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रायपुर कमिश्नरेट में स्मार्ट पुलिसिंग की नई पहल, 21 थानों में शुरू हुआ e-मालखाना 2.0

रायपुर, 13 अगस्त 2026। रायपुर कमिश्नरेट ने पुलिसिंग को तकनीक से जोड़ते हुए मालखाना प्रबंधन में एक बड़ा डिजिटल बदलाव किया है। कमिश्नरेट के सभी 21 थानों में अब e-मालखाना 2.0 व्यवस्था लागू हो गई है। गुरुवार को एक साथ 10 नए थानों में इस प्रणाली की शुरुआत की गई, जिसके बाद 100 प्रतिशत थाने डिजिटल मालखाना प्रणाली से जुड़ गए हैं। पुलिस आयुक्त संजीव शुक्ला के मार्गदर्शन और अतिरिक्त पुलिस आयुक्त अमित कांबले के निर्देशन में शुरू की गई इस व्यवस्था को रायपुर पश्चिम पुलिस उपायुक्त रॉबिंसन गुड़िया ने विकसित किया है। इसका उद्देश्य मालखाने में रखी जब्त संपत्तियों और केस प्रॉपर्टी के रिकॉर्ड को व्यवस्थित, सुरक्षित और पारदर्शी बनाना है। पश्चिम जोन के विभिन्न थानों में e-मालखाना 2.0 का शुभारंभ किया गया। थाना टिकरापारा और न्यू राजेंद्र नगर में पुलिस आयुक्त संजीव शुक्ला ने प्रणाली का उद्घाटन किया। इस दौरान अतिरिक्त पुलिस आयुक्त अमित कांबले, पुलिस उपायुक्त पश्चिम रॉबिंसन गुड़िया, अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त पश्चिम राहुल देव शर्मा सहित संबंधित अधिकारी और थाना प्रभारी मौजूद रहे। थाना खमतराई में e-मालखाना 2.0 की शुरुआत अतिरिक्त पुलिस आयुक्त अमित कांबले ने की। इस अवसर पर पुलिस उपायुक्त उत्तर दीपमाला कश्यप, अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त उत्तर आदित्य पाण्डेय और पुलिस स्टाफ उपस्थित रहा। बारकोड से होगी केस प्रॉपर्टी की डिजिटल ट्रैकिंग e-मालखाना 2.0 की प्रमुख विशेषता बारकोड आधारित डिजिटल ट्रैकिंग सिस्टम है। मालखाने में जमा होने वाली प्रत्येक जब्त वस्तु और केस प्रॉपर्टी को एक यूनिक बारकोड दिया जाएगा। बारकोड स्कैन करने पर संबंधित प्रकरण, जब्ती का विवरण, जमा करने की तारीख और वस्तु की वर्तमान स्थिति जैसी जानकारी तुरंत देखी जा सकेगी। इस व्यवस्था से मालखाने में रखी सामग्री को ढूंढने, उसकी निगरानी करने और रिकॉर्ड को अपडेट रखने में आसानी होगी। साथ ही मैनुअल रिकॉर्ड पर निर्भरता कम होने से व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ने की उम्मीद है। पुलिस विभाग के अनुसार, डिजिटल तकनीक के इस्तेमाल से मालखाना प्रबंधन अधिक तेज, व्यवस्थित और सुरक्षित बनाया जा सकेगा। यह पहल रायपुर कमिश्नरेट में स्मार्ट पुलिसिंग और डिजिटल प्रशासन को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। इन 10 थानों में शुरू हुआ नया e-मालखाना 13 अगस्त को टिकरापारा, न्यू राजेंद्र नगर, मुजगहन, पुरानी बस्ती, डीडी नगर, आमानाका, आजाद चौक, सरस्वती नगर और खमतराई समेत पश्चिम जोन के 10 थानों में e-मालखाना 2.0 की शुरुआत की गई।

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रायपुर के पंडरी-उरला थाने में E-Malkhana शुरू, अब डिजिटल होगा जब्त सामान का रिकॉर्ड

