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बिलासपुर में कोल डिपो के विरोध में ग्रामीणों का प्रदर्शन, सड़क और प्रदूषण को लेकर उठाई आवाज

बिलासपुर के लोखंडी अंडरब्रिज से जोंकी-घनापारा मार्ग पर ग्रामीणों और किसानों ने क्षेत्र में संचालित कोल डिपो के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान लोगों ने सड़क की खराब स्थिति, भारी वाहनों की लगातार आवाजाही और बढ़ते प्रदूषण को लेकर प्रशासन से कार्रवाई की मांग की। ग्रामीणों ने सांकेतिक धरना देते हुए कहा कि लंबे समय से शिकायतों के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हो सका है। प्रदर्शन कर रहे लोगों का कहना है कि कोल डिपो में दिन-रात कोयले की ढुलाई होने से सड़कें क्षतिग्रस्त हो गई हैं। भारी ट्रकों की वजह से किसानों को खेतों तक पहुंचने और ग्रामीणों को रोजमर्रा की आवाजाही में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बरसात के मौसम में हालात और अधिक कठिन हो गए हैं। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि कोयले की धूल खेतों तक पहुंच रही है, जिससे फसलों पर असर पड़ रहा है। साथ ही आसपास रहने वाले लोगों, विशेषकर बच्चों और बुजुर्गों के स्वास्थ्य पर भी इसका प्रभाव पड़ने की बात कही गई। ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि कुछ कोल डिपो निर्धारित सीमा से अधिक कोयले का भंडारण कर रहे हैं, जिससे ट्रकों की संख्या बढ़ रही है। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से जांच कर आवश्यक कार्रवाई की मांग की है।

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रायगढ़ में स्मार्ट मीटर के खिलाफ कांग्रेस का प्रदर्शन, कलेक्ट्रेट घेराव से पहले पुलिस ने रोका

छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में स्मार्ट बिजली मीटर के विरोध में सोमवार को जिला कांग्रेस, युवा कांग्रेस और एनएसयूआई ने कलेक्ट्रेट घेराव का प्रयास किया। महात्मा गांधी चौक से निकले कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं को पुलिस ने कलेक्ट्रेट पहुंचने से पहले बैरिकेड्स लगाकर रोक दिया। इसके बाद प्रदर्शनकारी सड़क पर बैठ गए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए धरना देने लगे। प्रदर्शन के दौरान कुछ कार्यकर्ताओं ने बैरिकेड्स पार करने की कोशिश की, लेकिन मौके पर तैनात पुलिस बल ने उन्हें आगे बढ़ने नहीं दिया। इसके बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने वहीं विरोध जारी रखा। पूर्व मंत्री एवं खरसिया विधायक उमेश पटेल ने प्रदर्शन के दौरान राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रदेश के लोग बिजली विभाग की कार्यप्रणाली से परेशान हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि बिजली कटौती बढ़ रही है और उपभोक्ताओं के बिजली बिल भी लगातार बढ़ रहे हैं। कांग्रेस नेताओं का दावा है कि स्मार्ट मीटर लगाए जाने के बाद कई उपभोक्ताओं के बिजली बिल पहले की तुलना में तीन से चार गुना तक बढ़ गए हैं। उनका कहना है कि इससे आम लोगों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है। उन्होंने सरकार से स्मार्ट मीटर हटाकर पुराने सामान्य बिजली मीटर दोबारा लगाने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने वाटर कैनन चलाने की मांग भी की और बैरिकेड्स के सामने फिल्मी गानों की धुन पर विरोध दर्ज कराया। इस अनोखे प्रदर्शन ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया। जिला कांग्रेस अध्यक्ष शाखा यादव ने कहा कि पार्टी प्रदेशभर में स्मार्ट मीटर के खिलाफ अभियान चला रही है। उन्होंने बताया कि गली-मोहल्लों में जाकर लोगों से आवेदन भरवाए जा रहे हैं ताकि स्मार्ट मीटर हटाकर सामान्य मीटर लगाने की मांग सरकार तक पहुंचाई जा सके। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पिछली कांग्रेस सरकार की बिजली बिल हाफ योजना से लोगों को राहत मिलती थी, जबकि वर्तमान सरकार जनता की समस्याओं की अनदेखी कर रही है। कांग्रेस ने मांग की है कि स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया पर रोक लगाकर पुराने मीटर बहाल किए जाएं।

