Crime

बिलासपुर में बुजुर्ग महिला से 2 लाख के जेवर की ठगी, सुरक्षा का झांसा देकर बदमाशों ने बदली सोने की पोटली

बिलासपुर में बुजुर्ग महिला को सुरक्षा का डर दिखाकर ठगी करने का मामला सामने आया है। शातिर ठगों ने महिला को बातों में उलझाकर करीब 2 लाख रुपये कीमत के सोने के जेवर लेकर फरार हो गए। पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामला सिविल लाइन थाना क्षेत्र का है। पुलिस के अनुसार सिंधी कॉलोनी निवासी 68 वर्षीय विद्या मोटवानी की कंवरराम मार्केट में कपड़ों की दुकान है। 3 अगस्त की शाम वह रोज की तरह सब्जी खरीदने बाजार गई थीं। बस स्टैंड का रास्ता पूछकर शुरू की बातचीत नेहरू चौक के पास ऑटो में बैठे दो युवकों ने महिला से बस स्टैंड जाने का रास्ता पूछा। बातचीत के दौरान एक और युवक वहां पहुंच गया। इसके बाद तीनों आरोपियों ने मिलकर महिला को अपनी बातों में उलझा लिया। आरोपियों ने महिला को बताया कि शहर में चोरी और लूट की घटनाएं बढ़ रही हैं, इसलिए सोने के गहने पहनकर घूमना सुरक्षित नहीं है। उन्होंने महिला को भरोसा दिलाया कि जेवर कपड़े में बांधकर सुरक्षित रख दिए जाएंगे। इसके बाद महिला उनके झांसे में आ गई और अपने हाथ का सोने का कंगन और अंगूठी उतारकर आरोपियों को दे दिए। ठगों ने जेवर कपड़े में बांधने का नाटक किया और महिला को कागज की पोटली थमा दी। कुछ दूर जाने के बाद आरोपियों ने महिला को ऑटो से उतार दिया और फरार हो गए। बाद में जब महिला ने पोटली खोली तो उसमें जेवर की जगह कागज निकला। एक कंगन बचने से बड़ा नुकसान टला परिजनों ने बताया कि महिला के एक हाथ में चोट के कारण सूजन थी, जिसकी वजह से उस हाथ का दूसरा सोने का कंगन नहीं निकल पाया। अगर वह कंगन भी उतर जाता तो ठग और ज्यादा जेवर लेकर फरार हो जाते। ऑटो चालक की भूमिका पर भी जांच पुलिस को इस वारदात में ऑटो चालक की भूमिका पर भी संदेह है। जांच में यह देखा जा रहा है कि क्या ऑटो चालक भी इस पूरी साजिश में शामिल था। पुलिस ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले हैं। फुटेज में दो युवक महिला से बातचीत करते और उसे अपने झांसे में लेते नजर आ रहे हैं। पुलिस संदिग्धों की पहचान कर गिरफ्तारी के प्रयास में जुटी है।

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Bilaspur, Crime

रायपुर WRS कॉलोनी मर्डर केस: चरित्र पर शक में प्रेमी ने की युवती की हत्या, 24 घंटे में आरोपी गिरफ्तार