रायपुर पुलिस कमिश्नरेट ने पुलिसिंग को तकनीक आधारित और ज्यादा पारदर्शी बनाने की दिशा में एक और कदम उठाया है। उत्तर जोन के थाना पंडरी और थाना उरला में ई-मालखाना प्रणाली की शुरुआत की गई है। अतिरिक्त पुलिस आयुक्त रायपुर अमित तुकाराम कांबले IPS ने दोनों थानों में ई-मालखाना प्रणाली का शुभारंभ किया। यह पहल पुलिस आयुक्त डॉ. संजीव शुक्ला के निर्देशन में की गई है। ई-मालखाना प्रणाली के तहत अपराधों और अन्य मामलों में जब्त किए गए माल-मशरूका का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा। जब्त सामान की एंट्री, सुरक्षित रख-रखाव, आवक-जावक, संबंधित केस से लिंकिंग और न्यायालयीन प्रक्रिया से जुड़ी जानकारी डिजिटल रूप से दर्ज होगी। इस व्यवस्था से किसी भी केस में जब्त सामान की स्थिति और उससे जुड़ी जानकारी आसानी से और तेजी से हासिल की जा सकेगी। साथ ही मानवीय त्रुटियों की संभावना कम होने के साथ मालखाना प्रबंधन में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ेगी। पुलिस के मुताबिक, ई-मालखाना से जब्त संपत्ति की चेन ऑफ कस्टडी भी मजबूत होगी। इससे जब्त सामान को कोर्ट में पेश करने और उसके निस्तारण की प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित बनाया जा सकेगा। रायपुर पुलिस कमिश्नरेट द्वारा चरणबद्ध तरीके से अन्य थानों में भी ई-मालखाना प्रणाली लागू की जा रही है। पंडरी और उरला थानों में इसकी शुरुआत इसी योजना का हिस्सा है।

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तिल्दा-नेवरा में बाइक चोर गिरोह का खुलासा, 3 आरोपी गिरफ्तार; 2 लाख की 5 मोटरसाइकिल बरामद

रायपुर। रायपुर ग्रामीण पुलिस ने मोटरसाइकिल चोरी के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। तिल्दा-नेवरा थाना पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज और मुखबिर की सूचना के आधार पर आरोपियों तक पहुंच बनाई। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे और उनकी निशानदेही पर करीब 2 लाख रुपये कीमत की पांच चोरी की मोटरसाइकिलें बरामद की हैं। पुलिस के अनुसार, बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के हथबंद निवासी 55 वर्षीय संजीव त्यागी अपनी हीरो पैशन प्रो मोटरसाइकिल से तिल्दा-नेवरा के बुधवारी साप्ताहिक बाजार पहुंचे थे। उन्होंने बाइक सड़क किनारे खड़ी की और सामान खरीदने बाजार चले गए। कुछ समय बाद लौटने पर बाइक मौके से गायब मिली। काफी तलाश के बाद भी वाहन का पता नहीं चला, जिसके बाद उन्होंने तिल्दा-नेवरा थाने में शिकायत दर्ज कराई। मामले में पुलिस ने अपराध क्रमांक 342/2026 के तहत धारा 303(2), 238 और 3(5) बीएनएस में मामला दर्ज कर जांच शुरू की। CCTV और तकनीकी जांच से आरोपियों तक पहुंची पुलिस मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर विशेष टीम बनाई गई। पुलिस ने घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर संदिग्धों की पहचान की। इसी दौरान पुलिस को सूचना मिली कि परवाना देवार जोगी और अजीत जोगी अपने साथियों के साथ चोरी की मोटरसाइकिलों की पहचान और स्वरूप बदलकर उनका इस्तेमाल कर रहे हैं और उन्हें बेचने के लिए ग्राहक तलाश रहे हैं। पुलिस ने संदेहियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ के दौरान पुलिस के मुताबिक आरोपियों ने अपने साथी बीरबल देवार के साथ मिलकर जनवरी 2026 से 7 अगस्त 2026 के बीच तिल्दा-नेवरा, बगदई, बैकुंठ स्थित शराब दुकान परिसर और तिल्दा-नेवरा साप्ताहिक बाजार से पांच मोटरसाइकिलें चोरी करना स्वीकार किया। घर के पास छिपाकर रखी थीं चोरी की बाइक पुलिस पूछताछ में सामने आया कि चोरी की मोटरसाइकिलों को अजय कुमार यदु के घर के पास छिपाकर रखा गया था। आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने वहां से पांच बाइक बरामद कीं। बरामद वाहनों में एक हीरो पैशन प्रो बाइक क्रमांक CG 22 AB 3766 और चार हीरो HF Deluxe मोटरसाइकिलें शामिल हैं, जिन पर नंबर प्लेट नहीं थी। पुलिस ने सभी वाहनों को जब्त कर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। गिरफ्तार आरोपी जब्त वाहन

