Raipur

मरीन ड्राइव की गंदगी पर प्रशासन सख्त, 15 दिन में जलकुंभी हटाने के निर्देश

रायपुर के तेलीबांधा मरीन ड्राइव में बढ़ती गंदगी और अव्यवस्था को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। उत्तर विधानसभा क्षेत्र के विधायक पुरंदर मिश्रा ने मरीन ड्राइव पहुंचकर क्षेत्र का निरीक्षण किया और तालाब किनारे फैली गंदगी पर नाराजगी जताई। निरीक्षण के दौरान विधायक ने निगम अधिकारियों को निर्देश दिए कि देवार डेरा क्षेत्र का तकनीकी सर्वे जल्द कराया जाए और वहां रह रहे लोगों के पुनर्वास की व्यवस्था करते हुए नियमानुसार कार्रवाई की जाए। उन्होंने क्षेत्र को व्यवस्थित और साफ-सुथरा बनाए रखने पर जोर दिया। वहीं नगर निगम आयुक्त संबित मिश्रा ने तेलीबांधा तालाब की सफाई व्यवस्था की समीक्षा की। उन्होंने सफाई कार्य में लापरवाही पर ठेकेदार को फटकार लगाते हुए अगले 15 दिनों के भीतर तालाब से जलकुंभी हटाने के निर्देश दिए। आयुक्त ने कहा कि तालाब की नियमित सफाई और निगरानी सुनिश्चित की जाए ताकि मरीन ड्राइव क्षेत्र में स्वच्छता बनी रहे और लोगों को बेहतर वातावरण मिल सके। नगर निगम ने मरीन ड्राइव क्षेत्र के दुकानदारों को भी सख्त निर्देश जारी किए हैं। सभी दुकानों में डस्टबिन रखना अनिवार्य किया गया है और गीले व सूखे कचरे को अलग-अलग रखने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि यदि कोई दुकानदार तालाब में कचरा फेंकता हुआ पाया गया या नियमों का उल्लंघन करता है, तो उसके खिलाफ जुर्माने सहित कार्रवाई की जाएगी। निरीक्षण के दौरान नगर निवेशक आभाष मिश्रा, जोन-3 कमिश्नर प्रीति सिंह, कार्यपालन अभियंता आशुतोष सिंह समेत नगर निगम के कई अधिकारी मौजूद रहे।

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GOVERNMENT, Raipur

छत्तीसगढ़ में फिर महंगा हुआ पेट्रोल-डीजल, रायपुर में पेट्रोल ₹107.96 पहुंचा

देशभर में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में एक बार फिर बढ़ोतरी दर्ज की गई है। 25 मई को पेट्रोल की कीमत में ₹2.61 प्रति लीटर और डीजल में ₹2.71 प्रति लीटर की बढ़ोतरी हुई है। इसके बाद छत्तीसगढ़ के कई जिलों में पेट्रोल का रेट ₹109 प्रति लीटर के पार पहुंच गया है। राजधानी रायपुर में अब पेट्रोल ₹107.96 प्रति लीटर बिक रहा है। वहीं सरगुजा और बस्तर संभाग के कई जिलों में ईंधन की कीमतें सबसे अधिक दर्ज की गई हैं। नारायणपुर में पेट्रोल ₹109.65, जगदलपुर में ₹109.64, दंतेवाड़ा में ₹109.60 और बीजापुर में ₹109.59 प्रति लीटर पहुंच गया है। सरगुजा संभाग के जशपुर में पेट्रोल ₹109.52, सूरजपुर में ₹109.39 और अंबिकापुर में ₹109.09 प्रति लीटर दर्ज किया गया। दुर्ग में पेट्रोल ₹108.29, धमतरी में ₹108.45, महासमुंद में ₹108.64 और बिलासपुर में ₹108.65 प्रति लीटर तक पहुंच चुका है। वहीं प्रदेश में सबसे कम कीमत कोरबा में दर्ज की गई, जहां पेट्रोल ₹107.63 प्रति लीटर बिक रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, दूरस्थ जिलों में ट्रांसपोर्टेशन लागत अधिक होने की वजह से पेट्रोल-डीजल की कीमतें ज्यादा रहती हैं। जबकि बड़े शहरों और औद्योगिक क्षेत्रों में सप्लाई बेहतर होने के कारण कुछ राहत देखने को मिलती है। लगातार बढ़ती ईंधन कीमतों का असर आम लोगों और ट्रांसपोर्ट सेक्टर पर साफ दिखाई देने लगा है। माल ढुलाई खर्च बढ़ने से यात्री किराए और रोजमर्रा की वस्तुओं की कीमतों पर भी असर पड़ सकता है। प्रशासन ने पेट्रोल-डीजल की ब्लैक मार्केटिंग रोकने के लिए हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए हैं। अधिक कीमत वसूली या अवैध बिक्री की शिकायत 9977222564, 9977222574, 9977222584 और 9977222594 पर की जा सकती है। जानकारों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और वैश्विक तनाव के कारण ईंधन कीमतों पर दबाव बढ़ा है। यदि क्रूड ऑयल की कीमतें आगे भी ऊंची बनी रहती हैं, तो आने वाले दिनों में पेट्रोल-डीजल और महंगा हो सकता है।

