राजनांदगांव में कलेक्टर की सरपंचों को सीख: पंचायतों को आत्मनिर्भर बनाएं, आय बढ़ाने पर दें जोर

छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव में कलेक्टर जितेंद्र यादव ने सरपंचों की बैठक लेकर पंचायतों को आत्मनिर्भर बनाने पर जोर दिया। पटवारी प्रशिक्षण केंद्र में आयोजित इस बैठक में उन्होंने कहा कि पंचायतें शासन की योजनाओं के क्रियान्वयन की अहम कड़ी हैं।

कलेक्टर ने सरपंचों को निर्देश दिए कि नाली निर्माण, पेयजल व्यवस्था और स्कूलों में अतिरिक्त कक्षों जैसे मूलभूत कार्यों को तय समय सीमा में पूरा किया जाए। साथ ही पंचायतों की आय बढ़ाने के लिए व्यावसायिक परिसर और सामुदायिक भवनों के निर्माण पर ध्यान देने को कहा, जिससे नियमित आय का स्रोत विकसित हो सके।

उन्होंने प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के तहत गांवों को सोलर विलेज बनाने के लिए ग्रामीणों को प्रेरित करने के निर्देश भी दिए। कृषि क्षेत्र में बदलाव के लिए गर्मी के मौसम में धान के स्थान पर कम पानी वाली दलहन और तिलहन फसलों को बढ़ावा देने की बात कही। इन फसलों की खरीदी पीएम आशा योजना के तहत समर्थन मूल्य पर की जा रही है।

बैठक के बाद कलेक्टर ने ग्राम गठुला में स्थित टसर परिवर्तन केंद्र का निरीक्षण किया। करीब 10 हेक्टेयर में फैले इस केंद्र में रेशम उत्पादन से जुड़ी गतिविधियां संचालित होती हैं। यहां दुर्ग संभाग का एकमात्र ककून बैंक संचालित है, जहां वैज्ञानिक तरीके से कोसा का संग्रहण और ग्रेडिंग की जाती है। कलेक्टर ने केंद्र की सुरक्षा के लिए तार फेंसिंग का प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि रेशम उत्पादन ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का प्रभावी माध्यम है और इसके लिए समूहों को तकनीकी सहायता समय पर मिलनी चाहिए।

इस दौरान जिला पंचायत की सीईओ सुरूचि सिंह ने मुख्यमंत्री समग्र ग्रामीण विकास योजना के तहत विभिन्न कार्यों के लिए 15.60 लाख रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति दी।

स्वीकृत कार्यों में ग्राम काकेतरा में सीसी रोड निर्माण के लिए 2.60 लाख रुपए, ग्राम तिलई और बासुला में सामुदायिक भवन निर्माण के लिए 6.50-6.50 लाख रुपए शामिल हैं।

सीईओ ने निर्माण एजेंसियों को निर्देश दिए हैं कि सभी कार्य निर्धारित समय सीमा में और गुणवत्ता के साथ पूरे किए जाएं।

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