June 2026

रायपुर: NIT के पास 7 संस्थानों पर नगर निगम की कार्रवाई, गंदगी और सिंगल यूज प्लास्टिक मिलने पर ₹50 हजार का जुर्माना

रायपुर नगर पालिक निगम के जोन क्रमांक-7 ने स्वच्छता संबंधी मिली जनशिकायत पर त्वरित कार्रवाई करते हुए एनआईटी के आसपास स्थित सात संस्थानों का औचक निरीक्षण किया। जांच के दौरान कई जगहों पर गंदगी और प्रतिबंधित सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग पाए जाने पर संबंधित संस्थानों के खिलाफ कार्रवाई की गई। नगर निगम आयुक्त संबित मिश्रा के निर्देश पर जोन-7 की जोन कमिश्नर डॉ. तृप्ति पाणीग्रही के मार्गदर्शन में यह अभियान चलाया गया। निरीक्षण के दौरान जोन स्वास्थ्य अधिकारी आत्मानंद साहू और स्वास्थ्य विभाग की टीम भी मौजूद रही। निरीक्षण में प्राप्त जनशिकायत सही पाए जाने के बाद सातों संस्थानों के संचालकों को भविष्य में स्वच्छता नियमों का पालन करने की सख्त चेतावनी दी गई। साथ ही नगर निगम ने सभी संस्थानों पर कुल 50 हजार रुपये का ई-चालान जारी किया। नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि शहर में स्वच्छता बनाए रखने और सिंगल यूज प्लास्टिक पर प्रतिबंध का सख्ती से पालन कराने के लिए ऐसे अभियान आगे भी लगातार जारी रहेंगे। नागरिकों से भी अपील की गई है कि वे स्वच्छता नियमों का पालन करें और सार्वजनिक स्थानों पर गंदगी फैलाने से बचें।

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GOVERNMENT, Raipur

नकटी गांव में बुलडोजर कार्रवाई के बाद खुले आसमान तले गुजरी विस्थापितों की रात, सांसद के आश्वासन पर उठे सवाल

रायपुर के नकटी गांव में सोमवार तड़के हुई बुलडोजर कार्रवाई के बाद कई परिवारों को पूरी रात खुले आसमान के नीचे गुजारनी पड़ी। प्रभावित लोगों का आरोप है कि सुबह करीब 4 बजे पहले इलाके की बिजली बंद कर दी गई और उसके बाद प्रशासन ने मकानों को हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी। इस अभियान में करीब 80 घरों को ध्वस्त किया गया, जिससे महिलाएं, बुजुर्ग और छोटे बच्चे बेघर हो गए। देर रात कांग्रेस नेता विकास उपाध्याय प्रभावित परिवारों से मिलने पहुंचे। लोगों ने उन्हें बताया कि पुनर्वास के नाम पर बड़े परिवारों को केवल एक कमरा दिया जा रहा है। उनका कहना है कि जिन मकानों का आवंटन किया जा रहा है, वहां बिजली, पानी और शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाएं भी पर्याप्त नहीं हैं, जिससे वहां रहना मुश्किल होगा। ग्रामीणों ने यह भी दावा किया कि दो दिन पहले वे रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल से मिले थे। उनका कहना है कि सांसद ने आश्वासन दिया था कि बारिश के मौसम में किसी भी घर को नहीं तोड़ा जाएगा और प्रशासन के साथ बातचीत कर समाधान निकाला जाएगा। कार्रवाई होने के बाद प्रभावित परिवारों ने इस आश्वासन पर सवाल उठाते हुए नाराजगी जताई। कार्रवाई के दौरान कई भावुक तस्वीरें सामने आईं। कोई अपने घर का सामान मलबे के बीच समेटता नजर आया तो कोई टूटे हुए मकान के पास परिवार के साथ बैठा रहा। कई लोग पूरे दिन अपने घरों के अवशेषों के पास ही डटे रहे। प्रशासन का कहना है कि प्रभावित परिवारों के पुनर्वास की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। अधिकारियों के अनुसार, नया रायपुर के सेक्टर-30 स्थित ईडब्ल्यूएस मकानों में विस्थापित परिवारों को बसाने के लिए आवंटन की कार्रवाई जारी है। इस पूरे मामले पर पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने बरसात से ठीक पहले की गई इस कार्रवाई को असंवेदनशील बताते हुए इसकी आलोचना की और सरकार के फैसले पर सवाल उठाए। वहीं कांग्रेस नेता विकास उपाध्याय ने आरोप लगाया कि विधायक आवास परियोजना के लिए 95 से अधिक परिवारों को बेघर किया गया है। उन्होंने कहा कि लोगों को पहले आश्वासन दिया गया था कि बारिश के दौरान कोई कार्रवाई नहीं होगी, लेकिन इसके बावजूद मकान तोड़ दिए गए। बुलडोजर कार्रवाई से प्रभावित बच्चों ने भी अपनी पीड़ा साझा की। उनका कहना था कि सुबह से घर में खाना नहीं बन पाया था और वे भूखे-प्यासे थे। इसी दौरान प्रशासन और पुलिस की टीम पहुंची और मकानों को तोड़ने की कार्रवाई शुरू कर दी। कार्रवाई के बीच एक ओर जहां लोगों के घर गिराए जा रहे थे, वहीं दूसरी ओर प्रशासन की ओर से मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों और प्रभावित लोगों को नाश्ते के पैकेट भी वितरित किए गए। पूरे घटनाक्रम के बाद नकटी गांव का माहौल देर रात तक तनावपूर्ण बना रहा।

