रायपुर में अब तक की सबसे बड़ी गांजा खेप बरामद, 191.525 किलो गांजा जब्त
रायपुर पुलिस कमिश्नरेट ने नशे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 1 करोड़ 20 लाख रुपये मूल्य का 191.525 किलोग्राम गांजा जब्त किया है। इस मामले में अंतरराज्यीय तस्करी से जुड़े पिता-पुत्र को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के अनुसार यह रायपुर कमिश्नरेट में अब तक पकड़ी गई गांजे की सबसे बड़ी खेप है।

भारी मशीनों के बीच छिपाकर ले जाया जा रहा था गांजा
पुलिस को सूचना मिली थी कि ओडिशा से नागपुर की ओर जा रहे एक छह चक्का ट्रक में भारी मात्रा में गांजा छिपाकर ले जाया जा रहा है। सूचना के बाद एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट, एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स और तेलीबांधा थाना पुलिस ने संयुक्त रूप से लाभांडी स्थित अग्रसेन धाम के पास सर्विस रोड पर घेराबंदी की।
जांच के दौरान पश्चिम बंगाल नंबर के अशोक लीलैंड ट्रक (WB-23G-1390) को रोका गया। ट्रक में भारी मशीनरी लोड थी। गहन तलाशी लेने पर मशीनों के नीचे और बीच में छिपाकर रखी गई सात बोरियों से गांजा बरामद हुआ।
गिरफ्तार आरोपी पिता-पुत्र निकले

पकड़े गए आरोपियों की पहचान मोहम्मद लाल (36) और उसके पुत्र मोहम्मद रूस्तम (19) के रूप में हुई। दोनों मूल रूप से बिहार के रहने वाले हैं और वर्तमान में पश्चिम बंगाल में निवास कर रहे थे। पूछताछ में सामने आया कि मोहम्मद लाल लंबे समय से ट्रांसपोर्ट कारोबार से जुड़ा है और इसी आड़ में विभिन्न राज्यों के बीच माल ढुलाई करता था।
एक महीने से पुलिस कर रही थी निगरानी
पुलिस अधिकारियों के अनुसार आरोपियों और उनके नेटवर्क पर पिछले करीब एक महीने से लगातार तकनीकी और मुखबिर तंत्र के माध्यम से नजर रखी जा रही थी। पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई कर आरोपियों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया।
ओडिशा से नागपुर भेजी जा रही थी खेप
प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि गांजा ओडिशा के सुहेला क्षेत्र से लोड किया गया था और इसे नागपुर पहुंचाया जाना था। पुलिस अब इस तस्करी नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी है और पूरे सप्लाई चेन की जांच कर रही है।

एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ थाना तेलीबांधा में अपराध क्रमांक 332/26 के तहत एनडीपीएस एक्ट की धारा 20(बी) में मामला दर्ज किया है। आरोपियों के कब्जे से गांजा, तस्करी में प्रयुक्त ट्रक और भारी मशीनरी सहित कुल लगभग 1.20 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की गई है।
पुलिस का कहना है कि मामले में एंड-टू-एंड जांच जारी है और तस्करी से जुड़े पूरे नेटवर्क का खुलासा करने के लिए पूछताछ की जा रही है।

