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छत्तीसगढ़ में अगले 48 घंटे भारी बारिश का अलर्ट, उत्तर-मध्य हिस्सों में तेज बारिश के आसार

रायपुर, 14 अगस्त 2026। छत्तीसगढ़ में मानसून एक बार फिर सक्रिय होने जा रहा है। मौसम विभाग ने अगले 48 घंटे के दौरान प्रदेश के कई हिस्सों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। उत्तर और मध्य छत्तीसगढ़ में कुछ स्थानों पर अति भारी बारिश हो सकती है, जबकि एक-दो जगहों पर बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। मौसम का यह असर अगले करीब तीन दिनों तक बना रह सकता है। मौसम विभाग के अनुसार पश्चिम बंगाल के तटीय क्षेत्र और उससे लगे बांग्लादेश के ऊपर बना निम्न दबाव का क्षेत्र अब डिप्रेशन में बदल गया है। यह सिस्टम पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ रहा है और अगले 24 घंटे में गंगीय पश्चिम बंगाल तथा झारखंड की ओर बढ़ने की संभावना है। इसी मौसम प्रणाली के प्रभाव से छत्तीसगढ़ में बारिश की गतिविधियां बढ़ेंगी। 2 से 4 डिग्री तक गिर सकता है तापमान बारिश के साथ प्रदेश के तापमान में भी गिरावट देखने को मिल सकती है। अगले दो दिनों में अधिकतम तापमान में करीब 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक कमी आने का अनुमान है। इसके बाद तापमान में कोई बड़ा बदलाव होने की संभावना कम है। पिछले 24 घंटे में दुर्ग सबसे गर्म रहा, जहां अधिकतम तापमान 32.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं पेंड्रा रोड में सबसे कम न्यूनतम तापमान 23.6 डिग्री सेल्सियस रहा। रायपुर में बादल और गरज-चमक के साथ बारिश राजधानी रायपुर में 14 अगस्त को पूरे दिन बादल छाए रहने की संभावना है। इस दौरान कुछ जगहों पर बारिश के साथ गरज-चमक और बौछारें पड़ सकती हैं। रायपुर में अधिकतम तापमान करीब 28 डिग्री और न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है। क्या होता है शियर जोन? शियर जोन वायुमंडल का वह क्षेत्र है जहां अलग-अलग ऊंचाई पर हवाओं की दिशा या गति में अंतर होता है। नीचे चल रही हवा की दिशा और ऊंचाई पर मौजूद हवा की दिशा या रफ्तार अलग हो सकती है। इस अंतर के कारण वातावरण में अस्थिरता बढ़ती है, जिससे बादल बनने और बारिश की गतिविधियों में तेजी आ सकती है। छत्तीसगढ़ में अब तक सामान्य से 9% कम बारिश प्रदेश में 1 जून से 13 अगस्त तक कुल 668.8 मिमी बारिश दर्ज की गई है। इस अवधि में सामान्य बारिश का आंकड़ा 734.4 मिमी है। यानी अब तक प्रदेश में सामान्य से 65.6 मिमी कम बारिश हुई है। हालांकि कुल मिलाकर बारिश सामान्य श्रेणी में बनी हुई है। नारायणपुर में सबसे ज्यादा बारिश जिलेवार आंकड़ों में नारायणपुर सबसे आगे है। यहां अब तक 1043.9 मिमी बारिश दर्ज की गई है, जो सामान्य से 34 प्रतिशत अधिक है। इसके अलावा सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 948.2 मिमी, बीजापुर में 870.6 मिमी, जांजगीर में 857.3 मिमी और महासमुंद में 835.6 मिमी बारिश दर्ज हुई है। सारंगढ़-बिलाईगढ़ में सामान्य से 59% ज्यादा बारिश सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में सामान्य 598.2 मिमी के मुकाबले अब तक 948.2 मिमी बारिश हुई है। यानी यहां सामान्य से 59 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की गई है। इसके बाद नारायणपुर में 34%, मुंगेली में 32%, बलौदाबाजार में 28%, महासमुंद में 26% और जांजगीर में 24% अधिक बारिश हुई है। सरगुजा में बारिश की सबसे ज्यादा कमी वहीं सरगुजा में सामान्य के मुकाबले बारिश की सबसे बड़ी कमी दर्ज की गई है। यहां सामान्य 773.2 मिमी के मुकाबले सिर्फ 379.6 मिमी बारिश हुई है, यानी 51 प्रतिशत कम। जशपुर में 45%, बेमेतरा में 40%, कांकेर में 35%, सूरजपुर में 22% तथा बस्तर और कबीरधाम में 21-21% बारिश कम हुई है। रायपुर में सामान्य से 13% ज्यादा बारिश राजधानी रायपुर में 13 अगस्त तक 727.8 मिमी बारिश दर्ज की गई है। सामान्य आंकड़ा 641.9 मिमी है। इस तरह रायपुर में अब तक 85.9 मिमी यानी 13 प्रतिशत ज्यादा बारिश हुई है। प्रदेश के 33 जिलों में 20 जिले सामान्य बारिश की स्थिति में हैं, जबकि 6 जिलों में सामान्य से अधिक और 7 जिलों में सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है।