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GOVERNMENT, Raipur, State, Top News

रायपुर के सरोना फ्लाईओवर पर 6 ट्रैक्टरों से लदा ट्रेलर पलटा, 40 मिनट बाद बहाल हुआ यातायात

राजधानी रायपुर के सरोना फ्लाईओवर पर मंगलवार सुबह एक बड़ा सड़क हादसा हो गया। दुर्ग से रायपुर की ओर आ रहा 6 ट्रैक्टरों से लदा ट्रेलर फ्लाईओवर पर अचानक अनियंत्रित होकर पलट गया। हादसे के कारण दुर्ग-रायपुर मार्ग पर कुछ समय के लिए यातायात पूरी तरह प्रभावित हो गया और वाहनों की लंबी कतार लग गई। हालांकि, इस दुर्घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। ट्रैफिक डीएसपी सतीश ठाकुर के अनुसार, घटना सुबह करीब 8 बजे हुई। सूचना मिलते ही ट्रैफिक पुलिस और संबंधित विभाग की टीम मौके पर पहुंची। क्रेन की सहायता से पलटे हुए ट्रेलर को हटाने का कार्य शुरू किया गया और करीब 40 मिनट की मशक्कत के बाद मार्ग को साफ कर यातायात दोबारा सुचारू कर दिया गया। हादसे में ट्रेलर पर लदे कुछ ट्रैक्टरों को आंशिक नुकसान पहुंचा है, जबकि चालक पूरी तरह सुरक्षित है। प्रारंभिक जांच में ट्रेलर के अनियंत्रित होने को दुर्घटना की वजह माना जा रहा है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। यातायात बाधित होने के दौरान ट्रैफिक पुलिस ने एडवाइजरी जारी कर वाहन चालकों से वैकल्पिक मार्ग का उपयोग करने की अपील की थी। पुलिस ने दुर्ग से रायपुर आने वाले हल्के वाहनों को सरोना फ्लाईओवर के बजाय एम्स-मोहबा बाजार मार्ग से शहर में प्रवेश करने की सलाह दी, ताकि जाम से बचा जा सके। ट्रैफिक डीएसपी ने बताया कि फिलहाल फ्लाईओवर से ट्रेलर को हटाकर सड़क पूरी तरह खाली करा दी गई है और अब दुर्ग-रायपुर मार्ग पर यातायात सामान्य रूप से संचालित हो रहा है।

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Accident, Raipur

ZIP फाइल खोलते ही मोबाइल हो सकता है हैक, CEO बनकर भेजे जा रहे फर्जी मैसेज; 30 महीनों में 791 करोड़ की साइबर ठगी