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रायपुर के गंज थाने में शुरू हुआ ई-मालखाना, जब्त सामान का अब बारकोड से होगा डिजिटल रिकॉर्ड

रायपुर। रायपुर पुलिस कमिश्नरेट के सेंट्रल जोन में जब्त सामान के प्रबंधन को आधुनिक और पारदर्शी बनाने की दिशा में एक और कदम उठाया गया है। थाना गंज में अब “ई-मालखाना” प्रणाली शुरू कर दी गई है। इसके साथ ही सेंट्रल जोन का यह पांचवां थाना बन गया है, जहां मालखाने को डिजिटल सिस्टम से जोड़ा गया है। ई-मालखाना प्रणाली का शुभारंभ रायपुर पुलिस कमिश्नरेट के एडिशनल पुलिस कमिश्नर अमित तुकाराम कांबले (IPS) ने किया। इससे पहले कोतवाली, गोलबाजार, मौदहापारा और देवेंद्र नगर थानों में यह व्यवस्था लागू की जा चुकी है। चारों थानों का मालखाना हुआ डिजिटल थाना गंज में ई-मालखाना शुरू होने के बाद एसीपी कोतवाली डिवीजन के अंतर्गत आने वाले चारों थानों—कोतवाली, गोलबाजार, मौदहापारा और गंज—के मालखाने डिजिटल व्यवस्था से जुड़ गए हैं। पुलिस का कहना है कि इससे जब्त सामान के रिकॉर्ड और रखरखाव में एक समान और व्यवस्थित प्रणाली विकसित होगी। हर जब्त सामान को मिलेगा यूनिक बारकोड ई-मालखाना के तहत थाने में रखी जब्त सामग्री का पहले भौतिक सत्यापन किया गया। इसके बाद सामान की सुरक्षित पैकेजिंग, लेबलिंग और रैक के अनुसार व्यवस्थित किया गया। प्रत्येक जब्त सामग्री के लिए यूनिक बारकोड तैयार किया गया है, जिसे संबंधित सामान और उसके दस्तावेज पर लगाया गया है। इससे किसी भी सामान की पहचान और उसे रखे जाने वाले स्थान की जानकारी आसानी से हासिल की जा सकेगी। इसके अलावा जब्त सामग्री का ऑनलाइन पंजीयन और डेटा एंट्री की गई है। सुपुर्दनामा, पावती सहित अन्य जरूरी दस्तावेजों को स्कैन कर डिजिटल रिकॉर्ड में सुरक्षित किया गया है। चेन ऑफ कस्टडी होगी मजबूत पुलिस के अनुसार ई-मालखाना प्रणाली से जब्त सामान की पहचान, लोकेशन, जमा करने और निकालने की प्रक्रिया की डिजिटल निगरानी संभव होगी। इससे चेन ऑफ कस्टडी को मजबूत करने के साथ रिकॉर्ड की उपलब्धता, पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने में मदद मिलेगी। कार्यक्रम में डीसीपी पीतांबर पटेल, डीसीपी सेंट्रल जोन तारकेश्वर पटेल, एडिशनल डीसीपी विवेक शुक्ला, एसीपी कोतवाली दीपक मिश्रा और एसीपी ट्रैफिक कमलजीत पाटले सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। थाना गंज प्रभारी निरीक्षक दीपक पासवान और उनकी टीम द्वारा मालखाने को व्यवस्थित करने तथा ई-मालखाना प्रणाली लागू करने के लिए किए गए प्रयासों की अधिकारियों ने सराहना की। एडिशनल पुलिस कमिश्नर अमित तुकाराम कांबले ने टीम का उत्साहवर्धन करते हुए विभागीय प्रक्रिया के तहत प्रोत्साहन स्वरूप इनाम देने की घोषणा भी की। पुलिस का कहना है कि सेंट्रल जोन के पांच थानों में ई-मालखाना लागू होना मालखाना प्रबंधन के डिजिटलीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इसका उद्देश्य जब्त सामान के रिकॉर्ड और रखरखाव को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी, तेज और विश्वसनीय बनाना है।

