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रायपुर के प्रयास विद्यालय में यातायात और साइबर सुरक्षा पर जागरूकता कार्यक्रम, 300 विद्यार्थियों ने लिया हिस्सा

रायपुर। पुलिस कमिश्नरेट रायपुर की ओर से सड्डू स्थित प्रयास विद्यालय में यातायात नियमों और साइबर सुरक्षा को लेकर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में करीब 300 विद्यार्थियों को सड़क सुरक्षा, यातायात नियमों के पालन और ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचने के उपायों की जानकारी दी गई। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में एसीपी ट्रैफिक सीमा अहिरवार उपस्थित रहीं। उन्होंने विद्यार्थियों को यातायात नियमों का पालन करने और सड़क पर सुरक्षित व्यवहार अपनाने की समझाइश दी। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। विद्यार्थियों को अपने परिवार और आसपास के लोगों को भी यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने के लिए प्रेरित किया गया। साइबर अपराधों से बचाव के बताए तरीके कार्यक्रम में साइबर सुरक्षा को लेकर भी जानकारी दी गई। विद्यार्थियों को सोशल मीडिया का जिम्मेदारी से इस्तेमाल करने, अनजान लिंक पर क्लिक करने से बचने और फर्जी कॉल व संदेशों के प्रति सतर्क रहने की सलाह दी गई। साथ ही, पासवर्ड, ओटीपी और निजी जानकारी किसी के साथ साझा नहीं करने के महत्व को समझाया गया। चित्रकला प्रतियोगिता के विजेता सम्मानित जागरूकता कार्यक्रम के तहत यातायात और साइबर सुरक्षा विषय पर चित्रकला प्रतियोगिता भी आयोजित की गई। प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को प्रथम, द्वितीय और तृतीय पुरस्कार के साथ सांत्वना पुरस्कार प्रदान किए गए। विद्यार्थियों ने अपनी कलाकृतियों के माध्यम से सड़क सुरक्षा और साइबर अपराधों से बचाव के संदेश प्रस्तुत किए। पुलिस कमिश्नरेट रायपुर के इस कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में यातायात नियमों के प्रति जिम्मेदारी बढ़ाना, साइबर अपराधों से बचाव के लिए जागरूक करना और उन्हें सुरक्षित एवं जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रेरित करना रहा।

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उरला के स्कूल में साइबर जागरूकता कार्यक्रम, 300 छात्रों को ऑनलाइन ठगी से बचाव के बताए तरीके

छत्तीसगढ़ पुलिस के साइबर जागृति अभियान के तहत रायपुर कमिश्नरेट के नॉर्थ जोन अंतर्गत थाना उरला क्षेत्र में साइबर जागरूकता और “संवाद से समाधान” कार्यक्रम आयोजित किया गया। रायपुर पब्लिक स्कूल, गाजीनगर में हुए इस कार्यक्रम में करीब 300 छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया। पुलिस अधिकारियों ने विद्यार्थियों को बढ़ते साइबर अपराध और ऑनलाइन ठगी के नए तरीकों की जानकारी देते हुए उनसे बचने के व्यावहारिक उपाय बताए। कार्यक्रम में साइबर सुरक्षा के साथ-साथ यातायात नियमों और नए आपराधिक कानूनों को लेकर भी जागरूक किया गया। छात्रों को समझाया गया कि किसी भी संदिग्ध लिंक या मैसेज पर क्लिक न करें। अनजान APK फाइल को डाउनलोड या इंस्टॉल करने से बचें। इसके अलावा OTP, PIN, CVV और पासवर्ड जैसी गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा नहीं करने की सलाह दी गई। पुलिस ने विद्यार्थियों को फर्जी KYC, बैंक अधिकारी बनकर ठगी, ऑनलाइन निवेश के नाम पर धोखाधड़ी और सोशल मीडिया फ्रॉड जैसे साइबर अपराधों से भी सतर्क रहने की जानकारी दी। कार्यक्रम के “संवाद से समाधान” हिस्से के तहत बच्चों से गुड टच-बैड टच और व्यक्तिगत सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर बातचीत की गई। विद्यार्थियों को अपनी किसी भी परेशानी को छिपाने के बजाय माता-पिता, भरोसेमंद लोगों या पुलिस के साथ साझा करने के लिए प्रेरित किया गया। पुलिस ने विद्यार्थियों से अपने परिवार और परिचितों को भी साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करने की अपील की। साइबर ठगी का शिकार होने पर लोगों को बिना देरी किए राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराने की जानकारी दी गई, ताकि समय रहते ठगी की रकम को रोकने के प्रयास किए जा सकें। कार्यक्रम का आयोजन पुलिस आयुक्त डॉ. संजीव शुक्ला (IPS) के निर्देशन और अतिरिक्त पुलिस आयुक्त अमित तुकाराम कांबले (IPS) के मार्गदर्शन में किया गया। कार्यक्रम में पुलिस उपायुक्त नॉर्थ जोन श्रीमती दीपमाला कश्यप और अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त नॉर्थ जोन श्री आदित्य पांडे के पर्यवेक्षण में पुलिस अधिकारियों ने विद्यार्थियों को जागरूक किया।