रायपुर के खमतराई थाना क्षेत्र में युवती की हत्या के सनसनीखेज मामले का पुलिस ने 24 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया है। पुलिस ने हत्या के आरोप में युवती के प्रेमी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक आरोपी ने चरित्र पर संदेह के चलते वारदात को अंजाम दिया। जानकारी के अनुसार, 4 अगस्त 2026 को डब्ल्यूआरएस कॉलोनी स्थित सोलापुरी माता मंदिर के पीछे पानी भरे खेत में एक युवती का शव मिला था। सूचना मिलने के बाद खमतराई थाना पुलिस और एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट की टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। घटनास्थल के निरीक्षण में युवती के गले पर चोट और दबाव के निशान मिले, जिसके बाद पुलिस ने हत्या की आशंका जताते हुए जांच आगे बढ़ाई। मृतका की पहचान नंदिनी जाल उर्फ नंदिनी जैन (19 वर्ष), निवासी सिया रेसीडेंसी, एमएमआई अस्पताल के पीछे रायपुर के रूप में हुई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच में सामने आया कि युवती की हत्या गला दबाकर की गई थी। पुलिस के अनुसार आरोपी ने पहले दुपट्टे से उसका मुंह बंद किया और फिर उसी दुपट्टे से गला दबाकर उसकी जान ले ली। इसके बाद हत्या को पक्का करने के लिए उसका सिर पानी भरे खेत में डुबो दिया। मामले में खमतराई थाना पुलिस ने अपराध क्रमांक 751/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1) में अपराध दर्ज कर जांच शुरू की। इंस्टाग्राम से शुरू हुआ था रिश्ता जांच के दौरान मृतका के परिजनों और परिचितों से पूछताछ की गई। इसी दौरान युवती के प्रेमी करण तांडी पर संदेह जताया गया। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जहां उसने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। पुलिस पूछताछ में आरोपी ने बताया कि करीब चार साल पहले इंस्टाग्राम के जरिए उसकी नंदिनी से पहचान हुई थी, जो बाद में प्रेम संबंध में बदल गई। दोनों कुछ समय तक साथ भी रहे थे। बाद में युवती के अलग रहने से आरोपी उसके चरित्र पर शक करने लगा और दोनों के बीच विवाद होने लगा। मुलाकात के बहाने बुलाकर की हत्या पुलिस के मुताबिक 3 अगस्त की शाम आरोपी और युवती की मुलाकात डब्ल्यूआरएस कॉलोनी स्थित सोलापुरी माता मंदिर क्षेत्र में हुई। इसके बाद आरोपी उसे पास के खेत की ओर ले गया। वहां दोनों के बीच विवाद हुआ और गुस्से में आकर आरोपी ने युवती की हत्या कर दी। वारदात के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया था। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी करण तांडी (23 वर्ष), निवासी त्रिमूर्ति नगर, देवेंद्र नगर, रायपुर को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

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रायपुर में अश्लील वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल करने वाला आरोपी गिरफ्तार, मोबाइल फोन जब्त

रायपुर के तेलीबांधा थाना पुलिस ने सोशल मीडिया पर महिलाओं और बालकों से संबंधित अश्लील वीडियो प्रसारित करने के मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई एनसीआरबी पोर्टल के माध्यम से प्राप्त शिकायत के आधार पर की गई। पुलिस के अनुसार, शिकायत मिलने के बाद थाना तेलीबांधा में अपराध क्रमांक 325/2026 दर्ज किया गया। मामले में सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) अधिनियम की धारा 67(ए) और 67(बी) के तहत अपराध कायम कर जांच शुरू की गई। विवेचना के दौरान पुलिस ने साक्ष्य एकत्र कर आरोपी मनीष राजभर (26 वर्ष) निवासी समृद्धि कॉलोनी के पास, चंडी नगर, थाना खम्हारडीह को गिरफ्तार किया। जांच में घटना में इस्तेमाल किया गया मोबाइल फोन भी आरोपी के कब्जे से बरामद कर जब्त किया गया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है। पुलिस मामले की आगे की जांच कर रही है।

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सिलतरा पुलिस की बड़ी कार्रवाई, अवैध देशी कट्टा और कारतूस के साथ आरोपी गिरफ्तार

रायपुर ग्रामीण पुलिस ने अवैध हथियार रखने वालों के खिलाफ अभियान के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए सिलतरा थाना क्षेत्र से एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उसके कब्जे से एक अवैध देशी कट्टा, एक जिंदा 8 एमएम कारतूस और चार खाली कारतूस बरामद किए हैं। आरोपी के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर न्यायिक प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पुलिस के अनुसार, 4 और 5 अगस्त की दरमियानी रात सिलतरा थाना पुलिस नियमित गश्त पर थी। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि ग्राम निमोरा के पंचायत भवन के सामने एक व्यक्ति अवैध हथियार लेकर लोगों को डरा-धमका रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घेराबंदी कर संदिग्ध को पकड़ लिया। पूछताछ में आरोपी ने अपनी पहचान सरफराज खान के रूप में बताई। तलाशी के दौरान उसके पास से एक अवैध देशी कट्टा, एक जिंदा 8 एमएम कारतूस और चार खाली 8 एमएम कारतूस बरामद हुए। आरोपी हथियार रखने से संबंधित कोई वैध लाइसेंस या दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। बरामदगी के आधार पर थाना सिलतरा में आर्म्स एक्ट की धारा 25 और 27 के तहत अपराध दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने बताया कि सरफराज खान वर्ष 2022 में मंदिर हसौद थाना क्षेत्र में हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट के एक मामले में भी गिरफ्तार होकर जेल जा चुका है। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बलिया और प्रयागराज से जुड़ा हुआ है। उसकी आपराधिक पृष्ठभूमि की विस्तृत जानकारी जुटाने के लिए संबंधित जिलों की पुलिस से संपर्क किया जा रहा है। रायपुर ग्रामीण पुलिस ने कहा है कि क्षेत्र में अवैध हथियार रखने वाले और कानून व्यवस्था बिगाड़ने वाले तत्वों के खिलाफ अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।

