August 2026

दुर्ग निगम परिसर में महापौर की सरकारी कार में लगी आग, FSL जांच में जुटी

दुर्ग नगर निगम कार्यालय परिसर में गुरुवार दोपहर महापौर अल्का बाघमार की सरकारी कार में अचानक आग लग गई। महापौर के वाहन से उतरने के करीब 5 से 7 मिनट बाद कार से धुआं उठता दिखाई दिया। देखते ही देखते आग ने वाहन के बड़े हिस्से को अपनी चपेट में ले लिया। घटना में किसी तरह की जनहानि नहीं हुई। जानकारी के मुताबिक, महापौर अल्का बाघमार दोपहर करीब 12 बजे भिलाई स्थित स्टील कॉलोनी आवास से सरकारी कार क्रमांक CG 07 DE 2417 से दुर्ग निगम कार्यालय पहुंची थीं। निगम परिसर में पहुंचने के बाद वह कार से उतरकर अपने कार्यालय चली गईं। कुछ मिनट बाद वाहन से धुआं निकलता देखकर मौके पर मौजूद लोगों ने इसकी सूचना फायर ब्रिगेड को दी। महापौर ने समय रहते निकालीं जरूरी फाइलें महापौर ने बताया कि कार से धुआं उठता देखकर उन्होंने तुरंत वाहन में रखी महत्वपूर्ण फाइलें और अन्य जरूरी सामान बाहर निकाल लिया। इसके कुछ ही देर बाद आग तेजी से फैल गई और कार का काफी हिस्सा इसकी चपेट में आ गया। सूचना मिलने पर फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और आग बुझाने का अभियान शुरू किया। करीब 20 मिनट की मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया। समय रहते आग बुझने से इसे निगम परिसर के आसपास के हिस्सों में फैलने से रोक लिया गया। शॉर्ट सर्किट की आशंका महापौर ने शुरुआती तौर पर कार की वायरिंग में खराबी के कारण शॉर्ट सर्किट होने की आशंका जताई है। हालांकि, आग लगने की वास्तविक वजह अभी स्पष्ट नहीं है। तकनीकी जांच पूरी होने के बाद ही कारण सामने आएगा। FSL टीम ने मौके से जुटाए साक्ष्य घटना की सूचना मिलने के बाद FSL टीम भी निगम परिसर पहुंची। टीम ने जली हुई कार और घटनास्थल का निरीक्षण किया और जरूरी साक्ष्य जुटाए। फिलहाल मामले की जांच जारी है। FSL और तकनीकी जांच की रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि आग शॉर्ट सर्किट के कारण लगी थी या इसके पीछे कोई अन्य तकनीकी वजह थी।

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Bhilai / Durg

बिलासपुर कस्टडी डेथ मामले में CBI ने दर्ज की हत्या की FIR, सुप्रीम कोर्ट ने मांगी जांच रिपोर्ट

