिंक पर क्लिक करने से बचने और फर्जी कॉल व संदेशों के प्रति सतर्क रहने की सलाह दी गई। साथ ही, पासवर्ड, ओटीपी और निजी जानकारी किसी के साथ साझा नहीं करने के महत्व को समझाया गया। चित्रकला प्रतियोगिता के विजेता सम्मानित जागरूकता कार्यक्रम के तहत यातायात और साइबर सुरक्षा विषय पर चित्रकला प्रतियोगिता भी आयोजित की गई। प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को प्रथम, द्वितीय और तृतीय पुरस्कार के साथ सांत्वना पुरस्कार प्रदान किए गए। विद्यार्थियों ने अपनी कलाकृतियों के माध्यम से सड़क सुरक्षा और साइबर अपराधों से बचाव के संदेश प्रस्तुत किए। पुलिस कमिश्नरेट रायपुर के इस कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में यातायात नियमों के प्रति जिम्मेदारी बढ़ाना, साइबर अपराधों से बचाव के लिए जागरूक करना और उन्हें सुरक्षित एवं जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रेरित करना रहा।

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रायपुर में उर्स के दौरान पुलिस की कार्रवाई, 11 चाकू और 350 से ज्यादा धातु के कड़े जब्त

रायपुर। बंजारी दरगाह में उर्स कार्यक्रम के दौरान रायपुर पुलिस ने संदिग्ध व्यक्तियों की जांच कर 11 चाकू और 350 से अधिक धातु के कड़े जब्त किए हैं। पुलिस के मुताबिक, अभियान के दौरान करीब 50 संदिग्ध व्यक्तियों को थाने लाकर पूछताछ और जांच की गई। इनमें से एक व्यक्ति के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर गिरफ्तारी की गई, जबकि 9 लोगों के विरुद्ध प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की गई है। रायपुर पुलिस कमिश्नरेट के डीसीपी सेंट्रल जोन तारकेश्वर पटेल के निर्देश और एडिशनल डीसीपी विवेक शुक्ला के पर्यवेक्षण में यह कार्रवाई की गई। पुलिस ने बताया कि उर्स के दौरान शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने तथा अवैध हथियारों की धरपकड़ के उद्देश्य से संदल और चादर जुलूस में शामिल संदिग्ध व्यक्तियों की चेकिंग की गई। 45 किलोग्राम के करीब धातु के कड़े जब्त पुलिस के अनुसार, कार्रवाई के दौरान हाथ में पहनने वाले 350 से अधिक धातु के कड़े जब्त किए गए हैं। इनका कुल वजन लगभग 45 किलोग्राम बताया गया है। इसके साथ ही 11 चाकू भी बरामद किए गए। आर्म्स एक्ट के दायरे में आने वाले मामले में अपराध दर्ज कर एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है। 9 लोगों के खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई पुलिस ने बताया कि जांच के दौरान 9 व्यक्तियों के खिलाफ भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 170, 126 और 135(3) के तहत प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की गई। सभी 9 व्यक्तियों को विशेष कार्यपालक मजिस्ट्रेट, सिटी कोतवाली के समक्ष पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में भेजे जाने की जानकारी पुलिस ने दी है। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अभियान रायपुर पुलिस के मुताबिक, अवैध हथियार रखने वालों, संदिग्ध गतिविधियों में शामिल व्यक्तियों और असामाजिक तत्वों के खिलाफ लगातार जांच और कार्रवाई की जा रही है। उर्स के दौरान चलाए गए इस अभियान का उद्देश्य क्षेत्र में शांति बनाए रखना और किसी भी अप्रिय घटना को रोकना था।

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बिश्रामपुर में मां-बेटे की संदिग्ध मौत से सनसनी, अलग-अलग जगह मिले दोनों के शव; हत्या की आशंका

छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले के बिश्रामपुर क्षेत्र में मां-बेटे की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। कालीघाट के पास कक्षा 12वीं के छात्र का शव मिलने के बाद पुलिस जब उसके घर पहुंची, तो वहां उसकी मां मृत अवस्था में मिलीं। एक ही परिवार के दो सदस्यों की मौत से इलाके में सनसनी फैल गई है। मामले में हत्या की आशंका जताई जा रही है, हालांकि मौत के वास्तविक कारणों की आधिकारिक पुष्टि जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही हो सकेगी। जानकारी के अनुसार, बिश्रामपुर के कॉन्वेंट स्कूल में कक्षा 12वीं में पढ़ने वाले छात्र सुजल बरेठ का शव कालीघाट के पास मिला था। पुलिस ने शव की पहचान होने के बाद छात्र के ममता कॉलोनी स्थित घर पहुंचकर जांच शुरू की। घर में उसकी मां रजनी बरेठ से संपर्क नहीं हो पाने और परिस्थितियां संदिग्ध लगने पर दरवाजे का ताला तोड़ा गया। अंदर उनकी लाश मिली। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने जांच तेज कर दी है। घटनास्थल पर फोरेंसिक टीम और डॉग स्क्वॉड को बुलाया गया। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, दोनों शवों पर चोट के निशान मिलने की बात सामने आई है। ऐसे में पुलिस हत्या समेत विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। रजनी बरेठ ग्राम बेलटिकरी में शासकीय शिक्षिका के पद पर कार्यरत थीं। बताया गया है कि वह तलाकशुदा थीं और अपने इकलौते बेटे सुजल के साथ रहती थीं। जांच के दौरान पुलिस ने महिला का मोबाइल फोन भी जब्त किया है। वहीं, मृतिका के पूर्व पति से पूछताछ किए जाने की जानकारी सामने आई है। इसके अलावा, घटनास्थल से दूर स्कूटी मिलने की बात भी मामले को कई सवालों से जोड़ रही है। पुलिस उपलब्ध साक्ष्यों, मोबाइल की जांच और अन्य तथ्यों के आधार पर घटनाक्रम का पता लगाने में जुटी है। मां-बेटे की मौत किन परिस्थितियों में हुई? क्या दोनों घटनाओं के बीच कोई संबंध है? और घटनास्थल से दूर मिली स्कूटी इस मामले में क्या अहम सुराग दे सकती है? फिलहाल इन सवालों के जवाब सामने आना बाकी है। बाइट: योगेश देवांगन, एडिशनल एसपी, सूरजपुर पुलिस जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही मौत के कारणों तथा घटना से जुड़े अन्य तथ्यों की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