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रायपुर में स्मार्ट मीटर के विरोध में कांग्रेस का धरना, पुराने बिजली मीटर बहाल करने की उठी मांग

रायपुर में स्मार्ट बिजली मीटर के विरोध को लेकर कांग्रेस ने सोमवार को राजीव गांधी चौक (पुराना फायर ब्रिगेड) पर धरना-प्रदर्शन किया। सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक चले इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस ने मांग की कि जिन उपभोक्ताओं के यहां स्मार्ट मीटर लगाए गए हैं, वहां दोबारा पुराने बिजली मीटर लगाए जाएं। साथ ही नए स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया पर तत्काल रोक लगाने और बढ़े हुए बिजली बिलों की समीक्षा कर उनमें सुधार करने की भी मांग की गई। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद कई उपभोक्ताओं के बिजली बिल पहले की तुलना में अधिक आ रहे हैं, जिससे लोगों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है। उन्होंने सरकार से उपभोक्ताओं की शिकायतों का समाधान करने और पूरी व्यवस्था की निष्पक्ष समीक्षा करने की मांग की। प्रदेश कांग्रेस के महामंत्री कन्हैया अग्रवाल ने कहा कि पार्टी लगातार स्मार्ट मीटर का विरोध कर रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। यह धरना पहले निर्धारित तिथि पर आयोजित होना था, लेकिन दिल्ली में छात्रों पर हुए लाठीचार्ज और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर कांग्रेस के प्रदेशभर में हुए विरोध-प्रदर्शनों के कारण इसे स्थगित कर दिया गया था।

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सोनम वांगचुक के समर्थन में AAP का बड़ा अभियान, छत्तीसगढ़ की 90 विधानसभा सीटों पर होगा हनुमान चालीसा पाठ

आम आदमी पार्टी (AAP) आज छत्तीसगढ़ की सभी 90 विधानसभा क्षेत्रों में सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ का आयोजन करेगी। राजधानी रायपुर में यह कार्यक्रम शाम 4 बजे बूढ़ा तालाब परिसर में आयोजित होगा। पार्टी ने अपने कार्यकर्ताओं, छात्रों, युवाओं और आम नागरिकों से बड़ी संख्या में शामिल होने की अपील की है। पार्टी के अनुसार, यह आयोजन केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं है, बल्कि समाज में शांति, सद्भाव, नैतिक मूल्यों और जनसेवा की भावना को मजबूत करने का एक सामूहिक प्रयास है। AAP का कहना है कि इस कार्यक्रम के माध्यम से सामाजिक एकता का संदेश देने के साथ-साथ सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के समर्थन में भी आवाज उठाई जाएगी। पार्टी नेताओं ने आरोप लगाया कि सोनम वांगचुक के खिलाफ हुई कार्रवाई लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप नहीं है। उनका कहना है कि शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने वालों की आवाज दबाने की कोशिश की जा रही है, जिसका आम आदमी पार्टी विरोध करती है। AAP ने यह भी कहा कि कार्यक्रम के दौरान NEET सहित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित पेपर लीक और अनियमितताओं का मुद्दा भी उठाया जाएगा। पार्टी का आरोप है कि परीक्षा प्रणाली में लगातार सामने आ रही गड़बड़ियों से लाखों छात्रों और युवाओं का भविष्य प्रभावित हुआ है। इसी आधार पर पार्टी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की मांग दोहराई है. AAP की प्रमुख मांगें पार्टी ने प्रदेशवासियों से अपील की है कि वे अपने-अपने विधानसभा क्षेत्रों में आयोजित सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ में शामिल होकर कार्यक्रम को सफल बनाएं।

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बिलासपुर में जलभराव से 150 घर प्रभावित, हाईवे जाम के बाद प्रदर्शनकारियों पर FIR दर्ज

