July 2026

रायगढ़ में रिटायर्ड SECL कर्मचारी और पत्नी की अधजली लाश मिलने से सनसनी, हत्या की आशंका

छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में एक बुजुर्ग दंपती की संदिग्ध परिस्थितियों में अधजली लाश मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। प्रारंभिक तौर पर हत्या के बाद शवों को जलाने की आशंका जताई जा रही है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, फॉरेंसिक विशेषज्ञ और डॉग स्क्वॉड की टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। यह मामला धरमजयगढ़ थाना क्षेत्र के क्रोंधा गांव का है। जानकारी के अनुसार, औरामुड़ा गांव निवासी मंगलूराम राठिया (65) और उनकी पत्नी पुनई बाई राठिया धान की खेती के लिए क्रोंधा गांव में रह रहे थे। मंगलूराम राठिया दक्षिण पूर्वी कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) से लोडर ऑपरेटर के पद से सेवानिवृत्त हुए थे। करीब पांच वर्ष पहले उन्होंने क्रोंधा गांव में लगभग चार एकड़ जमीन खरीदी थी, जहां मकान बनाकर खेती कर रहे थे। बताया जा रहा है कि मंगलवार रात दोनों अपने घर में मौजूद थे। बुधवार सुबह घर की देखरेख और खेती के काम के लिए नियुक्त व्यक्ति जब वहां पहुंचा, तो उसने दंपती के अधजले शव देखे। इसके बाद तत्काल गांव के सरपंच और पुलिस को सूचना दी गई। मृतक के दामाद वीर सिंह ने आशंका जताई कि यह सामान्य घटना नहीं बल्कि हत्या का मामला हो सकता है। सूचना मिलने पर पुलिस अधिकारियों के साथ फॉरेंसिक टीम और डॉग स्क्वॉड ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाने की कार्रवाई शुरू की। स्थानीय ग्रामीण भी इस घटना को संदिग्ध मान रहे हैं और हत्या की आशंका जता रहे हैं। हालांकि पुलिस ने अभी किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से इनकार किया है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट, फॉरेंसिक जांच और अन्य वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर ही मौत के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा। गृह विभाग के उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, 1 जुलाई 2024 से 30 जून 2026 के बीच रायगढ़ जिले में 114 हत्या के मामले दर्ज किए गए हैं। इसी अवधि में रायपुर में सबसे अधिक 169 हत्याएं दर्ज हुईं, जबकि जशपुर में भी 114, दुर्ग और सरगुजा में 113-113 तथा बिलासपुर में 109 हत्या के मामले दर्ज किए गए।

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Crime, Raigarh

बिलासपुर रेल मंडल में 8 ट्रेनें रद्द, 18 और 19 जुलाई को यात्रियों को होगी परेशानी

दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (SECR) के बिलासपुर रेल मंडल में भाटापारा और हथबंध स्टेशनों के बीच तीसरी लाइन सेक्शन पर ऑटो सिग्नलिंग कमीशनिंग का कार्य किया जाएगा। इस वजह से 18 और 19 जुलाई को कई मेमू और पैसेंजर ट्रेनों का संचालन प्रभावित रहेगा। रेलवे ने इस अवधि में कुल 8 ट्रेनों को रद्द करने का निर्णय लिया है। रेलवे प्रशासन के अनुसार, रेल नेटवर्क को अधिक सुरक्षित और आधुनिक बनाने के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर विकास कार्य तेज गति से किए जा रहे हैं। इसी क्रम में ऑटो सिग्नलिंग प्रणाली स्थापित की जा रही है, जिसके चलते कुछ ट्रेनों का परिचालन अस्थायी रूप से प्रभावित होगा। लोकल मेमू और पैसेंजर ट्रेनों के रद्द होने से रोजाना इन ट्रेनों से यात्रा करने वाले हजारों यात्रियों, छात्रों और नौकरीपेशा लोगों को असुविधा का सामना करना पड़ सकता है। रद्द रहने वाली ट्रेनें इन ट्रेनों का आंशिक संचालन रहेगा रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि यात्रा पर निकलने से पहले अपनी ट्रेन की स्थिति की पुष्टि कर लें, ताकि किसी प्रकार की असुविधा से बचा जा सके।