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छत्तीसगढ़ में बारिश का कहर: डूबने से 3 युवकों की मौत, सारंगढ़ में दंपती लापता, 4 दिन भारी बारिश की चेतावनी

छत्तीसगढ़ में लगातार हो रही बारिश के बीच अलग-अलग हादसों में तीन युवकों की जान चली गई, जबकि सारंगढ़ में एक कार के नाले में गिरने से पूर्व सरपंच और उनकी पत्नी लापता हो गए हैं। राज्य में अगले चार दिनों तक बारिश का दौर जारी रहने की संभावना जताई गई है। दुर्ग जिले में डूबने की दो अलग-अलग घटनाओं में तीन युवकों की मौत हुई। पाटन क्षेत्र के जामराव एनीकट में रविवार शाम तेज बहाव में बहे युवक का शव सोमवार सुबह बरामद किया गया। वहीं पुलगांव स्थित शिवनाथ नदी में जन्मदिन मनाने के दौरान शुक्रवार शाम डूबे दूसरे किशोर का शव भी सोमवार सुबह मिला। दोनों मामलों में एसडीआरएफ की टीम ने कई घंटों तक तलाश अभियान चलाया। उधर, सारंगढ़-बरमकेला मार्ग पर रविवार शाम एक कार अनियंत्रित होकर लाट नाले में जा गिरी। कार में सवार घोटलाबड़े के पूर्व सरपंच देवनारायण पटेल और उनकी पत्नी तेज बहाव में बह गए। देर रात तक दोनों का कोई पता नहीं चल सका और राहत एवं बचाव अभियान जारी है। मौसम विभाग के अनुसार बंगाल की खाड़ी में बने मौसम तंत्र के प्रभाव से छत्तीसगढ़ में अगले चार दिनों तक मानसून सक्रिय रहेगा। प्रदेश के अधिकांश जिलों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है, जबकि कुछ स्थानों पर भारी वर्षा हो सकती है। कई इलाकों के लिए गरज-चमक और तेज बारिश का अलर्ट भी जारी किया गया है। बीते 24 घंटों में राज्य के विभिन्न हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। इस मानसून सीजन में अब तक प्रदेश में सामान्य से 19 प्रतिशत कम वर्षा हुई है, जिसे मौसम विभाग ने सामान्य श्रेणी में रखा है। तापमान की बात करें तो पेंड्रा रोड में अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 22.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं राजधानी रायपुर में आज बादल छाए रहने, बीच-बीच में बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है। अधिकतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 25 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।

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शिवनाथ नदी में डूबे बच्चे की मौत, छत्तीसगढ़ में 48 घंटे भारी बारिश का अलर्ट