लगातार हो रही बारिश के बीच बिलासपुर के सिरगिट्टी थाना क्षेत्र स्थित धूमा गांव में जल निकासी की उचित व्यवस्था नहीं होने से करीब 150 घरों में पानी भर गया। जलभराव से परेशान ग्रामीणों ने अपनी नाराजगी जताते हुए रायगढ़-रायपुर नेशनल हाईवे पर चक्काजाम कर दिया, जिससे लगभग चार घंटे तक यातायात बाधित रहा। इस दौरान एंबुलेंस सहित कई बड़े वाहन जाम में फंस गए। ग्रामीणों का आरोप है कि नेशनल हाईवे के निर्माण के समय पानी निकासी के लिए पर्याप्त ड्रेनेज और पुलिया का निर्माण नहीं किया गया। अधूरे निर्माण कार्य के कारण बारिश का पानी गांव में जमा हो रहा है, जिससे बड़ी संख्या में घरों में पानी घुस गया और लोगों का दैनिक जीवन प्रभावित हो गया। शनिवार सुबह करीब 9 बजे शुरू हुआ प्रदर्शन दोपहर 1 बजे तक चला। हाईवे बंद रहने से दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। सबसे अधिक परेशानी उन मरीजों को हुई जो एंबुलेंस के माध्यम से अस्पताल ले जाए जा रहे थे। पुलिस ने कई बार ग्रामीणों से सड़क खाली करने की अपील की, लेकिन लोग अपनी मांगों पर अड़े रहे। मौके पर पुलिस अधिकारियों के साथ राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) और राजस्व विभाग के अधिकारी भी पहुंचे। अधिकारियों ने ग्रामीणों को जलभराव की समस्या का जल्द समाधान करने और अस्थायी जल निकासी की व्यवस्था कराने का आश्वासन दिया। इसके बाद ग्रामीणों ने चक्काजाम समाप्त कर दिया। हालांकि, प्रदर्शन समाप्त होने के बाद भी गांव में जलभराव की समस्या का समाधान नहीं हो सका। दूसरी ओर, पुलिस ने बिना पूर्व अनुमति सड़क जाम करने और यातायात बाधित करने के आरोप में पांच नामजद लोगों सहित अन्य प्रदर्शनकारियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर लिया। सिरगिट्टी थाना प्रभारी वाईपी सिंह के अनुसार, प्रदर्शन के दौरान विवेक पटेल, लक्ष्मण पटेल, जितेंद्र पटेल, मिनी पटेल, कविता पटेल सहित अन्य ग्रामीण सड़क पर प्रदर्शन कर रहे थे, जिससे राष्ट्रीय राजमार्ग पर आवागमन पूरी तरह प्रभावित हुआ। पुलिस ने मामले में कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।

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बिलासपुर में जलभराव से भड़का लोगों का आक्रोश, NH-49 पर चक्काजाम; 150 से अधिक घरों में घुसा पानी

बिलासपुर में लगातार हो रही बारिश के बीच जलभराव से परेशान लोगों का गुस्सा शनिवार को सड़कों पर दिखाई दिया। सैकड़ों ग्रामीणों, महिलाओं और स्थानीय नागरिकों ने राष्ट्रीय राजमार्ग-49 (NH-49) पर चक्काजाम कर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के चलते हाईवे के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई और कई घंटों तक यातायात प्रभावित रहा। ग्रामीणों का आरोप है कि राष्ट्रीय राजमार्ग के निर्माण के दौरान पानी निकासी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं की गई। तोरवा क्षेत्र के धूमाधाम ग्राम पंचायत के लोगों का कहना है कि अधूरे पुल और ड्रेनेज निर्माण के कारण बारिश का पानी गांव में भर रहा है, जिससे 150 से अधिक घर जलमग्न हो गए हैं। जलभराव की वजह से लोगों के घरों में रखा घरेलू सामान खराब हो गया है। कई परिवारों को अपने घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए मजबूर होना पड़ा है। ग्रामीणों का कहना है कि सबसे अधिक परेशानी बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को हो रही है। प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) और निर्माण एजेंसी पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि कई बार शिकायत करने के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया। बारिश के बीच बड़ी संख्या में महिलाओं ने भी सड़क पर उतरकर प्रशासन और संबंधित एजेंसियों के खिलाफ नारेबाजी की। ग्रामीणों ने प्रभावित परिवारों को तत्काल मुआवजा, राहत सहायता और जल निकासी की स्थायी व्यवस्था करने की मांग की है। उनका कहना है कि जब तक पुल और ड्रेनेज का निर्माण पूरा नहीं होगा और समस्या का समाधान नहीं किया जाएगा, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। चक्काजाम की सूचना मिलते ही प्रशासन और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से चर्चा कर जल्द समाधान का आश्वासन दिया, लेकिन ग्रामीण लिखित आश्वासन और ठोस कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे। प्रदर्शन के कारण NH-49 पर भारी और यात्री वाहनों की लंबी कतार लग गई, जिससे यात्रियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा।