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में जनवरी 2024 में हुई श्रवण सूर्यवंशी उर्फ सरवन तामरे की हिरासत में मौत के मामले में अब CBI ने हत्या का केस दर्ज किया है। यह कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट के 12 अगस्त 2026 के आदेश के बाद की गई है। CBI ने 30 जुलाई 2026 को सिविल लाइंस थाने में दर्ज FIR नंबर 1036 को अपनी जांच का आधार बनाया है। मामले में फिलहाल CBI के रिकॉर्ड में आरोपी के नाम की जगह अज्ञात व्यक्ति दर्ज किया गया है। सुप्रीम कोर्ट ने CBI को निर्देश दिया है कि श्रवण की हिरासत में मौत किन परिस्थितियों में हुई, इसकी विस्तृत जांच की जाए। यदि जांच में किसी अधिकारी की हिरासत में हिंसा या मौत में भूमिका सामने आती है, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। कोर्ट ने CBI को 13 अक्टूबर 2026 को होने वाली अगली सुनवाई से पहले जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा है। जांच के दायरे में उन अधिकारियों की भूमिका भी शामिल है, जिन्होंने न्यायिक जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद उचित कार्रवाई नहीं की। 17 जनवरी को पुलिस ने पकड़ा था जानकारी के अनुसार, ग्राम मोहरा निवासी श्रवण सूर्यवंशी करीब 35 साल का था और खेती-किसानी करता था। पुलिस ने उसे 17 जनवरी 2024 को हिरासत में लिया था। अगले दिन पुलिस ने 6 लीटर महुआ शराब के साथ उसकी गिरफ्तारी दिखाते हुए आबकारी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया। 19 जनवरी को उसे कोर्ट में पेश किया गया, जहां से न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। 20 जनवरी को परिजन उससे मिलने जेल पहुंचे, लेकिन उन्हें मुलाकात नहीं हो सकी। जेल में बिगड़ी तबीयत, SIMS में मौत 21 जनवरी को जेल में श्रवण की तबीयत अचानक खराब हुई। पहले जेल अस्पताल में उसका उपचार किया गया और हालत गंभीर होने पर उसे सिम्स अस्पताल रेफर किया गया। अस्पताल पहुंचने के बाद 22 जनवरी को उसकी मौत हो गई। जेल प्रबंधन के अनुसार, उसे सांस लेने में परेशानी होने के बाद अस्पताल भेजा गया था। न्यायिक जांच में सिर की चोट का उल्लेख 22 जुलाई 2024 को न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी निकसन डेविड लकड़ा ने जांच रिपोर्ट प्रस्तुत की थी। रिपोर्ट में पोस्टमॉर्टम, हिस्टोपैथोलॉजी और FSL समेत विभिन्न दस्तावेजों का परीक्षण किया गया। जांच रिपोर्ट के अनुसार, शरीर में किसी प्रकार का रासायनिक जहर नहीं पाया गया था। मेडिकल दस्तावेजों में मौत का कारण सिर में लगी चोट के बाद कार्डियो-रेस्पिरेटरी अरेस्ट बताया गया। उपलब्ध मेडिकल और अन्य दस्तावेजों के आधार पर न्यायिक जांच में भी सिर की चोट को मौत से जोड़ा गया था। परिजनों ने पुलिस पर लगाए आरोप न्यायिक जांच के दौरान श्रवण की पत्नी लहराबाई सूर्यवंशी ने बताया था कि घटना वाले दिन थाना सीपत के पुलिसकर्मी श्रवण को अपने साथ ले गए थे। बाद में उन्हें जानकारी मिली कि श्रवण को सिम्स अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इसके अगले दिन उसकी मौत की सूचना मिली। श्रवण के पिता अमृतलाल ताम्र ने भी जांच में बताया कि 18 जनवरी की शाम पुलिस उसे शराब के मामले में लेकर गई थी। 21 जनवरी की रात उन्हें श्रवण को जेल से सिम्स भेजे जाने की जानकारी मिली और अगले दिन सुबह उसकी मौत की खबर मिली। परिजनों की ओर से हिरासत के दौरान मारपीट के गंभीर आरोप भी लगाए गए हैं। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि CBI की जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी। परिजनों को 25 लाख का अंतरिम मुआवजा सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार को मृतक के परिजनों को 25 लाख रुपये का अंतरिम मुआवजा देने का निर्देश दिया है। अंतिम मुआवजे की राशि बाद में तय की जाएगी। CBI टीम ने बिलासपुर पहुंचकर शुरू की जांच सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद 15 अगस्त को CBI की टीम बिलासपुर पहुंची थी। SP रैंक के अधिकारी के नेतृत्व में चार सदस्यीय टीम ने सिविल लाइंस थाने से केस डायरी और अन्य रिकॉर्ड हासिल किए। इसके बाद टीम सेंट्रल जेल पहुंची और जेल अधीक्षक समेत संबंधित कर्मचारियों से पूछताछ की। CBI अब केस डायरी, न्यायिक जांच रिपोर्ट और मेडिकल दस्तावेजों के आधार पर हिरासत में हुई मौत की परिस्थितियों की जांच कर रही है। 13 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट में CBI की जांच रिपोर्ट पेश होने के बाद मामले में आगे की तस्वीर स्पष्ट होने की उम्मीद है।

