Raipur

रायपुर में फर्जी MSME चेयरमैन बनकर ठगी: युवकों से 35 लाख ऐंठे, पद और सैलरी का दिया झांसा; FIR दर्ज

रायपुर।राजधानी रायपुर में दिल्ली के एक व्यक्ति ने खुद को MSMEPCI (Micro Small Medium Enterprises Promotion Council of India) का चेयरमैन बताकर दो युवकों से 35 लाख रुपए की ठगी कर ली। आरोपी ने दोनों को संगठन में छत्तीसगढ़ राज्य का चेयरमैन और वाइस चेयरमैन बनाने का लालच दिया था। इतना ही नहीं, उसने फर्जी जॉइनिंग लेटर और आईडी कार्ड देकर भरोसा भी जीत लिया। लेकिन जब महीनों तक सैलरी नहीं मिली, तब जाकर पीड़ितों को ठगी का अहसास हुआ। पूरा मामला अभनपुर थाना क्षेत्र का है, जहां पुलिस ने पीड़ित की शिकायत पर FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पद और वेतन का लालच देकर फंसाया विशाल नगर निवासी अनिल कुमार श्रीवास ने बताया कि 5 अप्रैल 2023 को उनकी मुलाकात विजय कुमार चौरसिया नामक व्यक्ति से जोरा स्थित एक होटल में हुई थी। चौरसिया ने खुद को MSMEPCI का चेयरमैन बताया और दावा किया कि यह संस्था केंद्र सरकार से मान्यता प्राप्त है तथा देशभर में पदाधिकारियों की नियुक्ति कर रही है। चौरसिया ने अनिल श्रीवास को वाइस चेयरमैन और उनके परिचित रोशन श्रीवास को चेयरमैन का पद देने का ऑफर दिया। बदले में उसने क्रमशः ₹15 लाख और ₹20 लाख की मांग की। इसके साथ ₹1 लाख मासिक वेतन और बंगला देने का वादा भी किया गया। 35 लाख रुपये की ठगी, फर्जी लेटर थमाया पीड़ितों ने बताया कि 6 अप्रैल 2023 को अभनपुर के लखन हिंदू होटल के बाहर उनसे ₹2-2 लाख नगद लिए गए। इसके बाद अप्रैल से दिसंबर 2023 के बीच आरोपी को किस्तों में कुल ₹35 लाख नगद और ऑनलाइन ट्रांसफर किए गए। विजय चौरसिया ने उन्हें फर्जी जॉइनिंग लेटर और पहचान पत्र सौंपे, लेकिन कोई वेतन या सुविधा नहीं दी। आरोपी ने कई कार्यक्रमों का खर्च भी उनसे करवाया। जब पीड़ितों ने पैसे वापस मांगे, तो आरोपी ने धमकी देते हुए कहा — “जो करना है कर लो, मेरा कुछ नहीं बिगाड़ पाओगे।” पुलिस जांच जारी ठगी का अहसास होने पर अनिल श्रीवास ने अभनपुर थाना में शिकायत दर्ज करवाई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि आरोपी ने राजधानी समेत अन्य शहरों में भी कई लोगों को ऐसे पदों का झांसा देकर ठगी की कोशिश की है। पुलिस अब आरोपी की तलाश कर रही है और बैंक ट्रांजेक्शन सहित डिजिटल सबूतों की जांच कर रही है।

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राज्योत्सव 2025 में पुलिस पंडाल बना जनता की आवाज़: लोगों ने लिखा – बिजली बिल आधा करो, VIP कल्चर खत्म करो, करप्शन पर लगाम लगाओ