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रायपुर में PHE ठेकेदारों का नीर भवन के बाहर प्रदर्शन, लंबित भुगतान को लेकर विभाग के खिलाफ नारेबाजी

रायपुर में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (PHE) विभाग के मुख्यालय नीर भवन के बाहर सोमवार को ठेकेदारों ने बकाया भुगतान की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। बारिश के बीच बड़ी संख्या में पहुंचे ठेकेदारों ने विभागीय अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी करते हुए जल्द भुगतान की मांग उठाई। प्रदर्शन कर रहे ठेकेदारों का कहना है कि उन्होंने विभाग के लिए ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में पेयजल योजनाओं सहित कई निर्माण कार्य तय समय पर पूरे किए हैं, लेकिन लंबे समय से उनके बिलों का भुगतान नहीं किया जा रहा। कई बार अधिकारियों से मुलाकात और लिखित आवेदन देने के बावजूद केवल आश्वासन मिला, जबकि भुगतान अब तक लंबित है। ठेकेदारों का आरोप है कि भुगतान में देरी के कारण वे गंभीर आर्थिक संकट से गुजर रहे हैं। कर्मचारियों को समय पर वेतन देना, बैंक की किस्तें चुकाना, मशीनों का किराया और निर्माण सामग्री सप्लायर्स का बकाया भुगतान करना मुश्किल हो गया है। उनका कहना है कि कई छोटे और मध्यम ठेकेदार नए काम लेने की स्थिति में भी नहीं बचे हैं। प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए। यातायात प्रभावित न हो, इसके लिए सुभाष स्टेडियम से कटोरा तालाब जाने वाले मार्ग पर रूट डायवर्ट किया गया। इस संबंध में ट्रैफिक पुलिस ने पहले ही एडवाइजरी जारी कर दी थी और मौके पर अतिरिक्त पुलिस बल भी तैनात किया गया।

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नकटी गांव बुलडोजर कार्रवाई पर कांग्रेस का प्रदेशव्यापी विरोध, सीएम का पुतला दहन करेगी पार्टी

रायपुर जिले के नकटी गांव में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान 85 मकानों को तोड़े जाने के मामले ने राजनीतिक तूल पकड़ लिया है। इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस ने राज्यभर में आंदोलन करने का फैसला किया है। पार्टी ने सभी जिलों में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का पुतला दहन करने और विरोध प्रदर्शन आयोजित करने की घोषणा की है। कांग्रेस का आरोप है कि राज्य सरकार ने बारिश के मौसम में कार्रवाई कर कई परिवारों को बेघर कर दिया। पार्टी का कहना है कि बिना पुनर्वास की व्यवस्था किए लोगों के मकान गिराना मानवीय संवेदनाओं के खिलाफ है और इससे प्रभावित परिवारों के सामने रहने तथा आजीविका का संकट पैदा हो गया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि कांग्रेस नकटी गांव के प्रभावित परिवारों के साथ पूरी मजबूती से खड़ी है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार गरीबों के आशियाने तोड़ रही है, लेकिन उनके पुनर्वास और वैकल्पिक व्यवस्था को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। बैज ने कहा कि कांग्रेस इस मुद्दे को सड़क से लेकर विधानसभा तक उठाएगी और प्रभावित लोगों को न्याय दिलाने के लिए लगातार संघर्ष करेगी। इसी बीच कांग्रेस विधायकों ने भी मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर नकटी गांव के प्रभावित परिवारों के लिए उचित पुनर्वास और राहत की मांग की है। पत्र में कहा गया है कि पुनर्वास सुनिश्चित किए बिना इस तरह की कार्रवाई नहीं की जानी चाहिए। प्रदेश कांग्रेस ने स्पष्ट किया है कि जब तक प्रभावित परिवारों को न्याय और पुनर्वास नहीं मिलेगा, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। इसके लिए सभी जिला और ब्लॉक इकाइयों को विरोध प्रदर्शन की तैयारी करने के निर्देश दिए गए हैं।

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छत्तीसगढ़ के 16 हजार कोटवारों का सरकार को अल्टीमेटम, 15 अगस्त तक मांगें पूरी नहीं हुईं तो होगा प्रदेशव्यापी आंदोलन