छत्तीसगढ़ में लगातार हो रही बारिश के कारण नदियां और नाले उफान पर हैं। इसी बीच दुर्ग जिले की शिवनाथ नदी में शुक्रवार शाम दर्दनाक हादसा हो गया। पुलगांव थाना क्षेत्र के गनियारी गांव के पास तेज बहाव में दो बच्चे बह गए। सूचना मिलने पर SDRF की टीम मौके पर पहुंची और रेस्क्यू अभियान शुरू किया। टीम ने एक बच्चे का शव बरामद कर लिया है, जबकि दूसरे बच्चे की तलाश जारी है। जानकारी के अनुसार, उरला क्षेत्र के आठ दोस्त जन्मदिन मनाने के लिए नदी किनारे पहुंचे थे। इसी दौरान कुछ बच्चे नदी में नहाने लगे और तेज बहाव की चपेट में आ गए। हादसे में 14 वर्षीय रेहान खान की मौत हो गई, जबकि 12 वर्षीय आरव का अब तक पता नहीं चल पाया है। खोज अभियान लगातार जारी है। इससे पहले बिलासपुर जिले की शिवनाथ नदी में गुरुवार को बह गए एक मछुआरे का भी अब तक कोई सुराग नहीं मिल सका है। प्रदेश में अगले 48 घंटे बारिश का असर मौसम विभाग ने बताया है कि अगले दो दिनों तक छत्तीसगढ़ के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश जारी रहने की संभावना है। वहीं मध्य और उत्तर छत्तीसगढ़ के कुछ इलाकों में मध्यम से भारी बारिश हो सकती है। कई स्थानों पर गरज-चमक, तेज हवाएं और बिजली गिरने की भी आशंका जताई गई है। लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और खुले स्थानों या पेड़ों के नीचे शरण न लेने की अपील की गई है। अब तक की बारिश का आंकड़ा 1 जून से अब तक राज्य में हुई कुल वर्षा सामान्य श्रेणी में बनी हुई है। हालांकि औसत की तुलना में लगभग 18 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है, लेकिन मौसम विभाग के मानकों के अनुसार इसे अभी भी सामान्य स्थिति माना जाता है। सबसे अधिक बारिश वाले क्षेत्र पिछले 24 घंटों में धरमजयगढ़ में सबसे अधिक 30 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा लैलूंगा, कोरबा, कापू और खरसिया में 20-20 मिमी बारिश हुई। वहीं बीजापुर, नया बाराद्वार, करतला, साल्हेवारा, लाल बहादुर नगर, कांसाबेल, पथलगांव और मानपुर में 10-10 मिमी वर्षा दर्ज की गई। रायपुर का मौसम राजधानी रायपुर में शनिवार को पूरे दिन बादल छाए रहने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार एक-दो दौर की बारिश या गरज-चमक के साथ हल्की बौछारें पड़ सकती हैं। अधिकतम तापमान लगभग 31 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। बारिश की वजह मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार मानसून द्रोणिका फिलहाल राजस्थान से लेकर उत्तर-पूर्व बंगाल की खाड़ी तक सक्रिय है। साथ ही पश्चिम बंगाल और बांग्लादेश के आसपास ऊपरी हवा में चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। इसके प्रभाव से अगले 24 घंटे में नया निम्न दबाव क्षेत्र बनने की संभावना है, जिससे छत्तीसगढ़ सहित मध्य भारत में बारिश की गतिविधियां और तेज हो सकती हैं। –18% डिपार्चर का मतलब मौसम विभाग के अनुसार यदि वर्षा सामान्य औसत से 19 प्रतिशत कम या 19 प्रतिशत अधिक रहती है तो उसे सामान्य श्रेणी में रखा जाता है। इसलिए राज्य में फिलहाल 18 प्रतिशत कम बारिश होने के बावजूद मानसून की स्थिति सामान्य मानी जा रही है।

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बिलासपुर में जलभराव से भड़का लोगों का आक्रोश, NH-49 पर चक्काजाम; 150 से अधिक घरों में घुसा पानी

बिलासपुर में लगातार हो रही बारिश के बीच जलभराव से परेशान लोगों का गुस्सा शनिवार को सड़कों पर दिखाई दिया। सैकड़ों ग्रामीणों, महिलाओं और स्थानीय नागरिकों ने राष्ट्रीय राजमार्ग-49 (NH-49) पर चक्काजाम कर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के चलते हाईवे के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई और कई घंटों तक यातायात प्रभावित रहा। ग्रामीणों का आरोप है कि राष्ट्रीय राजमार्ग के निर्माण के दौरान पानी निकासी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं की गई। तोरवा क्षेत्र के धूमाधाम ग्राम पंचायत के लोगों का कहना है कि अधूरे पुल और ड्रेनेज निर्माण के कारण बारिश का पानी गांव में भर रहा है, जिससे 150 से अधिक घर जलमग्न हो गए हैं। जलभराव की वजह से लोगों के घरों में रखा घरेलू सामान खराब हो गया है। कई परिवारों को अपने घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए मजबूर होना पड़ा है। ग्रामीणों का कहना है कि सबसे अधिक परेशानी बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को हो रही है। प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) और निर्माण एजेंसी पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि कई बार शिकायत करने के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया। बारिश के बीच बड़ी संख्या में महिलाओं ने भी सड़क पर उतरकर प्रशासन और संबंधित एजेंसियों के खिलाफ नारेबाजी की। ग्रामीणों ने प्रभावित परिवारों को तत्काल मुआवजा, राहत सहायता और जल निकासी की स्थायी व्यवस्था करने की मांग की है। उनका कहना है कि जब तक पुल और ड्रेनेज का निर्माण पूरा नहीं होगा और समस्या का समाधान नहीं किया जाएगा, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। चक्काजाम की सूचना मिलते ही प्रशासन और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से चर्चा कर जल्द समाधान का आश्वासन दिया, लेकिन ग्रामीण लिखित आश्वासन और ठोस कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे। प्रदर्शन के कारण NH-49 पर भारी और यात्री वाहनों की लंबी कतार लग गई, जिससे यात्रियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा।

