May 2025

बिरगांव में दिनदहाड़े ठेलेवाले पर हमला, पुलिस मूकदर्शक

अवैध वसूली में असफल होने पर युवक ने किया धारदार हथियार से वार, घायल की कमाई भी लूटी रायपुर/बिरगांव: राजधानी के बिरगांव क्षेत्र में शुक्रवार दोपहर कानून व्यवस्था तार-तार हो गई, जब खुलेआम एक फुटपाथ पर ठेले में फल बेचने वाले पर जानलेवा हमला किया गया। घटना बुधवारी बाजार के सामने दोपहर करीब 2 बजे हुई, जहां सुरेंद्र गुप्ता पर इलाके के कुख्यात असामाजिक तत्व राहुल भुंकार (उम्र 25) ने धारदार हथियार से हमला कर दिया। प्राप्त जानकारी के अनुसार, आरोपी राहुल ने सुरेंद्र से अवैध वसूली के तहत शराब के लिए पैसे मांगे। इंकार करने पर कहासुनी के दौरान राहुल ने सुरेंद्र पर अचानक हमला कर दिया, जिससे उनके चेहरे और हाथ में गंभीर चोटें आईं। बीच-बचाव करने आए एक अन्य व्यक्ति को भी चोटें लगीं। हमले के तुरंत बाद सुरेंद्र उरला थाने पहुंचे, लेकिन पुलिस द्वारा कोई तत्काल कार्रवाई नहीं की गई। इस लापरवाही के चलते आरोपी का मनोबल और बढ़ गया और वह शाम 5 बजे फिर घटनास्थल पर लौट आया। इस बार उसने सुरेंद्र से ₹3000 की कमाई भी लूट ली और दोबारा मारपीट की। स्थानीय लोगों में उबाललगातार बढ़ती आपराधिक घटनाओं और पुलिस की निष्क्रियता से क्षेत्र में भय का माहौल है। व्यापारियों और आम नागरिकों का कहना है कि बिरगांव में असामाजिक तत्व बेखौफ हैं और प्रशासन मूकदर्शक बना हुआ है। जनता की मांगस्थानीय निवासियों ने मांग की है कि आरोपी को तुरंत गिरफ्तार कर उस पर सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि आने वाले समय में ऐसी घटनाओं पर रोक लग सके।

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उरला में CSIDC की जमीन पर अवैध कब्जा: कांग्रेस ने किया घेराव, अधिकारियों पर मिलीभगत का आरोप

रायपुर। 28 मई, उरला बिरगांव क्षेत्र में छत्तीसगढ़ राज्य औद्योगिक विकास निगम (CSIDC) की जमीनों पर हो रहे अवैध कब्जों को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। आज बिरगांव ब्लॉक युवा कांग्रेस अध्यक्ष बैसाखू सागर के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने CSIDC कार्यालय का घेराव किया और जमकर नारेबाजी की। कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि CSIDC की जमीन पर रायपुर ग्रामीण विधायक मोतीलाल साहू के संरक्षण में अवैध निर्माण कर दुकानों को किराये पर दिया जा रहा है। बताया गया कि उरला इंडस्ट्रियल एरिया में जो जमीन पेड़ों के लिए छोड़ी गई थी, वहां पेड़ों को काटकर दुकानें बनाई जा रही हैं। साथ ही बिरगांव नाले के पास स्थित पंप हाउस और उरला सिंघानिया चौक पर भी अवैध कब्जा कर निर्माण कार्य किए जा रहे हैं। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि इस पूरे मामले में CSIDC के अधिकारियों और स्थानीय भाजपा नेताओं की मिलीभगत है। आरोप है कि नगर निगम बिरगांव के पार्षद वेदराम साहू ने भी इन जमीनों पर अवैध रूप से कब्जा कर दुकानों का निर्माण कराया है और उन्हें किराये पर दे दिया गया है। मीडिया से बातचीत में जब न्यूज़22 भारत ने वेदराम साहू से इस मुद्दे पर सवाल किया, तो उन्होंने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि पूरा उरला क्षेत्र ही वर्षों से अवैध कब्जे की समस्या से जूझ रहा है। जिस जमीन को लेकर कांग्रेस आरोप लगा रही है, उसके बगल में एक छोटा हनुमान मंदिर स्थित है, जहां बारिश के मौसम में भंडारा करने में परेशानी होती है। इसलिए स्थानीय समितियों ने मिलकर वहां एक ढांचा बनवाया है, जिससे भंडारे की व्यवस्था की जा सके। इस बीच कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द से जल्द अवैध निर्माण कार्यों को नहीं रोका गया और दोषियों पर सख्त कार्रवाई नहीं की गई, तो युवा कांग्रेस उग्र आंदोलन करने पर मजबूर होगी। उन्होंने स्पष्ट कहा है कि इसके लिए प्रशासन पूर्ण रूप से जिम्मेदार होगा |