साइबर अपराधी अब लोगों को निशाना बनाने के लिए एक नया तरीका अपना रहे हैं, जिसे CEO इम्पर्सनेशन स्कैम या बॉस ZIP फ्रॉड कहा जा रहा है। इस तरीके में ठग किसी कंपनी के सीईओ, डायरेक्टर या वरिष्ठ अधिकारी बनकर कर्मचारियों को व्हाट्सएप या ई-मेल के जरिए संदेश भेजते हैं। संदेश के साथ एक ZIP फाइल भी भेजी जाती है, जिसे डाउनलोड या ओपन करते ही मोबाइल या कंप्यूटर मालवेयर की चपेट में आ सकता है। गृह मंत्रालय ने इस तरह की साइबर ठगी को लेकर लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, पिछले 30 महीनों में छत्तीसगढ़ में साइबर अपराधी करीब 791 करोड़ रुपये की ठगी कर चुके हैं। ZIP फाइल के जरिए कैसे होती है ठगी? साइबर एक्सपर्ट्स के मुताबिक, ठग कर्मचारियों पर जल्दबाजी का दबाव बनाते हैं। वे सिक्योरिटी अपडेट, जरूरी दस्तावेज, पेमेंट अप्रूवल या अन्य आधिकारिक काम का बहाना बनाकर ZIP फाइल भेजते हैं। कई बार इस फाइल के अंदर EXE या DLL जैसी खतरनाक फाइलें छिपी होती हैं। यदि उपयोगकर्ता ऐसी फाइल को डाउनलोड या इंस्टॉल कर देता है, तो डिवाइस संक्रमित हो सकता है। इसके बाद साइबर अपराधी बैंकिंग ऐप, ओटीपी, पासवर्ड और अन्य संवेदनशील जानकारी तक पहुंच बनाने की कोशिश करते हैं। कई मामलों में वे संपर्क सूची में बदलाव कर अपने नंबर को वरिष्ठ अधिकारी के नाम से सेव कर देते हैं, जिससे कर्मचारी आसानी से उनके झांसे में आ जाते हैं और फर्जी निर्देशों पर पैसे ट्रांसफर कर देते हैं। बचाव के लिए क्या करें? साइबर विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी वरिष्ठ अधिकारी के नाम से आने वाले संदिग्ध संदेश या ZIP फाइल पर बिना पुष्टि किए भरोसा न करें। किसी भी भुगतान या जरूरी निर्देश का पालन करने से पहले संबंधित अधिकारी से फोन, वीडियो कॉल या व्यक्तिगत संपर्क के जरिए पुष्टि करें। साथ ही व्हाट्सएप पर टू-स्टेप वेरिफिकेशन जैसे सुरक्षा फीचर्स सक्रिय रखें और किसी भी अनजान ZIP, EXE या DLL फाइल को डाउनलोड या ओपन करने से बचें। पुलिस की कार्रवाई जारी रायपुर पुलिस ने हाल ही में 101 म्यूल अकाउंट धारकों को गिरफ्तार किया है। इन खातों का इस्तेमाल देशभर में करीब 1.57 करोड़ रुपये की साइबर ठगी के लिए किया गया था। इसके अलावा पुलिस ने एक ऐसे अंतरराष्ट्रीय कॉल सेंटर गिरोह का भी खुलासा किया, जिसने अमेरिकी नागरिकों को निशाना बनाकर दो वर्षों में 50 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी की। पुलिस लगातार साइबर अपराधियों के बैंक खातों को फ्रीज कर रही है और समय पर शिकायत मिलने पर पीड़ितों की रकम रोकने का प्रयास भी किया जा रहा है। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि बढ़ते साइबर अपराधों से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका लोगों में जागरूकता बढ़ाना है। साइबर ठगी होने पर तुरंत क्या करें?

