कोरबा, छत्तीसगढ़।
जिले के पोड़ी उपरोड़ा विकासखंड के बंजारी गांव की रहने वाली एक गरीब महिला, अमिषा धनुहार, इन दिनों अपने बच्चे के जन्म प्रमाण पत्र में हुई गलती को सुधारवाने के लिए परेशान है। दुर्भाग्यवश, उसे यह काम बिना रिश्वत दिए मुमकिन नहीं लग रहा। अमिषा के पास इतने पैसे नहीं थे कि वह कर्मचारी की मांग पूरी कर सके, इसलिए उसने सरकारी राशन की दुकान से मिले चावल बेचकर 500 रुपये इकट्ठा किए ताकि वह कर्मचारी को रिश्वत दे सके।
इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें अमिषा अपनी आपबीती सुनाते हुए रो पड़ती है। वीडियो में उसकी आंखों से बहते आंसू उसकी बेबसी बयां कर रहे हैं।

जानकारी के अनुसार, अमिषा ने अपने 10 महीने के बेटे का जन्म प्रमाण पत्र बनवाया था, लेकिन उसमें कुछ त्रुटि रह गई। जब वह इसे ठीक करवाने बंजारी के उप-स्वास्थ्य केंद्र पहुंची, तो वहां मौजूद महिला कर्मचारी ने उससे 500 रुपये की मांग की और साफ कहा कि जब तक पैसे नहीं दिए जाएंगे, प्रमाण पत्र नहीं सुधारा जाएगा।
अमिषा का कहना है कि जब उसने बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र पहली बार बनवाया था, तब भी उसे 500 रुपये घूस देने पड़े थे। अब फिर से उसी प्रक्रिया से गुजरना पड़ रहा है। यह सब बताते हुए महिला खुद को संभाल नहीं पाई और भावुक हो गई। वीडियो में उसकी पीड़ा स्पष्ट दिखाई देती है।
इस घटना ने एक बार फिर सरकारी व्यवस्था में व्याप्त भ्रष्टाचार को उजागर किया है, जहां एक जरूरतमंद मां को अपने बच्चे का बुनियादी दस्तावेज पाने के लिए रिश्वत देने और घर का राशन तक बेचना पड़ रहा है।