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Bilaspur, Indian Railways

रायपुर में CSCS का एंटी-डोपिंग सेमिनार, 200 क्रिकेटरों को बताए गए NADA के नियम और सावधानियां

खिलाड़ियों को डोपिंग नियमों के प्रति जागरूक बनाने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ स्टेट क्रिकेट संघ (CSCS) ने रायपुर में एंटी-डोपिंग जागरूकता सेमिनार का आयोजन किया। होटल मैरियट में आयोजित इस कार्यक्रम में करीब 200 पुरुष और महिला क्रिकेटरों के साथ कोच, ट्रेनर और अन्य सपोर्ट स्टाफ ने हिस्सा लिया। सेमिनार में राष्ट्रीय डोपिंग रोधी एजेंसी (NADA) की विशेषज्ञ डॉ. नेहा सिंह ने खिलाड़ियों को एंटी-डोपिंग नियमों, प्रतिबंधित दवाओं और न्यूट्रिशन सप्लीमेंट से जुड़े संभावित जोखिमों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कई बार सामान्य दिखने वाली दवाओं या सप्लीमेंट में भी ऐसे तत्व हो सकते हैं, जो डोपिंग नियमों के तहत प्रतिबंधित हैं। डॉ. नेहा सिंह ने खिलाड़ियों को सलाह दी कि किसी भी दवा या सप्लीमेंट का सेवन करने से पहले उसकी जानकारी अवश्य जांचें और आवश्यकता पड़ने पर विशेषज्ञ की सलाह लें। उन्होंने यह भी बताया कि खिलाड़ियों को यह समझना जरूरी है कि कौन-से उत्पाद उनके करियर के लिए जोखिम पैदा कर सकते हैं। NADA के अनुसार, किसी भी न्यूट्रिशन सप्लीमेंट को पूरी तरह सुरक्षित नहीं माना जा सकता, क्योंकि कई मामलों में इनमें प्रतिबंधित पदार्थ पाए गए हैं या उत्पादों की लेबलिंग सही नहीं होती। एजेंसी ने खिलाड़ियों को ‘स्ट्रिक्ट लाइबिलिटी’ के नियम के बारे में भी जानकारी दी, जिसके तहत खिलाड़ी के शरीर में प्रतिबंधित पदार्थ मिलने पर उसकी जिम्मेदारी स्वयं खिलाड़ी की होती है, चाहे वह पदार्थ अनजाने में ही शरीर में पहुंचा हो। कार्यक्रम के दौरान खिलाड़ियों को NADA के Know Your Medicine (KYM) प्लेटफॉर्म की जानकारी भी दी गई। इस प्लेटफॉर्म के माध्यम से खिलाड़ी किसी दवा की प्रतिबंधित या अनुमत स्थिति की जांच कर सकते हैं। साथ ही यह भी बताया गया कि आयुर्वेदिक, हर्बल और अन्य सप्लीमेंट का उपयोग करते समय भी पूरी सावधानी बरतना आवश्यक है। CSCS का कहना है कि क्रिकेट में डोपिंग के मामले अपेक्षाकृत कम सामने आते हैं, लेकिन राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ती सख्ती को देखते हुए खिलाड़ियों को शुरुआती स्तर से ही नियमों की जानकारी देना जरूरी है। इस तरह के जागरूकता कार्यक्रमों का उद्देश्य खिलाड़ियों को अनजाने में होने वाली गलतियों से बचाना और निष्पक्ष खेल संस्कृति को बढ़ावा देना है।

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Raipur, Sports, State, Top News

छत्तीसगढ़ विधानसभा: नकटी बुलडोजर कार्रवाई, इंद्रावती टाइगर शिकार और सड़क-दवा खरीद जैसे मुद्दों पर गरमाया सदन

छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र में बुधवार को कई अहम मुद्दों पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिली। नकटी गांव में बुलडोजर कार्रवाई, इंद्रावती टाइगर रिजर्व में बाघों के शिकार, अमानक दवाइयों की खरीद और प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत सड़कों की स्थिति को लेकर सरकार से सवाल पूछे गए। नकटी बुलडोजर कार्रवाई पर हंगामा विपक्ष ने नकटी गांव में मकानों को हटाने की कार्रवाई को मानवाधिकारों का उल्लंघन बताते हुए स्थगन प्रस्ताव पेश किया। कांग्रेस विधायकों ने आरोप लगाया कि गरीब परिवारों को पर्याप्त पुनर्वास के बिना बेदखल किया गया और इसे “बुलडोजर कल्चर” का उदाहरण बताया। विपक्ष ने पूरे मामले पर सदन में चर्चा की मांग की, लेकिन विधानसभा अध्यक्ष ने स्थगन प्रस्ताव स्वीकार नहीं किया। इसके विरोध में कांग्रेस विधायक सदन के गर्भगृह में पहुंचकर नारेबाजी करने लगे, जिसके बाद नियमों के तहत वे स्वतः निलंबित हो गए। राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने सरकार का पक्ष रखते हुए कहा कि नकटी में की गई कार्रवाई पूरी तरह कानूनी प्रक्रिया के तहत हुई। सभी संबंधित लोगों को पूर्व सूचना और नोटिस दिए गए थे। उन्होंने बताया कि प्रभावित परिवारों का पुनर्वास भी किया गया और कार्रवाई के दौरान किसी के घरेलू सामान को नुकसान नहीं पहुंचाया गया। इंद्रावती टाइगर रिजर्व में बाघों के शिकार का मामला ध्यानाकर्षण के माध्यम से नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने इंद्रावती टाइगर रिजर्व में बाघों के शिकार का मुद्दा उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि गिरफ्तार किए गए आईबी जवान का नाम सार्वजनिक नहीं किया गया और पूरे मामले में राजनीतिक संरक्षण की आशंका जताई। महंत ने दावा किया कि दो बाघों के शिकार से करोड़ों रुपये का अवैध लाभ कमाया गया। वन मंत्री केदार कश्यप ने आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि किसी भी आरोपी को बचाने का प्रयास नहीं किया गया है। उन्होंने बताया कि टाइगर रिजर्व में निगरानी व्यवस्था सक्रिय है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। मंत्री ने कहा कि वर्ष 2022 के आकलन के अनुसार इंद्रावती टाइगर रिजर्व में पांच बाघों की पुष्टि हुई थी और रिजर्व के संचालन पर प्रतिवर्ष लगभग 10 करोड़ रुपये खर्च किए जाते हैं। अमानक दवाइयों की खरीद पर सरकार का जवाब सदन में CGMSC द्वारा दवाइयों की खरीद को लेकर भी सवाल उठे। विपक्ष ने गुजरात में प्रतिबंधित दवाइयों से जुड़े मामले का हवाला देते हुए छत्तीसगढ़ में खरीद प्रक्रिया पर सवाल किए। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने स्पष्ट किया कि जिस दवा पर प्रतिबंध लगाया गया था, उसकी खरीद राज्य में नहीं की गई। उन्होंने बताया कि पिछले दो वर्षों में गुणवत्ता परीक्षण में असफल रहने वाली 24 दवाइयों की पहचान की गई है और चार कंपनियों को ब्लैकलिस्ट किया जा चुका है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना पर चर्चा प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत सड़कों की मरम्मत को लेकर भी कई विधायकों ने सवाल उठाए। उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने बताया कि अधिकांश सड़कों का पहले ही नवीनीकरण किया जा चुका है और जिन मार्गों को मरम्मत की आवश्यकता है, उन पर चरणबद्ध तरीके से काम किया जाएगा। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि अब सड़कों की स्थिति का आकलन पारंपरिक तरीके की बजाय कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) तकनीक की मदद से किया जाएगा। सड़क का वीडियो रिकॉर्ड कर AI गड्ढों और मरम्मत की आवश्यकता का स्वतः विश्लेषण करेगा, जिससे निरीक्षण प्रक्रिया अधिक प्रभावी और पारदर्शी बन सकेगी।