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रक्षाबंधन पर यात्रियों को राहत, दुर्ग-रायगढ़ के बीच आज से चलेगी स्पेशल ट्रेन

रक्षाबंधन के त्योहार को देखते हुए दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने यात्रियों के लिए विशेष ट्रेन चलाने का फैसला लिया है। दुर्ग से रायगढ़ के बीच रक्षाबंधन पैसेंजर स्पेशल ट्रेन 27 अगस्त से शुरू होगी। यह ट्रेन 29 अगस्त तक कुल तीन फेरे लगाएगी। रेलवे के मुताबिक त्योहार के दौरान ट्रेनों में बढ़ने वाली अतिरिक्त भीड़ को देखते हुए यह व्यवस्था की गई है। गाड़ी संख्या 08834/08833 दुर्ग-रायगढ़-दुर्ग रक्षाबंधन पैसेंजर स्पेशल के संचालन से दुर्ग, भिलाई, रायपुर, भाटापारा, बिलासपुर, जांजगीर-नैला, चांपा, सक्ती, खरसिया और रायगढ़ समेत रास्ते के अन्य स्टेशनों के यात्रियों को अतिरिक्त यात्रा सुविधा मिलेगी। दुर्ग से सुबह 10:30 बजे रवाना होगी गाड़ी संख्या 08834 दुर्ग-रायगढ़ पैसेंजर स्पेशल सुबह 10:30 बजे दुर्ग से रवाना होगी। इसके बाद यह भिलाई नगर, भिलाई पावर हाउस, भिलाई, देवबलोदा चरोदा, कुम्हारी, सरोना, सरस्वती नगर और रायपुर सहित कई स्टेशनों पर रुकेगी। ट्रेन दोपहर में तिल्दा-नेवरा, हथबंद, भाटापारा, बिल्हा और अन्य स्टेशनों से होते हुए बिलासपुर पहुंचेगी। इसके बाद गतौरा, जयरामनगर, अकलतरा, जांजगीर-नैला, चांपा, सक्ती, खरसिया और अन्य स्टेशनों पर ठहराव के बाद शाम करीब 7 बजे रायगढ़ पहुंचेगी। रायगढ़ से रात 7:40 बजे वापसी वापसी में गाड़ी संख्या 08833 रायगढ़-दुर्ग पैसेंजर स्पेशल रात 7:40 बजे रायगढ़ से रवाना होगी। ट्रेन निर्धारित स्टेशनों पर रुकते हुए रात करीब 10:20 बजे बिलासपुर, 11:25 बजे भाटापारा और रात 12:40 बजे रायपुर पहुंचेगी। इसके बाद अगले दिन रात करीब 2 बजे दुर्ग पहुंचेगी। 10 कोच के साथ चलेगी ट्रेन रेलवे ने इस स्पेशल ट्रेन में कुल 10 आईसीएफ कोच लगाए हैं। इनमें 8 जनरल कोच और 2 एसएलआरडी कोच शामिल हैं। त्योहार के दौरान यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए रेलवे की ओर से यह अतिरिक्त सुविधा उपलब्ध कराई गई है, जिससे दुर्ग से रायगढ़ के बीच सफर करने वाले यात्रियों को राहत मिलने की उम्मीद है।

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छत्तीसगढ़ में 1484 वनरक्षक पदों की लिखित परीक्षा 13 दिसंबर को, 16,762 अभ्यर्थी होंगे शामिल