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Cyber Crime, Raipur, State, Top News

छत्तीसगढ़ में मानसून का कहर: सरगुजा में आकाशीय बिजली से 3 की मौत, बिलासपुर में कार पर गिरा पेड़

छत्तीसगढ़ में मानसून अब पूरे प्रदेश में सक्रिय हो चुका है। लगातार हो रही बारिश के बीच कई जिलों से हादसों की खबरें सामने आई हैं। सरगुजा जिले के धौरपुर थाना क्षेत्र के डुमकी गांव में सोमवार शाम आकाशीय बिजली गिरने से दो बच्चों और एक युवक की मौत हो गई, जबकि एक 12 वर्षीय बच्ची गंभीर रूप से झुलस गई। जानकारी के अनुसार, बच्चे आम बीनने के लिए एक पेड़ के नीचे खड़े थे। इसी दौरान पास में मवेशी चरा रहा एक युवक भी वहां पहुंच गया। अचानक पेड़ पर बिजली गिरने से चारों उसकी चपेट में आ गए। हादसे में 5 वर्षीय सागर, 9 वर्षीय रानी और 36 वर्षीय राम साय की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि श्रद्धा (12) गंभीर रूप से घायल हो गई, जिसका इलाज जारी है। उधर, बिलासपुर में सोमवार शाम तेज आंधी और बारिश के कारण कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई। कलेक्टर बंगले के पास एक बड़ा पेड़ सड़क किनारे खड़ी कार पर गिर गया, जिससे वाहन क्षतिग्रस्त हो गया। हालांकि कार में मौजूद लोग सुरक्षित बच गए। पेड़ गिरने से बिजली के तार भी टूट गए, जिसके चलते आसपास के क्षेत्र में कुछ समय तक बिजली आपूर्ति बाधित रही। मौसम विभाग के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून ने 22 जून को दंतेवाड़ा से छत्तीसगढ़ में प्रवेश किया था। अब 30 जून तक मानसून पूरे प्रदेश में फैल चुका है। सरगुजा, सूरजपुर, बलरामपुर, कोरिया, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर, जशपुर, कोरबा, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, बिलासपुर, मुंगेली, जांजगीर-चांपा, सक्ती, सारंगढ़-बिलाईगढ़ और रायगढ़ सहित उत्तर एवं उत्तर-पूर्व के 14 जिलों में भी मानसून पहुंच गया है। मौसम विभाग ने अगले चार दिनों तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मध्यम से भारी बारिश की संभावना जताई है। साथ ही कई क्षेत्रों में गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने की चेतावनी भी जारी की गई है। लोगों से खराब मौसम के दौरान खुले मैदान, पेड़ों के नीचे और बिजली के खंभों के आसपास खड़े होने से बचने की अपील की गई है। राजधानी रायपुर में मंगलवार को दिनभर बादल छाए रहने और गरज-चमक के साथ बारिश होने का अनुमान है। अधिकतम तापमान लगभग 35 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है। बारिश के आंकड़ों पर नजर डालें तो बस्तर संभाग में प्रदेश के अन्य हिस्सों की तुलना में बेहतर वर्षा हुई है, लेकिन वहां भी सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है। वहीं मध्य छत्तीसगढ़ और कुछ अन्य जिलों में वर्षा की भारी कमी बनी हुई है। राजनांदगांव, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी, बलौदाबाजार, सारंगढ़-बिलाईगढ़ और सक्ती जैसे जिलों में सामान्य से 80 से 95 प्रतिशत तक कम बारिश रिकॉर्ड की गई है। मौसम विभाग का मानना है कि आने वाले दिनों की बारिश से इस कमी में कुछ हद तक सुधार हो सकता है।

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Accident, Bilaspur, Raipur

रायपुर में RSS नेता इंद्रेश कुमार ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से की मुलाकात, राष्ट्र निर्माण समेत कई मुद्दों पर चर्चा

रायपुर में आयोजित “आपातकाल स्मृति दिवस” कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के वरिष्ठ प्रचारक इंद्रेश कुमार ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से मुख्यमंत्री निवास में मुलाकात की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने पुष्पगुच्छ और स्मृति-चिह्न भेंट कर उनका स्वागत किया। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बताया कि मुलाकात के दौरान राष्ट्र निर्माण, सामाजिक समरसता, जनकल्याण और आपातकाल से जुड़े ऐतिहासिक अनुभवों पर विस्तार से चर्चा हुई। साथ ही लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा और समाजहित में किए गए कार्यों को लेकर भी विचार-विमर्श किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इंद्रेश कुमार का राष्ट्रहित के प्रति समर्पण और समाज के सभी वर्गों को साथ लेकर चलने का दृष्टिकोण प्रेरणादायक है। उन्होंने कहा कि उनका मार्गदर्शन राष्ट्रसेवा के प्रति सरकार के संकल्प को और अधिक मजबूत करने में सहायक है। इंद्रेश कुमार रायपुर में आयोजित “आपातकाल स्मृति दिवस” कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में शामिल होने पहुंचे थे। इसी अवसर पर मुख्यमंत्री निवास में दोनों नेताओं की मुलाकात हुई, जिसमें विभिन्न सामाजिक और राष्ट्रीय विषयों पर चर्चा की गई।