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नकटी गांव बुलडोजर कार्रवाई पर विधानसभा में हंगामा, विधायक कॉलोनी को लेकर सरकार और विपक्ष आमने-सामने

छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान बुधवार को रायपुर के नकटी गांव में हुई बुलडोजर कार्रवाई का मुद्दा जोरदार तरीके से उठा। इस विषय पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस हुई और सदन में नारेबाजी का माहौल बन गया। विपक्ष ने नकटी गांव में मकानों को हटाने की कार्रवाई को लेकर स्थगन प्रस्ताव प्रस्तुत किया, लेकिन विधानसभा अध्यक्ष ने इसे स्वीकार नहीं किया। विपक्ष ने संबंधित दस्तावेज सदन की कार्यवाही में रखने की अनुमति भी मांगी, जिसे अस्वीकार कर दिया गया। इसके विरोध में कांग्रेस विधायक सदन के गर्भगृह में पहुंच गए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। नियमों के अनुसार इस दौरान विपक्ष के विधायक स्वतः निलंबित माने गए। नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने कहा कि नकटी गांव में जिन 85 मकानों को हटाया गया, उनमें कई प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बने थे। उन्होंने दावा किया कि वहां बिजली, पानी सहित अन्य मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध थीं। उनका कहना था कि प्रभावित परिवारों को जो वैकल्पिक आवास दिए जा रहे हैं, उनका आकार पर्याप्त नहीं है। कांग्रेस विधायकों ने मांग की कि किसी भी बेदखली से पहले प्रभावित लोगों के लिए उचित पुनर्वास सुनिश्चित किया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि स्थानीय सांसद के आश्वासन के बावजूद कार्रवाई की गई, जो उचित नहीं है। विधायक लखेश्वर बघेल ने आरोप लगाया कि प्रस्तावित विधायक कॉलोनी के लिए गरीब परिवारों के मकान हटाए गए हैं। इस पर वरिष्ठ विधायक अजय चंद्राकर ने कहा कि यदि विधायक कॉलोनी निर्माण से जुड़े कोई आधिकारिक दस्तावेज मौजूद हैं, तो उन्हें सदन के पटल पर प्रस्तुत किया जाना चाहिए। इस पूरे मामले पर जवाब देते हुए राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने कहा कि नकटी गांव में की गई कार्रवाई पूरी तरह कानून के दायरे में थी। उन्होंने बताया कि अतिक्रमण की शिकायत मिलने के बाद अतिरिक्त तहसीलदार द्वारा जांच की गई, जिसमें अवैध कब्जे पाए गए। इसके बाद वर्ष 2025 में अतिक्रमण हटाने का आदेश जारी किया गया और 28 जून को बेदखली की कार्रवाई की गई। राजस्व मंत्री के अनुसार प्रशासन ने प्रभावित लोगों को पहले ही अपना सामान हटाने के लिए पर्याप्त समय दिया था। साथ ही प्रभावित परिवारों के पुनर्वास के लिए नवा रायपुर के सेक्टर-30 में फ्लैट उपलब्ध कराए गए। उन्होंने कहा कि कार्रवाई के दौरान किसी के घरेलू सामान को नुकसान नहीं पहुंचाया गया और पुनर्वास की व्यवस्था भी की गई। इसलिए यह कहना सही नहीं है कि प्रभावित लोगों को बिना व्यवस्था के हटाया गया। सरकार का पक्ष सुनने के बाद विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने विपक्ष के स्थगन प्रस्ताव को खारिज कर दिया। इससे नाराज विपक्ष ने फिर से सदन में विरोध प्रदर्शन किया और नारेबाजी करते हुए गर्भगृह में पहुंच गया, जिसके बाद नियमों के तहत विपक्ष के सभी विधायक स्वतः निलंबित हो गए।

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Raipur

बिलासपुर में गर्भवती महिला की कार टो करने का आरोप, फाइनेंस कंपनी के कर्मचारियों पर जांच शुरू