छत्तीसगढ़ वन विभाग में वनरक्षक भर्ती की प्रक्रिया अब आगे बढ़ गई है। 1484 रिक्त पदों के लिए लिखित परीक्षा 13 दिसंबर 2026 को आयोजित की जाएगी। शारीरिक मापदंड और शारीरिक दक्षता परीक्षा में सफल 16,762 अभ्यर्थी अब लिखित परीक्षा में शामिल होंगे। वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप के निर्देश के बाद विभाग ने भर्ती प्रक्रिया की समीक्षा करते हुए परीक्षा की तारीख तय की है। लंबे समय से लंबित प्रक्रिया के बाद अब विभाग ने लिखित परीक्षा की तैयारियां शुरू कर दी हैं। युवाओं का इंतजार खत्म वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि बड़ी संख्या में युवा लंबे समय से वनरक्षक भर्ती का इंतजार कर रहे थे। उन्होंने कहा कि अभ्यर्थियों ने मेहनत के साथ तैयारी की है और सरकार की कोशिश है कि भर्ती प्रक्रिया तय समय में पूरी हो, ताकि योग्य युवाओं को रोजगार का अवसर मिल सके। मंत्री के मुताबिक वनरक्षक का पद केवल सरकारी नौकरी तक सीमित नहीं है। चयनित अभ्यर्थियों को जंगलों, वन्यजीवों और जैव विविधता की सुरक्षा की जिम्मेदारी भी निभानी होगी। वन संरक्षण में अहम भूमिका वनरक्षक वन विभाग की मैदानी व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा होते हैं। जंगलों की निगरानी, अवैध कटाई पर रोक, वन अपराधों की रोकथाम, वन्यजीवों की सुरक्षा और स्थानीय स्तर पर लोगों के साथ समन्वय जैसे कार्य उनकी जिम्मेदारी में शामिल होते हैं। वन क्षेत्रों में विभाग की मैदानी टीम को मजबूत करने के लिहाज से 1484 नए वनरक्षकों की नियुक्ति को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। मेरिट के आधार पर चयन सरकार के अनुसार भर्ती प्रक्रिया पारदर्शी और निर्धारित नियमों के तहत पूरी की जाएगी। सभी पात्र अभ्यर्थियों को समान अवसर देने और मेरिट के आधार पर चयन सुनिश्चित करने की बात कही गई है। 13 दिसंबर 2026 को होने वाली लिखित परीक्षा में शामिल होने वाले 16,762 अभ्यर्थियों के लिए अब परीक्षा की तारीख स्पष्ट हो गई है। भर्ती पूरी होने के बाद वन विभाग की मैदानी व्यवस्था को और मजबूती मिलने की उम्मीद है।

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रायपुर में रक्षाबंधन पर बीयर ऑफर को लेकर विवाद, बजरंग दल ने क्लब पहुंचकर जताई आपत्ति

रायपुर में रक्षाबंधन के मौके पर आयोजित होने वाले एक क्लब कार्यक्रम को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। अंबुजा मॉल स्थित द बीयर कैफे की ओर से 28 अगस्त को भाई-बहनों के लिए ‘सिब्लिंग्स कराओके नाइट’ आयोजित की जा रही है। कार्यक्रम के प्रचार पोस्टर में शाम 7 से 8 बजे तक ड्रिंक्स पर 1+1 ऑफर का भी उल्लेख किया गया है। क्लब के इस प्रचार को लेकर बजरंग दल ने आपत्ति जताई है। संगठन के कार्यकर्ता गुरुवार को अंबुजा मॉल पहुंचे और कार्यक्रम में शराब के ऑफर को लेकर विरोध दर्ज कराया। बजरंग दल का कहना है कि रक्षाबंधन भाई-बहन के पवित्र रिश्ते से जुड़ा पर्व है। ऐसे धार्मिक और पारिवारिक त्योहार को शराब या क्लब पार्टी के प्रचार से जोड़ना उचित नहीं है। संगठन ने क्लब के कार्यक्रम को लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि त्योहार की गरिमा को ध्यान में रखते हुए इस तरह के ऑफर से बचना चाहिए। क्लब की ओर से सोशल मीडिया पर जारी पोस्टर में भाई-बहन के साथ कार्यक्रम में शामिल होने की अपील की गई थी। पोस्टर के अनुसार ‘सिब्लिंग्स कराओके नाइट’ 28 अगस्त को शाम 7 बजे से रात 9 बजे तक आयोजित होगी। इसी दौरान शाम 7 से 8 बजे तक ड्रिंक्स पर 1+1 हैप्पी ऑवर ऑफर का उल्लेख किया गया है। विरोध के बाद बजरंग दल ने भी अपना पोस्टर जारी किया। इसमें रक्षाबंधन को शराब और क्लब से नहीं जोड़ने की अपील की गई है। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि रक्षाबंधन के दिन इस तरह का आयोजन किया जाता है, तो वह अपने स्तर पर कार्रवाई कर सकता है। फिलहाल विवाद का केंद्र क्लब का रक्षाबंधन कार्यक्रम और उसमें दिए गए ड्रिंक्स ऑफर को लेकर संगठन की आपत्ति है। कार्यक्रम से जुड़ी जानकारी