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रायपुर में प्रतिबंधित नशीली कफ सिरप के साथ दो आरोपी गिरफ्तार, 28 सिरप बरामद

रायपुर। नशीली दवाइयों के अवैध कारोबार के खिलाफ रायपुर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक आरोपियों के कब्जे से 28 नग प्रतिबंधित नशीली कफ सिरप बरामद की गई है, जिसकी कुल कीमत 5,642 रुपये बताई गई है। पुलिस के अनुसार 5 अक्टूबर को सूचना मिली थी कि दो व्यक्ति शास्त्री बाजार रोड से लोहार गली होते हुए मोतीबाग चौक की ओर एक मोपेड से प्रतिबंधित नशीली कफ सिरप लेकर जा रहे हैं। सूचना के आधार पर एंटी नारकोटिक टास्क फोर्स, एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट और गोलबाजार थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए दोनों को पकड़ा। पूछताछ में आरोपियों की पहचान सूरज श्रीवास और मोहम्मद आरिफ के रूप में हुई। तलाशी के दौरान उनके पास से Codeine Phosphate Triprolidine Syrup बरामद की गई। पुलिस का कहना है कि सिरप रखने और बिक्री से संबंधित वैध दस्तावेज आरोपियों के पास नहीं थे। पुलिस ने दोनों आरोपियों के कब्जे से 100 एमएल की 28 नग ONEREX Cough Syrup बरामद की। इसके अलावा एक NTORQ मोपेड और दो मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं। जब्त सामान की कुल कीमत करीब 70 हजार रुपये बताई गई है। मामले में गोलबाजार थाने में अपराध क्रमांक 139/2026 के तहत NDPS एक्ट की धारा 21(सी) में अपराध दर्ज कर आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस अब प्रतिबंधित दवाइयों के स्रोत, सप्लाई नेटवर्क और इस कारोबार से जुड़े अन्य लोगों के बारे में जांच कर रही है। गिरफ्तार आरोपी:

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दुर्ग में स्कूल सफाई कर्मचारियों ने खोला मोर्चा, शिक्षा मंत्री के घेराव का ऐलान

छत्तीसगढ़ में अंशकालिक स्कूल सफाई कर्मचारियों का आंदोलन एक बार फिर तेज होता नजर आ रहा है। अंश-स्कूल सफाई कर्मचारी संघ ने शिक्षा मंत्री पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए आज दुर्ग में उनके निवास का घेराव करने का ऐलान किया है। संघ ने चेतावनी दी है कि 15 दिन के भीतर मांगें पूरी नहीं हुईं तो नया रायपुर में मंत्रालय और संचालनालय का घेराव कर अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की जाएगी। VO-1:संघ के मुताबिक छत्तीसगढ़ के सरकारी स्कूलों में करीब 43 हजार 301 अंशकालिक सफाई कर्मचारी पिछले 15 से 16 वर्षों से काम कर रहे हैं। नियमानुसार इनका कार्य समय करीब दो घंटे प्रतिदिन है और उन्हें 3 से साढ़े 3 हजार रुपये तक मासिक मानदेय दिया जाता है। कर्मचारियों का कहना है कि कई स्कूलों में भृत्य और चपरासी के पद खाली होने के कारण उनसे सफाई के अलावा स्कूल के दूसरे काम भी कराए जाते हैं। संघ का दावा है कि लंबे समय से काम करने के बावजूद उनकी मांगों पर सरकार की ओर से अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है। VO-2:संघ के अनुसार, 15 जून 2025 से कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की थी। उस दौरान शिक्षा मंत्री की ओर से मानदेय बढ़ाने और हड़ताल अवधि का मानदेय देने का आश्वासन मिलने के बाद 12 सितंबर 2025 को आंदोलन स्थगित कर दिया गया था। अब संघ का आरोप है कि आश्वासन के बावजूद उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं। इसी को लेकर कर्मचारियों ने दोबारा आंदोलन तेज करने का फैसला लिया है। बाइट: संतोष खांडेकर, प्रांत अध्यक्ष, स्कूल सफाई कर्मचारी संघ VO-3:वहीं, स्कूल सफाई कर्मचारियों के आंदोलन के समर्थन में दुर्ग के पूर्व विधायक अरुण वोरा भी धरना स्थल पहुंचे। उन्होंने कर्मचारियों की मांगों को जायज बताते हुए राज्य सरकार से उनकी समस्याओं का समाधान करने और मांगों पर जल्द निर्णय लेने की मांग की।

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