जिले में एक गर्भवती महिला ने फाइनेंस कंपनी के कर्मचारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। महिला का कहना है कि बकाया किस्त के विवाद को लेकर कर्मचारियों ने उस समय उसकी कार को टो कर लिया, जब वह खुद वाहन के अंदर मौजूद थी। महिला ने आरोप लगाया कि टोइंग के दौरान कार को खींचने से लगे झटकों के कारण उसके पेट में दर्द शुरू हो गया और गर्भ में बच्चे की हलचल भी कम महसूस होने लगी। जानकारी के अनुसार, महिला अपने पति के साथ अस्पताल जाने की तैयारी कर रही थी, तभी कुछ लोग मौके पर पहुंचे और वाहन को अपने कब्जे में लेने का प्रयास करने लगे। इस दौरान हुए विवाद के कुछ वीडियो भी सामने आए हैं, जिनमें कार को लेकर बहस होती दिखाई दे रही है। हालांकि, वीडियो में लगाए गए सभी आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। महिला ने मामले की शिकायत बिलासपुर के सिविल लाइन थाने में दर्ज कराई है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर जांच शुरू कर दी है और घटना से जुड़े तथ्यों की पड़ताल की जा रही है। वहीं, इस मामले में अभी तक फाइनेंस कंपनी की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। अगर जांच में महिला के आरोप सही पाए जाते हैं, तो संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।

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Bilaspur

बालोद की कोकान पहाड़ी पर फोटोशूट बना हादसे की वजह, पैर फिसलने से खाई में गिरा युवक

छत्तीसगढ़ के बालोद जिले की कोकान पहाड़ी पर फोटोशूट के दौरान एक युवक गंभीर हादसे का शिकार हो गया। पहाड़ी पर फोटो खिंचवाते समय अचानक पैर फिसलने से युवक नीचे गिर गया, जिससे उसके सिर में गंभीर चोट आई। हादसे के बाद मौके पर पहुंची रेस्क्यू टीम और 108 एंबुलेंस की मदद से युवक को सुरक्षित बाहर निकाला गया। जानकारी के मुताबिक, शनिवार दोपहर तीन युवक कोकान पहाड़ी पर फोटोशूट के लिए पहुंचे थे। इसी दौरान धीरज यादव नामक युवक फोटो खिंचवाते समय अपना संतुलन खो बैठा और फिसलकर नीचे जा गिरा। गिरने से उसे सिर पर गंभीर चोट लगी और वह घायल अवस्था में वहीं फंस गया। घटना की सूचना मिलने के बाद कंट्रोल रूम से रेस्क्यू टीम और 108 एंबुलेंस को मौके पर भेजा गया। पहाड़ी क्षेत्र होने के कारण बचाव कार्य काफी चुनौतीपूर्ण था, लेकिन टीम ने स्थानीय लोगों की मदद से कड़ी मशक्कत के बाद घायल युवक को बाहर निकाला। प्राथमिक उपचार के बाद युवक को चिखलाकसा स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां से गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे राजनांदगांव मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर किया गया। फिलहाल उसका इलाज जारी है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि पहाड़ी, नदी और अन्य जोखिम वाले पर्यटन स्थलों पर फोटो और वीडियो बनाते समय सावधानी बरतें, क्योंकि छोटी सी लापरवाही बड़ा हादसा बन सकती है।

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Accident, Balod

धमतरी में सूखे कुएं में गिरा तेंदुआ, वन विभाग ने शुरू किया रेस्क्यू ऑपरेशन

छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले के नगरी ब्लॉक स्थित ग्राम महमल्ला में रविवार को एक तेंदुआ सूखे कुएं में गिर गया। बताया जा रहा है कि करीब डेढ़ से दो साल का यह तेंदुआ जंगल से शिकार की तलाश में रिहायशी क्षेत्र की ओर भटक आया था और इसी दौरान अनजाने में सूखे कुएं में जा गिरा। कुएं से आ रही आवाज सुनकर ग्रामीणों ने अंदर देखा तो तेंदुआ फंसा मिला। घटना की जानकारी मिलते ही गांव में अफरा-तफरी मच गई और बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंच गए। सूचना मिलने पर नगरी वन विभाग की टीम आवश्यक उपकरणों के साथ घटनास्थल पहुंची और तेंदुए को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार नगरी और सिहावा क्षेत्र घने जंगलों से घिरे होने के कारण तेंदुए और भालू जैसे वन्यजीव अक्सर भोजन और शिकार की तलाश में गांवों के आसपास पहुंच जाते हैं। क्षेत्र में मवेशियों पर हमले की घटनाएं भी समय-समय पर सामने आती रहती हैं। फिलहाल वन विभाग की टीम तेंदुए को बिना नुकसान पहुंचाए सुरक्षित निकालने में जुटी है। अधिकारियों ने लोगों से रेस्क्यू स्थल से दूर रहने और किसी भी वन्यजीव को देखकर घबराने के बजाय तुरंत वन विभाग को सूचना देने की अपील की है।