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सावन के अंतिम सोमवार पर सोमनाथ मंदिर में उमड़ा जनसैलाब, 30 हजार श्रद्धालुओं की सुरक्षा में तैनात रही पुलिस

तिल्दा-नेवरा, 25 अगस्त 2026। सावन के अंतिम सोमवार के मौके पर तिल्दा-नेवरा स्थित प्रसिद्ध सोमनाथ मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु और कांवड़िए दर्शन के लिए पहुंचे। रविवार रात से शुरू हुआ श्रद्धालुओं के आने का सिलसिला सोमवार देर रात तक चलता रहा। रायपुर समेत कवर्धा, गरियाबंद, बेमेतरा, बालोद और आसपास के इलाकों से भी बड़ी संख्या में लोग मंदिर पहुंचे। पुलिस के अनुसार, अंतिम सोमवार को मंदिर और आसपास के मेला क्षेत्र में करीब 25 से 30 हजार श्रद्धालुओं की मौजूदगी रही। भारी भीड़ को देखते हुए पुलिस ने पहले से ही सुरक्षा, यातायात और भीड़ प्रबंधन की व्यापक व्यवस्था की थी। मारपीट की आशंका को देखते हुए करीब 100 कड़े जब्त भारी भीड़ के बीच किसी तरह के विवाद या मारपीट की स्थिति से निपटने के लिए पुलिस ने विशेष सतर्कता बरती। जांच के दौरान श्रद्धालुओं के हाथों में पहने हुए करीब 100 भारी कड़े जब्त किए गए। पुलिस का कहना है कि भीड़ में विवाद होने की स्थिति में ऐसे कड़े गंभीर चोट का कारण बन सकते हैं। इसी संभावना को देखते हुए एहतियात के तौर पर यह कार्रवाई की गई, ताकि मेले में किसी अप्रिय घटना की आशंका को कम किया जा सके। मंदिर और मेला क्षेत्र में कड़ी निगरानी श्रद्धालुओं की भारी संख्या को देखते हुए मंदिर परिसर, मेला क्षेत्र, पार्किंग स्थल, पहुंच मार्गों और अन्य संवेदनशील स्थानों पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया था। पुलिस जवानों ने लगातार पेट्रोलिंग के साथ भीड़ की गतिविधियों पर नजर रखी। इसके अलावा संदिग्ध लोगों और बाहरी व्यक्तियों की जांच भी की गई। श्रद्धालुओं और कांवड़ियों की आवाजाही को व्यवस्थित रखने के लिए पुलिस की अलग-अलग टीमें लगातार मौके पर मौजूद रहीं। वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में सुरक्षा व्यवस्था सुरक्षा व्यवस्था पुलिस अधीक्षक रायपुर ग्रामीण श्रीमती श्वेता श्रीवास्तव सिन्हा और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक यातायात श्री चंचल तिवारी के मार्गदर्शन में संचालित की गई। एसडीओपी विधानसभा श्री वीरेंद्र चतुर्वेदी के नेतृत्व में थाना प्रभारी तिल्दा-नेवरा श्री रमाकांत तिवारी और थाना प्रभारी धरसीवा श्री राजेंद्र दीवान सहित पुलिस बल ने मेला क्षेत्र की सुरक्षा संभाली। पुलिस टीमों ने मंदिर परिसर से लेकर पार्किंग और प्रमुख पहुंच मार्गों तक लगातार निगरानी रखी। यातायात को सुचारू बनाए रखने के लिए भी आवश्यक इंतजाम किए गए थे। देर रात तक पहुंचते रहे कांवड़िए सावन के अंतिम सोमवार पर अलग-अलग जिलों से बड़ी संख्या में कांवड़िए सोमनाथ मंदिर पहुंचे। कवर्धा, गरियाबंद, बेमेतरा और बालोद सहित आसपास के क्षेत्रों से आए कांवड़ियों की आवाजाही सोमवार देर रात तक जारी रही। भारी भीड़ के बावजूद पुलिस की लगातार निगरानी, पेट्रोलिंग और बेहतर समन्वय के चलते सोमनाथ मंदिर का मेला शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ। पुलिस ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा को प्राथमिकता दी।

