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छत्तीसगढ़ की बेटी ज्ञानेश्वरी यादव ने कॉमनवेल्थ गेम्स में जीता सिल्वर, साइकिल से शुरू हुआ सफर पहुंचा अंतरराष्ट्रीय मंच तक

राजनांदगांव। छत्तीसगढ़ की बेटी और राजनांदगांव की वेटलिफ्टर ज्ञानेश्वरी यादव ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए देश के लिए रजत पदक जीत लिया है। महिला 53 किलोग्राम वेटलिफ्टिंग वर्ग में ज्ञानेश्वरी ने कुल 199 किलोग्राम वजन उठाकर सिल्वर मेडल अपने नाम किया। ज्ञानेश्वरी ने स्नैच में 88 किलोग्राम वजन उठाकर नया कॉमनवेल्थ रिकॉर्ड बनाया। इसके बाद क्लीन एंड जर्क में उन्होंने 111 किलोग्राम तक वजन उठाया। कुल 199 किलोग्राम के साथ उन्होंने भारत को कॉमनवेल्थ गेम्स में अहम पदक दिलाया। यह जीत ज्ञानेश्वरी के लिए बेहद खास है, क्योंकि प्रतियोगिता के दौरान उनके भाई रितेश यादव दुर्घटना के बाद अस्पताल में भर्ती थे। परिवार की चिंता के बावजूद ज्ञानेश्वरी ने अपना पूरा ध्यान खेल पर रखा और भाई से किए पदक जीतने के वादे को पूरा कर दिखाया। ज्ञानेश्वरी का सफर आसान नहीं रहा है। उनके पिता दीपक यादव इलेक्ट्रिशियन का काम करते हैं और उनकी मासिक आय करीब 3 से 5 हजार रुपए थी। सीमित आर्थिक हालात के बावजूद परिवार ने बेटी के सपनों को पूरा करने में कोई कमी नहीं छोड़ी। ज्ञानेश्वरी ने राजनांदगांव की जय भवानी व्यायामशाला से वेटलिफ्टिंग की शुरुआत की थी। शुरुआती दिनों में वह गांव भोड़िया से करीब 8 किलोमीटर दूर राजनांदगांव तक साइकिल से अभ्यास करने जाती थीं। परिवार ने कई मुश्किलों के बीच उनकी ट्रेनिंग, डाइट और खेल सामग्री का खर्च उठाया। इससे पहले भी ज्ञानेश्वरी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना चुकी हैं। उन्होंने एशियन वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप में भी पदक जीतकर अपनी प्रतिभा साबित की थी। ज्ञानेश्वरी यादव वर्तमान में छत्तीसगढ़ पुलिस में सहायक उप निरीक्षक (ASI) के पद पर कार्यरत हैं। उनकी इस उपलब्धि पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और अन्य नेताओं ने बधाई देते हुए इसे पूरे देश और प्रदेश के लिए गर्व का क्षण बताया है।

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राजनांदगांव रेलवे स्टेशन पर टला बड़ा हादसा: चलती ज्ञानेश्वरी एक्सप्रेस में फिसला यात्री, RPF जवान ने बचाई जान

छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव रेलवे स्टेशन पर रेलवे सुरक्षा बल (RPF) की सतर्कता से एक बड़ा रेल हादसा टल गया। चलती ज्ञानेश्वरी एक्सप्रेस में चढ़ने की कोशिश के दौरान एक यात्री का पैर फिसल गया, लेकिन मौके पर मौजूद आरपीएफ के प्रधान आरक्षक ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उसकी जान बचा ली। पूरी घटना स्टेशन पर लगे सीसीटीवी कैमरे में भी कैद हो गई। जानकारी के अनुसार, यह घटना 8 जुलाई की है। गाड़ी संख्या 12101 ज्ञानेश्वरी एक्सप्रेस अपने निर्धारित ठहराव के बाद राजनांदगांव स्टेशन से रवाना हो रही थी। इसी दौरान एक यात्री ने चलती ट्रेन में चढ़ने का प्रयास किया। ट्रेन के पायदान पर पैर रखते ही उसका संतुलन बिगड़ गया और वह प्लेटफॉर्म तथा ट्रेन के बीच गिरने लगा। प्लेटफॉर्म पर ड्यूटी कर रहे आरपीएफ के प्रधान आरक्षक राजेंद्र रायकवार ने तत्काल दौड़कर यात्री को पकड़ लिया और सुरक्षित प्लेटफॉर्म की ओर खींच लिया। उनकी त्वरित सूझबूझ और बहादुरी के चलते यात्री ट्रेन के पहियों के नीचे आने से बाल-बाल बच गया। यह कार्रवाई रेलवे के ‘ऑपरेशन जीवन रक्षा’ अभियान के तहत की गई। बचाए गए यात्री की पहचान बृजेश सकुनिया (52), निवासी झारसुगुड़ा (ओडिशा) के रूप में हुई है। उन्होंने बताया कि वे गोंदिया से झारसुगुड़ा जा रहे थे। किसी काम से राजनांदगांव स्टेशन पर उतरने के बाद ट्रेन छूटने लगी, तो जल्दबाजी में चलती ट्रेन में चढ़ने का प्रयास किया, जिससे उनका पैर फिसल गया। घटना के बाद आरपीएफ जवानों ने यात्री को चौकी ले जाकर प्राथमिक जांच कराई और आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई। यात्री ने आरपीएफ और प्रधान आरक्षक राजेंद्र रायकवार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यदि समय पर मदद नहीं मिलती तो बड़ा हादसा हो सकता था। रेलवे सुरक्षा बल ने यात्रियों से अपील की है कि वे कभी भी चलती ट्रेन में चढ़ने या उतरने का प्रयास न करें। किसी भी आपात स्थिति में रेलवे हेल्पलाइन 139 पर संपर्क करें।

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राजनांदगांव में पहली बारिश में धंसा 26 करोड़ का रेलवे ओवरब्रिज, विधानसभा अध्यक्ष ने रेल मंत्री से मांगी जांच

छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले में प्रधानमंत्री गति शक्ति योजना के तहत निर्मित लगभग 26 करोड़ रुपये के रेलवे ओवरब्रिज में पहली ही बारिश के बाद गंभीर निर्माण संबंधी खामियां सामने आई हैं। जून में लोकार्पण के कुछ समय बाद हुई बारिश में ओवरब्रिज की सड़क धंस गई और उस पर बड़ी दरारें दिखाई देने लगीं। मामले को गंभीर मानते हुए विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को पत्र लिखकर पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। बारिश के बाद सड़क में आई बड़ी दरारें डोंगरगढ़-राजनांदगांव रेलखंड पर बने इस ओवरब्रिज में 4 और 5 जुलाई की बारिश के बाद करीब 60 से 70 फीट लंबी तथा 15 से 20 सेंटीमीटर चौड़ी दरारें दिखाई दीं। सड़क का एक हिस्सा धंसने से ओवरब्रिज की संरचना पर सवाल उठने लगे हैं। निर्माण सामग्री को लेकर आरोप स्थानीय स्तर पर आरोप लगाए जा रहे हैं कि टेंडर की शर्तों के अनुसार बेस में उच्च गुणवत्ता की मुरुम का उपयोग किया जाना था, लेकिन उसकी जगह साधारण मिट्टी का इस्तेमाल किया गया। आरोप है कि बारिश के कारण मिट्टी बैठने से सड़क धंस गई। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही होगी। गुणवत्ता जांच पर भी उठे सवाल मामले में निर्माण सामग्री की गुणवत्ता जांच और तकनीकी परीक्षण की प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े किए जा रहे हैं। आरोप है कि पर्याप्त परीक्षण के बिना ही ओवरब्रिज को यातायात के लिए खोल दिया गया था। अस्थायी मरम्मत के बाद भी जारी है आवाजाही प्रशासन ने फिलहाल दरारों को सीमेंट से भरकर अस्थायी मरम्मत की है। इसके बावजूद ओवरब्रिज से भारी वाहनों का आवागमन जारी है, जिससे स्थानीय लोगों में सुरक्षा को लेकर चिंता बनी हुई है। रेल मंत्री से की गई प्रमुख मांगें डॉ. रमन सिंह ने अपने पत्र में पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने, निर्माण एजेंसी, ठेकेदार, कंसल्टेंट और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने तथा तकनीकी सुरक्षा परीक्षण के बाद आवश्यक मरम्मत या पुनर्निर्माण कराने की मांग की है।

