दुबई में सौरभ चंद्राकर की 1700 करोड़ की संपत्ति जब्त, बुर्ज खलीफा में भी अपार्टमेंट
महादेव सट्टा एप के प्रमोटर सौरभ चंद्राकर के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 1700 करोड़ रुपए की संपत्तियां अटैच कर दी हैं। रायपुर जोनल कार्यालय ने 25 मार्च को मनी लॉन्ड्रिंग निवारण अधिनियम (PMLA) 2002 के तहत यह कार्रवाई की। जांच एजेंसी ने कुल 20 अचल संपत्तियां जब्त की हैं, जिनमें 18 संपत्तियां दुबई और 2 नई दिल्ली में स्थित हैं। इनकी अनुमानित बाजार कीमत लगभग 1700 करोड़ रुपए बताई गई है। अटैच की गई संपत्तियों में बुर्ज खलीफा स्थित एक लग्जरी अपार्टमेंट भी शामिल है। सट्टे की कमाई से खरीदी गई लग्जरी संपत्तियां ED की जांच में सामने आया है कि इन प्रॉपर्टियों को अवैध सट्टेबाजी से कमाए गए पैसों से खरीदा गया था। दुबई के प्राइम इलाकों — Dubai Hills Estate (Hills View, Fairway Residency, Sidra), Business Bay और SLS Hotel & Residences — में स्थित कई लग्जरी विला और हाई-एंड अपार्टमेंट इस सूची में शामिल हैं। एजेंसी के अनुसार, ये संपत्तियां सौरभ चंद्राकर और उनके सहयोगियों के नाम पर या उनके नियंत्रण में थीं। जिन सहयोगियों के नाम सामने आए हैं उनमें विकास छपारिया, रोहित गुलाटी, अतुल अरोड़ा, नितिन तिब्रेवाला और सुरेंद्र बागड़ी शामिल हैं। अंतरराष्ट्रीय सट्टेबाजी नेटवर्क का खुलासा जांच में यह भी सामने आया कि महादेव ऑनलाइन बुक ऐप एक अंतरराष्ट्रीय बेटिंग सिंडिकेट की तरह संचालित होता था। यह नेटवर्क Tiger Exchange, Gold365 और Laser247 जैसे प्लेटफॉर्म के जरिए चलाया जा रहा था। फ्रेंचाइजी मॉडल के माध्यम से देशभर में “पैनल” बनाकर इसका विस्तार किया गया था। ED के मुताबिक, सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल दुबई से पूरे नेटवर्क को संचालित कर रहे थे। हवाला और क्रिप्टो के जरिए विदेश भेजा गया पैसा जांच एजेंसी ने पाया कि हजारों फर्जी या डमी बैंक खाते खोले गए और आम लोगों के KYC का दुरुपयोग किया गया। इसके बाद अवैध रकम को हवाला, क्रिप्टो ट्रांजेक्शन और लेयरिंग के जरिए विदेश भेजा गया, जिसे बाद में UAE और भारत में महंगी संपत्तियों में निवेश किया गया। अब तक 4336 करोड़ की संपत्ति अटैच ED ने इस मामले में अब तक 175 से अधिक ठिकानों पर छापेमारी की है। 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है और 74 लोगों को आरोपी बनाया गया है। रायपुर की विशेष PMLA अदालत में 5 अभियोजन शिकायतें भी दाखिल की गई हैं। एजेंसी के अनुसार, इस केस में अब तक कुल 4336 करोड़ रुपए की चल और अचल संपत्तियां अटैच, सीज या फ्रीज की जा चुकी हैं। भगोड़ा घोषित करने की प्रक्रिया जारी ED ने सौरभ चंद्राकर, रवि उप्पल, अनिल अग्रवाल और शुभम सोनी के खिलाफ Fugitive Economic Offenders Act 2018 के तहत आवेदन दायर किया है। एजेंसी का कहना है कि विदेश में छिपे आरोपियों को पकड़ने और अवैध सट्टेबाजी नेटवर्क को खत्म करने के लिए कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।
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