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भिलाई छावनी थाना में बीजेपी नेताओं और युवाओं के बीच बवाल, थाना परिसर में धक्का-मुक्की और गाली-गलौज, वीडियो वायरल | दुर्ग

छत्तीसगढ़ के भिलाई स्थित छावनी थाना में बुधवार देर रात बड़ा हंगामा देखने को मिला। दो पक्षों के बीच पहले से चल रहे मारपीट विवाद को सुलझाने के लिए दोनों पक्ष थाने पहुंचे थे, लेकिन मामला सुलझने के बजाय और ज्यादा बिगड़ गया। थाने के अंदर ही दोनों गुटों के बीच जमकर बहस, गाली-गलौज और धक्का-मुक्की हो गई। जानकारी के अनुसार विवाद की शुरुआत एक बर्थडे पार्टी से जुड़ी घटना से हुई थी, जिसमें बीयर की बोतल टूटने के बाद दोनों पक्षों के बीच मारपीट हो गई थी। इसी मामले में समझौते के लिए दोनों पक्ष थाने पहुंचे थे। इसी दौरान बीजेपी मंडल उपाध्यक्ष गुरुचरण बग्गा और कैंप मंडल अध्यक्ष राजेश चौधरी के बीच तीखी बहस हो गई, जिसके बाद माहौल और अधिक तनावपूर्ण हो गया। थाना परिसर में मौजूद लोगों के अनुसार स्थिति इतनी बिगड़ गई कि दोनों पक्ष आपस में भिड़ गए और पुलिसकर्मियों के साथ भी धक्का-मुक्की की नौबत आ गई। कुछ लोग टेबल-कुर्सियों पर चढ़कर वीडियो बनाते नजर आए, जबकि थाना परिसर में काफी देर तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। बताया जा रहा है कि घटना के समय थाना प्रभारी मौके पर मौजूद नहीं थे, बाद में पहुंचकर उन्होंने दोनों पक्षों से शिकायत ली। इसके बाद दोनों ओर से एक-दूसरे के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई गई और पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पहले पक्ष की शिकायत में आरोप लगाया गया है कि बीयर की बोतल टूटने के बाद गाली-गलौज और मारपीट हुई, जिसमें लोहे के रॉड से हमला भी किया गया। वहीं दूसरे पक्ष का कहना है कि पार्टी के दौरान शोर-शराबे और विवाद के बाद हमला किया गया और उनके साथ मारपीट हुई, साथ ही गाड़ी के शीशे तोड़ने और धमकी देने के आरोप भी लगाए गए हैं। पुलिस का कहना है कि घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई है और फुटेज के आधार पर जांच की जा रही है। फिलहाल दोनों पक्षों के खिलाफ अलग-अलग धाराओं में मामला दर्ज किया गया है, जिसमें एक पक्ष पर बलवा की धारा भी लगाई गई है।

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बिलासपुर में 20 से ज्यादा नकाबपोशों का परिवार पर हमला, घर के सामने विवाद के बाद लाठी-डंडों से पिटाई, 4 महिलाएं घायल

