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रायपुर में हनुमान मंदिर तोड़ने पर बवाल, निगम कार्रवाई के विरोध में जोन कार्यालय पहुंचे लोग; पार्षद के खिलाफ नारेबाजी

रायपुर के कांपा-मोवा क्षेत्र में वर्षों पुराने हनुमान मंदिर को नगर निगम द्वारा हटाए जाने को लेकर विवाद बढ़ गया है। मंदिर हटाने की कार्रवाई के विरोध में स्थानीय नागरिकों, कांग्रेस कार्यकर्ताओं और अन्य राजनीतिक दलों से जुड़े लोगों ने नगर निगम जोन कार्यालय पहुंचकर प्रदर्शन शुरू कर दिया है। प्रदर्शन कर रहे लोगों ने मंदिर हटाने की कार्रवाई का विरोध जताते हुए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की है। इस दौरान कुछ लोगों ने स्थानीय वार्ड पार्षद के खिलाफ नारेबाजी भी की। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह मंदिर लंबे समय से क्षेत्र के लोगों की आस्था का केंद्र रहा है। अचानक की गई कार्रवाई से लोगों में नाराजगी है और वे मंदिर को लेकर प्रशासन से पुनर्विचार की मांग कर रहे हैं। फिलहाल नगर निगम जोन कार्यालय में विरोध प्रदर्शन जारी है। मौके पर स्थिति को देखते हुए प्रशासन और पुलिस की निगरानी बनी हुई है।

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रायपुर: उरला के स्कूल में पुलिस का जागरूकता अभियान, छात्रों को नए कानून, साइबर सुरक्षा और महिला सुरक्षा की दी जानकारी

रायपुर के उरला स्थित रायपुर पब्लिक स्कूल में पुलिस कमिश्नरेट की ओर से “संवाद से समाधान” जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों, महिलाओं और विद्यालय स्टाफ को नए आपराधिक कानूनों, साइबर अपराधों से बचाव, महिला सुरक्षा और कमिश्नरेट पुलिस प्रणाली की जानकारी देना था। इस कार्यक्रम में 150 से अधिक छात्र-छात्राओं, महिलाओं और स्कूल स्टाफ ने भाग लिया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उत्तर जोन की डीसीपी दीपमाला कश्यप मौजूद रहीं। उन्होंने सरल भाषा में भारतीय न्याय संहिता (BNS), भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) और भारतीय साक्ष्य अधिनियम के प्रमुख प्रावधानों की जानकारी दी। साथ ही उन्होंने बताया कि नए कानून आम नागरिकों को तेज और प्रभावी न्याय दिलाने के उद्देश्य से लागू किए गए हैं। डीसीपी ने विद्यार्थियों को साइबर अपराधों के बढ़ते मामलों को देखते हुए ऑनलाइन सुरक्षा के प्रति सतर्क रहने की सलाह दी। उन्होंने फर्जी लिंक, ओटीपी फ्रॉड, फिशिंग, डिजिटल अरेस्ट, साइबर बुलिंग, ऑनलाइन गेमिंग से जुड़े जोखिम और सोशल मीडिया के दुष्प्रभावों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। छात्रों को अपनी निजी जानकारी किसी के साथ साझा नहीं करने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत शिकायत करने की अपील भी की गई। कार्यक्रम के दौरान पुलिस कमिश्नरेट प्रणाली की कार्यप्रणाली और उसके लाभों के बारे में भी जानकारी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि नई व्यवस्था के तहत कानून-व्यवस्था को अधिक प्रभावी, तेज और जनहितकारी बनाया गया है, जिससे लोगों को बेहतर पुलिस सेवाएं मिल रही हैं। महिला सुरक्षा पर विशेष सत्र आयोजित कर बालिकाओं और महिलाओं को उनके कानूनी अधिकारों, महिला संबंधी अपराधों के नए कानूनी प्रावधानों, शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया और पुलिस द्वारा उपलब्ध सहायता के बारे में जानकारी दी गई। पुलिस ने उपस्थित लोगों को विभिन्न आपातकालीन हेल्पलाइन नंबरों की भी जानकारी दी, जिनमें 1930 (साइबर क्राइम), 181 (महिला हेल्पलाइन), 1098 (चाइल्ड हेल्पलाइन), 112 (आपातकालीन सेवा) और पिंक पेट्रोलिंग यूनिट का हेल्पलाइन एवं व्हाट्सएप नंबर शामिल है। कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों ने कानून, साइबर सुरक्षा और पुलिस व्यवस्था से जुड़े सवाल पूछे, जिनका अधिकारियों ने सरल और व्यवहारिक तरीके से जवाब दिया। उरला थाना पुलिस ने सभी से नए कानूनों का पालन करने, सोशल मीडिया का जिम्मेदारीपूर्वक उपयोग करने और किसी भी अपराध की सूचना तत्काल पुलिस या संबंधित हेल्पलाइन पर देने की अपील की। अधिकारियों ने कहा कि जागरूक नागरिक ही सुरक्षित समाज की सबसे बड़ी ताकत होते हैं।