रायपुर।छत्तीसगढ़ राज्योत्सव 2025 में इस बार पुलिस विभाग का पंडाल लोगों के आकर्षण का केंद्र बना रहा। यहाँ पुलिस ने जनता की राय जानने के लिए एक अनोखी पहल की — “जनता की बात, आपकी पुलिस के साथ” नाम से 20 फीट लंबा व्हाइट बोर्ड लगाया गया, जिस पर लोगों ने अपने सुझाव और शिकायतें लिखीं। कुछ ही घंटों में यह बोर्ड जनता की आवाज़ से भर गया। 2000 से अधिक लोगों ने अपने विचार लिखे, जिनमें सरकार और प्रशासन दोनों के लिए सीधे संदेश थे। जनता ने कहा – “बिजली बिल आधा करो, VIP कल्चर खत्म करो” लोगों ने अपने संदेशों में बढ़ते बिजली बिलों, भ्रष्टाचार, और VIP कल्चर पर रोक लगाने की मांग की।कुछ संदेशों में लिखा था – युवाओं ने परीक्षाओं की पारदर्शी जांच, नशे पर नियंत्रण और रोजगार के अवसर बढ़ाने की भी मांग रखी। शराबबंदी की मांग भी उठी कई नागरिकों ने सरकार से राज्य में शराब बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की अपील की।पोस्टर पर कई जगह लिखा गया – “शराब बिक्री बंद करो”, “सेहत बचाओ – नशा हटाओ” जैसे संदेश। साथ ही लोगों ने पुलिस से अपेक्षा जताई कि हेलमेट चेकिंग में पारदर्शिता रखी जाए और आम नागरिकों को “पुलिस के मित्र” के रूप में जोड़ा जाए। अफसरों ने पढ़े जनता के सुझाव राज्योत्सव के दौरान रायपुर रेंज के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी स्वयं जनता के बीच पहुंचे और वॉल पर लिखे संदेश पढ़े।अधिकारियों ने कहा कि इन सभी सुझावों का विश्लेषण कर रिपोर्ट तैयार की जाएगी, ताकि पुलिस और प्रशासन दोनों जन अपेक्षाओं के अनुरूप काम कर सकें। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक ने दी अपनी राय इस पहल में बच्चों, युवाओं और बुजुर्गों — सभी ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।“सेल्फी विद पुलिस”, “बैंड परेड” और “साइबर सुरक्षा जागरूकता स्टॉल” जैसी गतिविधियों ने कार्यक्रम को और रोचक बना दिया। राज्योत्सव 2025 में पुलिस पंडाल केवल एक प्रदर्शनी नहीं रहा, बल्कि जनता की भावनाओं और उम्मीदों का मंच बन गया — जहाँ लोगों ने साफ कहा कि उन्हें सुरक्षित, पारदर्शी और भ्रष्टाचार-मुक्त छत्तीसगढ़ चाहिए।

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यौन उत्पीड़न केस में फंसे IG रतनलाल डांगी हटाए गए: SI की पत्नी की शिकायत के बाद PHQ अटैच, अजय यादव को मिली नई जिम्मेदारी