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पद्मश्री फूलबासन बाई का अपहरण प्रयास नाकाम, चेकिंग में पकड़े गए आरोपी

छत्तीसगढ़ के Rajnandgaon जिले में पद्मश्री सम्मानित Phoolbasan Bai Yadav के अपहरण की कोशिश को पुलिस ने नाकाम कर दिया। मंगलवार सुबह कुछ लोगों ने उन्हें बहाने से घर से बाहर बुलाकर कार में बैठाया और हाथ-पैर बांधकर ले जाने लगे, लेकिन रास्ते में पुलिस चेकिंग के दौरान आरोपी पकड़े गए। जानकारी के अनुसार, मुख्य आरोपी खुशबू साहू अपने साथियों के साथ फूलबासन बाई के घर पहुंची और जरूरी चर्चा व फोटो खिंचवाने का बहाना बनाकर उन्हें बाहर बुलाया। इसके बाद उन्हें कार में बैठाकर हाथ-पैर बांध दिए और मुंह पर कपड़ा लपेट दिया, ताकि वे मदद के लिए आवाज न लगा सकें। आरोपी खैरागढ़ की ओर भागने की कोशिश कर रहे थे, तभी चिखली चौकी के पास पुलिस की रूटीन चेकिंग में उनकी गाड़ी को रोका गया। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने पुलिस को बताया कि महिला को मिर्गी का दौरा पड़ा है और वे उसे अस्पताल ले जा रहे हैं। हालांकि, ड्यूटी पर तैनात एक पुलिसकर्मी ने फूलबासन बाई को पहचान लिया, जिससे शक गहरा गया। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी खुशबू साहू समेत चार लोगों को हिरासत में ले लिया और महिला को सुरक्षित छुड़ा लिया। जांच में सामने आया है कि खुशबू साहू पिछले कुछ महीनों से फूलबासन बाई के संपर्क में थी। उस पर पहले से भी महिलाओं से ट्रेनिंग के नाम पर अवैध वसूली के आरोप हैं। पुलिस को आशंका है कि यह घटना किसी बड़ी साजिश या आर्थिक उगाही से जुड़ी हो सकती है। इस घटना के बाद क्षेत्र में आक्रोश का माहौल है। Devendra Yadav ने इसे गंभीर सुरक्षा चूक बताते हुए फूलबासन बाई को उचित सुरक्षा देने की मांग की है। फिलहाल पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस मामले में और कौन-कौन शामिल है।

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राजनांदगांव में व्यापम की MBSI परीक्षा शांतिपूर्ण संपन्न, 99 केंद्रों पर सख्त व्यवस्था

राजनांदगांव में व्यापम द्वारा आयोजित मंडी बोर्ड उप निरीक्षक (MBSI) भर्ती परीक्षा रविवार को शांतिपूर्ण तरीके से पूरी हुई। जिले में इस परीक्षा के लिए कुल 99 केंद्र बनाए गए थे। परीक्षा के दौरान सभी केंद्रों पर सख्त व्यवस्था रखी गई थी, ताकि किसी भी तरह की गड़बड़ी या नकल न हो सके। सुरक्षा के लिए फ्लाइंग स्क्वॉड और निगरानी टीम लगातार जांच करती रही। कलेक्टर जितेंद्र यादव ने खुद अलग-अलग परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया। उन्होंने वहां जाकर अभ्यर्थियों की एंट्री, पहचान पत्र जांच, तलाशी और बैठने की व्यवस्था को देखा। कलेक्टर ने यह भी देखा कि परीक्षा हॉल में सही दूरी बनी हुई है या नहीं और रोशनी व अन्य सुविधाएं ठीक हैं या नहीं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि परीक्षा पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से कराई जाए। उन्होंने साफ कहा कि किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी नियमों का सख्ती से पालन होना चाहिए। जिला प्रशासन ने परीक्षा को सफल बनाने के लिए पहले से ही पूरी तैयारी की थी। सभी केंद्रों पर अधिकारी और कर्मचारी तैनात किए गए थे। परीक्षा के दौरान अभ्यर्थियों से भी नियमों का पालन करने और प्रशासन का सहयोग करने की अपील की गई।