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बिलासपुर में नकली (एनालॉग) पनीर पर सख्ती, होटल-रेस्टोरेंट संचालकों को प्रशासन की चेतावनी

बिलासपुर में प्रतिबंधित एनालॉग (नकली) पनीर के निर्माण, भंडारण, बिक्री और उपयोग पर रोक को सख्ती से लागू करने के लिए खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने अभियान तेज कर दिया है। रविवार को जिले के होटल और रेस्टोरेंट संचालकों की बैठक आयोजित कर उन्हें स्पष्ट निर्देश दिए गए कि किसी भी स्थिति में एनालॉग पनीर का उपयोग या कारोबार न करें। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन के आयुक्त के निर्देश पर प्रदेशभर में इस अभियान को चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में बिलासपुर में अधिकारियों ने होटल और रेस्टोरेंट संचालकों को बताया कि प्रतिबंधित पनीर की खरीद, बिक्री, भंडारण और उपयोग पूरी तरह प्रतिबंधित है। यदि किसी प्रतिष्ठान में इसका उपयोग पाया गया तो खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने व्यापारियों से अपील की कि वे केवल प्रमाणित और गुणवत्तायुक्त पनीर ही खरीदें तथा अपने सप्लायरों की भी जांच करें। उनका कहना है कि जब तक बाजार में इसकी सप्लाई पूरी तरह बंद नहीं होगी, तब तक इस पर प्रभावी रोक लगाना संभव नहीं होगा। बैठक के दौरान होटल और रेस्टोरेंट संचालकों को स्वच्छता, खाद्य पदार्थों के सुरक्षित भंडारण, गुणवत्ता बनाए रखने, लाइसेंस संबंधी नियमों और खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन करने के निर्देश भी दिए गए। विभाग ने साफ किया कि समय-समय पर निरीक्षण जारी रहेगा और किसी भी प्रकार की लापरवाही मिलने पर कार्रवाई की जाएगी। बैठक के बाद खाद्य एवं औषधि प्रशासन की टीम ने शहर के कई होटल, रेस्टोरेंट और खाद्य प्रतिष्ठानों में औचक निरीक्षण किया। जांच के दौरान विशेष रूप से एनालॉग पनीर की उपलब्धता की पड़ताल की गई। विभाग के अनुसार फिलहाल किसी भी प्रतिष्ठान में प्रतिबंधित पनीर नहीं मिला, लेकिन आगे भी नियमित जांच जारी रहेगी। प्रशासन ने आम लोगों से भी सहयोग की अपील की है। यदि किसी होटल, रेस्टोरेंट, डेयरी या अन्य प्रतिष्ठान में एनालॉग पनीर का निर्माण, बिक्री, भंडारण या उपयोग होता दिखाई दे तो इसकी शिकायत विभाग की आधिकारिक वेबसाइट, हेल्पलाइन नंबर 9340597097 या संबंधित कार्यालय में की जा सकती है। जिला खाद्य एवं औषधि अधिकारी आर.आर. देवांगन ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा एनालॉग पनीर पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है। सभी खाद्य कारोबारियों को इसके उपयोग और कारोबार पर तत्काल रोक लगाने के निर्देश दिए गए हैं। नियमों का उल्लंघन करने वालों पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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रायपुर ग्रामीण पुलिस का विशेष अभियान: 600 से अधिक किरायेदारों का सत्यापन, 6 संदिग्धों से पूछताछ