छत्तीसगढ़ पुलिस अकादमी, चंदखुरी में तैनात IG रतनलाल डांगी को यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों के बाद उनके पद से हटा दिया गया है। अब उन्हें पुलिस मुख्यालय (PHQ) रायपुर में अटैच किया गया है। गृह विभाग के सचिव हिमशिखर गुप्ता ने इस संबंध में आदेश जारी किया है। डांगी की जगह अब वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी अजय यादव को चंदखुरी पुलिस अकादमी का नया निदेशक बनाया गया है। अजय यादव इससे पहले नारकोटिक्स विभाग में पदस्थ थे। यह कार्रवाई तब हुई जब SI की पत्नी ने IG रतनलाल डांगी के खिलाफ पुलिस मुख्यालय में यौन उत्पीड़न और मानसिक प्रताड़ना की शिकायत दर्ज कराई थी। विभागीय जांच लगभग 14 दिन चली, जिसके बाद गृह विभाग ने यह कदम उठाया। जांच की जिम्मेदारी IG आनंद छाबड़ा को सौंपी गई IPS रतनलाल डांगी के खिलाफ शिकायत की जांच पुलिस मुख्यालय के निर्देशन में IG आनंद छाबड़ा कर रहे हैं। जांच टीम ने महिला से बयान और डिजिटल साक्ष्य जुटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। टीम में महिला अधिकारियों को भी शामिल किया गया है। महिला के बयान दर्ज करने के बाद डांगी से पूछताछ की जाएगी। हालांकि, जांच रिपोर्ट आने में अभी कुछ समय लग सकता है। क्या है पूरा मामला? पीड़िता, जो एक SI की पत्नी है, ने 15 अक्टूबर 2025 को औपचारिक शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि वर्ष 2017 में उसकी पहचान रतनलाल डांगी से कोरबा में हुई थी, जब वे वहां एसपी के पद पर थे। शुरुआत सोशल मीडिया के ज़रिए हुई बातचीत आगे बढ़ती गई। महिला ने आरोप लगाया कि दंतेवाड़ा में पदस्थ रहते हुए वह उन्हें वीडियो कॉल के ज़रिए योग सिखाती थी। लेकिन, बाद में जब डांगी राजनांदगांव और सरगुजा में आईजी बने, तो उन्होंने परेशान करना शुरू कर दिया। बिलासपुर में तैनाती के दौरान यह उत्पीड़न और बढ़ गया। शिकायत के अनुसार, IG डांगी अक्सर उसे अपनी पत्नी की गैरमौजूदगी में बंगले पर बुलाते थे। मना करने पर तबादले की धमकी देते थे। यहां तक कि चंदखुरी अकादमी में तबादले के बाद भी वह दिनभर वीडियो कॉल पर बने रहने का दबाव डालते थे। महिला ने कहा कि उसके पास कई डिजिटल सबूत मौजूद हैं। डांगी बोले – “यह मुझे बदनाम करने की साजिश” IG रतनलाल डांगी ने इन आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि शिकायतकर्ता महिला उन्हें ब्लैकमेल कर रही है। उन्होंने बताया कि इस महिला के खिलाफ पहले भी उन्होंने सीनियर अधिकारियों को शिकायत दी थी। डांगी का दावा है कि महिला ने उन्हें बदनाम करने की नीयत से यह शिकायत की है और वह पहले भी इस तरह के विवादों में शामिल रह चुकी है। महिला के खिलाफ भी पुराने आरोप डांगी के परिजनों ने बताया कि शिकायतकर्ता महिला का व्यवहार पहले से ही संदिग्ध रहा है। वह धोखाधड़ी और ब्लैकमेलिंग जैसे मामलों में पहले भी फंसी रही है। परिजनों ने दावा किया कि उनके पास महिला के पुराने मामलों से जुड़े दस्तावेज और बयान मौजूद हैं, जिन्हें अब जांच में शामिल किया जा सकता है। Chhattisgarh Police, IG Ratanlal Dangi, Sexual Harassment Case, Ajay Yadav, Police Academy Chandkhuri, PHQ Raipur, IPS News, Chhattisgarh News

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रायपुर के फार्म-हाउस में शराब पिलाकर महिला से गैंगरेप:बॉयफ्रेंड से पैचअप करवाने के बहाने ले गए थे; महिला दो बच्चों की है मां

