छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव रेलवे स्टेशन पर रेलवे सुरक्षा बल (RPF) की सतर्कता से एक बड़ा रेल हादसा टल गया। चलती ज्ञानेश्वरी एक्सप्रेस में चढ़ने की कोशिश के दौरान एक यात्री का पैर फिसल गया, लेकिन मौके पर मौजूद आरपीएफ के प्रधान आरक्षक ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उसकी जान बचा ली। पूरी घटना स्टेशन पर लगे सीसीटीवी कैमरे में भी कैद हो गई।
जानकारी के अनुसार, यह घटना 8 जुलाई की है। गाड़ी संख्या 12101 ज्ञानेश्वरी एक्सप्रेस अपने निर्धारित ठहराव के बाद राजनांदगांव स्टेशन से रवाना हो रही थी। इसी दौरान एक यात्री ने चलती ट्रेन में चढ़ने का प्रयास किया। ट्रेन के पायदान पर पैर रखते ही उसका संतुलन बिगड़ गया और वह प्लेटफॉर्म तथा ट्रेन के बीच गिरने लगा।
प्लेटफॉर्म पर ड्यूटी कर रहे आरपीएफ के प्रधान आरक्षक राजेंद्र रायकवार ने तत्काल दौड़कर यात्री को पकड़ लिया और सुरक्षित प्लेटफॉर्म की ओर खींच लिया। उनकी त्वरित सूझबूझ और बहादुरी के चलते यात्री ट्रेन के पहियों के नीचे आने से बाल-बाल बच गया। यह कार्रवाई रेलवे के ‘ऑपरेशन जीवन रक्षा’ अभियान के तहत की गई।
बचाए गए यात्री की पहचान बृजेश सकुनिया (52), निवासी झारसुगुड़ा (ओडिशा) के रूप में हुई है। उन्होंने बताया कि वे गोंदिया से झारसुगुड़ा जा रहे थे। किसी काम से राजनांदगांव स्टेशन पर उतरने के बाद ट्रेन छूटने लगी, तो जल्दबाजी में चलती ट्रेन में चढ़ने का प्रयास किया, जिससे उनका पैर फिसल गया।
घटना के बाद आरपीएफ जवानों ने यात्री को चौकी ले जाकर प्राथमिक जांच कराई और आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई। यात्री ने आरपीएफ और प्रधान आरक्षक राजेंद्र रायकवार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यदि समय पर मदद नहीं मिलती तो बड़ा हादसा हो सकता था।
रेलवे सुरक्षा बल ने यात्रियों से अपील की है कि वे कभी भी चलती ट्रेन में चढ़ने या उतरने का प्रयास न करें। किसी भी आपात स्थिति में रेलवे हेल्पलाइन 139 पर संपर्क करें।