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ऑनलाइन दवा बिक्री के विरोध में छत्तीसगढ़ बंद: 18 हजार मेडिकल स्टोर बंद, कई शहरों में प्रदर्शन

देशभर में ऑनलाइन दवा बिक्री के खिलाफ आज केमिस्ट संगठनों ने बड़ा विरोध प्रदर्शन किया। छत्तीसगढ़ में इसका व्यापक असर देखने को मिला, जहां करीब 18 हजार मेडिकल स्टोर बंद रहे। इसमें थोक और रिटेल दोनों तरह की दवा दुकानें शामिल हैं। राजधानी रायपुर और बिलासपुर में सुबह से ही मेडिकल स्टोर बंद नजर आए। सरगुजा में दवा व्यापारियों ने बाइक रैली निकालकर ऑनलाइन फार्मेसी का विरोध किया। इस दौरान अपोलो फार्मेसी के सामने प्रदर्शन और नारेबाजी की गई। रैली शहर के कई प्रमुख चौकों से होकर घड़ी चौक तक पहुंची। बस्तर जिले में भी हड़ताल का असर दिखाई दिया। जिले की लगभग 300 मेडिकल दुकानें और जगदलपुर शहर की करीब 120 दुकानें बंद रहीं। हालांकि मरीजों की परेशानी को देखते हुए कई संचालकों ने ऑनलाइन संपर्क नंबर जारी किए हैं। वहीं महारानी अस्पताल के सामने विरोध प्रदर्शन भी किया गया। रायगढ़ में लगभग 760 मेडिकल स्टोर बंद रहे। दवा व्यापारियों ने रामनिवास टॉकीज चौक पर प्रदर्शन कर ऑनलाइन दवा बिक्री के खिलाफ आवाज उठाई। इमरजेंसी जरूरतों के लिए हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए गए। दवा व्यापारियों का कहना है कि ऑनलाइन कंपनियां भारी डिस्काउंट देकर छोटे मेडिकल स्टोर्स के कारोबार को नुकसान पहुंचा रही हैं। इस आंदोलन को व्यापारिक संगठन CAIT, चेंबर ऑफ कॉमर्स और कांग्रेस के चिकित्सा प्रकोष्ठ का भी समर्थन मिला है। CAIT के राष्ट्रीय वाइस चेयरमैन अमर पारवानी ने कहा कि यह सिर्फ दवा व्यापार का मामला नहीं, बल्कि छोटे व्यापारियों और स्थानीय बाजार व्यवस्था को बचाने की लड़ाई है। वहीं डिस्ट्रिक्ट केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष विनय कृपलानी ने कहा कि ऑनलाइन फार्मेसी के कारण छोटे दुकानदारों का व्यापार लगातार प्रभावित हो रहा है। इधर छत्तीसगढ़ खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने मरीजों को परेशानी से बचाने के लिए जरूरी दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए हैं। जनऔषधि केंद्रों, सरकारी अस्पतालों, धन्वंतरी मेडिकल स्टोर्स और अन्य मेडिकल दुकानों के जरिए लोगों को दवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि जरूरत से ज्यादा दवाओं का स्टॉक न करें।

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कैनाल रोड 2.0 से बढ़ी चिंता: सड़क चौड़ीकरण के सर्वे के बाद 1500 परिवारों को घर टूटने का डर