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Raipur

घटनास्थल के फिंगरप्रिंट से अपराधियों तक पहुंचेगी पुलिस, रायपुर कमिश्नरेट में NAFIS ट्रेनिंग

रायपुर, 22 अगस्त 2026। अपराध की जांच को ज्यादा वैज्ञानिक और तकनीकी बनाने के लिए रायपुर कमिश्नरेट पुलिस ने फिंगरप्रिंट और राष्ट्रीय स्वचालित फिंगरप्रिंट पहचान प्रणाली (NAFIS) को लेकर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया। इसमें रायपुर कमिश्नरेट और रायपुर ग्रामीण पुलिस के अधिकारी-कर्मचारियों ने हिस्सा लिया। प्रशिक्षण कार्यक्रम यातायात मुख्यालय, कालीबाड़ी रायपुर के प्रथम तल पर आयोजित किया गया। फिंगरप्रिंट विशेषज्ञ अजय कुमार साहू ने नोडल अधिकारी एवं अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त पीताम्बर पटेल के मार्गदर्शन में पुलिसकर्मियों को प्रशिक्षण दिया। घटनास्थल पर फिंगरप्रिंट की भूमिका प्रशिक्षण में बताया गया कि अपराधी घटनास्थल पर कई बार ऐसी निशानियां छोड़ जाता है, जो उसकी पहचान तक पहुंचने में अहम साबित हो सकती हैं। दरवाजे, खिड़की, कांच, वाहन, अलमारी और अन्य सतहों से मिले फिंगरप्रिंट को महत्वपूर्ण साक्ष्य के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है। पुलिसकर्मियों को चांस प्रिंट यानी अदृश्य, अधूरे या अस्पष्ट फिंगरप्रिंट को खोजने, विकसित करने, वैज्ञानिक तरीके से सुरक्षित करने और जांच के लिए भेजने की तकनीक समझाई गई। फिंगरप्रिंट किट के इस्तेमाल की जानकारी प्रशिक्षण के दौरान थानों में उपलब्ध फिंगरप्रिंट किट का सही तरीके से उपयोग करने की प्रक्रिया भी बताई गई। साथ ही घटनास्थल को सुरक्षित रखने, फिंगरप्रिंट को विकसित करने, उसे उठाने और सुरक्षित पैकिंग करने के व्यावहारिक तरीके सिखाए गए। NAFIS से डिजिटल मिलान राष्ट्रीय स्वचालित फिंगरप्रिंट पहचान प्रणाली यानी NAFIS के जरिए घटनास्थल से मिले फिंगरप्रिंट का उपलब्ध डिजिटल रिकॉर्ड से मिलान किया जा सकता है। इससे संदिग्ध की पहचान करने और उसके पुराने आपराधिक रिकॉर्ड से जुड़ी जानकारी हासिल करने में पुलिस को मदद मिल सकती है। खासतौर पर दूसरे राज्यों से जुड़े अपराधियों की पहचान में यह तकनीक उपयोगी साबित हो सकती है। प्रशिक्षण में फिंगरप्रिंट के साथ-साथ DNA, CCTV और डिजिटल साक्ष्यों जैसी आधुनिक फॉरेंसिक तकनीकों के बेहतर इस्तेमाल पर भी जोर दिया गया। पुलिस के मुताबिक, इस प्रशिक्षण का उद्देश्य अपराध की विवेचना को ज्यादा वैज्ञानिक और सटीक बनाना है, ताकि घटनास्थल से मिले तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर अपराधियों की पहचान और गिरफ्तारी की प्रक्रिया को तेज किया जा सके।