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हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट में अनियमितताओं को लेकर कांग्रेस का आरटीओ घेराव

रायपुर, 27 मई हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट (HSRP) लगाने में हो रही अनियमितताओं, अव्यवस्था और वाहन मालिकों की समस्याओं को लेकर आज छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के नेतृत्व में रायपुर आरटीओ कार्यालय का घेराव किया गया। सुबह 11 बजे से शुरू हुए इस प्रदर्शन में कांग्रेसजन के साथ बड़ी संख्या में आम नागरिक और वाहन मालिक शामिल हुए। पूर्व विधायक विकास उपाध्याय, जनसेवक पंकज शर्मा और कनहैया अग्रवाल ने आंदोलन का नेतृत्व किया। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगाने की प्रक्रिया में भारी अव्यवस्था है। प्रदेश में लगभग 40 लाख वाहनों में नंबर प्लेट बदली जानी है, जिनमें अकेले रायपुर जिले में 10 लाख वाहन शामिल हैं। लेकिन अब तक मात्र 10 प्रतिशत काम ही हो पाया है। इसके बावजूद ट्रैफिक पुलिस द्वारा वाहन चालकों पर चालान की कार्रवाई शुरू कर दी गई है, जिससे आम नागरिकों में आक्रोश है। प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री (जिनके पास परिवहन विभाग का प्रभार भी है) के नाम आरटीओ के माध्यम से ज्ञापन सौंपा और सात प्रमुख मांगें रखीं: कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि यदि सात दिनों के भीतर इन मांगों पर कार्रवाई नहीं होती है, तो आंदोलन को प्रदेशभर में विस्तारित किया जाएगा। आरटीओ कार्यालय में प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे और पूरे प्रदर्शन को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराया गया।

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लोकमाता रानी अहिल्याबाई होलकर की 300वीं जयंती पर मंडल कार्यशाला का आयोजन

रायपुर, 26 मई 2025 – मां बंजारी भाजपा मंडल बिरगांव द्वारा लोकमाता रानी अहिल्याबाई होलकर की 300वीं जयंती के अवसर पर एक विशेष मंडल कार्यशाला का आयोजन ट्रांसपोर्ट नगर, रावांभाठा स्थित होटल एंट्री प्वाइंट में किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि माननीय श्री मोतीलाल साहू जी, विधायक रायपुर ग्रामीण रहे। प्रमुख वक्ता के रूप में श्रीमती वर्णिका शर्मा जी, अध्यक्ष छत्तीसगढ़ बाल संरक्षण आयोग ने सहभागिता की। श्री ओमप्रकाश साहू जी, नेता प्रतिपक्ष बिरगांव विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इस कार्यशाला की अध्यक्षता भागीरथी यादव, अध्यक्ष मां बंजारी भाजपा मंडल बिरगांव ने की। कार्यक्रम में बिरगांव नगर निगम के कई पार्षद एवं बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में वक्ताओं ने रानी अहिल्याबाई होलकर के प्रेरणादायक जीवन, उनके योगदान और त्याग को याद किया। वक्ताओं ने बताया कि कैसे अहिल्याबाई ने एक महिला होते हुए न केवल समाज का नेतृत्व किया, बल्कि देशभर में धर्म, संस्कृति और सेवा का उदाहरण प्रस्तुत किया। उन्होंने भारत के विभिन्न हिस्सों में मंदिरों का पुनर्निर्माण करवाया और समाज को एकजुट करने का कार्य किया। कार्यक्रम में यह भी बताया गया कि अहिल्याबाई ने 300 वर्ष पूर्व ही पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया था और पेड़ लगाने की प्रेरणा दी थी, जो आज भी प्रासंगिक है। मंडल अध्यक्ष भागीरथी यादव ने नवगठित मंडल की ओर से उपस्थित सभी अतिथियों और कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त किया और कहा कि इस तरह के आयोजन समाज में जागरूकता लाने और इतिहास को जीवित रखने का माध्यम बनते हैं।