Raipur में प्रस्तावित कैनाल रोड 2.0 परियोजना को लेकर चार वार्डों के हजारों परिवारों में चिंता और असमंजस का माहौल बन गया है। वार्ड नंबर 58, 59, 60 और 61 के करीब 1300 से 1500 परिवारों को आशंका है कि सड़क चौड़ीकरण की योजना के चलते उनके घर प्रभावित हो सकते हैं। इसी चिंता को लेकर बड़ी संख्या में स्थानीय निवासी नगर निगम मुख्यालय पहुंचे और नेता प्रतिपक्ष से मुलाकात कर अपनी परेशानियां साझा कीं। लोगों का कहना है कि पिछले कुछ दिनों से नगर निगम की टीम इलाके में घर-घर जाकर सर्वे कर रही है। इस दौरान मकानों की लंबाई, चौड़ाई और गहराई की माप ली जा रही है। स्थानीय लोगों के अनुसार कई जगह कर्मचारियों ने घरों के भीतर जाकर भी नाप-जोख की और मकान से जुड़े दस्तावेज लेकर दफ्तर आने के लिए कहा। रहवासियों का दावा है कि कर्मचारियों ने बताया कि यह प्रक्रिया “कैनाल रोड 2.0” योजना के तहत सड़क चौड़ीकरण के लिए की जा रही है। सर्वे के बाद इलाके में डर का माहौल बन गया है। लोगों का कहना है कि उन्हें समझ नहीं आ रहा कि उनके मकान सुरक्षित रहेंगे या तोड़ दिए जाएंगे। कई परिवार वर्षों से यहां रह रहे हैं और उनका पूरा जीवन इसी इलाके में बीता है। ऐसे में अचानक शुरू हुए सर्वे ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। स्थानीय निवासियों ने यह भी आरोप लगाया कि वे इस मामले को लेकर महापौर से भी मिल चुके हैं, लेकिन उन्हें अब तक कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिला। डर और अनिश्चितता की वजह से कई लोग मानसिक तनाव में हैं और नियमित कामकाज भी प्रभावित हो रहा है। रहवासियों का कहना है कि कभी घर के सामने हिस्से की माप ली जा रही है तो कभी कर्मचारियों द्वारा घर के अंदर जाकर सर्वे किया जा रहा है, जिससे पूरे इलाके में दहशत जैसी स्थिति बन गई है। मामले पर नेता प्रतिपक्ष Akash Tiwari ने लोगों को भरोसा दिलाया है कि किसी भी परिवार को बेघर नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि जरूरत पड़ी तो लोगों के घर बचाने के लिए हर स्तर पर संघर्ष किया जाएगा।

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रायपुर में डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन ठप, वेतन नहीं मिलने पर कर्मचारियों ने किया काम बंद

रायपुर में रविवार को डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित रही। कचरा उठाने वाली गाड़ियों के कर्मचारियों ने वेतन भुगतान नहीं होने के विरोध में काम बंद कर दिया, जिसके कारण शहर के कई इलाकों में घरों से कचरा नहीं उठ सका। कचरा कलेक्शन का जिम्मा संभाल रही रामकी ग्रुप के कर्मचारियों ने सुबह से ही गाड़ियां खड़ी कर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। दलदल सिवनी क्षेत्र में बड़ी संख्या में कचरा गाड़ियां खड़ी नजर आईं। कर्मचारियों का कहना है कि उन्हें हर महीने 7 तारीख तक वेतन मिल जाता था, लेकिन इस बार अब तक भुगतान नहीं किया गया है। कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि वेतन में देरी की समस्या लगातार बनी हुई है। उनका कहना है कि पहले भी कई बार भुगतान समय पर नहीं मिला, जिससे आर्थिक परेशानियां बढ़ती जा रही हैं। इसी वजह से मजबूर होकर काम बंद करना पड़ा। यह पहला मौका नहीं है जब सफाई व्यवस्था को लेकर रामकी ग्रुप और नगर निगम के बीच विवाद सामने आया हो। इससे पहले भी कर्मचारियों की हड़ताल के कारण शहर की सफाई व्यवस्था प्रभावित हुई थी। उस समय नगर निगम ने कंपनी पर करीब 18 लाख रुपए की कटौती और 5 लाख रुपए का जुर्माना लगाने के निर्देश दिए थे। पूर्व समीक्षा बैठक में महापौर मीनल चौबे ने कंपनी अधिकारियों को बुलाकर नाराजगी जताई थी। उन्होंने स्पष्ट कहा था कि शहर की सफाई व्यवस्था से किसी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा और भविष्य में इस तरह की स्थिति बनने पर अनुबंध की शर्तों के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। नगर निगम पहले ही यह साफ कर चुका है कि कंपनी को भुगतान कार्य की गुणवत्ता और संतोषजनक प्रदर्शन के आधार पर ही किया जाएगा। अधिकारियों को सफाई व्यवस्था प्रभावित होने की स्थिति में अनुबंध की समीक्षा के निर्देश भी दिए गए थे।