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Police, Raipur

फुंडहर गौठान में मृत गायें मिलने से हड़कंप, नेता प्रतिपक्ष ने व्यवस्था पर उठाए सवाल

रायपुर: फुंडहर स्थित गौठान में बारिश के बीच मृत गायों के शव पड़े मिलने का मामला सामने आया है। शनिवार को नगर निगम नेता प्रतिपक्ष आकाश तिवारी ने जोन-9 के वार्ड-51 स्थित गौठान का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने गौठान की व्यवस्थाओं को लेकर निगम प्रशासन पर गंभीर सवाल उठाए। आकाश तिवारी के मुताबिक, गौठान की क्षमता करीब 260 से 280 गोवंश रखने की है, जबकि यहां 600 से ज्यादा गोवंश रखे गए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि क्षमता से अधिक पशु होने के कारण पर्याप्त जगह, चारा और पानी की व्यवस्था नहीं हो पा रही है। साथ ही पशुओं के इलाज के लिए भी पर्याप्त चिकित्सा सुविधा नहीं होने का दावा किया गया। निरीक्षण के दौरान गौठान में मृत गायों के शव पड़े होने पर भी नेता प्रतिपक्ष ने सवाल उठाए। उनका आरोप है कि बारिश के बीच मृत गोवंश का समय पर निस्तारण नहीं किया गया, जिससे गौठान की व्यवस्था और पशुओं की देखभाल पर सवाल खड़े हो रहे हैं। तिवारी ने कहा कि एक ओर सरकार गौ संरक्षण की बात करती है, वहीं दूसरी ओर गौठान में गोवंश की ऐसी स्थिति चिंता का विषय है। उन्होंने क्षमता से दोगुने से अधिक पशुओं को एक ही स्थान पर रखने के फैसले पर भी सवाल उठाया। नेता प्रतिपक्ष ने रायपुर के सभी नगर निगम गौठानों की जांच कराने, अतिरिक्त गोवंश को दूसरे गौठानों में शिफ्ट करने और पर्याप्त चारा, पानी, शेड, सफाई एवं पशु चिकित्सा की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है। उन्होंने निगम प्रशासन को 7 दिन का अल्टीमेटम देते हुए कहा कि यदि व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो कांग्रेस नगर निगम सदन से लेकर सड़क तक आंदोलन करेगी।

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Raipur

MBBS NEET मेरिट लिस्ट पर उठे सवाल, 9 अभ्यर्थियों के डोमिसाइल और कैटेगरी की जांच की मांग

