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रायपुर में शराब पीकर गाड़ी चलाने वालों पर बड़ी कार्रवाई, 159 आरोपी गिरफ्तार

रायपुर पुलिस ने सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए संडे नाइट विशेष चेकिंग अभियान चलाया। शहर के 8 प्रमुख पॉइंट्स पर सरप्राइज रैंडम चेकिंग के दौरान 159 वाहन चालक नशे की हालत में ड्राइव करते हुए पकड़े गए। यह अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है, इससे पहले अधिकतम 154 केस दर्ज हुए थे। साल 2026 के पहले तीन महीनों में ही रायपुर पुलिस ने नशे में वाहन चलाने के 1,580 मामलों में कार्रवाई की, जो साल 2025 के पूरे 1,537 मामलों के रिकॉर्ड को पार कर गया। पुलिस अब सभी आरोपियों के ड्राइविंग लाइसेंस सस्पेंड कराने के लिए RTO को प्रस्ताव भेजने की तैयारी कर रही है। इस अभियान का निर्देशन पुलिस आयुक्त डॉ. संजीव शुक्ला और डीसीपी विकास कुमार कर रहे हैं। चेकिंग के दौरान ब्रीथ एनालाइजर से जांच की गई। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई केवल चालान काटने के लिए नहीं, बल्कि सड़क हादसों में होने वाली मौतों को रोकने के लिए की जा रही है। पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि शराब पीकर वाहन न चलाएं। वाहन चालकों को हमेशा सीट बेल्ट और दोपहिया पर हेलमेट का उपयोग करना चाहिए। बच्चों को किसी भी हालत में वाहन न चलाने दें। आने वाले दिनों में इस अभियान को लगातार जारी रखने की योजना है।

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रायपुर निगम बजट: पार्षदों का हंगामा और अधूरी वादों पर विवाद

रायपुर नगर निगम का वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट पेश होने से पहले सदन में कांग्रेस पार्षदों ने विरोध प्रदर्शन किया। सभी पार्षद हाथों में वादों के पोस्टर लेकर ‘वादा तेरा वादा’ गाते हुए पहुंचे। इस पर सभापति सूर्यकांत राठौड़ ने नाराजगी व्यक्त की और तख्तियां हटाने के लिए कहा। विपक्ष ने अपने बिंदु रखते हुए कहा कि पहले अधूरी वादों पर चर्चा हो, उसके बाद ही तख्तियां वापस रखी जाएंगी। इसके अलावा, सभापति और एमआईसी सदस्य मनोज वर्मा के बीच विपक्षी पार्षदों पर कार्रवाई को लेकर तीखी बहस भी हुई। आवास और अधोसंरचना पूंजीगत व्यय के तहत लगभग 789 करोड़ रुपए खर्च करने का प्रस्ताव है। इसमें प्रधानमंत्री आवास योजना, अमृत मिशन, नालों के ट्रीटमेंट प्लांट, सड़क चौड़ीकरण और अन्य बुनियादी विकास कार्य शामिल हैं। नगर निगम विज्ञापन से आय बढ़ाने के लिए ऑनलाइन होर्डिंग मैनेजमेंट सिस्टम लागू करने और नई विज्ञापन नीति में दरों में वृद्धि का प्रावधान किया गया है। जल और विद्युत व्यवस्था जल कार्य विभाग के लिए लगभग 68 करोड़ रुपए और विद्युत एवं यांत्रिकी विभाग के लिए करीब 74 करोड़ रुपए का अनुमान है। इसमें पेयजल आपूर्ति, पंप स्थापना, स्ट्रीट लाइट और सौर ऊर्जा परियोजनाएं शामिल हैं। जोन कार्यालयों के माध्यम से करीब 189 करोड़ रुपए खर्च किए जाने की योजना है, जिसमें सफाई, सड़क निर्माण, नाली सुधार और सामुदायिक भवन निर्माण शामिल हैं। लोक निर्माण और बुनियादी सुविधाएं लोक निर्माण विभाग के लिए लगभग 97 करोड़ रुपए का बजट रखा गया है। इसमें नालों का निर्माण, सीमेंट रोड, फुटपाथ, चौराहों का विकास और वार्ड कार्यालयों का निर्माण शामिल हैं। स्वच्छता, स्वास्थ्य और फूड विभाग के लिए 77.55 करोड़ रुपए का प्रावधान है। इसमें मच्छर नियंत्रण, आवारा कुत्तों की नसबंदी, सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट और सफाई मित्र योजना शामिल हैं। पिछले वर्ष का बजट पिछले वित्तीय वर्ष में नगर निगम का बजट 1529.53 करोड़ रुपए था। इसमें 1528.73 करोड़ रुपए खर्च और लगभग 79 लाख रुपए का अधिशेष अनुमानित था। पिछले बजट में शहर के महानगरीय स्वरूप को ध्यान में रखते हुए उद्योग भवन, राजेंद्र नगर, सरोना और तेलीबांधा में फ्लाईओवर निर्माण, 18 प्रमुख चौक-चौराहों का पुनर्विकास, CCTV कैमरे और आधुनिक निगरानी प्रणाली, ऑटोमेटेड पार्किंग, सड़कों का डामरीकरण और वृक्षारोपण के लिए 61 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया था।