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छात्र संघ चुनाव की मांग पर NSUI का प्रदर्शन: देवेंद्र यादव बोले- जेल जाओगे तो सांसद-विधायक बनोगे

छात्र संघ चुनाव बहाल करने की मांग को लेकर गुरुवार को NSUI कार्यकर्ताओं ने रायपुर में मुख्यमंत्री निवास का घेराव किया। प्रदेश के अलग-अलग जिलों से पहुंचे छात्र नेताओं और कार्यकर्ताओं ने महिला थाना चौक के पास एकत्र होकर प्रदर्शन किया और फिर सीएम हाउस की ओर मार्च निकाला। प्रदर्शन को देखते हुए प्रशासन ने मुख्यमंत्री निवास के आसपास सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे। इलाके में चार स्तर की बैरिकेडिंग लगाई गई थी। प्रदर्शनकारियों ने आगे बढ़ने की कोशिश की, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें रोक दिया। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच धक्का-मुक्की और तनाव की स्थिति बन गई। पुलिस पर डंडे फेंकने का भी आरोप लगाया गया। कांग्रेस और NSUI नेताओं ने राज्य सरकार पर छात्र संघ चुनाव कराने से बचने का आरोप लगाया। उनका कहना था कि सरकार को डर है कि छात्र संगठन चुनाव में कांग्रेस समर्थित उम्मीदवार बड़ी जीत दर्ज करेंगे। NSUI के राष्ट्रीय अध्यक्ष Vinod Jakhar ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी सामान्य परिवारों से आने वाले युवाओं को भी राजनीति में आगे बढ़ने का अवसर देती है। उन्होंने कहा कि उनके माता-पिता मजदूरी करते हैं, लेकिन संगठन ने उन्हें लगातार जिम्मेदारियां दीं और आज राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया। उन्होंने युवाओं से राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाने और सत्ता को चुनौती देने का आह्वान किया। वहीं कांग्रेस विधायक Devendra Yadav ने कार्यकर्ताओं को संघर्ष के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि आंदोलन और जेल यात्रा राजनीति का हिस्सा हैं। उन्होंने कहा कि जो लोग संघर्ष करेंगे, भविष्य में वही विधायक और सांसद बनेंगे।

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अटल यूनिवर्सिटी में NSUI का घेराव, कुलसचिव को हटाने की मांग तेज

बिलासपुर स्थित Atal Bihari Vajpayee Vishwavidyalaya में मंगलवार को National Students’ Union of India (NSUI) ने प्रशासन के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। छात्रों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान हुई चाकूबाजी, छात्राओं से मारपीट और परीक्षा परिणामों में गड़बड़ियों को लेकर कुलसचिव को पद से हटाने की मांग उठाई। NSUI के प्रदेश सचिव रंजेश सिंह के नेतृत्व में छात्र नेताओं ने कुलपति को नारियल भेंट कर विरोध जताया और एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा। इसमें कुलसचिव के कार्यकाल में अनियमितताओं, छात्रहित की अनदेखी और हाल की हिंसक घटनाओं को प्रमुख मुद्दा बनाया गया। ज्ञापन में 4 मई को आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान हुई चाकूबाजी की घटना का विशेष उल्लेख किया गया, जिसमें एक कर्मचारी गंभीर रूप से घायल हुआ था और उसे कई टांके लगाने पड़े थे। इस घटना के बाद विश्वविद्यालय की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए जा रहे हैं। छात्र नेताओं का आरोप है कि इतने बड़े कार्यक्रम के बावजूद स्थानीय पुलिस को सूचना नहीं दी गई, जो गंभीर लापरवाही है। उनका कहना है कि इससे छात्रों की सुरक्षा खतरे में पड़ गई है और इसकी जिम्मेदारी प्रशासन को लेनी चाहिए। NSUI ने यह भी आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय प्रबंधन छात्रों की समस्याओं को नजरअंदाज कर रहा है। छात्रों को बुनियादी सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं और कई विभागों में क्लासरूम की भी कमी है। वहीं, परीक्षा परिणामों में लगातार त्रुटियां आने से छात्रों का भविष्य प्रभावित हो रहा है। छात्र संगठन ने पुनर्मूल्यांकन और पुनर्गणना की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाते हुए इसे कमाई का जरिया बताया। NSUI ने कुलपति से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए, दोषियों पर कार्रवाई हो और कुलसचिव के कार्यों की समीक्षा करते हुए उन्हें पद से हटाया जाए। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी विश्वविद्यालय प्रशासन की होगी।