रायपुर से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां 25 साल की शादीशुदा महिला के साथ फार्महाउस में गैंगरेप किया गया। आरोपियों ने महिला को उसके बॉयफ्रेंड से पैचअप करवाने के बहाने बुलाया और फिर कोल्डड्रिंक में शराब मिलाकर उसे बेहोश कर दिया। महिला के होश में आने पर उसने खुद के साथ हुए अत्याचार की शिकायत पुलिस से की है। मामला धरसींवा थाना क्षेत्र के कुंरा गांव स्थित एक फार्महाउस का है। पुलिस के मुताबिक, पीड़ित महिला महासमुंद जिले की रहने वाली है और फिलहाल रायपुर में अपने परिवार के साथ रहती है। महिला का अपने बॉयफ्रेंड से विवाद के बाद ब्रेकअप हो गया था। इसी का फायदा उठाते हुए आरोपी आशीष जोशी और रूपेंद्र साहू ने उसे 27 अक्टूबर को उसके बॉयफ्रेंड से मिलवाने और पैचअप करवाने का झांसा दिया। दोनों आरोपी महिला को धरसींवा के एक निजी फार्महाउस पर लेकर गए। वहां के केयरटेकर से फार्महाउस को अपने कब्जे में लिया गया। इसके बाद आरोपियों ने महिला को कोल्डड्रिंक में शराब मिलाकर पिला दी, जिससे वह बेहोश हो गई। महिला के बेसुध होने पर दोनों आरोपियों ने उसके साथ गैंगरेप किया। घटना के बाद आरोपियों ने महिला को धमकी दी कि यदि उसने किसी को बताया तो जान से मार देंगे। डरी हुई महिला कुछ दिनों तक चुप रही, लेकिन लगभग एक सप्ताह बाद उसने हिम्मत जुटाकर धरसींवा थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने जांच के बाद आरोपी आशीष जोशी को गिरफ्तार कर लिया है। वह श्याम नगर तेलीबांधा का रहने वाला है और एक मेडिकल दुकान में काम करता है। वहीं दूसरा आरोपी रूपेंद्र साहू अभी फरार है, जिसकी तलाश पुलिस कर रही है। पुलिस का कहना है कि यह मामला बेहद गंभीर है और जल्द ही दूसरे आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा। फिलहाल महिला का बयान दर्ज कर उसे चिकित्सीय जांच के लिए भेजा गया है।

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राज्योत्सव समापन समारोह, नवा रायपुर]

नवा रायपुर में बुधवार की शाम छत्तीसगढ़ के रजत महोत्सव यानी 25वें राज्योत्सव का भव्य समापन हुआ। समापन समारोह के मुख्य अतिथि उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन रहे। इस मौके पर उन्होंने छत्तीसगढ़ की 25 साल की यात्रा को असाधारण बताया और कहा कि राज्य ने नक्सलवाद के खात्मे के साथ विकास की नई दिशा तय की है। समापन समारोह में बोलते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि सांसद रहने के दौरान वे भी उन नेताओं में शामिल थे जिन्होंने संसद में छत्तीसगढ़ राज्य विधेयक का समर्थन किया था। उन्होंने कहा— नक्सलवाद का खात्मा राज्य सरकार की बड़ी सफलता है और यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह के दृढ़ नेतृत्व का परिणाम है। उपराष्ट्रपति ने कहा कि पुलिस, सुरक्षा बलों और स्थानीय समुदायों के संयुक्त प्रयासों से आज छत्तीसगढ़ में भय और हिंसा की जगह विकास और विश्वास ने ली है। उन्होंने राज्य निर्माण के लिए पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के दूरदर्शी नेतृत्व को याद किया और कहा कि उन्हीं के विज़न की वजह से छत्तीसगढ़ तरक्की की राह पर आगे बढ़ा है। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की सार्वजनिक वितरण प्रणाली की सराहना करते हुए कहा कि इस योजना के माध्यम से 72 लाख से अधिक लोगों को निशुल्क खाद्यान्न मिल रहा है। उन्होंने इसे राज्य की एक सफल और जनहितकारी पहल बताया। समारोह में उपराष्ट्रपति ने विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाले लोगों को सम्मानित किया। उपराष्ट्रपति के रूप में पदभार संभालने के बाद राधाकृष्णन पहली बार छत्तीसगढ़ आए थे, उन्हें इस मौके पर विशेष रूप से आमंत्रित किया गया था। नवा रायपुर की चर्चा करते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि यह भारत का पहला ग्रीनफील्ड शहर है, जहां आईटी हब, फार्मा हब और एआई डेटा सेंटर पार्क जैसे प्रोजेक्ट तेजी से आकार ले रहे हैं। यहां विश्वस्तरीय मेडिसिटी भी विकसित हो रही है। उन्होंने ‘अंजोर विज़न @2047’ के अंतर्गत सेमीकंडक्टर निर्माण और नई संचार क्रांति की दिशा में सरकार के प्रयासों की सराहना की। समारोह के अंत में उपराष्ट्रपति ने कहा कि रजत महोत्सव को सिर्फ अतीत के उत्सव के रूप में नहीं, बल्कि भविष्य के लिए एक नई प्रतिज्ञा के रूप में देखा जाना चाहिए। समापन समारोह में राज्यपाल रमेन डेका, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह समेत कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।