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“लॉकडाउन की अफवाहों से रहें सावधान” – सीएम योगी का बयान, लखनऊ में नर्सिंग स्टाफ को जॉइनिंग लेटर वितरण

Lucknow में आयोजित कार्यक्रम के दौरान Yogi Adityanath ने नर्सिंग अधिकारियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए और विपक्ष पर निशाना साधते हुए अफवाहों से बचने की अपील की। यह कार्यक्रम Dr. Ram Manohar Lohia Institute of Medical Sciences में चयनित अभ्यर्थियों के लिए लोकभवन में आयोजित किया गया। इस दौरान कुल 665 नर्सिंग अधिकारियों का चयन किया गया, जिनमें पुरुष और महिला दोनों अभ्यर्थी शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने 20 अभ्यर्थियों को खुद जॉइनिंग लेटर सौंपे, जबकि बाकी को ऑनलाइन भेजे जाएंगे। सीएम योगी ने कहा कि जब भर्ती प्रक्रिया पारदर्शी होती है, तो उसके परिणाम भी साफ दिखाई देते हैं। उन्होंने दावा किया कि उनकी सरकार अब तक लाखों युवाओं को सरकारी नौकरी दे चुकी है और चयन प्रक्रिया में किसी प्रकार की गड़बड़ी की गुंजाइश नहीं है। अफवाहों पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि कुछ लोग लॉकडाउन जैसी गलत खबरें फैला रहे हैं, जिससे जनता भ्रमित हो रही है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि जब गाड़ी में पेट्रोल मौजूद है, तो बेवजह लाइन लगाने की जरूरत नहीं है। इसी तरह गैस सिलेंडर को लेकर भी अनावश्यक घबराहट नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि देश और दुनिया में भले ही अनिश्चितता का माहौल हो, लेकिन भारत लगातार आगे बढ़ रहा है। केंद्र सरकार द्वारा लिए गए फैसलों का फायदा आम लोगों तक पहुंच रहा है। सरकार की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में विकास कार्य तेजी से हो रहे हैं और रोजगार के नए अवसर पैदा हो रहे हैं। उन्होंने Noida International Airport का उदाहरण देते हुए कहा कि इससे लाखों लोगों को रोजगार मिलेगा और क्षेत्र का तेजी से विकास होगा। कार्यक्रम के दौरान सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति पर भी जोर दिया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि अपराध और भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त रुख अपनाया गया है और यही वजह है कि हर सप्ताह नियुक्ति पत्र वितरण जैसे कार्यक्रम हो रहे हैं।

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सहमति से बनाए गए संबंध को रेप नहीं माना जा सकता: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने आरोपी को किया बरी