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GGU में लॉ स्टूडेंट्स के बीच हिंसक झड़प: आपत्तिजनक चैट्स वायरल, 4 छात्रों पर FIR

गुरु घासीदास सेंट्रल यूनिवर्सिटी (GGU) में लॉ विभाग के छात्रों के बीच विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। सोशल मीडिया पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणियों के बाद मामला इतना बढ़ गया कि छात्रों के बीच मारपीट हो गई। यह घटना बिलासपुर के कोनी थाना क्षेत्र की है। जानकारी के अनुसार, कुछ छात्रों के बीच इंस्टाग्राम पर हुई बातचीत में भगवान भगवान राम, परशुराम और डॉ. भीमराव अंबेडकर को लेकर विवादित टिप्पणियां की गईं। इसके बाद कैंपस में तनाव बढ़ गया। शुक्रवार रात जैसे ही ये चैट्स सोशल मीडिया पर वायरल हुईं, बड़ी संख्या में छात्र स्वामी विवेकानंद हॉस्टल के सामने इकट्ठा हो गए और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। देखते ही देखते स्थिति बिगड़ गई और छात्रों के बीच हाथापाई होने लगी। घटना के दौरान यूनिवर्सिटी के सुरक्षा कर्मी मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक झड़प हो चुकी थी। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें छात्र आपस में मारपीट करते दिखाई दे रहे हैं। मामले में चार छात्रों—प्रियांशु सिंह, कौस्तुभ मणि पांडेय, अंशुमान सिंह और तूफान चंद्रनायक—के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। यूनिवर्सिटी प्रबंधन ने भी इस मामले में थाने में शिकायत दी है। साथ ही सभी आरोपित छात्रों को हॉस्टल से निष्कासित कर दिया गया है। इस घटना के बाद बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने यूनिवर्सिटी परिसर का घेराव कर विरोध प्रदर्शन किया और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। यूनिवर्सिटी प्रशासन ने बताया कि अनुशासनहीनता को गंभीरता से लेते हुए जांच समिति गठित कर दी गई है और रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। गौरतलब है कि हाल के समय में कैंपस में कई विवाद सामने आ चुके हैं, जिससे व्यवस्थाओं पर सवाल उठ रहे हैं।

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छत्तीसगढ़ में BJP का जनआक्रोश महिला सम्मेलन शुरू, आरक्षण बिल को लेकर प्रदेशभर में विरोध