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में देर रात एक गंभीर हिंसक घटना सामने आई, जहां 20 से अधिक नकाबपोश बदमाशों ने एक परिवार पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया। इस हमले में एक युवक और चार महिलाएं घायल हो गईं, जिनमें से गंभीर रूप से घायल युवक को रायपुर रेफर किया गया है। यह घटना सरकंडा थाना क्षेत्र के चिंगराजपारा इलाके की है। पीड़ित सनत सारथी के अनुसार, वह रात करीब 12 बजे खाना खाने के बाद घर के बाहर टहल रहा था, तभी विक्की अहिरवार अपने साथियों के साथ वहां पहुंचा और गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद सभी ने मिलकर अचानक हमला कर दिया। हमले में सनत सारथी के सिर, हाथ और पैर में गंभीर चोटें आईं। बीच-बचाव करने पहुंचीं उनकी पत्नी रेखा सारथी भी घायल हो गईं। इसके अलावा बेदू विश्वकर्मा, सोनी सिंह ठाकुर और तिलक दास मानिकपुरी को भी चोटें आई हैं। आरोप है कि हमलावरों ने महिलाओं के साथ भी मारपीट की, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों के अनुसार, दो दिन पहले इसी इलाके में एक विवाद हुआ था, जब आरोपियों ने पीड़ित परिवार के घर के सामने पेशाब किया था। इसका विरोध करने पर दोनों पक्षों में कहासुनी हुई थी। इसी रंजिश के चलते आरोपियों ने सुनियोजित तरीके से हमला किया। पूरी वारदात सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हो गई है, जिसमें 20 से ज्यादा नकाबपोश युवक लाठी-डंडों के साथ आते और हमला करते दिखाई दे रहे हैं। यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। घटना के बाद सभी आरोपी मौके से फरार हो गए। पुलिस ने पीड़ित की शिकायत पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं ताकि आरोपियों की पहचान कर उन्हें जल्द गिरफ्तार किया जा सके।

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बिलासपुर के मजदूरों को पुणे में बंधक बनाकर पीटा, इलाज के पैसे मांगने पर ठेकेदार ने की मारपीट

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले के एक मजदूर परिवार के साथ महाराष्ट्र के पुणे में मारपीट और बंधक बनाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि लेबर ठेकेदार ने अपने साथियों के साथ मिलकर मजदूरों को बुरी तरह पीटा, जिसमें कई लोगों के सिर फट गए। घटना का वीडियो भी सामने आया है, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। जानकारी के अनुसार, पुणे निवासी ठेकेदार भुवनेश्वर राय और सुरेंद्र राय नवंबर 2025 में बिलासपुर पहुंचे थे। उन्होंने पचपेड़ी थाना क्षेत्र के सुकुलकारी गांव के संतोष महिलांगे, उनकी पत्नी और अन्य रिश्तेदारों को काम दिलाने का झांसा दिया। कुछ एडवांस पैसे देकर सभी को अपने साथ पुणे के चांदे गांव ले गए, जहां उनसे मजदूरी कराई जा रही थी। परिवार के अनुसार, जब एक गर्भवती महिला के इलाज के लिए पैसों की जरूरत पड़ी और उन्होंने ठेकेदार से रकम मांगी, तो उसने गाली-गलौज शुरू कर दी। विरोध करने पर ठेकेदार और उसके साथियों ने मजदूरों के साथ बेरहमी से मारपीट की। पीड़ितों का कहना है कि इस दौरान संतोष महिलांगे को जबरन बंधक बना लिया गया। डर के माहौल में परिवार के कुछ सदस्य वहां से भागकर बिलासपुर पहुंचे और एसएसपी कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने अपने परिजन को सुरक्षित वापस लाने की गुहार लगाई है। पीड़ित परिवार ने यह भी आरोप लगाया कि स्थानीय पुलिस में शिकायत के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गई। अब बिलासपुर पुलिस और प्रशासन महाराष्ट्र पुलिस के संपर्क में हैं और बंधक बनाए गए मजदूर को सुरक्षित वापस लाने की कोशिश की जा रही है। वायरल वीडियो में ठेकेदार और उसके सहयोगी मजदूरों के साथ मारपीट करते और उन्हें धमकाते नजर आ रहे हैं। इसी वीडियो के आधार पर पुलिस आरोपियों की पहचान और लोकेशन ट्रेस करने में जुटी है। पुलिस की सलाह पर पीड़ित परिवार ने श्रम विभाग को भी मामले की जानकारी दे दी है। फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है।

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बिलासपुर में ASI पर गंभीर आरोप: केस की जानकारी मांगने पर पीड़ित को जड़े थप्पड़, सस्पेंड