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रायपुर: उरला के स्कूल में पुलिस का जागरूकता अभियान, छात्रों को नए कानून, साइबर सुरक्षा और महिला सुरक्षा की दी जानकारी

रायपुर के उरला स्थित रायपुर पब्लिक स्कूल में पुलिस कमिश्नरेट की ओर से “संवाद से समाधान” जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों, महिलाओं और विद्यालय स्टाफ को नए आपराधिक कानूनों, साइबर अपराधों से बचाव, महिला सुरक्षा और कमिश्नरेट पुलिस प्रणाली की जानकारी देना था। इस कार्यक्रम में 150 से अधिक छात्र-छात्राओं, महिलाओं और स्कूल स्टाफ ने भाग लिया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उत्तर जोन की डीसीपी दीपमाला कश्यप मौजूद रहीं। उन्होंने सरल भाषा में भारतीय न्याय संहिता (BNS), भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) और भारतीय साक्ष्य अधिनियम के प्रमुख प्रावधानों की जानकारी दी। साथ ही उन्होंने बताया कि नए कानून आम नागरिकों को तेज और प्रभावी न्याय दिलाने के उद्देश्य से लागू किए गए हैं। डीसीपी ने विद्यार्थियों को साइबर अपराधों के बढ़ते मामलों को देखते हुए ऑनलाइन सुरक्षा के प्रति सतर्क रहने की सलाह दी। उन्होंने फर्जी लिंक, ओटीपी फ्रॉड, फिशिंग, डिजिटल अरेस्ट, साइबर बुलिंग, ऑनलाइन गेमिंग से जुड़े जोखिम और सोशल मीडिया के दुष्प्रभावों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। छात्रों को अपनी निजी जानकारी किसी के साथ साझा नहीं करने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत शिकायत करने की अपील भी की गई। कार्यक्रम के दौरान पुलिस कमिश्नरेट प्रणाली की कार्यप्रणाली और उसके लाभों के बारे में भी जानकारी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि नई व्यवस्था के तहत कानून-व्यवस्था को अधिक प्रभावी, तेज और जनहितकारी बनाया गया है, जिससे लोगों को बेहतर पुलिस सेवाएं मिल रही हैं। महिला सुरक्षा पर विशेष सत्र आयोजित कर बालिकाओं और महिलाओं को उनके कानूनी अधिकारों, महिला संबंधी अपराधों के नए कानूनी प्रावधानों, शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया और पुलिस द्वारा उपलब्ध सहायता के बारे में जानकारी दी गई। पुलिस ने उपस्थित लोगों को विभिन्न आपातकालीन हेल्पलाइन नंबरों की भी जानकारी दी, जिनमें 1930 (साइबर क्राइम), 181 (महिला हेल्पलाइन), 1098 (चाइल्ड हेल्पलाइन), 112 (आपातकालीन सेवा) और पिंक पेट्रोलिंग यूनिट का हेल्पलाइन एवं व्हाट्सएप नंबर शामिल है। कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों ने कानून, साइबर सुरक्षा और पुलिस व्यवस्था से जुड़े सवाल पूछे, जिनका अधिकारियों ने सरल और व्यवहारिक तरीके से जवाब दिया। उरला थाना पुलिस ने सभी से नए कानूनों का पालन करने, सोशल मीडिया का जिम्मेदारीपूर्वक उपयोग करने और किसी भी अपराध की सूचना तत्काल पुलिस या संबंधित हेल्पलाइन पर देने की अपील की। अधिकारियों ने कहा कि जागरूक नागरिक ही सुरक्षित समाज की सबसे बड़ी ताकत होते हैं।

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रायपुर के पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय में सड़क सुरक्षा अभियान, 900 छात्रों को यातायात नियमों की दी गई जानकारी