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रायपुर में स्कूलों के बाहर ट्रैफिक पुलिस का सख्त अभियान, 340 वाहनों पर कार्रवाई; 269 नाबालिग चालक पकड़े गए

रायपुर। स्कूली विद्यार्थियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पुलिस कमिश्नरेट रायपुर की यातायात पुलिस लगातार विशेष अभियान चला रही है। यातायात डीसीपी डॉ. अर्चना झा के निर्देश पर शहर के सरकारी और निजी स्कूलों के बाहर नाबालिग वाहन चालकों और नियमों का उल्लंघन करने वाले स्कूल वाहनों की सघन जांच की जा रही है। अभियान के तहत रेयान स्कूल (अवंती विहार), द्रोणाचार्य स्कूल (राजेंद्र नगर), ब्रह्मविद स्कूल (भाटागांव), केपीएस स्कूल (सरोना), केंद्रीय विद्यालय (डब्ल्यूआरएस कॉलोनी), विंध्य पब्लिक स्कूल (गुढ़ियारी), एमजीएम स्कूल (गायत्री नगर), देशबंधु स्कूल (गुरुनानक चौक) और होली हार्ट स्कूल (सिविल लाइन) के बाहर जांच अभियान चलाया गया। जांच के दौरान 59 नाबालिग वाहन चालकों के साथ 3 स्कूल वैन और 1 स्कूल ऑटो सहित कुल 63 वाहनों के खिलाफ मोटरयान अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई। कार्रवाई के बाद नाबालिग वाहन चालकों के अभिभावकों को यातायात सभागार बुलाया गया, जहां एसीपी ट्रैफिक श्रीमती स्नेहिल साहू और श्रीमती सीमा अहिरवार ने उनकी काउंसलिंग की। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि नाबालिग बच्चों को वाहन देना कानून का उल्लंघन है और इससे बच्चों के साथ-साथ अन्य लोगों की सुरक्षा भी खतरे में पड़ती है। अभिभावकों को भविष्य में ऐसी गलती दोबारा न करने की चेतावनी देते हुए यातायात नियमों का पालन सुनिश्चित करने की सलाह दी गई। यातायात पुलिस के अनुसार, इस विशेष अभियान के तहत अब तक कुल 340 वाहनों पर कार्रवाई की जा चुकी है। इनमें 269 नाबालिग वाहन चालक और 71 स्कूल ऑटो शामिल हैं। नाबालिगों द्वारा चलाए जा रहे वाहनों को नियमानुसार जब्त किया जा रहा है। पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि कोई नाबालिग दूसरी बार वाहन चलाते हुए पकड़ा जाता है, तो उसके खिलाफ मोटरयान अधिनियम की धारा 199(ए) के तहत और अधिक कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यातायात पुलिस ने सभी अभिभावकों से अपील की है कि वे अपने नाबालिग बच्चों को किसी भी प्रकार का मोटर वाहन चलाने की अनुमति न दें। बच्चों की सुरक्षा और सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के उद्देश्य से यह विशेष अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।

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चाकू की नोक पर जोमैटो डिलीवरी बॉय से मोबाइल लूटने वाले दो आरोपी गिरफ्तार, लूटा गया फोन बरामद