रायपुर: छत्तीसगढ़ की MBBS NEET मेरिट लिस्ट को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। 9 अभ्यर्थियों के डोमिसाइल, जाति प्रमाण-पत्र और कैटेगरी से जुड़े दस्तावेजों पर सवाल उठाते हुए जांच की मांग की गई है। मामले को लेकर NSUI ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा है। शिकायतकर्ताओं ने पूरी मेरिट लिस्ट में शामिल अभ्यर्थियों के दस्तावेजों का भी वेरिफिकेशन कराने की मांग की है। शिकायत में रिद्धि टांडी, मान्या साहू, नेविदिता मंडावी, आहाना बेथशीबा मसीह, लक्ष्य चौरे, आकांक्षा मारिया, शीतल, प्रिंसी एस. बल्लेवार और द्विज सिंह के दस्तावेजों को जांच के लिए सामने रखा गया है। कुछ मामलों में दो अलग-अलग राज्यों के डोमिसाइल से जुड़े दस्तावेज होने का दावा किया गया है, जबकि कुछ अभ्यर्थियों की जाति और कैटेगरी को लेकर सवाल उठाए गए हैं। एक मामले में 2025 में जनरल कैटेगरी और 2026 में ST कैटेगरी दर्ज होने का दावा भी किया गया है। हालांकि, अभी किसी भी अभ्यर्थी के खिलाफ कोई अनियमितता प्रमाणित नहीं हुई है। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि उनका उद्देश्य किसी छात्र को दोषी ठहराना नहीं, बल्कि सक्षम अथॉरिटी से दस्तावेजों की निष्पक्ष जांच कराना है। NSUI के हेमंत पाल के मुताबिक, सामने रखे गए 9 मामले केवल उदाहरण हैं। पूरी मेरिट लिस्ट के दस्तावेजों की जांच होने पर अन्य विसंगतियां भी सामने आ सकती हैं। इसलिए सभी अभ्यर्थियों के डोमिसाइल, जाति प्रमाण-पत्र, कैटेगरी और आवेदन रिकॉर्ड का वेरिफिकेशन कराने की मांग की गई है। ज्ञापन में कहा गया है कि MBBS एडमिशन प्रक्रिया हजारों विद्यार्थियों के भविष्य से जुड़ी है। यदि किसी अपात्र अभ्यर्थी को गलत दस्तावेज या कैटेगरी के आधार पर लाभ मिला है, तो उसका असर पात्र विद्यार्थियों पर पड़ सकता है। इसी वजह से समयबद्ध जांच और जरूरत पड़ने पर संशोधित मेरिट लिस्ट जारी करने की मांग की गई है।

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नाबालिग से दुष्कर्म और नवजात बिक्री मामले में एक और आरोपी गिरफ्तार

न्यू राजेंद्र नगर थाना क्षेत्र में नाबालिग से दुष्कर्म, फर्जी दस्तावेजों के जरिए प्रसव कराने और नवजात शिशु की बिक्री से जुड़े मामले में पुलिस ने एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने नाबालिग की उम्र बढ़ाकर और नाम बदलकर फर्जी आधार कार्ड तैयार करने में मदद की थी। इस मामले में अब तक कुल 9 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। पुलिस के अनुसार, पहले गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ और जांच के दौरान सामने आया कि महिला आरोपी पूनम सागरिया ने नाबालिग की वास्तविक उम्र छिपाने और नाम बदलने के लिए उसका आधार कार्ड पिंटू सिंह को दिया था। इसके बाद पिंटू सिंह ने मोबाइल ऐप की मदद से आधार कार्ड में नाम और उम्र में बदलाव कर फर्जी दस्तावेज तैयार किया। पुलिस ने जांच के बाद दलदल सिवनी क्षेत्र निवासी पिंटू सिंह को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ में उसने महिला आरोपी के कहने पर नाबालिग के आधार कार्ड में बदलाव करने और तैयार फर्जी आधार कार्ड वापस पूनम सागरिया को देने की बात स्वीकार की। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से घटना में इस्तेमाल किया गया एक मोबाइल फोन जब्त किया है। पुलिस अब जब्त मोबाइल और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है। यह मामला न्यू राजेंद्र नगर थाने में अपराध क्रमांक 289/2026 के तहत दर्ज है। पुलिस ने मामले में बीएनएस, पॉक्सो एक्ट और जुवेनाइल जस्टिस एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की है। पुलिस के मुताबिक, मामले में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे कार्रवाई की जाएगी। गिरफ्तार आरोपी: पिंटू सिंह, उम्र 30 वर्ष, निवासी द्वारिका विहार, शिव मंदिर के पास, दलदल सिवनी, थाना मोवा-पंडरी, रायपुर।

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