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चाकू की नोक पर जोमैटो डिलीवरी बॉय से मोबाइल लूटने वाले दो आरोपी गिरफ्तार, लूटा गया फोन बरामद

रायपुर पुलिस ने चाकू की नोक पर जोमैटो डिलीवरी बॉय से मोबाइल फोन लूटने के मामले का खुलासा करते हुए एक युवक और विधि के साथ संघर्षरत एक बालक को गिरफ्तार किया है। एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट तथा सिविल लाइन थाना पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में आरोपियों के कब्जे से लूटा गया मोबाइल, एक अन्य मोबाइल फोन और घटना में इस्तेमाल किया गया चाकू जब्त किया गया है। पुलिस के अनुसार, जोमैटो डिलीवरी एजेंट मुकेश कुमार ध्रुव ने शिकायत दर्ज कराई थी कि 2 अगस्त की रात करीब 1:30 बजे वह कटोरा तालाब स्थित संत कंवरराम चौक के पास एक ऑर्डर की डिलीवरी देने पहुंचा था। वहां एक्टिवा सवार दो युवकों ने ऑर्डर लेने के बाद भुगतान करने से इनकार कर दिया। जब डिलीवरी एजेंट ने पैसे मांगे तो दोनों ने गाली-गलौज करते हुए चाकू दिखाकर जान से मारने की धमकी दी और उसका वीवो कंपनी का मोबाइल फोन लूटकर फरार हो गए। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधिकारियों के निर्देश पर एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट और सिविल लाइन थाना पुलिस ने संयुक्त जांच शुरू की। पुलिस ने पीड़ित से पूछताछ, घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच और संदिग्धों की गतिविधियों का विश्लेषण किया। जांच के दौरान नेहरू नगर निवासी भूपेन्द्र भारती उर्फ आकु और एक विधि के साथ संघर्षरत बालक की संलिप्तता सामने आई। पुलिस ने दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसमें उन्होंने वारदात करना स्वीकार कर लिया। आरोपियों के कब्जे से लूटा गया मोबाइल फोन, एक अन्य मोबाइल तथा घटना में प्रयुक्त चाकू बरामद किया गया। दूसरे मोबाइल के संबंध में पुलिस अलग से जांच कर रही है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, आरोपी भूपेन्द्र भारती के खिलाफ पहले से आम्र्स एक्ट के दो मामले दर्ज हैं और वह जेल भी जा चुका है। वहीं, विधि के साथ संघर्षरत बालक का नाम पूर्व में नकबजनी के एक मामले में भी सामने आ चुका है। दोनों के खिलाफ नियमानुसार आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

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मुख्य शीर्षक: रायपुर में 1.20 करोड़ रुपये का गांजा जब्त, पिता-पुत्र समेत दो अंतरराज्यीय तस्कर गिरफ्तार

