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रायपुर के पंडरी-उरला थाने में E-Malkhana शुरू, अब डिजिटल होगा जब्त सामान का रिकॉर्ड

रायपुर पुलिस कमिश्नरेट ने पुलिसिंग को तकनीक आधारित और ज्यादा पारदर्शी बनाने की दिशा में एक और कदम उठाया है। उत्तर जोन के थाना पंडरी और थाना उरला में ई-मालखाना प्रणाली की शुरुआत की गई है। अतिरिक्त पुलिस आयुक्त रायपुर अमित तुकाराम कांबले IPS ने दोनों थानों में ई-मालखाना प्रणाली का शुभारंभ किया। यह पहल पुलिस आयुक्त डॉ. संजीव शुक्ला के निर्देशन में की गई है। ई-मालखाना प्रणाली के तहत अपराधों और अन्य मामलों में जब्त किए गए माल-मशरूका का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा। जब्त सामान की एंट्री, सुरक्षित रख-रखाव, आवक-जावक, संबंधित केस से लिंकिंग और न्यायालयीन प्रक्रिया से जुड़ी जानकारी डिजिटल रूप से दर्ज होगी। इस व्यवस्था से किसी भी केस में जब्त सामान की स्थिति और उससे जुड़ी जानकारी आसानी से और तेजी से हासिल की जा सकेगी। साथ ही मानवीय त्रुटियों की संभावना कम होने के साथ मालखाना प्रबंधन में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ेगी। पुलिस के मुताबिक, ई-मालखाना से जब्त संपत्ति की चेन ऑफ कस्टडी भी मजबूत होगी। इससे जब्त सामान को कोर्ट में पेश करने और उसके निस्तारण की प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित बनाया जा सकेगा। रायपुर पुलिस कमिश्नरेट द्वारा चरणबद्ध तरीके से अन्य थानों में भी ई-मालखाना प्रणाली लागू की जा रही है। पंडरी और उरला थानों में इसकी शुरुआत इसी योजना का हिस्सा है।

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रायपुर: उरला के स्कूल में पुलिस का जागरूकता अभियान, छात्रों को नए कानून, साइबर सुरक्षा और महिला सुरक्षा की दी जानकारी

रायपुर के उरला स्थित रायपुर पब्लिक स्कूल में पुलिस कमिश्नरेट की ओर से “संवाद से समाधान” जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों, महिलाओं और विद्यालय स्टाफ को नए आपराधिक कानूनों, साइबर अपराधों से बचाव, महिला सुरक्षा और कमिश्नरेट पुलिस प्रणाली की जानकारी देना था। इस कार्यक्रम में 150 से अधिक छात्र-छात्राओं, महिलाओं और स्कूल स्टाफ ने भाग लिया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उत्तर जोन की डीसीपी दीपमाला कश्यप मौजूद रहीं। उन्होंने सरल भाषा में भारतीय न्याय संहिता (BNS), भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) और भारतीय साक्ष्य अधिनियम के प्रमुख प्रावधानों की जानकारी दी। साथ ही उन्होंने बताया कि नए कानून आम नागरिकों को तेज और प्रभावी न्याय दिलाने के उद्देश्य से लागू किए गए हैं। डीसीपी ने विद्यार्थियों को साइबर अपराधों के बढ़ते मामलों को देखते हुए ऑनलाइन सुरक्षा के प्रति सतर्क रहने की सलाह दी। उन्होंने फर्जी लिंक, ओटीपी फ्रॉड, फिशिंग, डिजिटल अरेस्ट, साइबर बुलिंग, ऑनलाइन गेमिंग से जुड़े जोखिम और सोशल मीडिया के दुष्प्रभावों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। छात्रों को अपनी निजी जानकारी किसी के साथ साझा नहीं करने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत शिकायत करने की अपील भी की गई। कार्यक्रम के दौरान पुलिस कमिश्नरेट प्रणाली की कार्यप्रणाली और उसके लाभों के बारे में भी जानकारी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि नई व्यवस्था के तहत कानून-व्यवस्था को अधिक प्रभावी, तेज और जनहितकारी बनाया गया है, जिससे लोगों को बेहतर पुलिस सेवाएं मिल रही हैं। महिला सुरक्षा पर विशेष सत्र आयोजित कर बालिकाओं और महिलाओं को उनके कानूनी अधिकारों, महिला संबंधी अपराधों के नए कानूनी प्रावधानों, शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया और पुलिस द्वारा उपलब्ध सहायता के बारे में जानकारी दी गई। पुलिस ने उपस्थित लोगों को विभिन्न आपातकालीन हेल्पलाइन नंबरों की भी जानकारी दी, जिनमें 1930 (साइबर क्राइम), 181 (महिला हेल्पलाइन), 1098 (चाइल्ड हेल्पलाइन), 112 (आपातकालीन सेवा) और पिंक पेट्रोलिंग यूनिट का हेल्पलाइन एवं व्हाट्सएप नंबर शामिल है। कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों ने कानून, साइबर सुरक्षा और पुलिस व्यवस्था से जुड़े सवाल पूछे, जिनका अधिकारियों ने सरल और व्यवहारिक तरीके से जवाब दिया। उरला थाना पुलिस ने सभी से नए कानूनों का पालन करने, सोशल मीडिया का जिम्मेदारीपूर्वक उपयोग करने और किसी भी अपराध की सूचना तत्काल पुलिस या संबंधित हेल्पलाइन पर देने की अपील की। अधिकारियों ने कहा कि जागरूक नागरिक ही सुरक्षित समाज की सबसे बड़ी ताकत होते हैं।