रायपुर। रायपुर ग्रामीण पुलिस ने क्षेत्र में अवैध प्रवासियों और किरायेदारों के सत्यापन के लिए विशेष अभियान चलाया। अभियान के दौरान 600 से अधिक किरायेदारों के दस्तावेजों की जांच की गई, जबकि 6 संदिग्ध व्यक्तियों से विस्तृत पूछताछ कर उनका सत्यापन किया गया। पुलिस अधीक्षक रायपुर (ग्रामीण) श्रीमती श्वेता श्रीवास्तव सिन्हा के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) अभिषेक झा और अनुविभागीय अधिकारी पुलिस (माना) लम्बोदर पटेल के मार्गदर्शन में थाना सिलतरा पुलिस ने यह कार्रवाई की। अभियान के तहत औद्योगिक क्षेत्र में रहने वाले श्रमिकों, किरायेदारों तथा अन्य राज्यों से आकर निवास और कार्य कर रहे लोगों के पहचान पत्रों और दस्तावेजों की जांच की गई। साथ ही आवश्यक जानकारी एकत्र कर उनका सत्यापन किया गया। विशेष जांच के दौरान सांकरा स्थित जे.के. वीडियो हॉल परिसर में लगभग 600 किरायेदारों का भौतिक सत्यापन किया गया। इस दौरान मकान मालिकों और प्रबंधन को निर्देश दिए गए कि बिना पुलिस सत्यापन किसी भी व्यक्ति को किराये पर कमरा या आवास उपलब्ध न कराएं। साथ ही बाहरी व्यक्तियों की जानकारी समय-समय पर पुलिस को उपलब्ध कराने को कहा गया। जांच के दौरान 6 संदिग्ध व्यक्तियों की विशेष तस्दीक की गई। उनसे पूछताछ कर आवश्यक जानकारी जुटाई गई है और मामले में वैधानिक प्रक्रिया के तहत आगे की जांच जारी है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) अभिषेक झा ने बताया कि राष्ट्रीय सुरक्षा, अपराधों की रोकथाम और कानून व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से अवैध प्रवासियों एवं किरायेदारों का सत्यापन अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा। उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि की जानकारी तत्काल रायपुर ग्रामीण पुलिस के टोल फ्री नंबर 1800-233-1905 पर दें, ताकि आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा सके। रायपुर ग्रामीण पुलिस ने नागरिकों से अपने यहां रहने वाले सभी किरायेदारों का पुलिस सत्यापन कराने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को देने की अपील की है।

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त्योहारी सीजन से पहले चीनी पर सख्ती, स्टॉक सीमा तय होने के बाद बढ़े दाम

त्योहारी सीजन से पहले चीनी की उपलब्धता बनाए रखने और जमाखोरी पर रोक लगाने के लिए केंद्र सरकार ने चीनी के भंडारण पर नई सीमा लागू कर दी है। 1 अगस्त से 30 नवंबर 2026 तक कोई भी व्यापारी एक स्थान पर 4 हजार क्विंटल से अधिक चीनी का स्टॉक नहीं रख सकेगा। साथ ही प्रत्येक व्यापारी को खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग के फूड स्टॉक मॉनिटरिंग पोर्टल पर पंजीयन कर हर सप्ताह उपलब्ध स्टॉक की जानकारी ऑनलाइन देनी होगी। बिलासपुर में इस आदेश के बाद चीनी की खुदरा कीमतों में बढ़ोतरी देखने को मिली है। कुछ दिनों पहले तक लगभग 45 रुपये प्रति किलो बिकने वाली चीनी अब कई बाजारों में 50 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई है। हालांकि सरकार का कहना है कि देश में चीनी की पर्याप्त उपलब्धता है और कृत्रिम कमी या जमाखोरी की किसी भी कोशिश पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। खाद्य विभाग ने व्यापारियों, स्टॉकिस्ट, आयातकों और मिल संचालकों को नए नियमों का पालन करने के निर्देश दिए हैं। निर्धारित सीमा से अधिक स्टॉक मिलने पर आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 के तहत कार्रवाई की जाएगी। विभाग नियमित निरीक्षण के जरिए नियमों के पालन की निगरानी करेगा।