रायपुर में अब तक की सबसे बड़ी गांजा खेप बरामद, 191.525 किलो गांजा जब्त रायपुर पुलिस कमिश्नरेट ने नशे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 1 करोड़ 20 लाख रुपये मूल्य का 191.525 किलोग्राम गांजा जब्त किया है। इस मामले में अंतरराज्यीय तस्करी से जुड़े पिता-पुत्र को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के अनुसार यह रायपुर कमिश्नरेट में अब तक पकड़ी गई गांजे की सबसे बड़ी खेप है। भारी मशीनों के बीच छिपाकर ले जाया जा रहा था गांजा पुलिस को सूचना मिली थी कि ओडिशा से नागपुर की ओर जा रहे एक छह चक्का ट्रक में भारी मात्रा में गांजा छिपाकर ले जाया जा रहा है। सूचना के बाद एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट, एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स और तेलीबांधा थाना पुलिस ने संयुक्त रूप से लाभांडी स्थित अग्रसेन धाम के पास सर्विस रोड पर घेराबंदी की। जांच के दौरान पश्चिम बंगाल नंबर के अशोक लीलैंड ट्रक (WB-23G-1390) को रोका गया। ट्रक में भारी मशीनरी लोड थी। गहन तलाशी लेने पर मशीनों के नीचे और बीच में छिपाकर रखी गई सात बोरियों से गांजा बरामद हुआ। गिरफ्तार आरोपी पिता-पुत्र निकले पकड़े गए आरोपियों की पहचान मोहम्मद लाल (36) और उसके पुत्र मोहम्मद रूस्तम (19) के रूप में हुई। दोनों मूल रूप से बिहार के रहने वाले हैं और वर्तमान में पश्चिम बंगाल में निवास कर रहे थे। पूछताछ में सामने आया कि मोहम्मद लाल लंबे समय से ट्रांसपोर्ट कारोबार से जुड़ा है और इसी आड़ में विभिन्न राज्यों के बीच माल ढुलाई करता था। एक महीने से पुलिस कर रही थी निगरानी पुलिस अधिकारियों के अनुसार आरोपियों और उनके नेटवर्क पर पिछले करीब एक महीने से लगातार तकनीकी और मुखबिर तंत्र के माध्यम से नजर रखी जा रही थी। पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई कर आरोपियों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया। ओडिशा से नागपुर भेजी जा रही थी खेप प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि गांजा ओडिशा के सुहेला क्षेत्र से लोड किया गया था और इसे नागपुर पहुंचाया जाना था। पुलिस अब इस तस्करी नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी है और पूरे सप्लाई चेन की जांच कर रही है। एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ थाना तेलीबांधा में अपराध क्रमांक 332/26 के तहत एनडीपीएस एक्ट की धारा 20(बी) में मामला दर्ज किया है। आरोपियों के कब्जे से गांजा, तस्करी में प्रयुक्त ट्रक और भारी मशीनरी सहित कुल लगभग 1.20 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की गई है। पुलिस का कहना है कि मामले में एंड-टू-एंड जांच जारी है और तस्करी से जुड़े पूरे नेटवर्क का खुलासा करने के लिए पूछताछ की जा रही है।

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1.13 करोड़ की निवेश ठगी का खुलासा: रायपुर पुलिस ने Wash & Wash ब्लैक मनी स्कैम में दो अंतरराज्यीय महिला आरोपियों को किया गिरफ्तार

रायपुर। रायपुर पुलिस ने 1.13 करोड़ रुपये की निवेश ठगी का पर्दाफाश करते हुए अंतरराज्यीय गिरोह की दो महिला आरोपियों को महाराष्ट्र के नागपुर से गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट और थाना तेलीबांधा पुलिस की संयुक्त टीम ने की। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने बालोद निवासी और एक निजी कंपनी के डायरेक्टर उमेश कुमार सिन्हा को 45 करोड़ रुपये का निवेश दिलाने का झांसा दिया। बड़े अधिकारियों से मुलाकात, विदेशी निवेश, फाइल प्रोसेसिंग, विशेष केमिकल और तकनीकी परीक्षण जैसे बहाने बनाकर उनका विश्वास जीता गया। इसके बाद अलग-अलग किश्तों में कुल 1.13 करोड़ रुपये ठग लिए गए। तकनीकी जांच, मोबाइल नंबरों, बैंक खातों और डिजिटल साक्ष्यों के विश्लेषण के आधार पर पुलिस ने दोनों महिलाओं को नागपुर से गिरफ्तार किया। पूछताछ में पता चला कि गिरोह “Wash & Wash Black Money Scam” के जरिए लोगों को काले नोटों को विशेष केमिकल से असली नोटों में बदलने का झूठा प्रदर्शन कर ठगी करता था। आरोपियों के कब्जे से तीन मोबाइल फोन, 26 हजार रुपये नकद, एटीएम कार्ड और आधार कार्ड बरामद किए गए हैं। पुलिस के अनुसार, गिरोह नागपुर, लखनऊ समेत कई राज्यों में सक्रिय रहा है। मामले में अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी है।