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े करने वाला मामला सामने आया है। रतनपुर थाने में अपने केस की जानकारी लेने पहुंचे एक व्यक्ति के साथ एएसआई ने कथित तौर पर मारपीट की। आरोप है कि एएसआई दिनेश तिवारी ने गुस्से में आकर पीड़ित को 15 से 20 थप्पड़ जड़ दिए, जिससे उसका कान सुन्न हो गया। पीड़ित विनोद जायसवाल के मुताबिक, जब उन्होंने अपने पुराने केस की स्थिति और जांच रिपोर्ट कोर्ट में पेश करने को लेकर जानकारी मांगी, तो एएसआई भड़क गया। इस दौरान गाली-गलौज करते हुए उसे धमकाया गया कि उसकी “नेतागिरी” निकाल दी जाएगी और जेल भेज दिया जाएगा। घटना के समय थाने में अन्य पुलिसकर्मी भी मौजूद थे। पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया है कि जांच रिपोर्ट कोर्ट में पेश करने के बदले पैसे की मांग की जा रही थी। मामले की जानकारी मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह ने तुरंत कार्रवाई करते हुए एएसआई दिनेश तिवारी को निलंबित कर दिया है। साथ ही पीड़ित की शिकायत के आधार पर उसी थाने में एएसआई के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज की गई है। यह घटना 12 अप्रैल की बताई जा रही है, जब बनियापारा निवासी विनोद जायसवाल दोपहर में थाने पहुंचे थे। बाद में उन्होंने इस मामले की शिकायत उच्च अधिकारियों से की, जिस पर त्वरित कार्रवाई की गई। घटना के बाद पीड़ित को सुनने में परेशानी और सिरदर्द की शिकायत है। पुलिस ने मेडिकल जांच के साथ आगे की जांच शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि पीड़ित पहले कोयला कारोबार से जुड़ा रहा है और स्थानीय राजनीतिक हलकों में सक्रिय रहा है। फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है और आगे की कार्रवाई रिपोर्ट के आधार पर की जाएगी।

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छत्तीसगढ़ में सड़क पर मारपीट के दो मामले वायरल: कोरबा और बिलासपुर में मामूली विवाद पर हिंसा

छत्तीसगढ़ में सड़क पर मारपीट की दो अलग-अलग घटनाएं सामने आई हैं, जिनके वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। एक मामला कोरबा का है, जबकि दूसरा बिलासपुर का बताया जा रहा है। दोनों ही घटनाओं में मामूली विवाद के बाद जमकर लात-घूंसे चले। कोरबा जिले के सिविल लाइन रामपुर थाना क्षेत्र में 11 अप्रैल की रात निहारिका स्थित अंग्रेजी शराब दुकान के बाहर यह घटना हुई। शराब खरीदने के दौरान भीड़ में हाथ टकराने को लेकर दो पक्षों में बहस शुरू हो गई, जो देखते ही देखते मारपीट में बदल गई। इस दौरान एक युवक ने सुरक्षा कर्मी के डंडे से हमला किया, जिसके बाद दूसरे पक्ष ने भी उसे पकड़कर पिटाई कर दी। कुछ देर तक मौके पर हंगामा चलता रहा, बाद में मामला शांत हुआ। वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया है। पूछताछ के दौरान आरोपियों के व्यवहार को देखते हुए उनके खिलाफ कानूनी धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है। दूसरी घटना बिलासपुर के तोरवा थाना क्षेत्र की है। यहां सिरगिट्टी के गणेश नगर निवासी शेख इकबाल रात में रेलवे स्टेशन के पास स्थित होटल से खाना लेकर लौट रहा था। इसी दौरान लक्की दास और पंकज से उसका विवाद हो गया। विवाद के बाद आरोपियों ने अपने साथियों को बुला लिया और युवक को घेरकर मारपीट की, जिससे वह घायल हो गया। पूरी घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें युवक को जमीन पर गिराकर लात-घूंसे से पीटते हुए देखा जा सकता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि रेलवे स्टेशन के पास स्थित होटल देर रात तक खुला रहता है, जिससे वहां भीड़ जमा रहती है और अक्सर विवाद की स्थिति बन जाती है। इससे पहले भी इस क्षेत्र में मारपीट की घटनाएं हो चुकी हैं।