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खमतराई के सीतला तालाब में फिर सनसनी: समोसा बेचने वाले अर्जुन यादव का शव संदिग्ध हालात में मिला, जेब से शराब की बोतल बरामद

रायपुर। राजधानी रायपुर के खमतराई इलाके में शुक्रवार सुबह एक बार फिर सनसनी फैल गई, जब सीतला तालाब में एक युवक का शव तैरता हुआ मिला। सुबह-सुबह स्थानीय लोगों ने जब शव को देखा, तो तुरंत पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची खमतराई पुलिस ने शव को तालाब से बाहर निकलवाया और उसकी पहचान अर्जुन यादव के रूप में की। जानकारी के मुताबिक, अर्जुन यादव खमतराई क्षेत्र में ही लालू नामक व्यक्ति की दुकान में समोसा बेचने का काम करता था। पुलिस ने जब शव की तलाशी ली, तो अर्जुन की जेब से शराब की एक बोतल मिली। इस वजह से मौत का मामला संदिग्ध लग रहा है। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है और अब मौत के सही कारणों की जांच की जा रही है। स्थानीय लोगों के अनुसार, अर्जुन को गुरुवार देर रात तक दुकान के पास देखा गया था। सुबह जब लोगों ने तालाब में लाश देखी, तो इलाके में हड़कंप मच गया। यह घटना क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है। गौर करने वाली बात यह है कि सीतला तालाब में इससे पहले भी इस तरह की कई घटनाएं हो चुकी हैं। पिछले कुछ महीनों में दो से तीन बार यहां से शव बरामद किए जा चुके हैं। लगातार हो रही इन घटनाओं ने इलाके के लोगों में डर और नाराजगी दोनों पैदा कर दिए हैं। खमतराई थाना प्रभारी ने बताया कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि युवक की मौत डूबने से हुई या किसी और वजह से। फिलहाल पुलिस हर एंगल से मामले की जांच कर रही है और आसपास के CCTV फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं। (Source: News22 Bharat)

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बिलासपुर रेल हादसा: सिग्नल फेल या लापरवाही? मालगाड़ी से टकराई मेमू ट्रेन, 11 की मौत – 25 घायल