महिला आरक्षण बिल पारित न होने के विरोध में भारतीय जनता पार्टी ने छत्तीसगढ़ में चरणबद्ध कार्यक्रम शुरू किए हैं। रायपुर में जनआक्रोश रैली के बाद अब 23 और 24 अप्रैल को प्रदेशभर में जनआक्रोश महिला सम्मेलन आयोजित किए जा रहे हैं। इसके बाद 26 और 27 अप्रैल को मंडल स्तर पर पुतला दहन कार्यक्रम भी किए जाएंगे। भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष विभा अवस्थी के अनुसार, नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर प्रदेश की महिलाओं में नाराजगी है। इसी वजह से अलग-अलग चरणों में इन कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार की गई है। महिला सम्मेलन के जरिए इस मुद्दे को व्यापक स्तर पर उठाया जाएगा। इससे पहले राजधानी रायपुर में भी भाजपा ने जनआक्रोश रैली निकाली थी, जो बलबीर जुनेजा इंडोर स्टेडियम से सुभाष स्टेडियम तक पहुंची। इस दौरान एक सभा का आयोजन भी किया गया, जिसमें मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय समेत कई नेता शामिल हुए। इसी बीच 27 अप्रैल को छत्तीसगढ़ विधानसभा का एक दिवसीय विशेष सत्र बुलाया गया है। इस सत्र में राज्य सरकार महिला आरक्षण और परिसीमन से जुड़े 131वें संवैधानिक संशोधन विधेयक के पास नहीं होने के विरोध में निंदा प्रस्ताव पेश कर सकती है। इस मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस होने की संभावना है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने का सपना विपक्ष के रवैये के कारण पूरा नहीं हो सका, जिसे लेकर वे दुख व्यक्त करते हैं। लोकसभा में महिला आरक्षण से जुड़ा संविधान संशोधन विधेयक पास नहीं हो पाया था। इसके पक्ष में 298 वोट पड़े, जबकि 230 सांसदों ने विरोध किया। बिल को पारित करने के लिए आवश्यक समर्थन नहीं मिल सका। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी इस मुद्दे पर देश से माफी मांगते हुए कहा कि महिलाओं को आरक्षण देने का प्रयास सफल नहीं हो पाया। उन्होंने विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि कुछ पार्टियों ने राजनीतिक हितों को प्राथमिकता दी, जिसका असर महिलाओं के अधिकारों पर पड़ा।

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रायगढ़ में बिजली कटौती पर NSUI का विरोध, सुधार नहीं होने तक जारी रहेगा प्रदर्शन

छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में बढ़ती गर्मी के बीच लगातार हो रही बिजली कटौती से लोगों की परेशानी बढ़ गई है। इस मुद्दे को लेकर NSUI ने बिजली विभाग के खिलाफ विरोध प्रदर्शन का ऐलान किया है। NSUI के जिलाध्यक्ष आरीफ हुसैन के अनुसार, सर्दियों के अंत में मेंटेनेंस के नाम पर कई घंटों तक बिजली आपूर्ति बाधित की गई थी। उस दौरान अलग-अलग फीडरों पर काम होने के बावजूद व्यवस्था में कोई खास सुधार नहीं हुआ। अब गर्मी बढ़ने के साथ ही स्थिति और खराब हो गई है। जिले के जोन-1 और जोन-2 दोनों क्षेत्रों में लगातार बिजली कटौती हो रही है, जिससे आम जनता को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। बिजली संकट के विरोध में NSUI ने बुधवार दोपहर 12 बजे बिजली विभाग के कार्यालय का घेराव करने की घोषणा की है। संगठन का कहना है कि जब तक बिजली व्यवस्था में सुधार नहीं होता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।

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रायपुर में आज कई रास्तों पर ट्रैफिक डायवर्जन, बीजेपी की आक्रोश रैली के चलते असर