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रायपुर नवकार हॉस्पिटल में हंगामा: महिला के फांसी के प्रयास पर ससुराल-मायके में मारपीट

रायपुर के नवकार हॉस्पिटल में शुक्रवार को एक महिला के इलाज के दौरान ससुराल और मायके पक्ष आमने-सामने आ गए। शिव नगर की यास्मीन परवीन ने गुरुवार रात अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या की कोशिश की थी। गंभीर हालत में उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। इलाज के दौरान जब डॉक्टरों ने बताया कि महिला की बचने की संभावना कम है, तो ससुराल पक्ष आक्रोशित हो गया और हंगामा शुरू कर दिया। कुछ ही देर में मायके पक्ष भी पहुंच गया और दोनों के बीच झगड़ा मारपीट में बदल गया। दोनों थानों—सिटी कोतवाली और टिकरापारा—की पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और स्थिति को काबू में किया। पुलिस ने दोनों पक्षों को समझाइश दी और अस्पताल परिसर में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया। मायके पक्ष ने दावा किया कि यह आत्महत्या नहीं, बल्कि प्लानिंग के तहत हत्या की कोशिश थी। पुलिस ने कहा कि अभी तक कोई शिकायत दर्ज नहीं हुई है, लेकिन शिकायत मिलने पर जांच की जाएगी।

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मालदा हिंसा का मुख्य आरोपी गिरफ्तार, NIA ने संभाली जांच

Malda में न्यायिक अधिकारियों को बंधक बनाने के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी मोफक्करुल इस्लाम को गिरफ्तार कर लिया है। उसे Bagdogra Airport से पकड़ा गया, जब वह बेंगलुरु भागने की कोशिश कर रहा था। इस मामले में अब तक कुल 35 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। आरोपी मोफक्करुल इस्लाम पेशे से वकील है और AIMIM से जुड़ा रहा है। उस पर आरोप है कि 1 अप्रैल को सुजापुर में विरोध प्रदर्शन के दौरान भड़काऊ भाषण देकर भीड़ को उकसाया। इसके बाद हजारों लोगों ने कालियाचक स्थित BDO ऑफिस का घेराव कर दिया और 7 न्यायिक अधिकारियों को करीब 9 घंटे तक अंदर बंधक बनाए रखा। सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद अफसरों की रिहाई मामला गंभीर होने पर Supreme Court of India के हस्तक्षेप के बाद देर रात भारी सुरक्षा बलों की मौजूदगी में अधिकारियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। अदालत ने इस घटना को न्याय व्यवस्था में बाधा डालने का गंभीर प्रयास बताया। NIA करेगी जांच घटना की गंभीरता को देखते हुए National Investigation Agency को जांच सौंपी गई है। NIA की टीम मौके पर पहुंच चुकी है और जांच शुरू कर दी गई है। हिंसा के बाद कई जिलों में विरोध घटना के बाद 2 अप्रैल को मालदा सहित जलपाईगुड़ी, कूच बिहार और पूर्व बर्धमान में भी प्रदर्शन हुए। कई जगहों पर सड़कों को जाम किया गया और टायर जलाकर विरोध जताया गया। सुरक्षा बढ़ाई गई स्थिति को देखते हुए Election Commission of India ने राज्य में सुरक्षा के लिए केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPFs) की 500 कंपनियां तैनात करने के निर्देश दिए हैं। यह पूरा मामला अब राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है और एजेंसियां इससे जुड़े पूरे नेटवर्क की जांच में जुट गई हैं।

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