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Raipur

लाल किले से CM विष्णुदेव साय का बड़ा संदेश, बोले- जनजातीय समाज भारत की सांस्कृतिक पहचान की असली ताकत

भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती के अवसर पर दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किला मैदान में आयोजित राष्ट्रीय जनजाति सांस्कृतिक समागम में देशभर से हजारों जनजातीय प्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता और युवा शामिल हुए। जनजाति सुरक्षा मंच और जनजाति जागृति समिति द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे, जबकि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने भी कार्यक्रम में भाग लिया। लाल किले के मैदान में पारंपरिक वेशभूषा, लोक वाद्ययंत्र और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के बीच जनजातीय समाज की परंपरा, संस्कृति और पहचान को लेकर एक मजबूत संदेश दिया गया। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि जनजातीय समाज केवल प्रकृति का संरक्षक नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक आत्मा का सबसे प्राचीन और जीवंत स्वरूप है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनजातीय समाज ने सदियों से जल, जंगल और जमीन की रक्षा करते हुए प्रकृति और मानव जीवन के बीच संतुलन बनाए रखा है। उन्होंने कहा कि आज के पर्यावरण संकट के दौर में जनजातीय जीवन दर्शन पूरी दुनिया को टिकाऊ विकास का रास्ता दिखा सकता है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की पहचान उसकी समृद्ध जनजातीय संस्कृति से जुड़ी हुई है, जहां 42 प्रकार की जनजातियां निवास करती हैं और राज्य का बड़ा हिस्सा वन क्षेत्रों से घिरा हुआ है। मुख्यमंत्री ने भगवान बिरसा मुंडा और वीर नारायण सिंह जैसे जननायकों के संघर्ष और बलिदान को याद करते हुए कहा कि इन महान व्यक्तित्वों ने संस्कृति, स्वाभिमान और अधिकारों की रक्षा के लिए ऐतिहासिक लड़ाई लड़ी। मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार द्वारा जनजातीय संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण के लिए किए जा रहे प्रयासों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि नया रायपुर में आयोजित ‘आदि परब’, बस्तर पंडुम और बस्तर ओलंपिक जैसे आयोजन जनजातीय प्रतिभाओं को राष्ट्रीय मंच देने का काम कर रहे हैं। उन्होंने जनजातीय भाषाओं में शिक्षा को बढ़ावा देने की बात करते हुए कहा कि गोंडी, हल्बी और सादरी जैसी भाषाओं में बच्चों को प्रारंभिक शिक्षा देने की दिशा में सरकार विशेष पहल कर रही है, ताकि नई पीढ़ी अपनी संस्कृति और जड़ों से जुड़ी रहे। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि समाज के भीतर यह मांग लगातार उठ रही है कि जो लोग अपनी मूल जनजातीय परंपराओं और संस्कृति को छोड़ चुके हैं, उन्हें अनुसूचित जनजाति सूची से बाहर किए जाने पर गंभीरता से विचार होना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह मुद्दा किसी समुदाय के विरोध का नहीं, बल्कि जनजातीय समाज की पहचान और अधिकारों की सुरक्षा से जुड़ा हुआ है। कार्यक्रम के दौरान देश के विभिन्न राज्यों से आए कलाकारों ने लोकनृत्य और पारंपरिक संगीत की प्रस्तुतियों से जनजातीय विरासत की झलक पेश की। दिनभर मांदर, ढोल और लोकधुनों से गूंजते लाल किला मैदान में यह आयोजन जनजातीय एकता, सांस्कृतिक गौरव और सामाजिक चेतना का प्रतीक बनकर सामने आया।