रायपुर पुलिस ने चाकू की नोक पर जोमैटो डिलीवरी बॉय से मोबाइल फोन लूटने के मामले का खुलासा करते हुए एक युवक और विधि के साथ संघर्षरत एक बालक को गिरफ्तार किया है। एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट तथा सिविल लाइन थाना पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में आरोपियों के कब्जे से लूटा गया मोबाइल, एक अन्य मोबाइल फोन और घटना में इस्तेमाल किया गया चाकू जब्त किया गया है। पुलिस के अनुसार, जोमैटो डिलीवरी एजेंट मुकेश कुमार ध्रुव ने शिकायत दर्ज कराई थी कि 2 अगस्त की रात करीब 1:30 बजे वह कटोरा तालाब स्थित संत कंवरराम चौक के पास एक ऑर्डर की डिलीवरी देने पहुंचा था। वहां एक्टिवा सवार दो युवकों ने ऑर्डर लेने के बाद भुगतान करने से इनकार कर दिया। जब डिलीवरी एजेंट ने पैसे मांगे तो दोनों ने गाली-गलौज करते हुए चाकू दिखाकर जान से मारने की धमकी दी और उसका वीवो कंपनी का मोबाइल फोन लूटकर फरार हो गए। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधिकारियों के निर्देश पर एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट और सिविल लाइन थाना पुलिस ने संयुक्त जांच शुरू की। पुलिस ने पीड़ित से पूछताछ, घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच और संदिग्धों की गतिविधियों का विश्लेषण किया। जांच के दौरान नेहरू नगर निवासी भूपेन्द्र भारती उर्फ आकु और एक विधि के साथ संघर्षरत बालक की संलिप्तता सामने आई। पुलिस ने दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसमें उन्होंने वारदात करना स्वीकार कर लिया। आरोपियों के कब्जे से लूटा गया मोबाइल फोन, एक अन्य मोबाइल तथा घटना में प्रयुक्त चाकू बरामद किया गया। दूसरे मोबाइल के संबंध में पुलिस अलग से जांच कर रही है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, आरोपी भूपेन्द्र भारती के खिलाफ पहले से आम्र्स एक्ट के दो मामले दर्ज हैं और वह जेल भी जा चुका है। वहीं, विधि के साथ संघर्षरत बालक का नाम पूर्व में नकबजनी के एक मामले में भी सामने आ चुका है। दोनों के खिलाफ नियमानुसार आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

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रायपुर ट्रैफिक पुलिस के 22 जवान सम्मानित: एक महीने में 9 चोरी के वाहन बरामद, कमिश्नर ने किया पुरस्कृत