रायपुर यातायात पुलिस ने विद्यार्थियों में सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय, WRS कॉलोनी में विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। कार्यक्रम में कक्षा 6 से 12 तक के करीब 900 छात्र-छात्राओं को यातायात नियमों, सड़क सुरक्षा और जिम्मेदार नागरिक बनने के बारे में जानकारी दी गई। यातायात पुलिस द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में सहायक पुलिस आयुक्त (यातायात) सतीश कुमार ठाकुर ने छात्रों को सड़क संकेतों, सुरक्षित आवागमन और ट्रैफिक नियमों के पालन का महत्व समझाया। उन्होंने विशेष रूप से नाबालिग विद्यार्थियों को 18 वर्ष की आयु से पहले किसी भी प्रकार का दोपहिया या चारपहिया वाहन नहीं चलाने की सलाह दी। उन्होंने यह भी कहा कि वाहन चलाने की वैधानिक आयु पूरी होने के बाद हेलमेट, सीट बेल्ट और अन्य यातायात नियमों का पालन करना हर चालक की जिम्मेदारी है। यातायात एवं प्रोटोकॉल की पुलिस उपायुक्त Dr. Archana Jha के मार्गदर्शन में शहर के विभिन्न स्कूलों और शिक्षण संस्थानों में लगातार सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य बच्चों में बचपन से ही सुरक्षित और अनुशासित यातायात की आदत विकसित करना है। यातायात पुलिस ने बताया कि नाबालिग वाहन चालकों और ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ मोटरयान अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा रही है। साथ ही अभिभावकों की काउंसलिंग कर उन्हें अपने बच्चों को वाहन न देने और सड़क सुरक्षा के प्रति जिम्मेदार बनने की अपील की जा रही है। कार्यक्रम में विद्यालय के प्राचार्य अशोक कुमार चंद्राकर, उप प्राचार्य, शिक्षकगण और बड़ी संख्या में विद्यार्थी मौजूद रहे।

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बिलासपुर के स्कूल में पुलिस की जागरूकता क्लास, छात्रों को साइबर सुरक्षा, पॉक्सो कानून और ट्रैफिक नियमों की दी जानकारी

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में पुलिस ने छात्रों को कानून और सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से विशेष अभियान चलाया। पचपेड़ी थाना क्षेत्र के ग्राम जोंधरा स्थित हायर सेकेंडरी स्कूल में आयोजित इस कार्यक्रम में विद्यार्थियों को साइबर अपराध, पॉक्सो एक्ट, यातायात नियमों और ग्रामीण क्षेत्रों में होने वाली ठगी से बचाव की महत्वपूर्ण जानकारी दी गई। साइबर ठगी से बचने के बताए उपाय पुलिस अधिकारियों ने छात्रों को बताया कि साइबर अपराधी मोबाइल कॉल, फर्जी लिंक और ऑनलाइन माध्यमों के जरिए लोगों को ठगी का शिकार बनाते हैं। विद्यार्थियों को सलाह दी गई कि वे किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ ओटीपी, बैंक खाते की जानकारी या अन्य व्यक्तिगत जानकारी साझा न करें और संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से बचें। पॉक्सो कानून और शिकायत प्रक्रिया की जानकारी थाना प्रभारी कमला पुसाम और उनकी टीम ने पॉक्सो एक्ट, छेड़छाड़, यौन अपराध और शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया पर विस्तार से जानकारी दी। पुलिस ने छात्रों को बताया कि किसी भी प्रकार की घटना होने पर बिना डर के शिकायत करें। शिकायतकर्ता की पहचान गोपनीय रखी जाती है और कानून पीड़ितों की सुरक्षा सुनिश्चित करता है। यातायात नियमों का पालन करने की अपील कार्यक्रम में सड़क सुरक्षा पर भी विशेष जोर दिया गया। छात्रों को हेलमेट और सीट बेल्ट का अनिवार्य रूप से उपयोग करने, शराब पीकर वाहन नहीं चलाने, तेज गति से बचने तथा 18 वर्ष की आयु से पहले वाहन नहीं चलाने की सलाह दी गई। पुलिस ने दोपहिया वाहन पर निर्धारित क्षमता से अधिक सवारी न बैठाने की भी अपील की। संदिग्ध गतिविधियों की तुरंत दें सूचना पुलिस ने ग्रामीण क्षेत्रों में सक्रिय ठगी करने वाले गिरोहों, संदिग्ध फेरीवालों और चोरी की रेकी करने वाले लोगों से सतर्क रहने को कहा। यदि किसी संदिग्ध व्यक्ति की गतिविधि दिखाई दे तो उसकी सूचना तुरंत नजदीकी पुलिस थाने को देने की सलाह दी गई। अंधविश्वास के खिलाफ भी किया जागरूक कार्यक्रम के दौरान टोनही प्रताड़ना, जादू-टोना और अंधविश्वास जैसी सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ भी विद्यार्थियों को जागरूक किया गया। पुलिस ने छात्रों से अपील की कि वे यह जानकारी अपने परिवार और आसपास के लोगों तक भी पहुंचाएं, ताकि समाज में जागरूकता बढ़ सके। थाना प्रभारी कमला पुसाम ने बताया कि जिले में साइबर सुरक्षा, महिला एवं बाल सुरक्षा तथा सड़क सुरक्षा को लेकर जागरूकता अभियान लगातार चलाया जा रहा है, जिससे लोगों को अपराधों से बचाने और कानून के प्रति जागरूक करने में मदद मिल सके।

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