राजधानी रायपुर में आज भारतीय जनता पार्टी की आक्रोश रैली के कारण शहर के कई प्रमुख मार्गों पर यातायात प्रभावित रहेगा। ट्रैफिक पुलिस ने एडवाइजरी जारी करते हुए दोपहर 12 बजे से शाम 6 बजे तक लोगों से वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करने की अपील की है। रैली को देखते हुए शहर के भीड़भाड़ वाले इलाकों में विशेष व्यवस्था की गई है। यह रैली महिला आरक्षण (नारी शक्ति वंदन) बिल लोकसभा में पारित नहीं होने के विरोध में निकाली जा रही है। रैली की शुरुआत इंडोर स्टेडियम से होगी और यह गणेश मंदिर तिराहा, बुढ़ापारा बिजली ऑफिस चौक, महिला थाना चौक होते हुए सुभाष स्टेडियम पहुंचेगी, जहां आमसभा का आयोजन किया जाएगा। अनुमान है कि इस रैली में प्रदेशभर से 15 से 20 हजार कार्यकर्ता शामिल हो सकते हैं। ट्रैफिक पुलिस के अनुसार, बूढ़ेश्वर चौक से गणेश मंदिर तिराहा होते हुए बुढ़ापारा बिजली ऑफिस चौक, श्याम टॉकीज से गणेश मंदिर तिराहा, सदानी चौक और सदर बाजार, महिला थाना चौक से सुभाष स्टेडियम, कोतवाली चौक से सुभाष स्टेडियम, बंजारी चौक से सुभाष स्टेडियम, कालीबाड़ी चौक से कोतवाली चौक और आकाशवाणी चौक से नलघर चौक तक के मार्गों पर यातायात का दबाव रहेगा और आंशिक रूप से रास्ते बंद रह सकते हैं। लोगों की सुविधा के लिए ट्रैफिक पुलिस ने कुछ वैकल्पिक मार्ग भी सुझाए हैं। बूढ़ेश्वर चौक से कैलाशपुरी ढाल, पुलिस लाइन गेट होते हुए नेहरू नगर की ओर जाने का मार्ग खुला रहेगा। इसी तरह कालीबाड़ी से महिला थाना चौक, काली माता तिराहा और अंबेडकर चौक मार्ग का उपयोग किया जा सकता है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि रैली के दौरान ट्रैफिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त संख्या में जवान तैनात रहेंगे, लेकिन अनावश्यक रूप से इन मार्गों पर आने से बचना बेहतर होगा। महिला आरक्षण से जुड़े संविधान संशोधन प्रस्ताव के लोकसभा में पारित नहीं होने के बाद भाजपा ने कांग्रेस के खिलाफ देशभर में विरोध प्रदर्शन की रणनीति बनाई है। इसी के तहत रायपुर में यह आक्रोश रैली आयोजित की जा रही है। इस आयोजन को देखते हुए शहरवासियों को सलाह दी गई है कि वे यात्रा से पहले मार्ग की स्थिति की जानकारी लेकर ही निकलें, ताकि किसी भी असुविधा से बचा जा सके।

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दुर्ग में 5 साल की बच्ची के साथ दर्दनाक घटना: चॉकलेट लेने गई बच्ची का अपहरण, रेप के बाद बोरे में फेंका, आरोपी गिरफ्तार

Durg जिले के उतई इलाके में एक बहुत ही शर्मनाक घटना हुई है। यहां एक 5 साल की मासूम बच्ची का अपहरण कर उसके साथ गलत काम किया गया। बच्ची स्कूल से घर आने के बाद पास की दुकान पर चॉकलेट लेने गई थी। उसी समय आरोपी ने उसे बहला-फुसलाकर अपने घर ले गया। आरोपी उसी मोहल्ले का रहने वाला है और बच्ची उसे पहले से जानती थी। आरोपी ने बच्ची के साथ गलत काम किया और फिर उसे मारने की कोशिश की। उसने बच्ची के मुंह को कपड़े से बांधा और उसे बोरे में डालकर घर के पीछे कुएं के पास फेंक दिया। कुछ घंटों बाद गांव के लोगों को एक बोरा हिलता हुआ दिखा। जब उन्होंने बोरा खोला तो उसमें बच्ची मिली। बच्ची बहुत डरी हुई थी और सांस लेने में दिक्कत हो रही थी। उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां उसका इलाज चल रहा है और उसकी हालत अब ठीक बताई जा रही है। इस घटना की खबर फैलते ही गांव के लोग गुस्से में आ गए और थाने पहुंच गए। लोगों ने आरोपी को सख्त सजा देने की मांग की। पुलिस ने आरोपी धनेश्वर साहू को पकड़ लिया है। जांच में पता चला है कि बच्ची के साथ गलत काम हुआ है। पुलिस ने उसके घर से कुछ सबूत भी बरामद किए हैं। पुलिस ने मामला POCSO Act के तहत दर्ज किया है। आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है और मामला फास्ट ट्रैक कोर्ट में भेजा जाएगा ताकि जल्दी सजा मिल सके।

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