छत्तीसगढ़ के कोटवारों ने अपनी विभिन्न लंबित मांगों को लेकर सरकार को अंतिम चेतावनी दी है। कोटवार एसोसिएशन ऑफ छत्तीसगढ़ ने कहा है कि यदि 15 अगस्त तक उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो 16 हजार से अधिक कोटवार पूरे प्रदेश में आंदोलन शुरू करेंगे। संघ के प्रदेश अध्यक्ष प्रेम किशोर बाघ ने बताया कि कई बार शासन और प्रशासन का ध्यान इस मुद्दे की ओर आकर्षित कराया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। उनका कहना है कि दशकों से राजस्व विभाग से जुड़े महत्वपूर्ण कार्य करने के बावजूद कोटवारों को नियमित कर्मचारी का दर्जा, पर्याप्त मानदेय और सामाजिक सुरक्षा जैसी मूलभूत सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। संघ का आरोप है कि वर्तमान में मिलने वाला पारिश्रमिक बेहद कम है, जिससे कोटवारों को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इसके अलावा नियुक्ति प्रक्रिया में अनियमितता, झूठी शिकायतों के आधार पर कार्रवाई और सेवा के दौरान परिवार के सदस्यों को प्राथमिकता नहीं दिए जाने जैसी समस्याएं भी लगातार बनी हुई हैं। कोटवार संघ की प्रमुख मांगों में राजस्व विभाग के अधीन नियमितीकरण, न्यूनतम 15 हजार रुपये मासिक मानदेय, नियुक्ति में परिवार के योग्य सदस्य को प्राथमिकता, बेबुनियाद शिकायतों पर कार्रवाई रोकना, बेगार प्रथा समाप्त करना तथा नगर निगम और नगरपालिका क्षेत्रों में कोटवारों की नियुक्ति पर लगे प्रतिबंध को हटाना शामिल है। संघ ने स्पष्ट किया है कि यदि निर्धारित समय सीमा तक मांगें पूरी नहीं होती हैं, तो प्रदेशभर के करीब 16 हजार कोटवार एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन करेंगे और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर अपने अधिकारों की मांग करेंगे।

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बिजली दर बढ़ोतरी के खिलाफ कांग्रेस का प्रदर्शन, भाजपा सरकार पर जनता को लूटने का आरोप

रायपुर। छत्तीसगढ़ में बिजली दरों में हुई बढ़ोतरी के विरोध में कांग्रेस ने प्रदेशभर में प्रदर्शन कर भाजपा सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। रायपुर, बिलासपुर और कोंडागांव सहित कई जिलों में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने बिजली विभाग के कार्यालयों का घेराव किया और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। रायपुर के डंगनिया स्थित बिजली कार्यालय के बाहर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नगाड़ा बजाकर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान जिलाध्यक्ष कुमार मेनन ने भाजपा सरकार पर आम जनता पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकार जनता से पैसे वसूलकर चुनावी योजनाओं का खर्च निकालना चाहती है। बिलासपुर में कोटा विधायक अटल श्रीवास्तव ने कहा कि भाजपा सरकार उद्योगपतियों को लाभ पहुंचाने का काम कर रही है, जबकि आम जनता लगातार महंगाई और बढ़ती बिजली दरों से परेशान है। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को विधानसभा में भी प्रमुखता से उठाया जाएगा। पूर्व विधायक विकास उपाध्याय ने आरोप लगाया कि बिजली दरों में बढ़ोतरी एक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि सरकार स्मार्ट मीटर और अन्य योजनाओं को बढ़ावा देने के लिए आम उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त बोझ डाल रही है। इस बीच, कोंडागांव में प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति भी बनी। छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग (CSERC) ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए नई बिजली दरों को मंजूरी दी है। नई दरों के अनुसार घरेलू उपभोक्ताओं के लिए बिजली 30 से 50 पैसे प्रति यूनिट तक महंगी होगी, जबकि व्यावसायिक उपभोक्ताओं के लिए 20 से 40 पैसे प्रति यूनिट तक वृद्धि की गई है। कृषि पंपों की बिजली दर में भी 40 पैसे प्रति यूनिट की बढ़ोतरी की गई है। नई बिजली दरें 1 जुलाई 2026 से लागू होंगी। आयोग का कहना है कि बिजली बिल हाफ योजना के तहत 400 यूनिट तक खपत करने वाले अधिकांश घरेलू उपभोक्ताओं पर इसका असर सीमित रहेगा।

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