Chhattisgarh High Court ने एक अहम फैसले में कहा है कि किसी बालिग और शादीशुदा महिला के साथ उसकी सहमति से बनाए गए शारीरिक संबंध को रेप की श्रेणी में नहीं रखा जा सकता। अदालत ने इस मामले में ट्रायल कोर्ट के फैसले को सही ठहराते हुए आरोपी को दोषमुक्त करने के निर्णय को बरकरार रखा। यह मामला Bemetara जिले से जुड़ा है, जहां पीड़िता ने आरोपी के खिलाफ रेप का आरोप लगाया था। उसने अपनी याचिका में कहा था कि आरोपी ने शादी का झांसा देकर उससे संबंध बनाए। हालांकि, मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने पाया कि आरोपों को साबित करने के लिए पर्याप्त सबूत मौजूद नहीं हैं। अदालत ने अपने फैसले में स्पष्ट किया कि गवाहों के बयानों से यह साबित नहीं होता कि महिला की सहमति किसी दबाव, धमकी या धोखे के आधार पर ली गई थी। साथ ही यह भी सामने नहीं आया कि पीड़िता को किसी प्रकार का भ्रम था कि वह आरोपी की पत्नी है। कोर्ट ने यह भी कहा कि ऐसा कोई प्रमाण नहीं मिला जिससे यह साबित हो सके कि पीड़िता उस समय अपनी सहमति देने की स्थिति में नहीं थी। रिकॉर्ड के अनुसार, महिला बालिग थी, पहले से शादीशुदा थी और गर्भवती भी थी। इस आधार पर अदालत ने माना कि दोनों के बीच संबंध सहमति से बने थे, इसलिए इसे दुष्कर्म का अपराध नहीं माना जा सकता। इसी के साथ हाईकोर्ट ने पीड़िता की याचिका खारिज करते हुए ट्रायल कोर्ट के फैसले को बरकरार रखा।

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रायगढ़ में मॉडिफाइड साइलेंसर पर सख्ती, 11 बुलेट जब्त, 50 साइलेंसर बुलडोजर से नष्ट

Raigarh में ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन पर पुलिस ने सख्त अभियान चलाते हुए मॉडिफाइड साइलेंसर लगाने वालों पर बड़ी कार्रवाई की है। जांच के दौरान 11 बुलेट बाइक चालकों को पकड़ा गया, जिनकी गाड़ियों में तेज आवाज वाले अवैध साइलेंसर लगे हुए थे। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर ट्रैफिक पुलिस और विभिन्न थानों की टीम लगातार शहर के चौक-चौराहों पर चेकिंग कर रही है। इसी दौरान पकड़े गए सभी वाहनों को ट्रैफिक थाना लाया गया और चालकों के साथ उनके अभिभावकों को भी पुलिस कार्यालय बुलाया गया। Shashi Mohan Singh ने नियम तोड़ने पर सख्त नाराजगी जताई और भविष्य में ऐसी गलती दोहराने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी। पुलिस ने सभी बाइकों से मॉडिफाइड साइलेंसर निकलवाकर चालानी कार्रवाई भी की। इसके अलावा, अभियान के तहत जब्त किए गए करीब 50 मॉडिफाइड साइलेंसरों को ट्रैफिक थाना परिसर के पीछे बुलडोजर से नष्ट कर दिया गया। यह कदम लोगों में जागरूकता फैलाने और नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है। पुलिस ने आम लोगों से भी सहयोग की अपील की है। एसएसपी ने अपना आधिकारिक मोबाइल नंबर जारी करते हुए कहा है कि अगर कहीं मॉडिफाइड साइलेंसर लगे वाहन दिखें, तो उनकी फोटो व्हाट्सएप के जरिए भेजकर सूचना दें, ताकि ऐसे लोगों पर तुरंत कार्रवाई की जा सके।

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तखतपुर में बर्ड फ्लू का खतरा बढ़ा: सड़क किनारे फेंकी मिलीं मृत मुर्गियां, संक्रमण की आशंका

बिलासपुर के बाद अब तखतपुर क्षेत्र में भी बर्ड फ्लू का खतरा बढ़ने लगा है। रविवार सुबह तखतपुर-नगोई बाईपास रोड पर बड़ी संख्या में मृत मुर्गियों से भरी बोरियां पाई गईं, जिन्हें खुले में छोड़ दिया गया था। इससे आसपास दुर्गंध फैल रही है और संक्रमण का जोखिम भी बढ़ गया है। बताया जा रहा है कि मुख्य सड़क से कुछ दूरी पर इन मुर्गियों को लावारिस हालत में फेंका गया था। सुबह टहलने निकले लोगों ने जब यह देखा तो हैरान रह गए। स्थानीय लोगों के अनुसार, आवारा कुत्ते इन मृत मुर्गियों को नोचकर खा रहे हैं और उन्हें सड़कों तक घसीट रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर ये मुर्गियां बर्ड फ्लू से संक्रमित हैं, तो कुत्तों और अन्य पक्षियों के जरिए वायरस तेजी से आसपास के रिहायशी इलाकों में फैल सकता है, जिससे स्थिति और गंभीर हो सकती है। इस घटना का असर स्थानीय पोल्ट्री व्यवसाय पर भी पड़ रहा है। तखतपुर और आसपास के क्षेत्रों में कई बड़े मुर्गी फार्म संचालित हैं। आमतौर पर नवरात्रि के बाद चिकन की मांग बढ़ती है, लेकिन इस समय बर्ड फ्लू की आशंका से कारोबार प्रभावित हो सकता है। मृत मुर्गियों को खुले में फेंके जाने की इस घटना से मांस उपभोक्ताओं के बीच भी भय का माहौल बन गया है।

