छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी का कहर: राजनांदगांव में 45.5°C, हीटवेव का अलर्ट जारी

छत्तीसगढ़ में तेज गर्मी का असर लगातार बढ़ता जा रहा है। राजनांदगांव में तापमान 45.5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो इस सीजन का सबसे ज्यादा रिकॉर्ड किया गया तापमान है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले तीन दिनों तक तापमान में खास बदलाव की संभावना नहीं है, हालांकि इसके बाद थोड़ी राहत मिल सकती है।

प्रदेश में फिलहाल शुष्क मौसम बना हुआ है, लेकिन 26 अप्रैल को कुछ इलाकों में गरज-चमक, तेज हवाएं (40 से 50 किमी प्रति घंटे) और हल्की बारिश के आसार जताए गए हैं। इसके बावजूद हीटवेव का प्रभाव बना रहेगा।

राजधानी रायपुर में अधिकतम तापमान करीब 45 डिग्री और न्यूनतम 28 डिग्री रहने का अनुमान है। यहां भी लू जैसे हालात बने रहने की चेतावनी दी गई है।

गर्मी को देखते हुए आंगनबाड़ी केंद्रों के समय में बदलाव किया गया है। 23 अप्रैल से 30 जून तक केंद्र सुबह 7 बजे से 11 बजे तक संचालित होंगे, जबकि बच्चों के लिए समय सुबह 7 से 9 बजे तक तय किया गया है। 1 जुलाई के बाद पुराने समयानुसार संचालन फिर शुरू होगा।

मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि विदर्भ से दक्षिण भारत तक बनी ट्रफ लाइन और बंगाल-ओडिशा क्षेत्र में ऊपरी हवा के चक्रवातीय प्रभाव के कारण गर्म और शुष्क हवाएं चल रही हैं, जिससे तापमान में बढ़ोतरी हो रही है।

मौसम विभाग के अनुसार, जब मैदानी क्षेत्रों में तापमान 40 डिग्री या उससे अधिक पहुंचता है और सामान्य से 4.5 से 6.4 डिग्री ज्यादा रहता है, तो उसे हीटवेव माना जाता है। 45 डिग्री या उससे अधिक तापमान भी लू की श्रेणी में आता है, जबकि 47 डिग्री से ऊपर होने पर गंभीर हीटवेव की स्थिति बनती है।

गर्म रातों का खतरा भी बढ़ गया है। जब न्यूनतम तापमान सामान्य से ज्यादा रहता है, तो रात में भी गर्मी से राहत नहीं मिलती, जिसे वार्म नाइट कहा जाता है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि तेज गर्मी का असर खासतौर पर बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों पर ज्यादा पड़ सकता है। लोगों को सलाह दी गई है कि दोपहर में बाहर निकलने से बचें, पर्याप्त पानी पिएं और धूप से बचाव करें।

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