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Political, Raipur

तलाक की सहमति के बाद पत्नी पर पिस्टल तानने का आरोप, पति और मामा गिरफ्तार

कोरबा में प्रेम विवाह के बाद पति-पत्नी के बीच बढ़ा विवाद एक गंभीर आपराधिक घटना में बदल गया। आपसी सहमति से तलाक की प्रक्रिया पूरी करने के कुछ ही समय बाद पति पर पत्नी के साथ मारपीट करने और उस पर पिस्टल तानकर जान से मारने की कोशिश करने का आरोप लगा है। मामले में पुलिस ने आरोपी पति और उसके मामा को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार, सिविल लाइन थाना क्षेत्र की रहने वाली युवती ने नवंबर 2023 में बिलासपुर के मंगला अमन विहार निवासी सतीश कुमार से प्रेम विवाह किया था। शादी के कुछ समय बाद दोनों के बीच मतभेद बढ़ने लगे, जिसके चलते महिला अपने मायके लौट आई और दोनों अलग रहने लगे। शुक्रवार को सतीश कुमार अपने मामा जितेंद्र चंद्राकर के साथ पत्नी के घर पहुंचा। दोनों पक्षों के बीच बातचीत के दौरान आपसी सहमति से तलाक लेने का निर्णय हुआ। इसके बाद दोनों परिवार अधिवक्ता के पास पहुंचे, जहां तलाक से संबंधित दस्तावेज तैयार किए गए। दस्तावेज तैयार होने के बाद महिला अपने परिजनों के साथ घर लौट आई। आरोप है कि कुछ देर बाद सतीश कुमार अपने मामा के साथ दोबारा वहां पहुंचा और बातचीत के बहाने पत्नी को घर के बाहर बुलाया। बाहर आते ही उसने कथित तौर पर महिला के साथ मारपीट की और पिस्टल निकालकर उसकी कनपटी पर तान दी। घटना के दौरान परिजनों ने तुरंत हस्तक्षेप कर महिला को सुरक्षित बचा लिया। इसके बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। पीड़िता के परिजनों ने सिविल लाइन थाना में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों की तलाश शुरू की। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी सतीश कुमार और उसके मामा जितेंद्र चंद्राकर को गिरफ्तार कर लिया है। दोनों के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

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Crime, korba

बस्तर में जनसेवा को नई दिशा, सोनू सूद और माँ मातंगी दिव्य धाम मिलकर करेंगे सामाजिक कार्यों का विस्तार