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में मंगलवार दोपहर एक बड़ा रेल हादसा हो गया। कोरबा से बिलासपुर आ रही एक मेमू लोकल ट्रेन ने लालखदान स्टेशन के पास खड़ी मालगाड़ी को पीछे से टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि मेमू ट्रेन का इंजन मालगाड़ी के कोयले से लदे वैगन पर चढ़ गया। इस भीषण दुर्घटना में लोको पायलट समेत 11 यात्रियों की मौत हो गई, जबकि 25 से अधिक लोग घायल हुए हैं। प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि हादसे की वजह ऑटो सिग्नल फेल्योर या सिग्नल ओवरशूट हो सकती है। हालांकि रेलवे ने कहा है कि इसकी पुष्टि सीआरएस (कमिश्नर ऑफ रेलवे सेफ्टी) की जांच रिपोर्ट के बाद ही होगी। 200 यात्रियों में मचा हड़कंप, कई बोगियां क्षतिग्रस्त घटना के वक्त ट्रेन में लगभग 200 यात्री सवार थे। मेमू करीब 50 से 60 किमी/घंटा की रफ्तार से चल रही थी। टक्कर लगते ही बोगियों में अफरा-तफरी मच गई।प्रत्यक्षदर्शी नरेंद्र मौर्य ने बताया, “जोरदार धमाका हुआ तो हम घर से बाहर निकले। ट्रेन के पास पहुंचे तो यात्री घायल हालत में चिल्ला रहे थे। हमने घायलों को बाहर निकालकर एंबुलेंस में भेजा।” सीएम ने जताया दुख, राहत राशि का ऐलान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने हादसे को दुखद बताते हुए मृतकों के परिजनों को 5 लाख रुपए और घायलों को 50 हजार रुपए की सहायता राशि देने की घोषणा की है।वहीं, रेलवे मंत्रालय ने मृतकों के परिवारों को 10 लाख, गंभीर रूप से घायलों को 5 लाख और सामान्य रूप से घायल यात्रियों को 1 लाख रुपए मुआवजा देने का ऐलान किया है। कवच सिस्टम की कमी पर उठे सवाल हादसे के बाद रेल सुरक्षा प्रणाली ‘कवच’ को लेकर सवाल उठने लगे हैं। देश में 15 हजार से ज्यादा इंजनों में से केवल 1,290 इंजनों में यह सिस्टम लगाया गया है, जबकि दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (SECR) जोन में किसी भी इंजन में यह नहीं है।कवच सिस्टम ट्रेन की गति नियंत्रित कर टक्कर जैसी घटनाओं को रोकने में मदद करता है। इसे स्थापित करने की लागत करीब 80 से 90 लाख रुपए प्रति इंजन है। क्या है कवच सिस्टम? कवच एक ऑटोमेटिक ट्रेन प्रोटेक्शन सिस्टम (ATP) है जो ट्रेन की गति सीमा और लोको पायलट की त्रुटियों पर स्वतः ब्रेक लगाता है। इससे ट्रेनें सिग्नल पार करने से पहले रुक जाती हैं और संभावित टक्कर से बचाव होता है। जांच शुरू, सिग्नल फेल या ओवरशूट – कारण की पुष्टि बाकी रेलवे के सीपीआरओ डॉ. सुष्कर विपुल विलास राव ने कहा कि हादसे की वजह की जांच कमिश्नर ऑफ रेलवे सेफ्टी बीके मिश्रा करेंगे।विशेषज्ञों के अनुसार, यह दुर्घटना सिग्नल सिस्टम फेल या लोको पायलट की ओर से सिग्नल ओवरशूट की वजह से हो सकती है।

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सुकमा में नक्सलियों की ऑर्डिनेंस फैक्ट्री तबाह, 17 राइफल और हथियार बनाने के उपकरण बरामद

छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली है। जिले के गोमगुड़ा इलाके में डीआरजी (डिस्ट्रिक्ट रिजर्व ग्रुप) के जवानों ने नक्सलियों द्वारा बनाई गई अवैध ऑर्डिनेंस फैक्ट्री को ध्वस्त कर दिया है।जानकारी के अनुसार, सोमवार को मिले गोपनीय इनपुट के बाद डीआरजी की टीम ने जंगल में सर्च ऑपरेशन चलाया, जिसमें यह फैक्ट्री मिली। फैक्ट्री से 17 चालू राइफलें, हथियार निर्माण में इस्तेमाल होने वाले मशीन, टूल्स, गन पार्ट्स और अन्य उपकरण बरामद किए गए हैं। शुरुआती जांच से पता चला है कि नक्सलियों ने इस फैक्ट्री का इस्तेमाल अपनी सशस्त्र ताकत बढ़ाने और स्थानीय स्तर पर कंट्रीमेड हथियार तैयार करने के लिए किया था। नक्सलियों का नया वीडियो वायरल: डीआरजी जवानों को बताया ‘गद्दार’ दंतेवाड़ा जिले से एक नया नक्सली वीडियो वायरल हुआ है, जिसमें नक्सली गोंडी भाषा में गीत गाकर डीआरजी जवानों को ‘गद्दार’ कह रहे हैं। वीडियो में कांकेर और जगदलपुर में आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों के दृश्य भी शामिल हैं। सूत्रों के मुताबिक, नक्सली अब अपने साथियों को आत्मसमर्पण से रोकने के लिए प्रचार अभियान चला रहे हैं। इसके तहत एरिया कमेटियों से चेतावनी पत्र जारी किए जा रहे हैं और नाट्य मंडलियों के जरिए गांवों में प्रचार किया जा रहा है ताकि ग्रामीणों को प्रभावित किया जा सके। आत्मसमर्पण का बढ़ता सिलसिला पिछले एक साल में 545 नक्सलियों ने हिंसा छोड़ दी, जबकि 454 नक्सली गिरफ्तार किए गए। अलग-अलग मुठभेड़ों में 64 नक्सली मारे गए हैं। पुलिस लगातार बच बचे नक्सलियों पर दबाव बना रही है। सुकमा के एसपी किरण चव्हाण ने कहा कि आत्मसमर्पण करने वालों को पूरी सुरक्षा, सम्मान और पुनर्वास योजना के तहत बेहतर जीवन व रोजगार प्रदान किया जाएगा। उन्होंने अपील की कि जो नक्सली मुख्यधारा में लौटना चाहते हैं, वे जल्द आत्मसमर्पण करें।

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छत्तीसगढ़ में नई पहल: प्रधानमंत्री आवास के साथ अब मुख्यमंत्री गृह प्रवेश सम्मान योजना, तय समय में घर पूरा करने पर मिलेगा बोनस

छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी 2.0) के साथ एक नई पहल की है — मुख्यमंत्री गृह प्रवेश सम्मान योजना। इस योजना के तहत यदि कोई लाभार्थी 18 महीने के भीतर अपना घर पूरा करता है, तो उसे राज्य सरकार की ओर से ₹32,850 का बोनस मिलेगा। इसके लिए सरकार ने ₹100 करोड़ का बजट भी स्वीकृत कर दिया है। मुख्यमंत्री की इस पहल का उद्देश्य शहरी गरीबों और महिलाओं के स्वामित्व वाले पक्के मकानों को बढ़ावा देना है। राज्य के 141 नगरीय निकायों में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 11,282 मकान बनाए जाने हैं, जिनकी मंजूरी केंद्र सरकार ने 15 अक्टूबर को दी थी। इस योजना से छत्तीसगढ़ सरकार का लक्ष्य है कि हर पात्र परिवार को अपना पक्का घर मिले, जिससे राज्य “हर घर पक्का घर” के लक्ष्य के करीब पहुंचे। योजना के तहत आर्थिक सहायता प्रधानमंत्री आवास योजना में पहले से ही ₹2.5 लाख की सहायता राशि का प्रावधान है — अब मुख्यमंत्री गृह प्रवेश सम्मान योजना से अतिरिक्त ₹32,850 मिलेंगे, बशर्ते मकान का निर्माण 18 महीने के भीतर पूरा हो। चार चरणों में मिलेगी राशि योजना की राशि सीधे हितग्राहियों के खाते में चार किस्तों में भेजी जाएगी — प्रत्येक चरण की राशि जारी करने से पहले 70% फंड उपयोग की रिपोर्ट और उपयोगिता प्रमाण पत्र देना अनिवार्य होगा। बिल्डिंग परमिशन अनिवार्य शर्त घर बनाने के लिए बिल्डिंग परमिशन केवल नगरीय निकाय द्वारा जारी की जाएगी। इसकी एक प्रति सूडा (राज्य शहरी विकास अभिकरण) को भेजना जरूरी होगा।मकान का कॉरपेट एरिया 30 से 45 वर्ग मीटर के बीच होना चाहिए, अन्यथा राशि जारी नहीं की जाएगी।