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छत्तीसगढ़ में अगले 48 घंटे भारी बारिश का अलर्ट, बिलासपुर में बाढ़ जैसे हालात, कई इलाके जलमग्न

छत्तीसगढ़ में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। बंगाल की खाड़ी क्षेत्र में बने निम्न दबाव (लो प्रेशर) के प्रभाव से प्रदेश में लगातार नमी पहुंच रही है, जिसके चलते मध्य और उत्तर छत्तीसगढ़ के कई जिलों में पिछले 24 घंटों के दौरान तेज बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग ने अगले 48 घंटे तक कई क्षेत्रों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। सबसे अधिक असर बिलासपुर जिले में देखने को मिला, जहां लगातार बारिश के कारण बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। नेशनल हाईवे-49 पर कई स्थानों पर 4 से 5 फीट तक पानी भर जाने से यातायात पूरी तरह प्रभावित हो गया। कई इलाकों में सड़कें जलमग्न हो गईं और लोगों की आवाजाही ठप पड़ गई। सरकंडा क्षेत्र के लिंगियाडीह में तेज बहाव के दौरान एक बुजुर्ग महिला की मौत हो गई। बाद में उनका शव झाड़ियों में बरामद किया गया। वहीं, कोटमीसोनार में लीलागर नदी के पुल के ऊपर से पानी बहने के कारण प्रशासन ने सुरक्षा की दृष्टि से मार्ग को बंद कर दिया है और लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है। बिलासपुर शहर के श्रीकांत वर्मा मार्ग, हंसा विहार, मित्र विहार, बंधवापारा, जोरापारा और शिवम होम्स सहित कई कॉलोनियों में जलभराव की स्थिति बन गई है। हालात को देखते हुए जिला प्रशासन ने स्कूलों में अवकाश घोषित कर दिया। रेलवे ट्रैक पर पानी भरने के कारण पांच मेमू ट्रेनों को रद्द किया गया है, जबकि तीन ट्रेनों के मार्ग में बदलाव किया गया है। राजधानी रायपुर में भी शनिवार को दिनभर बादल छाए रहने, रुक-रुक कर बारिश होने और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है। अधिकतम तापमान लगभग 30 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। मौसम विभाग के अनुसार अगले दो दिन प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है। इसके साथ ही गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने की भी संभावना जताई गई है। जिन क्षेत्रों में पहले से अधिक बारिश हो चुकी है, वहां निचले इलाकों में जलभराव, छोटे नदी-नालों में उफान और सड़क यातायात प्रभावित होने की आशंका है। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और मौसम संबंधी आधिकारिक अपडेट पर नजर बनाए रखने की सलाह दी है।

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बिलासपुर में बारिश का कहर, कई गांव और मकान बाढ़ में घिरे, लोगों का रेस्क्यू जारी

बिलासपुर जिले में लगातार हो रही भारी बारिश के चलते बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। कई गांवों और निचले इलाकों में पानी भरने से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। कई स्थानों पर मकान चारों ओर से पानी से घिर गए हैं, जिससे लोग अपने घरों में फंस गए हैं। बिलासपुर-दोमहानी क्षेत्र में बाढ़ का सबसे ज्यादा असर देखने को मिला है। यहां 10 से अधिक मकान पानी से घिरकर टापू जैसे बन गए। कई परिवार पूरी रात बाढ़ के पानी के बीच फंसे रहे। घरों में छोटे-छोटे बच्चे भी मौजूद हैं, जिन्हें भोजन और पेयजल जैसी जरूरी सुविधाओं की परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं सरकंडा के बंधवापारा इलाके में भी कई घरों में पानी घुस गया है। हालात बिगड़ने पर स्थानीय लोगों को घर खाली करने पड़े। सूचना मिलने के बाद प्रशासन और राहत दल मौके पर पहुंचे तथा प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का काम शुरू किया गया। लगातार बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है। प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्य जारी है तथा लोगों से नदी-नालों और जलभराव वाले इलाकों से दूर रहने की अपील की गई है।