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बिरगांव में लव साहू पर जानलेवा हमला, आरोपी गिरफ़्तार कर सड़क पर निकाला गया जुलूस

रायपुर। राजधानी के बिरगांव क्षेत्र में 25 मई की रात एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई, जहाँ स्थानीय निवासी लव साहू पर चाकू से जानलेवा हमला किया गया। यह हमला भनपुरी और बिरगांव के दो युवकों ने आपसी रंजिश के चलते किया। पीड़ित लव साहू को गंभीर हालत में NKD अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उसकी स्थिति नाजुक बताई है। जानकारी के अनुसार, आरोपी रेहान खान (पिता अब्दुल रियाज खान, उम्र 21 वर्ष, निवासी बाजार चौक, भनपुरी, थाना खमतराई) और जुबेर अली उर्फ लक्की अली (पिता स्व. जाकिर अली, उम्र 25 वर्ष, निवासी गाजीनगर, थाना उरला) के खिलाफ क्रमशः अपराध क्रमांक 102/25 एवं 103/25 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 190, 191(3), 109(1), 25, 27 एवं आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। उरला थाना प्रभारी बी.एल. चंद्राकर ने बताया कि दोनों आरोपियों को पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए गिरफ़्तार कर लिया। उन्हें गैर-जमानती धाराओं में जेल भेज दिया गया है। इस कड़ी कार्रवाई के तहत दोनों आरोपियों का जुलूस बिरगांव की सड़कों पर निकाला गया, ताकि समाज में यह संदेश जाए कि अपराध करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। घटना के बाद लव साहू को रात 2:20 मिनट पर NKD अस्पताल लाया गया। डॉक्टर रतन नाग ने न्यूज़22 भारत से बातचीत में बताया कि लव साहू के शरीर पर 4-5 गंभीर घाव हैं और पेट की आँतें बाहर आ गई थीं। उन्हें 72 घंटे के लिए ICU में रखा गया है और उनकी हालत अब भी चिंताजनक बनी हुई है। बिरगांव ही नहीं, पूरे रायपुर में लगातार चाकूबाजी की घटनाएं सामने आ रही हैं, जिससे आम नागरिकों में भय का माहौल है। पुलिस प्रशासन ने सख्त रवैया अपनाते हुए ऐसे मामलों पर तुरंत कार्रवाई का भरोसा दिलाया है।

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Birgaon

74 साल के बुजुर्ग ने 20 साल बाद लौटकर पत्नी की गला दबाकर हत्या, खुद थाने पहुंचकर दिया जुर्म कबूल

रायपुर के बेलटुकरी गांव में 74 वर्षीय बुजुर्ग ने अपनी 71 वर्षीय पत्नी की हत्या कर दी। हत्या के बाद आरोपी खुद गंज थाने पहुंचा और पुलिस को घटना की जानकारी दी। मृतका का नाम शांति धीवर और आरोपी पति का नाम बिषरू धीवर बताया गया है। पुलिस को सूचना मिलते ही खरोरा थाने की टीम तुरंत रायपुर रवाना हुई और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार, बिषरू धीवर ने अपनी पत्नी शांति धीवर का गला दबाकर हत्या की है। घटना के बाद आरोपी सीधे पुलिस के पास जाकर खुद को सौंप गया। स्थानीय लोगों के मुताबिक, बिषरू धीवर 20 सालों से गांव से दूर था और करीब एक माह पहले ही वापस आया था। घर में पति-पत्नी के अलावा उनका 45 वर्षीय बेटा भी रहता है, जिसकी पत्नी पहले ही छोड़कर जा चुकी है। घटना के समय घर में केवल पति-पत्नी मौजूद थे। पुलिस की शुरुआती जांच में यह प्रतीत होता है कि महिला की हत्या तकिए से चेहरा दबाकर और गला दबाकर की गई है। खरोरा थाना प्रभारी दीपक पासवान ने बताया कि मामले की जांच अभी जारी है।

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Raipur

अनजान नंबर पर क्लिक कर दो प्रोफेसरों ने गंवाए 90 हजार रुपये, साइबर ठगी का शिकार हुए बीआईटी के स्टाफ