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विष्णु देव साय का सख्त निर्देश: सिलेंडर की कमी की अफवाह फैलाने वालों पर केस, साइबर सेल रखेगा नजर

प्रदेश में गैस सिलेंडर और पेट्रोल की कमी को लेकर सोशल मीडिया पर फैल रही भ्रामक खबरों को लेकर सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि इस तरह की अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ आईटी एक्ट के तहत कार्रवाई की जाए। इस काम के लिए नवा रायपुर स्थित साइबर मुख्यालय को निगरानी की जिम्मेदारी दी गई है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर पेट्रोल, डीजल और गैस से जुड़े सभी मैसेज पर नजर रखी जाएगी और गलत जानकारी फैलाने वालों के खिलाफ सीधे केस दर्ज होगा। इसी के साथ प्रशासन ने गैस सिलेंडरों की जमाखोरी पर भी कार्रवाई शुरू कर दी है। अलग-अलग जगहों पर छापेमारी के दौरान होटल, ढाबों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों से 3800 से ज्यादा सिलेंडर जब्त किए गए हैं, जिनका उपयोग घरेलू गैस के रूप में किया जा रहा था। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश में पेट्रोल, डीजल, रसोई गैस और उर्वरकों की कोई कमी नहीं है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी अफवाह पर भरोसा न करें। साथ ही अधिकारियों को जरूरी वस्तुओं की आपूर्ति सुचारू बनाए रखने और सही जानकारी जनता तक पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार ने जमाखोरी और कालाबाजारी पर भी कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। पेट्रोल पंप और गैस एजेंसियों की नियमित निगरानी की जाएगी, जबकि अस्पताल, छात्रावास और रेलवे जैसे संस्थानों में गैस सप्लाई सुनिश्चित करने को कहा गया है। इसके अलावा, आम जनता की शिकायतों के लिए 1800-233-3663 टोल फ्री नंबर जारी किया गया है, जहां गैस सप्लाई में दिक्कत या अधिक कीमत वसूली की शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।

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दीपक बैज का आरोप: राज्य की आर्थिक स्थिति कमजोर, भुगतान में देरी से विकास कार्य प्रभावित

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने राज्य सरकार की वित्तीय स्थिति को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि सरकार की आर्थिक हालत कमजोर हो गई है, जिसके चलते विकास कार्यों की गति धीमी पड़ गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार छोटे-छोटे भुगतान भी समय पर नहीं कर पा रही है। उदाहरण देते हुए उन्होंने बताया कि लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के एक ठेकेदार ने भुगतान नहीं मिलने से परेशान होकर 30 मार्च को विभागीय कार्यालय के सामने आत्मदाह की चेतावनी दी है। बैज ने कहा कि यह समस्या केवल एक विभाग तक सीमित नहीं है, बल्कि कई विभागों में इसी तरह की स्थिति बनी हुई है। फंड की कमी के कारण कई निर्माण और विकास कार्य अधूरे हैं, जिससे आम लोगों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। भुगतान में देरी से ठेकेदारों में नाराजगी बढ़ रही है और कई प्रोजेक्ट रुकने की कगार पर हैं। सरगुजा जिले में जल जीवन मिशन के तहत काम करने वाले ठेकेदार रजनी कांत अग्रवाल ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर बताया कि उन्होंने अंबिकापुर सब-डिविजन में काम एक साल पहले पूरा कर लिया था, लेकिन अब तक पूरा भुगतान नहीं हुआ है। ठेकेदार ने आरोप लगाया कि करीब 65 लाख रुपए के काम के बदले अब तक केवल 22 लाख रुपए ही मिले हैं। साथ ही उन्होंने यह भी दावा किया कि विभाग के एक अधिकारी द्वारा कमीशन की मांग की जा रही है और कमीशन नहीं देने पर बिल पास नहीं किया जा रहा। ठेकेदार ने 30 मार्च को दोपहर 1 बजे पीएचई कार्यालय के सामने आत्मदाह करने की चेतावनी दी है।