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छत्तीसगढ़ में 21% कम बारिश, 13 जुलाई से तेज वर्षा के आसार; 4 जिलों में येलो अलर्ट

छत्तीसगढ़ में मानसून की रफ्तार फिलहाल धीमी बनी हुई है। मौसम विभाग के अनुसार 1 जून से 11 जुलाई तक राज्य में सामान्य से 21 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। इस अवधि में जहां 320.6 मिमी बारिश होनी चाहिए थी, वहीं केवल 252.4 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई। हालांकि 13 जुलाई से प्रदेश में बारिश की गतिविधियां तेज होने की संभावना जताई गई है। पिछले 24 घंटों में सरगुजा संभाग के कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश हुई, जबकि बस्तर संभाग के कुछ हिस्सों में भी अच्छी वर्षा दर्ज की गई। रविवार के लिए सरगुजा, सूरजपुर, बलरामपुर और जशपुर जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है। इन क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ बारिश और बिजली गिरने की आशंका है। मौसम विभाग के मुताबिक पूर्वी उत्तर प्रदेश और उत्तर-पश्चिम बिहार के ऊपर सक्रिय दो चक्रवाती परिसंचरण बंगाल की खाड़ी से नमी खींच रहे हैं, जिससे छत्तीसगढ़ में बादल बनने और बारिश की स्थिति बनी हुई है। प्रदेश के 32 में से 16 जिले अब भी सामान्य से कम बारिश का सामना कर रहे हैं। सबसे अधिक 74 प्रतिशत अतिरिक्त बारिश सारंगढ़-बिलाईगढ़ में दर्ज की गई है। मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान खुले मैदान, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की अपील की है।

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छत्तीसगढ़ में मानसून की धमाकेदार एंट्री, दंतेवाड़ा से शुरू हुआ सफर; रायपुर-रायगढ़ में झमाझम बारिश, 5 दिन अंधड़ और बारिश का अलर्ट

छत्तीसगढ़ में आखिरकार दक्षिण-पश्चिम मानसून की एंट्री हो गई है। मानसून ने दंतेवाड़ा जिले के रास्ते प्रदेश में प्रवेश किया है, जिसके बाद बस्तर संभाग के कई इलाकों में मौसम का मिजाज बदलने लगा है। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले कुछ दिनों में मानसून तेजी से आगे बढ़ते हुए मध्य और उत्तर छत्तीसगढ़ के जिलों को भी कवर कर लेगा। मानसून की दस्तक के साथ ही प्रदेशभर में अगले पांच दिनों तक अंधड़, गरज-चमक और बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। सोमवार दोपहर अचानक मौसम बदलने से रायपुर, रायगढ़ और आसपास के कई क्षेत्रों में तेज हवाओं के साथ जोरदार बारिश हुई। बारिश के चलते लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली, लेकिन कई जगहों पर जलभराव की स्थिति भी देखने को मिली। राजधानी रायपुर में दोपहर बाद काले बादल छा गए और तेज हवाओं के साथ झमाझम बारिश शुरू हो गई। भारी बारिश के कारण सुंदरनगर क्षेत्र स्थित महादेवघाट रोड पर पानी भर गया, जिससे वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई। कई इलाकों में सड़कें पानी से लबालब नजर आईं और लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा। मौसम विभाग के मुताबिक प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश का दौर जारी रह सकता है। कुछ स्थानों पर तेज हवाएं चलने और आकाशीय बिजली गिरने की भी संभावना है। विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतने की अपील की है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि वर्तमान में मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल बनी हुई हैं। इसके चलते रायगढ़ सहित पूर्वी और मध्य छत्तीसगढ़ के कई जिलों में आने वाले दिनों में अच्छी बारिश दर्ज की जा सकती है। हालांकि मानसून की एंट्री के बावजूद मध्य छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में अगले दो दिनों तक तापमान सामान्य से 3 से 5 डिग्री सेल्सियस अधिक रहने की संभावना है। इसके कारण कुछ क्षेत्रों में गर्मी और उमस बनी रह सकती है तथा लू जैसी परिस्थितियां भी देखने को मिल सकती हैं। रायपुर में सोमवार को अधिकतम तापमान लगभग 40 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस दर्ज किए जाने का अनुमान है। मौसम विभाग का कहना है कि मानसून के सक्रिय होने के साथ आने वाले दिनों में तापमान में और गिरावट दर्ज की जा सकती है। मानसून की एंट्री से किसानों के बीच भी उत्साह का माहौल है। धान की खेती की तैयारी कर रहे किसान अच्छी बारिश का इंतजार कर रहे थे। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि यदि मानसून की गतिविधियां इसी तरह बनी रहीं तो खरीफ सीजन की खेती को बड़ा फायदा मिल सकता है।