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राजनांदगांव में बर्थडे पार्टी बनी खूनी झगड़ा: चाकू से हमला, तीन गिरफ्तार

राजनांदगांव में एक बर्थडे पार्टी के दौरान बड़ा झगड़ा हो गया। यह घटना गांधी चौक इलाके की है, जहां दोस्तों के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि मारपीट और चाकूबाजी तक पहुंच गया। जानकारी के अनुसार, 24-25 अप्रैल की रात कुछ युवक अपने दोस्त का जन्मदिन मना रहे थे। रात करीब 12 से 1 बजे के बीच केक काटने के बाद पुरानी रंजिश को लेकर बहस शुरू हो गई। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और गाली-गलौज होने लगी। इसके बाद कुछ लोगों ने बेल्ट और लाठी-डंडों से हमला कर दिया। जवाब में दूसरे पक्ष ने चाकू निकालकर वार किया, जिससे एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को काबू में किया। घायल युवक को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि एक मुख्य आरोपी अभी फरार है। पुलिस उसकी तलाश कर रही है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, झगड़े में शामिल कुछ युवक पहले से आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहे हैं। मामले में जांच जारी है और आगे की कार्रवाई की जा रही है।

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छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी का कहर: राजनांदगांव में 45.5°C, हीटवेव का अलर्ट जारी

छत्तीसगढ़ में तेज गर्मी का असर लगातार बढ़ता जा रहा है। राजनांदगांव में तापमान 45.5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो इस सीजन का सबसे ज्यादा रिकॉर्ड किया गया तापमान है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले तीन दिनों तक तापमान में खास बदलाव की संभावना नहीं है, हालांकि इसके बाद थोड़ी राहत मिल सकती है। प्रदेश में फिलहाल शुष्क मौसम बना हुआ है, लेकिन 26 अप्रैल को कुछ इलाकों में गरज-चमक, तेज हवाएं (40 से 50 किमी प्रति घंटे) और हल्की बारिश के आसार जताए गए हैं। इसके बावजूद हीटवेव का प्रभाव बना रहेगा। राजधानी रायपुर में अधिकतम तापमान करीब 45 डिग्री और न्यूनतम 28 डिग्री रहने का अनुमान है। यहां भी लू जैसे हालात बने रहने की चेतावनी दी गई है। गर्मी को देखते हुए आंगनबाड़ी केंद्रों के समय में बदलाव किया गया है। 23 अप्रैल से 30 जून तक केंद्र सुबह 7 बजे से 11 बजे तक संचालित होंगे, जबकि बच्चों के लिए समय सुबह 7 से 9 बजे तक तय किया गया है। 1 जुलाई के बाद पुराने समयानुसार संचालन फिर शुरू होगा। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि विदर्भ से दक्षिण भारत तक बनी ट्रफ लाइन और बंगाल-ओडिशा क्षेत्र में ऊपरी हवा के चक्रवातीय प्रभाव के कारण गर्म और शुष्क हवाएं चल रही हैं, जिससे तापमान में बढ़ोतरी हो रही है। मौसम विभाग के अनुसार, जब मैदानी क्षेत्रों में तापमान 40 डिग्री या उससे अधिक पहुंचता है और सामान्य से 4.5 से 6.4 डिग्री ज्यादा रहता है, तो उसे हीटवेव माना जाता है। 45 डिग्री या उससे अधिक तापमान भी लू की श्रेणी में आता है, जबकि 47 डिग्री से ऊपर होने पर गंभीर हीटवेव की स्थिति बनती है। गर्म रातों का खतरा भी बढ़ गया है। जब न्यूनतम तापमान सामान्य से ज्यादा रहता है, तो रात में भी गर्मी से राहत नहीं मिलती, जिसे वार्म नाइट कहा जाता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि तेज गर्मी का असर खासतौर पर बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों पर ज्यादा पड़ सकता है। लोगों को सलाह दी गई है कि दोपहर में बाहर निकलने से बचें, पर्याप्त पानी पिएं और धूप से बचाव करें।