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रायपुर में बदले कचरा प्रबंधन के नियम: अब गीला-सूखा ही नहीं, 4 तरह का कचरा अलग करना होगा

राजधानी रायपुर में कचरा प्रबंधन को अधिक प्रभावी बनाने के लिए नगर निगम ने सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट रूल्स-2026 के तहत नई व्यवस्था लागू करने की शुरुआत कर दी है। इसके लिए जोन-1 की साम्राज्य और अनुग्रह रेसिडेंसी सोसायटियों को मॉडल के रूप में चुना गया है। यहां रहने वाले परिवारों को अब गीला, सूखा, सैनिटरी और विशेष देखभाल वाले कचरे को अलग-अलग करके ही नगर निगम की एजेंसी को देना होगा। नगर निगम के अनुसार, दोनों सोसायटियों में 200 से अधिक परिवार रहते हैं। स्वच्छता दीदियों और रामकी कंपनी के कर्मचारियों को विशेष प्रशिक्षण दिया गया है ताकि वे घर-घर जाकर लोगों को नए नियमों की जानकारी दें। जागरूकता अभियान पूरा होने के बाद यदि कोई परिवार मिश्रित कचरा देगा तो उस पर जुर्माना लगाया जाएगा। जिन क्षेत्रों में कचरा वाहन सीधे नहीं पहुंच सकते, वहां ‘व्हील गैंग’ के माध्यम से कचरा एकत्र कर मुख्य वाहनों तक पहुंचाया जाएगा। नगर निगम 100 किलो से अधिक कचरा उत्पन्न करने वाले बल्क वेस्ट जनरेटरों का ऑनलाइन पंजीयन भी करा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि मॉडल सोसायटियों में सफलता मिलने के बाद यह चार-स्तरीय कचरा पृथक्करण व्यवस्था पूरे रायपुर में चरणबद्ध तरीके से लागू की जाएगी।

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बिलासपुर में तेज रफ्तार कार का कहर: 11वीं के छात्र की मौत, नाबालिग चला रहा था का

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में रविवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसे में 11वीं कक्षा के छात्र की मौत हो गई। पद्मश्री श्यामलाल चतुर्वेदी स्मार्ट रोड पर तेज रफ्तार कार ने एक्टिवा सवार 17 वर्षीय रुद्र प्रताप शर्मा को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार अनियंत्रित होकर सामने से आ रही एक स्कूल बस से भी जा भिड़ी। घटना में गंभीर रूप से घायल रुद्र प्रताप शर्मा, निवासी मंगला अभिषेक विहार, को पहले सिम्स अस्पताल और फिर अपोलो अस्पताल रेफर किया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। पुलिस के अनुसार, सिर में गंभीर चोट लगने के कारण छात्र की जान नहीं बचाई जा सकी। हादसे में एक्टिवा और कार दोनों बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। सिविल लाइन थाना पुलिस ने कार (CG 10 BH 7752) को जब्त कर लिया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि कार एक नाबालिग छात्र चला रहा था और उसमें तीन अन्य नाबालिग छात्र भी सवार थे। पुलिस घटनास्थल के सीसीटीवी फुटेज की जांच कर रही है। कार चालक और वाहन मालिक की पहचान कर कानूनी कार्रवाई की जा रही है। बताया जा रहा है कि सभी छात्र मॉर्निंग वॉक से लौट रहे थे, तभी यह हादसा हुआ।

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