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CGPSC भर्ती घोटाले में जांच तेज, पूर्व अध्यक्ष टामन सोनवानी न्यायिक हिरासत में

छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) भर्ती घोटाले की जांच में नया मोड़ आया है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने पूर्व अध्यक्ष टामन सोनवानी को विशेष अदालत में पेश किया, जहां से उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। अब जांच एजेंसी कथित मनी लॉन्ड्रिंग, वित्तीय लेन-देन और मनी ट्रेल से जुड़े पहलुओं की विस्तृत जांच करेगी। इससे पहले केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने इस मामले में टामन सोनवानी और एक कारोबारी को गिरफ्तार किया था। जांच एजेंसी का दावा है कि भर्ती प्रक्रिया के दौरान कुछ अभ्यर्थियों तक परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र पहुंचाया गया। आरोप है कि इस प्रक्रिया में सरकारी आवास और अन्य माध्यमों का इस्तेमाल किया गया। इन आरोपों की जांच अभी जारी है और अदालत में इनका परीक्षण होना बाकी है। CGPSC की 2021 राज्य सेवा परीक्षा के तहत 171 पदों पर भर्ती की गई थी। अंतिम चयन सूची जारी होने के बाद चयन प्रक्रिया में अनियमितता, पक्षपात और प्रभावशाली लोगों को लाभ पहुंचाने के आरोप लगे थे। मामले की जांच अब CBI और ED दोनों एजेंसियां अलग-अलग पहलुओं से कर रही हैं। आने वाले दिनों में कई लोगों को पूछताछ के लिए नोटिस जारी किए जाने की संभावना है।

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महंगे बिजली बिल और स्मार्ट मीटर को लेकर कांग्रेस का राज्यव्यापी विरोध अभियान शुरू

छत्तीसगढ़ में बिजली बिलों में बढ़ोतरी, स्मार्ट मीटर और बिजली दरों को लेकर कांग्रेस ने राज्यभर में तीन दिवसीय विरोध अभियान की शुरुआत की है। अभियान के पहले दिन सभी जिला मुख्यालयों में जिला कांग्रेस अध्यक्ष मीडिया से बातचीत कर पार्टी का पक्ष रखेंगे और सरकार की बिजली नीति पर सवाल उठाएंगे। दूसरे दिन कांग्रेस कार्यकर्ता विभिन्न क्षेत्रों में घर-घर जाकर उपभोक्ताओं से संपर्क करेंगे। इस दौरान महंगे बिजली बिल और स्मार्ट मीटर से जुड़ी शिकायतों के आवेदन भी एकत्र किए जाएंगे। अभियान के अंतिम दिन 3 अगस्त को रायपुर में मुख्यमंत्री निवास के बाहर प्रदर्शन किया जाएगा, जिसमें प्रदेश के अलग-अलग जिलों से कार्यकर्ताओं के शामिल होने की संभावना है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज का कहना है कि बिजली उपभोक्ताओं को बढ़े हुए बिल और स्मार्ट मीटर से जुड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। पार्टी का उद्देश्य इन मुद्दों को व्यापक स्तर पर उठाकर सरकार तक लोगों की शिकायतें पहुंचाना है।

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मेकाहारा में फायर सेफ्टी सिस्टम पर सवाल: AC ब्लास्ट से आग, स्प्रिंकलर नहीं चला; धुएं से मचा हड़कंप