रायपुर पुलिस कमिश्नरेट की यातायात पुलिस ने ट्रैफिक व्यवस्था संभालने के साथ-साथ अपराध नियंत्रण में भी उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। पिछले एक महीने के दौरान वाहन जांच, पेट्रोलिंग और तकनीकी जांच के जरिए 9 चोरी की मोटरसाइकिलें बरामद की गईं। उत्कृष्ट कार्य करने वाले 22 पुलिस अधिकारी और कर्मचारियों को पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला ने नगद पुरस्कार और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। सम्मान समारोह में अतिरिक्त पुलिस कमिश्नर अमित तुकाराम कांबले ने जवानों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि यातायात पुलिस केवल ट्रैफिक संचालन तक सीमित नहीं है, बल्कि अपराधों की रोकथाम और कानून व्यवस्था बनाए रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। उन्होंने सभी कर्मियों को भविष्य में भी इसी प्रतिबद्धता और सतर्कता के साथ कार्य करने की शुभकामनाएं दीं। पुलिस कमिश्नर के निर्देश पर यातायात पुलिस लगातार बिना नंबर प्लेट, संदिग्ध, लावारिस और नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों की जांच कर रही है। वाहन चेकिंग के दौरान मोबाइल तकनीक, चेसिस नंबर और अन्य डिजिटल माध्यमों का उपयोग कर कई मामलों का खुलासा किया गया, जिससे चोरी के वाहनों को उनके वास्तविक मालिकों तक पहुंचाने में सफलता मिली। वीआईपी चौक पर पकड़ी गई चोरी की बाइक 26 जुलाई को वीआईपी चौक पर ड्यूटी के दौरान यातायात पुलिस ने तीन लोगों को लेकर जा रही एक संदिग्ध मोटरसाइकिल को रोका। आगे की नंबर प्लेट के अंक मुड़े हुए थे जबकि पीछे नंबर प्लेट नहीं लगी थी। जांच में सामने आया कि वाहन पर लगी नंबर प्लेट किसी दूसरे वाहन की थी। चेसिस नंबर के आधार पर जांच करने पर पता चला कि बाइक फरवरी 2025 में गरियाबंद जिले से चोरी हुई थी। इसके बाद आरोपी और वाहन को आगे की कार्रवाई के लिए थाना तेलीबांधा भेजा गया। लावारिस बाइक भी निकली चोरी की 31 जुलाई को पचपेड़ी नाका क्षेत्र में पेट्रोलिंग के दौरान कमल विहार सब्जी मंडी के पास बिना नंबर प्लेट की एक लावारिस मोटरसाइकिल मिली। चेसिस नंबर की जांच करने पर पता चला कि वाहन कुछ दिन पहले टिकरापारा क्षेत्र से चोरी हुआ था और संबंधित थाने में इसकी रिपोर्ट दर्ज थी। पुष्टि के बाद बाइक को संबंधित थाना पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया। हथियार लेकर घूम रहे संदिग्ध भी पकड़े वाहन जांच के साथ-साथ यातायात पुलिस ने चौक-चौराहों पर संदिग्ध गतिविधियों पर भी नजर बनाए रखी। पिछले 15 दिनों में तीन अलग-अलग मामलों में चाकू और अन्य धारदार हथियार लेकर घूम रहे तीन लोगों को पकड़कर संबंधित थानों के हवाले किया गया। इन मामलों में सराहनीय कार्य करने वाले पांच पुलिसकर्मियों को भी सम्मानित किया गया। पुलिस उपायुक्त यातायात एवं प्रोटोकॉल डॉ. अर्चना झा ने कहा कि तकनीकी संसाधनों, सतर्क पुलिसिंग और टीम वर्क के कारण यातायात पुलिस की कार्यक्षमता लगातार बेहतर हुई है। भविष्य में भी आम नागरिकों की सुरक्षा और कानून व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए इसी तरह अभियान जारी रहेगा।

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रायपुर: उरला पुलिस ने CEIR पोर्टल की मदद से गुम मोबाइल लौटाए, लोगों से तुरंत रिपोर्ट दर्ज कराने की अपील

रायपुर। पुलिस कमिश्नरेट के नॉर्थ जोन अंतर्गत उरला थाना पुलिस ने CEIR पोर्टल की सहायता से गुम हुए मोबाइल फोन सफलतापूर्वक बरामद कर उनके वास्तविक मालिकों को वापस सौंप दिए। बरामद मोबाइल विधिवत सुपुर्दनामा की प्रक्रिया पूरी कर संबंधित स्वामियों को लौटाए गए। पुलिस के अनुसार, बरामद मोबाइल मेघा वर्मा निवासी भवानी नगर, कोटा और सूरज सिंह निवासी हीरापुर को सौंपे गए। अपने मोबाइल वापस मिलने पर दोनों ने उरला पुलिस और CEIR पोर्टल की कार्यप्रणाली की सराहना की। उन्होंने आम लोगों से अपील की कि यदि किसी का मोबाइल फोन गुम हो जाए तो घबराने की बजाय तुरंत CEIR पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं। समय पर रिपोर्ट दर्ज कराने से मोबाइल को ब्लॉक करना, उसकी लोकेशन ट्रैक करना और बरामद होने पर वापस मिलने की संभावना काफी बढ़ जाती है। उरला थाना पुलिस ने भी नागरिकों से अधिक से अधिक CEIR पोर्टल का उपयोग करने की अपील की है। पुलिस का कहना है कि यह पोर्टल गुम या चोरी हुए मोबाइल को सुरक्षित रखने और उसकी ट्रैकिंग के लिए प्रभावी माध्यम है। समय रहते शिकायत दर्ज कराने से मोबाइल की रिकवरी की संभावना बेहतर हो जाती है।

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रायपुर के पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय में सड़क सुरक्षा अभियान, 900 छात्रों को यातायात नियमों की दी गई जानकारी