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रायपुर में पुरानी दुश्मनी के चलते घर के बाहर किया धमाका, परिवार को मिली जान से मारने की धमकी

रायपुर के कबीर नगर थाना क्षेत्र में पुरानी रंजिश को लेकर एक परिवार के घर के बाहर देर रात धमाका किए जाने का मामला सामने आया है। घटना के बाद पूरे इलाके में डर और तनाव का माहौल बन गया। आरोप है कि कुछ लोग आधी रात घर पहुंचे और बम जैसे पटाखे फेंककर परिवार को धमकाया। पीड़ित परिवार की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। घटना में सोनू पटेल, आकाश पासवान, एक युवती और तीन अन्य लोगों के शामिल होने की बात कही जा रही है। कबीर नगर निवासी रिंकु तिवारी ने पुलिस को बताया कि 24 मई 2026 की रात करीब 1 बजे आरोपी उनके घर पहुंचे। आरोपियों ने घर के बाहर विस्फोटक जैसी वस्तु फेंकी, जिससे जोरदार आवाज हुई और आसपास के लोग घबराकर घरों से बाहर निकल आए। शिकायत के मुताबिक आरोपियों ने चाकू दिखाकर परिवार को जान से मारने की धमकी भी दी। हालांकि घर का गेट बंद होने के कारण वे अंदर प्रवेश नहीं कर सके। कुछ देर तक हंगामा करने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। घटना के बाद कबीर नगर पुलिस ने बीएनएस की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच कर रही है और फरार आरोपियों की तलाश जारी है।

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Crime, Raipur

रेलवे स्टेशन के पास अवैध स्टॉल पर रेलवे की कार्रवाई, यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए किया सील

रायपुर रेलवे मंडल ने मुख्य रेलवे स्टेशन के प्रवेश द्वार और एक्सप्रेस-वे के पास रेलवे सीमा से लगे क्षेत्र में संचालित एक अवैध स्टॉल पर कार्रवाई करते हुए उसे सील कर दिया। रेलवे प्रशासन के अनुसार, इस स्टॉल की वजह से यात्रियों की आवाजाही प्रभावित हो रही थी और सुरक्षा संबंधी समस्याएं भी सामने आ रही थीं। बिना अनुमति संचालित हो रहा था स्टॉल वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक अवधेश कुमार त्रिवेदी के निर्देश पर वाणिज्य विभाग की टीम ने मौके का निरीक्षण किया। जांच के दौरान पाया गया कि स्टॉल पूरी तरह अवैध रूप से संचालित किया जा रहा था। इसके लिए न तो रेलवे प्रशासन से अनुमति ली गई थी और न ही रायपुर नगर निगम से कोई स्वीकृति प्राप्त की गई थी। रेलवे अधिकारियों ने बताया कि स्टॉल राज्य सरकार की भूमि पर रेलवे क्षेत्र से सटाकर लगाया गया था, जिससे स्टेशन परिसर की व्यवस्था और यातायात प्रभावित हो रहा था। शाम और रात में बढ़ रही थीं समस्याएं रेलवे प्रशासन के मुताबिक, शाम और रात के समय यह स्थान असामाजिक गतिविधियों का केंद्र बनता जा रहा था। यात्रियों को आने-जाने में परेशानी हो रही थी। साथ ही आसपास फैली गंदगी, कचरा और बचा हुआ भोजन स्वच्छता व्यवस्था को भी प्रभावित कर रहा था। देर रात संदिग्ध गतिविधियों और सुरक्षा शिकायतों के बाद रेलवे ने तत्काल कार्रवाई करते हुए स्टॉल को सील कर दिया। नगर निगम से मांगी सख्त कार्रवाई रेलवे प्रशासन ने रायपुर नगर निगम और राज्य सरकार को पत्र भेजकर मामले में आवश्यक कानूनी कार्रवाई करने का अनुरोध किया है। इसके साथ ही फाफाडीह प्रवेश द्वार से स्टेशन तक के पूरे क्षेत्र में अवैध स्टॉल हटाने, दोबारा अतिक्रमण रोकने और नियमित निगरानी सुनिश्चित करने की मांग की गई है। रेलवे ने संयुक्त निरीक्षण, स्वच्छता व्यवस्था और यात्रियों की सुरक्षा बनाए रखने के लिए नगर निगम से सहयोग भी मांगा है।