बीआईटी के प्राचार्य, डीन और कई प्रोफेसरों को साइबर ठगों ने अपना निशाना बनाया है। शुक्रवार को कॉलेज के कई स्टाफ के मोबाइल पर एक अनजान नंबर से कॉल और मैसेज आए, जिन्हें क्लिक करने से कुल दो प्रोफेसर 90 हजार रुपये की ठगी का शिकार हो गए। बताया जा रहा है कि गुरुवार दोपहर को ब्ल्यू डॉट नाम के एक नंबर से कॉल आया, जिसमें पार्सल आने की बात कही गई लेकिन पता न मिलने की बात कही गई। इसके बाद भेजे गए लिंक को जब दो प्रोफेसरों ने क्लिक किया तो उनके मोबाइल में गड़बड़ी होने लगी और उनका व्हाट्सऐप बंद हो गया। इसके बाद प्रोफेसर अभिजित दास और हीना मिश्रा ने सोच कर कि उनके साथी रुपए मांग रहे हैं, गूगल पे के जरिए 45-45 हजार रुपये साइबर ठगों के अकाउंट में भेज दिए। बीआईटी के डीन संतोष सार ने बताया कि कॉलेज के कई स्टाफ को इस ब्लू डॉट नंबर से ऐसे कॉल आए, जिसमें प्रोफेसर मौसम शर्मा, अभिजित दास, हीना मिश्रा, अनुपम अग्रवाल, अभिषेक वर्मा, सुनील और सक्सेना के मोबाइल को हैक कर लिया गया है। ठगी की शिकायत संबंधित अधिकारियों को 1930 नंबर पर दर्ज कराई गई है। साइबर एक्सपर्ट्स ने इस घटना को गंभीर बताया है और लोगों से सतर्क रहने की अपील की है कि वे अनजान नंबर या लिंक पर कभी क्लिक न करें, खासकर जब उन्हें संदिग्ध संदेश आए।

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Bhilai / Durg

रजिस्ट्री में जुड़ी 10 नई सुविधाएं, लेकिन स्वत: नामांतरण में अभी भी देरी

राजस्व विभाग ने रजिस्ट्री की प्रक्रिया को सरल और डिजिटल बनाने के लिए 10 नई सुविधाएं लागू की हैं। इनमें सबसे अहम सुविधा है “स्वतः नामांतरण”, जिसके तहत रजिस्ट्री पूरी होते ही संबंधित खरीदार का नाम राजस्व रिकॉर्ड में खुद-ब-खुद दर्ज हो जाना चाहिए। इससे पहले तक नामांतरण के लिए पटवारी और तहसील कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते थे, जिससे कई बार महीनों की देरी होती थी। हालांकि इस नई सुविधा के बावजूद जिले के लोगों को इसका लाभ तुरंत नहीं मिल पा रहा है। पिछले एक सप्ताह में हुई कई रजिस्ट्री के मामलों में स्वत: नामांतरण नहीं हो पाया है, जिससे पक्षकारों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। अधिकारियों के अनुसार, नई प्रणाली में तकनीकी बदलाव किए जा रहे हैं और सर्वर अपग्रेड हो रहा है, जिस कारण शुरुआती दिनों में कुछ दिक्कतें आ रही हैं। लेकिन जल्द ही सभी समस्याएं दूर हो जाएंगी और यह सुविधा आम नागरिकों के लिए पूरी तरह सुगम हो जाएगी। इस सुविधा से भविष्य में नागरिकों को न सिर्फ समय और पैसे की बचत होगी, बल्कि फर्जीवाड़े के मामलों में भी कमी आएगी। पहले रजिस्ट्री के बाद संपत्ति को नामांतरण से पहले किसी और को बेचने जैसे धोखाधड़ी के मामले सामने आते थे। लेकिन अब रजिस्ट्री के साथ ही स्वत: नाम दर्ज हो जाने से यह खतरा कम हो जाएगा। जांजगीर में पेंडिंग हैं दर्जनों नामांतरणजांजगीर जिले के उप पंजीयक कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, पिछले सप्ताह डिजिटल सिग्नेचर की अनुपलब्धता के कारण नामांतरण की प्रक्रिया रुकी हुई थी। हालांकि अब शुक्रवार से प्रक्रिया फिर से शुरू हो गई है और सभी लंबित नामांतरण जल्द ही पूरे कर लिए जाएंगे। नई 10 सुविधाएं इस प्रकार हैं: इन बदलावों के बाद उम्मीद है कि आम जनता को रजिस्ट्री और नामांतरण जैसी प्रक्रियाओं में बड़ी राहत मिलेगी और भ्रष्टाचार व धोखाधड़ी पर अंकुश लगेगा।