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बिहार चुनाव में दिखेगा छत्तीसगढ़ मॉडल: 250 कार्यकर्ताओं की टीम पहुंची प्रचार में, 55 नेताओं ने संभाली कमान

रायपुर/पटना।बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण की वोटिंग 6 नवंबर को होने वाली है। दिलचस्प बात यह है कि चुनाव भले बिहार में हो, लेकिन इसकी तैयारी छत्तीसगढ़ में पिछले आठ महीनों से चल रही थी।एक भारत श्रेष्ठ भारत अभियान के तहत भाजपा ने छत्तीसगढ़ के उन 8 जिलों—रायपुर, दुर्ग-भिलाई, बिलासपुर, रायगढ़, जशपुर, अंबिकापुर, कोरबा और मनेंद्रगढ़-चिरमिरी—में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए, जहां बिहार मूल के लोगों की बड़ी आबादी रहती है। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य था बिहार के मतदाताओं तक “छत्तीसगढ़ मॉडल” की सफलता पहुंचाना। लोगों को बताया गया कि भाजपा की सरकार बनने पर बिहार का विकास छत्तीसगढ़ की तरह तेज़ी से कैसे हो सकता है। बिहार पहुंचे छत्तीसगढ़ के 250 प्रचारक इस अभियान के तहत 250 स्थानीय स्वयंसेवक तैयार किए गए जो अब बिहार जाकर भाजपा के समर्थन में प्रचार कर रहे हैं। ये लोग गांव-गांव जाकर मतदाताओं से संवाद कर रहे हैं और “विकसित बिहार” का संदेश दे रहे हैं। भाजपा संगठन ने भी बिहार में पूरी रणनीति के साथ डेरा डाला है। छत्तीसगढ़ भाजपा नेताओं की बड़ी जिम्मेदारी भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंहदेव, मुख्य प्रवक्ता संतोष पांडेय, और हेमंत पाणिग्रही समेत कई वरिष्ठ नेता बिहार में सक्रिय हैं।सीजीएमएससी के अध्यक्ष दीपक महस्के सोशल मीडिया कैंपेन की कमान संभाले हुए हैं।वहीं, नान अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव को सिवान, गोपालगंज और छपरा जिलों का जिम्मा दिया गया है।अपेक्स बैंक अध्यक्ष केदारनाथ गुप्ता पश्चिम और पूर्वी चंपारण की 21 विधानसभा सीटों का नेतृत्व कर रहे हैं। ‘महतारी वंदन’ से ‘नई उद्योग नीति’ तक चर्चा में छत्तीसगढ़ मॉडल छत्तीसगढ़ में भाजपा सरकार बनने के बाद शुरू की गई योजनाएं जैसे महतारी वंदन योजना, नई उद्योग नीति, और गरीबों के लिए आवास योजनाएं—इन सबका प्रचार बिहार में जोरों से किया जा रहा है।नेताओं का दावा है कि एनडीए की सरकार बनने के बाद राज्य और केंद्र का समन्वय विकास को नई दिशा देता है। उदाहरण के तौर पर बताया जा रहा है कि पीएम आवास योजना में कांग्रेस शासन के दौरान रुके मकानों का निर्माण भाजपा सरकार आने के बाद तेजी से हुआ। मंत्री और विधायक भी मैदान में बिहार चुनाव प्रचार में छत्तीसगढ़ के कई मंत्री और विधायक सक्रिय हैं।गजेंद्र यादव और लखनलाल देवांगन को बिहार चुनाव की कमान सौंपी गई है।मुख्यमंत्री की दो सभाएं पहले ही वहां आयोजित की जा चुकी हैं, जबकि उपमुख्यमंत्री अरुण साव और विजय शर्मा भी लगातार प्रचार में जुटे हैं।इसके अलावा विधायक सुशांत शुक्ला और भावना बोहरा भी लगातार बिहार में रहकर भाजपा प्रत्याशियों के लिए जनसंपर्क कर रहे हैं।

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