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छत्तीसगढ़ में 5 दिन तेज आंधी-बारिश का अलर्ट, बस्तर से जल्द होगी मानसून की एंट्री

रायपुर। छत्तीसगढ़ में मौसम ने एक बार फिर करवट ली है। मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में अगले पांच दिनों तक गरज-चमक, तेज हवाओं और बारिश की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। साथ ही दक्षिण छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में अगले चार से पांच दिनों के भीतर दक्षिण-पश्चिम मानसून के पहुंचने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने प्रदेश के कई जिलों के लिए ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार कुछ स्थानों पर 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं तथा बिजली गिरने की भी आशंका है। पिछले 24 घंटों के दौरान दक्षिण और मध्य छत्तीसगढ़ के कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। मुंगेली में सबसे अधिक वर्षा दर्ज की गई, जहां 50 मिमी बारिश रिकॉर्ड हुई। वहीं, कबीरधाम (कवर्धा) में 10 मिमी बारिश हुई। बारिश के प्रभाव से उत्तर छत्तीसगढ़ के अधिकतम तापमान में 1 से 2 डिग्री सेल्सियस की कमी आई है। दूसरी ओर रायपुर और दुर्ग संभाग सहित मध्य छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में तापमान में 1 से 2 डिग्री की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। राजधानी रायपुर में सुबह से ही बादलों का डेरा बना हुआ है। मौसम विभाग का अनुमान है कि शहर में दिन के दौरान गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। इसके अलावा धूलभरी आंधी चलने की भी संभावना है। रायपुर का अधिकतम तापमान करीब 40 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान लगभग 28 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।

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छत्तीसगढ़ में मानसून की दस्तक जल्द, 60 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से चलेंगी हवाएं, बढ़ेगी बारिश की गतिविधि

छत्तीसगढ़ में दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगमन के लिए मौसमीय परिस्थितियां अनुकूल हो गई हैं। मौसम विभाग के अनुसार अगले 3 से 4 दिनों के भीतर प्रदेश के कुछ हिस्सों में मानसून पहुंच सकता है। इसके साथ ही 11 जून से राज्यभर में गरज-चमक, तेज हवाओं और बारिश की गतिविधियों में बढ़ोतरी होने की संभावना जताई गई है। बुधवार शाम रायपुर, दुर्ग और बिलासपुर समेत कई इलाकों में तेज हवाओं के साथ हल्की बारिश दर्ज की गई, जिससे लोगों को भीषण गर्मी और उमस से राहत मिली। मौसम विभाग का कहना है कि आने वाले दिनों में मौसम और अधिक सक्रिय रहेगा। पूर्वानुमान के मुताबिक अगले दो दिनों में प्रदेश के अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट हो सकती है। वहीं पिछले 24 घंटों के दौरान दक्षिण छत्तीसगढ़ के कुछ क्षेत्रों में तापमान में 1 से 2 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। राज्य के विभिन्न हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश रिकॉर्ड की गई। राजनांदगांव में सबसे अधिक 44 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान दर्ज किया गया, जबकि अंबिकापुर में न्यूनतम तापमान 21.4 डिग्री सेल्सियस रहा। मौसम विभाग ने प्रदेश के कई जिलों के लिए चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि गरज-चमक के साथ 50 से 60 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। यह स्थिति अगले दो दिनों तक बनी रह सकती है। राजधानी रायपुर में भी मौसम का मिजाज बदला हुआ रहने की संभावना है। शहर में आंशिक रूप से बादल छाए रह सकते हैं और गरज-चमक के साथ बारिश या धूलभरी आंधी चलने के आसार हैं। रायपुर का अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है।

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