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बिजली कटौती पर कांग्रेस का हमला तेज, BJP नेताओं के घर घेराव की चेतावनी

रायपुर में लगातार हो रही बिजली कटौती को लेकर राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। कांग्रेस ने बिजली व्यवस्था को लेकर सीधा विरोध जताते हुए CSPDCL कार्यालय पहुंचकर अधिकारियों से बैठक की और जल्द सुधार नहीं होने पर बड़े आंदोलन की चेतावनी दी। शहर कांग्रेस अध्यक्ष Shreekumar Shankar Menon के नेतृत्व में कांग्रेस के ब्लॉक अध्यक्षों और वरिष्ठ नेताओं ने CSPDCL अधिकारी संजीव सिंह तथा शहर के सभी जोन के कार्यपालन अभियंताओं से मुलाकात की। बैठक में शहर के विभिन्न इलाकों में बार-बार हो रही बिजली कटौती, लो-वोल्टेज और अव्यवस्थित आपूर्ति का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि भीषण गर्मी के बीच लगातार बिजली गुल होने से आम जनता परेशान है। यदि जल्द सुधार नहीं हुआ तो कांग्रेस भाजपा के सांसदों, विधायकों और पदाधिकारियों के घर जाकर धरना देगी। इससे पहले भी बिजली कटौती के मुद्दे पर कांग्रेस ने डगनिया स्थित बिजली कार्यालय के बाहर धरना प्रदर्शन किया था। उस दौरान पूर्व विधायक Vikas Upadhyay के नेतृत्व में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग शामिल हुए थे। प्रदर्शन के दौरान लोगों ने बिजली विभाग के खिलाफ नारेबाजी करते हुए नियमित आपूर्ति की मांग की थी। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि बिजली संकट से लोगों का जनजीवन प्रभावित हो रहा है और सरकार इस समस्या को गंभीरता से नहीं ले रही है। पार्टी ने चेतावनी दी है कि यदि हालात नहीं सुधरे तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। बैठक में पूर्व मंत्री Satyanarayan Sharma, पूर्व महापौर Pramod Dubey, पूर्व विधायक Kuldeep Juneja और शिव सिंह ठाकुर सहित कई कांग्रेस नेता मौजूद रहे।

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AIIMS रायपुर की बड़ी उपलब्धि: 10 महीने के मासूम की दुर्लभ हार्ट सर्जरी सफल, नई जिंदगी मिली

AIIMS Raipur ने बाल हृदय चिकित्सा के क्षेत्र में एक बड़ी सफलता हासिल की है। यहां डॉक्टरों ने 10 महीने के एक मासूम बच्चे की बेहद जटिल और दुर्लभ हृदय सर्जरी सफलतापूर्वक की, जिससे उसे नई जिंदगी मिली। बच्चा ‘एएलसीएपीए’ (Anomalous Left Coronary Artery from the Pulmonary Artery) नाम की गंभीर और जन्मजात हृदय बीमारी से पीड़ित था। यह बीमारी लगभग 3 लाख नवजात शिशुओं में से किसी एक में पाई जाती है और समय पर इलाज न मिलने पर जानलेवा साबित हो सकती है। रायपुर जिले के इस मासूम की हालत बेहद नाजुक थी। गंभीर जोखिम के कारण कई अस्पतालों ने इलाज करने से इनकार कर दिया था, जिसके बाद उसे AIIMS रायपुर रेफर किया गया। यह जटिल ऑपरेशन कई विभागों की संयुक्त टीम ने मिलकर किया, जिसमें कार्डियोथोरेसिक एंड वैस्कुलर सर्जरी, कार्डियोलॉजी, कार्डियक एनेस्थीसिया, रेडियोलॉजी और पीडियाट्रिक्स विभाग शामिल रहे। डॉक्टरों के अनुसार बच्चे का हृदय कार्य (Left Ventricular Ejection Fraction) केवल 20 प्रतिशत रह गया था, साथ ही गंभीर माइट्रल रिगर्जिटेशन ने स्थिति को और कठिन बना दिया था। कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. नाइक के मुताबिक यह बीमारी जन्मजात हृदय रोगों में सबसे जटिल मानी जाती है और इसका इलाज दुनिया के चुनिंदा बड़े मेडिकल संस्थानों में ही संभव हो पाता है। सर्जरी के दौरान और बाद में क्रिटिकल केयर टीम ने लगातार निगरानी रखी। शुरुआती 24 घंटे बच्चे के लिए बेहद महत्वपूर्ण थे, जिसमें उसे विशेष जीवन रक्षक सहायता दी गई। ऑपरेशन के बाद बच्चे की हालत में तेजी से सुधार हुआ। दूसरे ही दिन उसे वेंटिलेटर से हटा दिया गया और 9वें दिन उसे पूरी तरह स्वस्थ और स्थिर स्थिति में अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।