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राजनांदगांव में बेजुबान पशु-पक्षियों के लिए जल सेवा अभियान, स्वास्तिक समिति ने बांटे कोटना

राजनांदगांव में बढ़ती गर्मी के बीच मूक पशु-पक्षियों के लिए पानी का संकट गहराने लगा है। इस समस्या को देखते हुए स्वास्तिक जनसमर्पण सेवा समिति ने ‘कोटना (जल पात्र) वितरण अभियान’ की शुरुआत की है, ताकि बेजुबान जीवों को गर्मी में राहत मिल सके। भदोरिया चौक स्थित समिति कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान जनसहयोग से एकत्र किए गए जल पात्रों का वितरण किया गया। अभियान की शुरुआत वैदिक मंत्रोच्चार और विधि-विधान के साथ की गई। इस दौरान उन लोगों को जल पात्र सौंपे गए, जिन्होंने उनकी नियमित साफ-सफाई और पानी भरने की जिम्मेदारी लेने का संकल्प लिया। समिति ने सभी से यह वचन भी लिया कि इन पात्रों का उपयोग केवल पशु-पक्षियों के लिए जल उपलब्ध कराने में ही किया जाएगा। समिति के पदाधिकारियों के अनुसार, यह पहल कोविड काल में छोटे स्तर पर शुरू हुई थी, लेकिन अब यह जिले में एक बड़े जन अभियान का रूप ले चुकी है। इस बार भी व्यवस्थित योजना के तहत अलग-अलग क्षेत्रों में जल पात्रों का वितरण किया जा रहा है। इस सामाजिक पहल में शहर के कई जनप्रतिनिधि और नागरिक भी शामिल हुए। कार्यक्रम में विभिन्न सामाजिक और राजनीतिक संगठनों के सदस्य उपस्थित रहे और उन्होंने इस कार्य की सराहना की। समिति ने बताया कि यह अभियान केवल वितरण तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि जल पात्रों की नियमित निगरानी भी की जाएगी, ताकि उनका सही उपयोग सुनिश्चित हो सके। साथ ही भविष्य में पर्यावरण संरक्षण और जल बचाने को लेकर नई योजनाओं पर भी काम किया जाएगा, जिसमें युवाओं की भागीदारी बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है।

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राजनांदगांव में कलेक्टर की सरपंचों को सीख: पंचायतों को आत्मनिर्भर बनाएं, आय बढ़ाने पर दें जोर

छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव में कलेक्टर जितेंद्र यादव ने सरपंचों की बैठक लेकर पंचायतों को आत्मनिर्भर बनाने पर जोर दिया। पटवारी प्रशिक्षण केंद्र में आयोजित इस बैठक में उन्होंने कहा कि पंचायतें शासन की योजनाओं के क्रियान्वयन की अहम कड़ी हैं। कलेक्टर ने सरपंचों को निर्देश दिए कि नाली निर्माण, पेयजल व्यवस्था और स्कूलों में अतिरिक्त कक्षों जैसे मूलभूत कार्यों को तय समय सीमा में पूरा किया जाए। साथ ही पंचायतों की आय बढ़ाने के लिए व्यावसायिक परिसर और सामुदायिक भवनों के निर्माण पर ध्यान देने को कहा, जिससे नियमित आय का स्रोत विकसित हो सके। उन्होंने प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के तहत गांवों को सोलर विलेज बनाने के लिए ग्रामीणों को प्रेरित करने के निर्देश भी दिए। कृषि क्षेत्र में बदलाव के लिए गर्मी के मौसम में धान के स्थान पर कम पानी वाली दलहन और तिलहन फसलों को बढ़ावा देने की बात कही। इन फसलों की खरीदी पीएम आशा योजना के तहत समर्थन मूल्य पर की जा रही है। बैठक के बाद कलेक्टर ने ग्राम गठुला में स्थित टसर परिवर्तन केंद्र का निरीक्षण किया। करीब 10 हेक्टेयर में फैले इस केंद्र में रेशम उत्पादन से जुड़ी गतिविधियां संचालित होती हैं। यहां दुर्ग संभाग का एकमात्र ककून बैंक संचालित है, जहां वैज्ञानिक तरीके से कोसा का संग्रहण और ग्रेडिंग की जाती है। कलेक्टर ने केंद्र की सुरक्षा के लिए तार फेंसिंग का प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि रेशम उत्पादन ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का प्रभावी माध्यम है और इसके लिए समूहों को तकनीकी सहायता समय पर मिलनी चाहिए। इस दौरान जिला पंचायत की सीईओ सुरूचि सिंह ने मुख्यमंत्री समग्र ग्रामीण विकास योजना के तहत विभिन्न कार्यों के लिए 15.60 लाख रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति दी। स्वीकृत कार्यों में ग्राम काकेतरा में सीसी रोड निर्माण के लिए 2.60 लाख रुपए, ग्राम तिलई और बासुला में सामुदायिक भवन निर्माण के लिए 6.50-6.50 लाख रुपए शामिल हैं। सीईओ ने निर्माण एजेंसियों को निर्देश दिए हैं कि सभी कार्य निर्धारित समय सीमा में और गुणवत्ता के साथ पूरे किए जाएं।

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राजनांदगांव में अवैध शराब पर सख्ती, चिचोला और घुमका में खुलीं शासकीय मदिरा दुकानें

राजनांदगांव जिले में अवैध शराब के कारोबार पर नियंत्रण पाने के लिए प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। शुक्रवार को चिचोला (रंगीटोला) और घुमका में नई देशी कम्पोजिट मदिरा दुकानों की शुरुआत की गई है। इसका उद्देश्य अवैध शराब बिक्री को रोकना और लोगों को सुरक्षित व मानक के अनुरूप मदिरा उपलब्ध कराना है। इन दोनों इलाकों में पहले कोई सरकारी शराब दुकान नहीं थी, जिसके चलते अवैध शराब बेचने वाले सक्रिय हो गए थे। ग्रामीणों की ओर से लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि नकली और मिलावटी शराब के कारण स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ रहा है और सरकार को राजस्व का नुकसान भी हो रहा है। आम तौर पर शराब दुकानों का विरोध देखने को मिलता है, लेकिन यहां हालात अलग थे। ग्रामीणों ने खुद आगे आकर सामाजिक समस्याओं और अवैध गतिविधियों से छुटकारा पाने के लिए सरकारी दुकान खोलने की मांग की थी। नई दुकानों का उद्घाटन स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्राम प्रमुखों की मौजूदगी में किया गया। इस दौरान ग्रामीणों ने प्रशासन का आभार जताते हुए कहा कि अब सरकारी नियंत्रण में गुणवत्ता और कीमत तय होने से पारदर्शिता बनी रहेगी। जिला आबकारी अधिकारी अभिषेक तिवारी के अनुसार, इन दुकानों को शुरू करने के पीछे तीन मुख्य मकसद हैं—अवैध शराब की बिक्री पर रोक लगाना, लोगों को लैब-टेस्टेड और सुरक्षित मदिरा उपलब्ध कराना, और अवैध कारोबार से होने वाले राजस्व नुकसान को रोकना। घुमका के निवासी पंकज माले ने बताया कि पहले बाहर से आने वाली मिलावटी शराब के कारण युवाओं के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ रहा था। अब सरकारी दुकान खुलने से न केवल पारदर्शी बिक्री होगी, बल्कि गांव में अवैध गतिविधियों पर भी लगाम लगेगी।

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