मेकाहारा अस्पताल में आग के बाद फायर सेफ्टी व्यवस्था पर उठे सवाल रायपुर के डॉ. भीमराव अंबेडकर अस्पताल (मेकाहारा) के मेडिसिन इमरजेंसी वार्ड में मंगलवार दोपहर एसी में खराबी के चलते आग लग गई। घटना के बाद फॉल सीलिंग और प्लास्टिक सामग्री के जलने से कुछ ही समय में पूरे वार्ड में धुआं भर गया। मरीजों और उनके परिजनों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सबसे बड़ी चिंता की बात यह रही कि अस्पताल में लगाए गए फायर फाइटिंग सिस्टम और स्प्रिंकलर सिस्टम जरूरत के समय सक्रिय नहीं हुए। धुआं निकालने के लिए कर्मचारियों को कूलर और अन्य संसाधनों का सहारा लेना पड़ा। AC से निकला धुआं, फिर लगी आग प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार मेडिसिन इमरजेंसी वार्ड में लगे एसी से अचानक धुआं निकलना शुरू हुआ। कुछ देर बाद तेज आवाज के साथ आग भड़क गई। बताया जा रहा है कि एसी के आसपास लगी प्लास्टिक सामग्री और फॉल सीलिंग ने आग को तेजी से फैलाने का काम किया। हालांकि आग लगने की वास्तविक वजह का पता जांच रिपोर्ट आने के बाद ही चल पाएगा। डॉक्टरों और कर्मचारियों ने किया मरीजों का रेस्क्यू आग लगने के बाद अस्पताल के डॉक्टरों, नर्सों और कर्मचारियों ने तुरंत मोर्चा संभाला। वार्ड में भर्ती मरीजों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। ऑक्सीजन पाइपलाइन को देखते हुए सबसे पहले ऑक्सीजन सप्लाई बंद की गई, इसके बाद गंभीर मरीजों को दूसरे वार्ड और ICU में शिफ्ट किया गया। रेस्क्यू के दौरान कई डॉक्टर और कर्मचारी धुएं की चपेट में आए, जिससे उन्हें सांस लेने में परेशानी हुई। स्प्रिंकलर सिस्टम नहीं चला, फायर सेफ्टी पर सवाल घटना के दौरान अस्पताल में लगे स्प्रिंकलर सिस्टम के काम नहीं करने की बात सामने आई है। वहीं धुआं बाहर निकालने के लिए हाई कैपेसिटी स्मोक एग्जॉस्ट सिस्टम उपलब्ध नहीं होने की भी जानकारी मिली। कर्मचारियों ने कूलर लगाकर धुआं बाहर निकालने का प्रयास किया। देर शाम तक वार्ड और आसपास के क्षेत्र में जले हुए प्लास्टिक की गंध बनी रही। कई फायर एक्सटिंग्विशर की वैधता पर सवाल ग्राउंड रिपोर्ट में अस्पताल के कुछ हिस्सों में ऐसे फायर एक्सटिंग्विशर मिलने की बात सामने आई, जिनकी रिफिलिंग अवधि समाप्त हो चुकी थी। इससे अस्पताल की अग्नि सुरक्षा व्यवस्था और नियमित मेंटेनेंस को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। अब जांच का विषय यह है कि अस्पताल में लगे फायर सिस्टम का समय पर निरीक्षण और रखरखाव किया गया था या नहीं। SDRF ने दिए सुरक्षा सुधार के निर्देश फायर अधिकारियों ने अस्पताल प्रबंधन को फायर सेफ्टी व्यवस्था मजबूत करने की सलाह दी है। अधिकारियों का कहना है कि फॉल सीलिंग और प्लास्टिक सामग्री आग लगने की स्थिति में तेजी से जलती है और ज्यादा धुआं पैदा करती है। अस्पताल प्रबंधन ने कहा- कोई जनहानि नहीं अस्पताल अधीक्षक डॉ. संतोष सोनवानी ने बताया कि आग पर समय रहते नियंत्रण पा लिया गया। सभी मरीजों, उनके परिजनों और स्टाफ को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। प्रभावित वार्ड की व्यवस्था दूसरे स्थान पर की गई है। पहले भी हो चुकी है आग की घटना मेकाहारा अस्पताल में आग लगने की यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले नवंबर 2024 में भी ट्रॉमा ऑपरेशन थिएटर परिसर में आग लगी थी। उस घटना में शॉर्ट सर्किट के कारण उपकरण और मशीनें प्रभावित हुई थीं। पुरानी घटनाओं के बावजूद फायर सेफ्टी सिस्टम में पर्याप्त सुधार नहीं होने के आरोप एक बार फिर सामने आए हैं। अब इस घटना के बाद अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की मांग उठ रही है।