बस्तर क्षेत्र में जनसेवा और सामाजिक कल्याण के कार्यों को नई गति देने के उद्देश्य से अभिनेता एवं समाजसेवी सोनू सूद और माँ मातंगी दिव्य धाम के बीच सहयोग को लेकर सकारात्मक चर्चा हुई। दोनों पक्षों ने शिक्षा, स्वास्थ्य और जरूरतमंद लोगों की सहायता से जुड़े कार्यों को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता जताई। चर्चा के दौरान डॉ. प्रेमासाई महाराज ने सूद चैरिटी फाउंडेशन द्वारा देशभर में किए जा रहे जनसेवा कार्यों की सराहना की। उन्होंने बताया कि माँ मातंगी दिव्य धाम लंबे समय से बस्तर सहित विभिन्न क्षेत्रों में शिक्षा सहायता, अस्थमा से पीड़ित मरीजों के लिए निःशुल्क उपचार, आर्थिक सहयोग, गौसंरक्षण, आईटीबीपी के जवानों के लिए आध्यात्मिक मार्गदर्शन तथा अन्य सामाजिक और आध्यात्मिक सेवाएं संचालित कर रहा है। डॉ. प्रेमासाई महाराज ने बताया कि आने वाले समय में धाम की ओर से “माँ मातंगी शिक्षा रत्न” सम्मान शुरू किया जाएगा। इसके साथ ही धाम में आने वाले बच्चों के लिए प्रतिदिन एक घंटे की नैतिक शिक्षा और संस्कार कक्षाएं प्रारंभ करने की योजना है। इसका उद्देश्य बच्चों में शिक्षा के साथ अनुशासन, नैतिक मूल्यों और सेवा भावना का विकास करना है। बैठक में बस्तर के आदिवासी क्षेत्रों, युवाओं, विद्यार्थियों और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों तक जनसेवा गतिविधियों का दायरा बढ़ाने पर भी चर्चा हुई। माँ मातंगी दिव्य धाम ने भरोसा दिलाया कि सूद चैरिटी फाउंडेशन की सामाजिक पहलों को क्षेत्र में हरसंभव सहयोग दिया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक जरूरतमंद लोगों तक सहायता पहुंचाई जा सके। सोनू सूद ने भी शिक्षा, स्वास्थ्य और समाज के वंचित वर्गों के उत्थान के लिए अपने सेवा कार्यों को लगातार जारी रखने की बात कही। उन्होंने कहा कि समाज की सेवा लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का सबसे प्रभावी माध्यम है। दोनों संस्थाओं ने भविष्य में साझा प्रयासों के माध्यम से बस्तर और अन्य क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य, जनकल्याण और सामाजिक सहयोग से जुड़े विभिन्न अभियान चलाने का संकल्प व्यक्त किया, जिससे जरूरतमंद नागरिकों को व्यापक स्तर पर लाभ मिल सके।

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BASTAR

मानसून में बढ़ा गलघोंटू बीमारी का खतरा, पशुपालकों को समय पर टीकाकरण कराने की सलाह

रायपुर। मानसून के दौरान पशुओं में फैलने वाली गलघोंटू (हेमोरेजिक सेप्टीसीमिया-एचएस) बीमारी का खतरा बढ़ने लगा है। इसे देखते हुए पशुधन विकास विभाग ने प्रदेश के सभी पशुपालकों को सतर्क रहने और अपने पशुओं का समय पर टीकाकरण कराने की सलाह दी है। विभाग का कहना है कि समय पर वैक्सीनेशन और शुरुआती उपचार से इस गंभीर बीमारी से पशुओं की सुरक्षा की जा सकती है। पशुधन विकास विभाग के अनुसार गलघोंटू एक संक्रामक जीवाणुजनित रोग है, जो मुख्य रूप से गाय, भैंस और भेड़ों को प्रभावित करता है। मानसून के मौसम में नमी और अनुकूल वातावरण के कारण इसके फैलने की संभावना अधिक रहती है। यदि समय रहते उपचार नहीं किया जाए तो यह बीमारी पशुओं के लिए जानलेवा भी साबित हो सकती है। अधिकारियों ने बताया कि संक्रमित पशुओं में तेज बुखार, गले और जबड़े के नीचे सूजन, मुंह से अत्यधिक लार निकलना, नाक से स्राव, सांस लेने में कठिनाई और गले से घरघराहट जैसी आवाजें सुनाई देना प्रमुख लक्षण हैं। कई मामलों में पशु चारा खाना छोड़ देते हैं, दूध उत्पादन कम हो जाता है और गंभीर संक्रमण की स्थिति में उनकी मृत्यु भी हो सकती है। पशु चिकित्सा विभाग ने पशुपालकों से अपील की है कि यदि किसी पशु में ऐसे लक्षण दिखाई दें तो उसे तुरंत अन्य पशुओं से अलग रखें और बिना देरी किए नजदीकी पशु चिकित्सालय या पशु चिकित्सा अधिकारी से संपर्क करें। यदि किसी क्षेत्र में एक साथ कई पशुओं में बीमारी के लक्षण दिखाई दें तो इसकी सूचना तत्काल विभाग को देने के निर्देश दिए गए हैं। विभाग ने कहा है कि मानसून के दौरान पशुधन को सुरक्षित रखने के लिए नियमित स्वास्थ्य जांच, समय पर टीकाकरण और शीघ्र उपचार सबसे प्रभावी उपाय हैं। इसी उद्देश्य से राज्यभर में निगरानी बढ़ाने और आवश्यक सतर्कता बरतने के निर्देश जारी किए गए हैं।