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महासमुंद के पिथौरा में संदिग्ध गौ मांस तस्करी का खुलासा, नाबालिग आरोपी गिरफ्तार, दो बोरे मांस बरामद

महासमुंद। जिले के पिथौरा थाना क्षेत्र में पुलिस ने संदिग्ध गौ मांस तस्करी के मामले का खुलासा करते हुए एक नाबालिग आरोपी को हिरासत में लिया है। पुलिस ने आरोपी के पास से दो बोरों में रखा संदिग्ध मांस बरामद किया है। मामले में शामिल अन्य लोगों की तलाश जारी है। पुलिस को सूचना मिली थी कि पटेवा थाना क्षेत्र के झलप के आसपास के गांव से कुछ लोग संदिग्ध मांस लेकर बसना की ओर जा रहे हैं। सूचना मिलने के बाद पिथौरा पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए रास्ते में घेराबंदी की और एक नाबालिग युवक को पकड़ लिया। तलाशी के दौरान आरोपी के पास से दो बोरों में संदिग्ध मांस मिला, जिसे जब्त कर जांच के लिए भेजा गया है। पुलिस के अनुसार आरोपी झलप क्षेत्र से मांस लेकर बसना की ओर जा रहा था। अधिनियम के तहत मामला दर्ज पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ छत्तीसगढ़ कृषि पशु परिरक्षण अधिनियम 2004 (गौ वध निवारण अधिनियम) सहित अन्य संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई शुरू कर दी है। नेटवर्क की जांच में जुटी पुलिस फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। अधिकारियों के मुताबिक पूछताछ के माध्यम से यह पता लगाया जा रहा है कि इस पूरे मामले में कितने लोग शामिल हैं और संदिग्ध मांस को कहां पहुंचाया जाना था। पुलिस ने कहा है कि जांच पूरी होने के बाद दोषियों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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Crime, MAHASAMUND

जशपुर में महिला की हत्या का खुलासा: प्रेम संबंध और जमीन विवाद बना कत्ल की वजह, 3 आरोपी गिरफ्तार

छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में महिला की हत्या के चर्चित मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। दोकड़ा चौकी क्षेत्र के ग्राम बंदरचुआ में एक महिला की हत्या कर शव को रेत में दफनाकर छिपाने वाले तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस जांच में हत्या के पीछे प्रेम संबंध और जमीन विवाद की बात सामने आई है। दरअसल, 30 जुलाई को हरावती बाई (58) के घर से तेज दुर्गंध आने की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। जांच के दौरान घर के पास निर्माणाधीन आंगनबाड़ी भवन के समीप रेत में दफन महिला का शव बरामद हुआ। इसके बाद पुलिस ने मामले की गहन जांच शुरू की। विवेचना के दौरान मृतका के बेटे भूषण राम की गतिविधियां संदिग्ध मिलने पर उससे पूछताछ की गई। पूछताछ में खुलासा हुआ कि उसका पड़ोस में रहने वाली श्यामपति बाई से प्रेम संबंध था। वहीं, दोनों परिवारों के बीच लंबे समय से जमीन को लेकर विवाद भी चल रहा था। पुलिस के अनुसार, घटना की रात श्यामपति बाई और उसकी मां बुधमती बाई ने मिलकर हरावती बाई की गला दबाकर हत्या कर दी। हत्या के बाद शव घर में ही रखा गया, लेकिन बदबू फैलने लगी तो भूषण राम की मदद से शव को घर से निकालकर निर्माणाधीन आंगनबाड़ी भवन के पास रेत में दफना दिया गया, ताकि वारदात का कोई सुराग न मिले। जांच के दौरान पुलिस ने शव को दफनाने में इस्तेमाल किए गए औजार भी बरामद कर लिए हैं। इस मामले में श्यामपति बाई (42), बुधमती बाई (65) और भूषण राम (29) को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1) और 238 के तहत मामला दर्ज कर आगे की वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है।

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Crime, jashpur

रायपुर: रिलायंस ज्वेलर्स में 17.5 लाख की सोना हेराफेरी का खुलासा, पूर्व कर्मचारी गिरफ्तार, 80 ग्राम गोल्ड बरामद