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बिलासपुर में 50 ई-बसों के रूट पर जनता की राय लेगा निगम, यात्रियों के सुझाव से तय होगा नया रूट प्लान

बिलासपुर। प्रधानमंत्री ई-बस सेवा शुरू होने से पहले बिलासपुर में इलेक्ट्रिक बसों के रूट तय करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। शहर में चलने वाली 50 ई-बसों के संचालन को लेकर अब यात्रियों और आम नागरिकों से सुझाव मांगे जा रहे हैं, ताकि लोगों की जरूरत और आवागमन के आधार पर बेहतर रूट तैयार किया जा सके। बिलासपुर जिला अर्बन पब्लिक सर्विस सोसाइटी ने छात्र-छात्राओं, नौकरीपेशा लोगों, व्यापारियों और विभिन्न संस्थानों से जुड़े लोगों से राय मांगी है। अधिकारियों का कहना है कि जिन मार्गों पर रोजाना अधिक संख्या में लोगों का आना-जाना होता है, उन रूटों को प्राथमिकता दी जाएगी। ई-बसों के रूट तय करते समय विश्वविद्यालय, कॉलेज, स्कूल, औद्योगिक क्षेत्र, बड़े व्यावसायिक प्रतिष्ठान और सरकारी-निजी कार्यालयों को जोड़ने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। आसपास के गांवों और कस्बों से रोज शहर आने वाले लोगों की सुविधा को भी इसमें शामिल किया जाएगा। प्रधानमंत्री ई-बस सेवा योजना के तहत बिलासपुर को 50 वातानुकूलित इलेक्ट्रिक बसों की मंजूरी मिली है। इनमें पहले चरण में 35 बसों का संचालन शुरू किया जाएगा, जबकि बाद में 15 और बसें चलाई जाएंगी। ई-बसों के संचालन के लिए कोनी में करीब 8 करोड़ रुपए की लागत से डिपो तैयार किया जा रहा है। डिपो में चार्जिंग स्टेशन, वर्कशॉप, सब-स्टेशन और अन्य सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। यहां 14 चार्जिंग पॉइंट बनाए जा रहे हैं, जहां एक साथ 14 बसों को चार्ज किया जा सकेगा। अधिकारियों के अनुसार, नागरिक अपने सुझाव ई-मेल के माध्यम से या नगर निगम के विकास भवन स्थित अर्बन पब्लिक सर्विस सोसाइटी के कक्ष क्रमांक-42 में जमा कर सकते हैं। प्राप्त सुझावों के आधार पर अंतिम रूट चार्ट तैयार किया जाएगा।

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रायपुर मेकाहारा अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में लगी आग, मरीजों को सुरक्षित स्थान पर किया गया शिफ्ट

रायपुर। राजधानी रायपुर के डॉ. भीमराव अंबेडकर स्मृति अस्पताल (मेकाहारा) के मेडिसिन विभाग स्थित इमरजेंसी वार्ड में मंगलवार दोपहर अचानक आग लगने से अस्पताल में कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। घटना की जानकारी मिलते ही दमकल विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और काफी प्रयास के बाद आग पर नियंत्रण पा लिया गया। आग के कारण इमरजेंसी वार्ड में धुआं भर गया, जिसके चलते मरीजों और उनके परिजनों को तत्काल सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। अस्पताल प्रबंधन, डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ और सुरक्षा कर्मियों ने मिलकर राहत एवं बचाव कार्य को तेजी से अंजाम दिया, जिससे किसी बड़े हादसे को टाला जा सका। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, इमरजेंसी वार्ड में लगे एयर कंडीशनर (एसी) में तकनीकी खराबी आने या उसके फटने की वजह से आग लगने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, आग लगने के वास्तविक कारणों की पुष्टि अभी नहीं हुई है। पुलिस और संबंधित विभाग मामले की जांच कर रहे हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही आग लगने की सही वजह स्पष्ट हो सकेगी।

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