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जशपुर में छह सड़कों के निर्माण को मिली मंजूरी, 18 करोड़ से अधिक की लागत से सुधरेगा आवागमन

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल पर जशपुर जिले में आवागमन को आसान बनाने के लिए छह प्रमुख सड़कों के निर्माण कार्यों को 18 करोड़ 46 लाख 87 हजार रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति मिल गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन सड़कों के निर्माण से जिले के नागरिकों को स्वास्थ्य, शिक्षा, बिजली, पानी के साथ-साथ यातायात की भी बेहतर सुविधा मिलेगी। इन परियोजनाओं की मंजूरी से क्षेत्र में विकास की गति तेज होगी और लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी में सुधार आएगा। इन सड़कों को मिली स्वीकृतिराज्य शासन द्वारा वर्ष 2024-25 के बजट में शामिल जशपुर जिले की विभिन्न सड़कों के निर्माण हेतु निम्नलिखित परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है: दो और सड़कों को 7 करोड़ से अधिक की स्वीकृतिइसके अतिरिक्त, जिले की दो अन्य महत्वपूर्ण सड़कों के निर्माण के लिए भी राज्य शासन से 7 करोड़ 65 लाख 41 हजार रुपये की मंजूरी प्राप्त हुई है। जनता में खुशी की लहरइन विकास कार्यों से जिले में आवागमन की सुविधा अत्यधिक सुगम हो जाएगी। मुख्यमंत्री के प्रयासों से मिली इन स्वीकृतियों से जशपुर के नागरिकों में प्रसन्नता की लहर है, और विकास की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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गरीब मां की बेबसी: जन्म प्रमाण पत्र में सुधार के लिए घूस देनी पड़ी, चावल बेचकर जुटाए पैसे

कोरबा, छत्तीसगढ़।जिले के पोड़ी उपरोड़ा विकासखंड के बंजारी गांव की रहने वाली एक गरीब महिला, अमिषा धनुहार, इन दिनों अपने बच्चे के जन्म प्रमाण पत्र में हुई गलती को सुधारवाने के लिए परेशान है। दुर्भाग्यवश, उसे यह काम बिना रिश्वत दिए मुमकिन नहीं लग रहा। अमिषा के पास इतने पैसे नहीं थे कि वह कर्मचारी की मांग पूरी कर सके, इसलिए उसने सरकारी राशन की दुकान से मिले चावल बेचकर 500 रुपये इकट्ठा किए ताकि वह कर्मचारी को रिश्वत दे सके। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें अमिषा अपनी आपबीती सुनाते हुए रो पड़ती है। वीडियो में उसकी आंखों से बहते आंसू उसकी बेबसी बयां कर रहे हैं। जानकारी के अनुसार, अमिषा ने अपने 10 महीने के बेटे का जन्म प्रमाण पत्र बनवाया था, लेकिन उसमें कुछ त्रुटि रह गई। जब वह इसे ठीक करवाने बंजारी के उप-स्वास्थ्य केंद्र पहुंची, तो वहां मौजूद महिला कर्मचारी ने उससे 500 रुपये की मांग की और साफ कहा कि जब तक पैसे नहीं दिए जाएंगे, प्रमाण पत्र नहीं सुधारा जाएगा। अमिषा का कहना है कि जब उसने बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र पहली बार बनवाया था, तब भी उसे 500 रुपये घूस देने पड़े थे। अब फिर से उसी प्रक्रिया से गुजरना पड़ रहा है। यह सब बताते हुए महिला खुद को संभाल नहीं पाई और भावुक हो गई। वीडियो में उसकी पीड़ा स्पष्ट दिखाई देती है। इस घटना ने एक बार फिर सरकारी व्यवस्था में व्याप्त भ्रष्टाचार को उजागर किया है, जहां एक जरूरतमंद मां को अपने बच्चे का बुनियादी दस्तावेज पाने के लिए रिश्वत देने और घर का राशन तक बेचना पड़ रहा है।

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