रायपुर के गोलबाजार थाना क्षेत्र स्थित रिलायंस ज्वेलर्स में लाखों रुपये के सोने के आभूषणों की हेराफेरी का मामला सामने आया है। पुलिस ने इस मामले में स्टोर के पूर्व कर्मचारी मनोज यादव को गिरफ्तार किया है। आरोपी की निशानदेही पर करीब 80 ग्राम सोने के आभूषण, जिनकी कीमत लगभग 14.50 लाख रुपये बताई जा रही है, बरामद किए गए हैं। पुलिस के अनुसार, रिलायंस ज्वेलर्स के स्टोर मैनेजर की शिकायत पर गोलबाजार थाने में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 316(4) के तहत अपराध दर्ज किया गया। शिकायत में बताया गया कि स्टोर में रखे करीब 103.832 ग्राम वजन के तीन सेट (पांच नग) 22 कैरेट सोने के कंगनों की जगह समान वजन और डिजाइन के नकली कंगन रख दिए गए थे। इस हेराफेरी से कंपनी को लगभग 17.50 लाख रुपये का नुकसान हुआ। मामले की जांच डीसीपी सेंट्रल जोन तारकेश्वर पटेल के निर्देश पर परिवीक्षाधीन उप पुलिस अधीक्षक अमित कोसमा और थाना प्रभारी स्वराज त्रिपाठी के नेतृत्व में की गई। जांच के दौरान संदेह स्टोर के पूर्व कर्मचारी मनोज यादव पर गया। शुरुआती पूछताछ में आरोपी ने खुद को निर्दोष बताते हुए पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की, लेकिन स्टॉक ऑडिट, दस्तावेजी साक्ष्य, तकनीकी विश्लेषण और लगातार पूछताछ के बाद उसने महत्वपूर्ण जानकारी स्वीकार कर ली। पूछताछ में सामने आया कि मनोज यादव वर्ष 2017 से रिलायंस ज्वेलर्स में कार्यरत था और स्टोर की कार्यप्रणाली से पूरी तरह परिचित था। पुलिस के मुताबिक, आर्थिक तंगी और कर्ज के दबाव में उसने पहले ग्राहकों द्वारा जमा कराई गई मासिक योजना की रकम का निजी उपयोग किया। बाद में जब ग्राहकों ने आभूषण की मांग की तो उसने स्टोर से असली सोने के कंगन निकालकर उनकी जगह नकली कंगन रख दिए। जांच में यह भी पता चला कि आरोपी कंपनी की नियमित प्रक्रिया का फायदा उठाकर अधिकृत मेल्टिंग यूनिट में आधिकारिक यूनिफॉर्म पहनकर पहुंचता था। वहां असली सोना गलवाकर उसका उपयोग अलग-अलग लेन-देन में करता रहा। कुछ मामलों में उसने ग्राहकों को ऐसे आभूषण भी दिए जिन्हें बाद में स्टोर में एक्सचेंज कराने की बात कही गई। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने किश्तों पर सोने के आभूषण खरीदने वाली दो महिला ग्राहकों के साथ भी धोखाधड़ी की। उनके पैसों और आभूषणों में हेराफेरी करने के बाद फर्जी बिलों के जरिए आभूषण सौंपे गए। रिलायंस ज्वेलर्स से सत्यापन कराने पर ये बिल फर्जी पाए गए, जिसके बाद मामले में बीएनएस की धारा 336(3), 318(4), 338 और 340(2) भी जोड़ी गईं। विवेचना के दौरान पुलिस ने आरोपी का मोबाइल फोन भी जांचा। तकनीकी विश्लेषण में सामने आया कि वह पुलिस जांच, गिरफ्तारी, जमानत और पूछताछ की प्रक्रिया से जुड़ी जानकारी इंटरनेट और AI आधारित प्लेटफॉर्म के माध्यम से जुटा रहा था। पुलिस आरोपी के आर्थिक लेन-देन और अन्य संभावित पीड़ितों की भी जांच कर रही है। आरोपी की निशानदेही पर एक रेडमी मोबाइल फोन और फर्जी बिलों के जरिए बेचे गए लगभग 80 ग्राम सोने के आभूषण बरामद किए गए हैं। पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद मनोज यादव को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया। पुलिस मामले से जुड़े अन्य लोगों की संभावित संलिप्तता और आर्थिक लेन-देन की विस्तृत जांच कर रही है।

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Crime, Raigarh
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