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UPSC Prelims 2026: छत्तीसगढ़ में 13 हजार से ज्यादा अभ्यर्थियों ने दी परीक्षा, फेस स्कैन के बाद मिली एंट्री

संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा 2026 आज 24 मई को छत्तीसगढ़ में शांतिपूर्ण तरीके से आयोजित की गई। परीक्षा के लिए रायपुर और बिलासपुर में केंद्र बनाए गए थे, जहां कुल 13 हजार 319 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुए। रायपुर के 22 परीक्षा केंद्रों में 8 हजार 449 उम्मीदवारों ने परीक्षा दी, जबकि बिलासपुर के 14 केंद्रों में 4 हजार 870 परीक्षार्थी शामिल हुए। परीक्षा दो पालियों में आयोजित हुई। पहली पाली सुबह 9:30 बजे से 11:30 बजे तक और दूसरी पाली दोपहर 2:30 बजे से 4:30 बजे तक चली। इस बार परीक्षा में पहली बार फेस ऑथेंटिकेशन सिस्टम लागू किया गया। परीक्षा केंद्र में प्रवेश से पहले सभी अभ्यर्थियों का फेस स्कैन किया गया। पहचान सत्यापित होने के बाद ही उन्हें अंदर प्रवेश दिया गया। प्रशासन ने परीक्षा को लेकर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे। सभी केंद्रों पर मेटल डिटेक्टर से जांच की गई और पुलिस पेट्रोलिंग टीम लगातार निगरानी करती रही। रायपुर कलेक्टर Gaurav Singh ने पहले ही अभ्यर्थियों को समय से पहले केंद्र पहुंचने की अपील की थी। निर्धारित समय के बाद किसी को भी एंट्री नहीं दी गई। रायपुर में परीक्षा केंद्रों के आसपास 500 मीटर के दायरे में ध्वनि प्रदूषण और अव्यवस्था रोकने के निर्देश भी जारी किए गए थे। गोपनीय परीक्षा सामग्री का वितरण जिला कोषालय से किया गया। बिलासपुर में कई सरकारी और निजी शिक्षण संस्थानों को परीक्षा केंद्र बनाया गया था, जिनमें शासकीय इंजीनियरिंग कॉलेज कोनी, सीएमडी कॉलेज, बिलासा गर्ल्स कॉलेज और स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल सहित कई संस्थान शामिल रहे।

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कांग्रेस में बढ़ी अंदरूनी कलह! भूपेश बोले- सिंहदेव के बयानों पर नहीं देता प्रतिक्रिया

छत्तीसगढ़ कांग्रेस में प्रदेश अध्यक्ष पद को लेकर जारी सियासी बयानबाजी अब खुलकर सामने आने लगी है। पूर्व मुख्यमंत्री Bhupesh Baghel ने टीएस सिंहदेव और दीपक बैज के बीच चल रही चर्चाओं पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वे सिंहदेव के बयानों पर कोई टिप्पणी नहीं करते। रायपुर में मीडिया से बातचीत के दौरान भूपेश बघेल ने कहा कि Deepak Baij पिछले साढ़े तीन साल से प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के रूप में संगठन की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। पार्टी में किसे नेता प्रतिपक्ष या प्रदेश अध्यक्ष बनाया जाएगा, यह फैसला कांग्रेस हाईकमान का होता है और वे इस मामले में अपनी ओर से कोई राय नहीं देते। दरअसल, हाल ही में T. S. Singh Deo ने एक इंटरव्यू में कहा था कि यदि पार्टी उन्हें प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी देती है, तो वे उसे निभाने के लिए तैयार हैं। उन्होंने यह भी कहा कि वे छत्तीसगढ़ में रहकर ही संगठन और जनता के बीच काम करना चाहते हैं। सिंहदेव के इस बयान पर दीपक बैज ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि बाबा साहब बड़े नेता हैं और उन्हें दिल्ली में जाकर पार्टी के लिए काम करना चाहिए। साथ ही उन्होंने कहा कि प्रदेश में युवाओं को आगे आने का मौका मिलना चाहिए। टीएस सिंहदेव ने अपने बयान में यह भी कहा था कि हर कांग्रेसी की पहली जिम्मेदारी अपने क्षेत्र और संगठन को मजबूत करना है। उन्होंने इशारों में चुनावी प्रदर्शन का जिक्र करते हुए कहा कि यह भी देखा जाना चाहिए कि कौन चुनाव जीता और कौन हारा। सिंहदेव ने यह भी स्वीकार किया कि वे खुद चुनाव हार चुके हैं, जबकि दीपक बैज भी चुनाव में हार का सामना कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अपने कई क्षेत्रों और लोकसभा चुनाव में भी अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर सकी। वहीं, बीजेपी ने कांग्रेस के भीतर चल रही इस बयानबाजी को लेकर निशाना साधा है। प्रदेश के मंत्री Ramvichar Netam ने कहा कि कांग्रेस का अंदरूनी विवाद समय-समय पर सार्वजनिक होता रहता है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस में नेता एक-दूसरे को स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं और पार्टी “यूज एंड थ्रो” की राजनीति करती है।