रायपुर यातायात पुलिस ने विद्यार्थियों में सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय, WRS कॉलोनी में विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। कार्यक्रम में कक्षा 6 से 12 तक के करीब 900 छात्र-छात्राओं को यातायात नियमों, सड़क सुरक्षा और जिम्मेदार नागरिक बनने के बारे में जानकारी दी गई। यातायात पुलिस द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में सहायक पुलिस आयुक्त (यातायात) सतीश कुमार ठाकुर ने छात्रों को सड़क संकेतों, सुरक्षित आवागमन और ट्रैफिक नियमों के पालन का महत्व समझाया। उन्होंने विशेष रूप से नाबालिग विद्यार्थियों को 18 वर्ष की आयु से पहले किसी भी प्रकार का दोपहिया या चारपहिया वाहन नहीं चलाने की सलाह दी। उन्होंने यह भी कहा कि वाहन चलाने की वैधानिक आयु पूरी होने के बाद हेलमेट, सीट बेल्ट और अन्य यातायात नियमों का पालन करना हर चालक की जिम्मेदारी है। यातायात एवं प्रोटोकॉल की पुलिस उपायुक्त Dr. Archana Jha के मार्गदर्शन में शहर के विभिन्न स्कूलों और शिक्षण संस्थानों में लगातार सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य बच्चों में बचपन से ही सुरक्षित और अनुशासित यातायात की आदत विकसित करना है। यातायात पुलिस ने बताया कि नाबालिग वाहन चालकों और ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ मोटरयान अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा रही है। साथ ही अभिभावकों की काउंसलिंग कर उन्हें अपने बच्चों को वाहन न देने और सड़क सुरक्षा के प्रति जिम्मेदार बनने की अपील की जा रही है। कार्यक्रम में विद्यालय के प्राचार्य अशोक कुमार चंद्राकर, उप प्राचार्य, शिक्षकगण और बड़ी संख्या में विद्यार्थी मौजूद रहे।

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रायपुर में ड्रंक एंड ड्राइव पर बड़ी कार्रवाई, एक रात में 27 नशे में वाहन चलाने वाले चालक पकड़े गए

रायपुर यातायात पुलिस ने सड़क हादसों पर अंकुश लगाने के लिए नशे में वाहन चलाने वालों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया। शनिवार रात शहर के विभिन्न चौक-चौराहों पर हुई सघन जांच में 27 वाहन चालक शराब के नशे में वाहन चलाते पाए गए, जिनके खिलाफ मोटरयान अधिनियम के तहत वैधानिक कार्रवाई की गई। यातायात पुलिस के अनुसार, 1 अगस्त 2026 की रात सहायक पुलिस आयुक्त (यातायात) स्नेहिल साहू के नेतृत्व में शहर के 9 प्रमुख चौक-चौराहों और संवेदनशील स्थानों पर अभियान चलाया गया। आधुनिक ब्रीथ एनालाइजर मशीनों से जांच के दौरान 14 कार, 9 पिकअप, 3 दोपहिया और 1 ट्रक चालक नशे की हालत में वाहन चलाते मिले। पुलिस ने बताया कि वर्ष 2026 में अब तक ड्रंक एंड ड्राइव के कुल 3,780 मामलों में कार्रवाई की जा चुकी है। अभियान का उद्देश्य केवल चालानी कार्रवाई करना नहीं, बल्कि लोगों को सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करना भी है। यातायात पुलिस का कहना है कि शराब या अन्य नशीले पदार्थ के सेवन के बाद वाहन चलाने से चालक की निर्णय क्षमता, प्रतिक्रिया समय और वाहन पर नियंत्रण प्रभावित होता है, जिससे गंभीर सड़क दुर्घटनाओं का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। इसी कारण ऐसे मामलों में जीरो टॉलरेंस नीति अपनाते हुए लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। यातायात एवं प्रोटोकॉल की पुलिस उपायुक्त Dr. Archana Jha ने नागरिकों से अपील की है कि नशे की हालत में वाहन न चलाएं। यदि शराब का सेवन किया हो तो सार्वजनिक परिवहन, टैक्सी या परिवार के किसी सदस्य की सहायता लें। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।

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