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रायपुर उरला गांजा तस्करी केस: 4.80 क्विंटल मादक पदार्थ के साथ पकड़े गए 2 आरोपी, 20-20 साल की सजा

रायपुर के उरला इलाके में बड़ी मात्रा में गांजा तस्करी के मामले में कोर्ट ने कड़ा फैसला सुनाया है। विशेष न्यायाधीश (NDPS एक्ट) शैलेश शर्मा की अदालत ने दो आरोपियों को दोषी ठहराते हुए 20-20 साल के कठोर कारावास और 2-2 लाख रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है। मामले में जानकारी देते हुए विशेष लोक अभियोजक स्वाति शर्मा ने बताया कि पुलिस को सूचना मिली थी कि ओडिशा से नागपुर की ओर जा रहे एक ट्रक में भारी मात्रा में गांजा ले जाया जा रहा है। इसके बाद पुलिस ने सिक्स लेन कन्हेरा स्थित सांई निर्मल कंपनी के पास घेराबंदी कर वाहन को रोका। जांच के दौरान ट्रक चालक रंजन कुमार साहू और कंडक्टर मिट्ठू पदयाली से पूछताछ की गई। तलाशी लेने पर ट्रक में काजू के छिलकों के नीचे छिपाकर रखा गया 4.80 क्विंटल गांजा बरामद हुआ। पुलिस द्वारा जब आरोपियों से परिवहन से जुड़े वैध दस्तावेज मांगे गए तो वे कोई कागजात प्रस्तुत नहीं कर सके। इसके बाद दोनों को गिरफ्तार कर NDPS एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया। सुनवाई के बाद कोर्ट ने दोनों आरोपियों को दोषी मानते हुए सख्त सजा सुनाई। अदालत ने यह भी निर्देश दिया कि यदि आरोपी जुर्माना नहीं भरते हैं तो उन्हें 6-6 महीने की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।

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रायपुर में पुलिस कस्टडी से 3 नाबालिग फरार: चलती गाड़ी से कूदे, एक पकड़ाया, दो अब भी लापता

राजधानी रायपुर में पुलिस कस्टडी से तीन नाबालिगों के फरार होने का मामला सामने आया है। चोरी के आरोप में पकड़े गए ये नाबालिग पुलिस की चलती गाड़ी से कूदकर भाग निकले। पुलिस ने पीछा कर एक को पकड़ लिया, जबकि दो अन्य अंधेरे और संकरी गलियों का फायदा उठाकर फरार हो गए। घटना बीरगांव क्षेत्र के शुभम मार्ट के पास की बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार, उरला थाना की पुरानी गाड़ी खराब होने के कारण शनिवार को नई बोलेरो वाहन की व्यवस्था की गई थी, जिसमें 16 से 17 साल के तीन नाबालिगों को बाल न्यायालय ले जाया जा रहा था। बताया जा रहा है कि गाड़ी का दरवाजा बाहर से लॉक था, लेकिन अंदर से बिना चाबी के खुल जा रहा था। रास्ते में एक नाबालिग ने दरवाजा जांचा, जो आसानी से खुल गया। इसके बाद उसने अन्य साथियों को इशारा किया और तीनों चलती गाड़ी से कूदकर भाग निकले। जैसे ही नाबालिग कूदे, ड्राइवर ने तुरंत ब्रेक लगाया और पुलिसकर्मी उनके पीछे दौड़े, लेकिन आरोपी बीरगांव की घनी बस्तियों में घुसकर नजरों से ओझल हो गए। पुलिस ने घेराबंदी कर एक को पकड़ लिया, जबकि दो की तलाश जारी है। घटना की सूचना मिलते ही वरिष्ठ अधिकारियों ने इलाके में नाकेबंदी करवाई, लेकिन अब तक फरार नाबालिगों का कोई सुराग नहीं मिला है। यह घटना पुलिस सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है। इससे पहले भी कई मामलों में आरोपी पुलिस को चकमा देकर फरार हो चुके हैं, जिनमें अस्पताल, कोर्ट और थाने से भागने की घटनाएं शामिल हैं।

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