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Animal, Raipur

छत्तीसगढ़ में सिर्फ डायल-112 बनेगा इमरजेंसी हेल्पलाइन नंबर, 100 से 1091 तक सभी सेवाएं होंगी एकीकृत

देशभर में आपातकालीन सेवाओं को अधिक सरल और प्रभावी बनाने की दिशा में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। आने वाले समय में पुलिस, फायर ब्रिगेड, एंबुलेंस और अन्य सभी इमरजेंसी सेवाओं के लिए अलग-अलग हेल्पलाइन नंबरों की जगह केवल डायल-112 का इस्तेमाल किया जाएगा। सुप्रीम कोर्ट ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को तीन महीने के भीतर 100, 101, 102, 108, 1033, 1091 समेत सभी आपातकालीन नंबरों को 112 में शामिल करने का निर्देश दिया है। साथ ही इस प्रक्रिया की प्रगति रिपोर्ट भी अदालत में प्रस्तुत करने को कहा गया है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद छत्तीसगढ़ सरकार ने भी इस दिशा में तैयारी शुरू कर दी है। गृह विभाग के अधिकारियों ने हाल ही में बैठक कर सभी इमरजेंसी सेवाओं को एक ही प्लेटफॉर्म पर लाने की योजना पर चर्चा की। इसके लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जा रही है, ताकि सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित हो सके। वर्तमान में प्रदेश में लगभग 400 डायल-112 वाहन और करीब 375 एंबुलेंस 108 सेवा के तहत संचालित हैं। अभी किसी मेडिकल आपात स्थिति की सूचना डायल-112 से 108 सेवा को भेजी जाती है, जबकि आग लगने जैसी घटनाओं की जानकारी अलग प्रणाली के माध्यम से फायर विभाग तक पहुंचती है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद सभी सूचनाएं एक ही सिस्टम के जरिए संबंधित विभाग तक पहुंचेंगी, जिससे प्रतिक्रिया का समय कम होगा और राहत कार्य तेजी से शुरू किया जा सकेगा। सुप्रीम कोर्ट ने 26 मई 2026 को सेव लाइफ फाउंडेशन बनाम भारत संघ मामले की सुनवाई के दौरान कहा था कि सड़क दुर्घटना के पीड़ितों को समय पर चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराना संविधान के अनुच्छेद-21 के तहत जीवन के अधिकार का महत्वपूर्ण हिस्सा है। अदालत ने माना कि सहायता मिलने में देरी कई बार जानलेवा साबित होती है, इसलिए पूरे देश में एकीकृत आपातकालीन व्यवस्था आवश्यक है। छत्तीसगढ़ में डायल-112 सेवा की शुरुआत 15 अगस्त 2018 को “एक्के नंबर, सब्बो बर” अभियान के साथ हुई थी। बाद में इस सेवा का विस्तार राज्य के सभी 33 जिलों तक किया गया। वर्तमान में डायल-112 प्रतिदिन लगभग 10 हजार कॉल संभाल रहा है। 20 मई से 16 जून 2026 के बीच इस सेवा पर 3,06,264 कॉल प्राप्त हुईं, जिनमें 79,782 घटनाएं दर्ज की गईं। सुप्रीम Court ने अपने आदेश में यह भी निर्देश दिया है कि सड़क दुर्घटना के घायलों को कैशलेस इलाज की सुविधा उपलब्ध कराई जाए, गुड सेमेरिटन कानून का प्रभावी पालन सुनिश्चित किया जाए, सभी एंबुलेंस में जीपीएस और व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग सिस्टम अनिवार्य हो, पैरामेडिकल कर्मचारियों को मानकीकृत प्रशिक्षण दिया जाए, ट्रॉमा सेंटरों की ग्रेडिंग की जाए और नई व्यवस्था की जानकारी लोगों तक पहुंचाने के लिए व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया जाए।

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