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Political, Raipur

धमतरी पुलिस को मिली हाईटेक FSL मोबाइल यूनिट वैन, अब घटनास्थल पर ही होगी वैज्ञानिक जांच

धमतरी पुलिस को अपराध जांच को और अधिक आधुनिक और प्रभावी बनाने के लिए अत्याधुनिक एफएसएल (फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी) मोबाइल यूनिट वैन की सौगात मिली है। पुलिस लाइन रूद्री धमतरी में आयोजित कार्यक्रम में इस हाईटेक वैन का विधिवत शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम में महापौर Jagdish Ramu Rohra, पूर्व विधायक Inderchand Chopra और पुलिस अधीक्षक Suraj Singh Parihar ने हरी झंडी दिखाकर वैन को रवाना किया। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक यह हाईटेक मोबाइल यूनिट अब घटनास्थल पर पहुंचकर तुरंत वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाने, फिंगरप्रिंट जांच, डिजिटल और भौतिक साक्ष्यों को सुरक्षित रखने, फोटोग्राफी, वीडियोग्राफी और अन्य तकनीकी जांच कार्य करने में सक्षम होगी। इससे मौके पर ही प्रारंभिक वैज्ञानिक परीक्षण संभव हो सकेगा और जांच प्रक्रिया अधिक मजबूत और पारदर्शी बनेगी। धमतरी पुलिस ने बताया कि गंभीर और संवेदनशील मामलों की वैज्ञानिक तरीके से जांच के चलते वर्ष 2026 में अब तक 6 आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा दिलाई जा चुकी है। अधिकारियों का मानना है कि नई एफएसएल मोबाइल यूनिट के जुड़ने से विवेचना प्रणाली और अधिक तेज, आधुनिक और तकनीकी रूप से सशक्त होगी। रायपुर में आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय गृह मंत्री द्वारा प्रदेश के विभिन्न जिलों के लिए एफएसएल मोबाइल यूनिट वैन को रवाना किया गया था। धमतरी जिले के लिए उपलब्ध कराई गई वैन को वैज्ञानिक अधिकारी Amit Kumar Patel धमतरी लेकर पहुंचे। महापौर जगदीश रामू रोहरा ने धमतरी पुलिस की आधुनिक तकनीक आधारित कार्यप्रणाली की सराहना करते हुए कहा कि नई सुविधा से अपराध जांच और अधिक प्रभावी होगी और लोगों का पुलिस एवं न्याय व्यवस्था पर भरोसा मजबूत होगा। वहीं पुलिस अधीक्षक सूरज सिंह परिहार ने कहा कि बदलते अपराधों के स्वरूप को देखते हुए वैज्ञानिक और तकनीकी जांच बेहद जरूरी हो गई है। उन्होंने कहा कि एफएसएल मोबाइल यूनिट से साक्ष्य आधारित जांच मजबूत होगी और दोषसिद्धि दर बढ़ाने में मदद मिलेगी। कार्यक्रम के दौरान वैज्ञानिक अधिकारी अमित कुमार पटेल ने वैन में मौजूद आधुनिक उपकरणों और उसकी कार्यप्रणाली की जानकारी जनप्रतिनिधियों, पुलिस अधिकारियों और मीडिया को दी।

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