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पश्चिम एशिया संकट का असर: रायपुर में LPG सप्लाई पर मंथन, उद्योगों में बढ़ी चिंता

पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव का असर अब रायपुर में एलपीजी गैस की सप्लाई पर भी दिखाई देने लगा है। इसी को लेकर कलेक्ट्रेट में प्रशासन और उद्योगपतियों के बीच एक अहम बैठक आयोजित की गई, जिसमें गैस आपूर्ति से जुड़ी समस्याओं पर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक में उद्योग प्रतिनिधियों ने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा व्यावसायिक उपयोग के लिए लगभग 70 प्रतिशत क्षमता के अनुसार ही गैस उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे औद्योगिक इकाइयों को पर्याप्त मात्रा में एलपीजी नहीं मिल पा रही है। खासकर प्लास्टिक कंटेनर बनाने वाले उद्योग, जो पूरी तरह एलपीजी पर निर्भर हैं, इस कमी के कारण प्रभावित हो रहे हैं। कई इकाइयों को उत्पादन घटाना पड़ रहा है, जबकि कुछ के बंद होने की स्थिति बन गई है। प्रशासन की ओर से निगम आयुक्त विश्वदीप ने उद्योग संचालकों को निर्देश दिया कि वे अपनी वास्तविक गैस आवश्यकता की जानकारी शासन को उपलब्ध कराएं, ताकि जरूरत के अनुसार उचित व्यवस्था की जा सके। उन्होंने भरोसा दिलाया कि उपलब्ध स्टॉक और मांग को देखते हुए सप्लाई को संतुलित किया जाएगा। अपर कलेक्टर कीर्तिमान सिंह राठौर ने बताया कि गैस की आपूर्ति घरेलू और व्यावसायिक श्रेणियों में विभाजित होती है, और उद्योगों को व्यावसायिक श्रेणी के तहत ही गैस मिलती है। बैठक में जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र, खाद्य विभाग और विभिन्न औद्योगिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया और समाधान के विकल्पों पर चर्चा की।

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रायपुर में निगम की सख्ती: प्रॉपर्टी टैक्स नहीं चुकाने पर 9 व्यावसायिक परिसर सील, 14 बकायेदारों पर कार्रवाई

रायपुर में प्रॉपर्टी टैक्स नहीं जमा करने वाले बकायेदारों के खिलाफ नगर निगम ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। जोन-10 क्षेत्र में चलाए गए विशेष अभियान के दौरान 14 बकायेदारों पर कार्रवाई की गई, जिनमें से 9 से अधिक व्यावसायिक परिसरों को सील कर दिया गया। यह कार्रवाई निगम आयुक्त विश्वदीप के निर्देश पर राजस्व विभाग की टीम द्वारा की गई, जिसका नेतृत्व जोन कमिश्नर मोनेश्वर शर्मा ने किया। टीम ने रानी दुर्गावती (वार्ड 49), डॉ. राजेंद्र प्रसाद (वार्ड 52), बाबू जगजीवन राम (वार्ड 53), रवींद्रनाथ टैगोर (वार्ड 55) और लेफ्टिनेंट अरविंद दीक्षित वार्ड (56) में लंबे समय से टैक्स नहीं चुकाने वालों पर कार्रवाई की। निगम अधिकारियों के अनुसार, सभी बकायेदारों को पहले डिमांड नोटिस, बिल और अंतिम चेतावनी जारी की गई थी, लेकिन भुगतान नहीं होने पर सीलिंग की कार्रवाई करनी पड़ी। कई स्थानों पर मौके पर ही दुकानों और कॉम्प्लेक्स को बंद कर दिया गया। अभियान के दौरान कुछ बकायेदारों ने टैक्स जमा करने के लिए समय मांगा। पंचूराम साहू और लच्छूराम साहू ने 24 घंटे की मोहलत ली, जबकि कुछ अन्य बड़े बकायेदारों के परिसरों को दस्तावेजों में गड़बड़ी और बकाया के कारण तुरंत सील कर दिया गया। निगम ने स्पष्ट किया है कि टैक्स नहीं चुकाने वालों के खिलाफ आगे भी इसी तरह की कार्रवाई जारी रहेगी। नागरिकों से समय पर प्रॉपर्टी टैक्स जमा करने की अपील की गई है, ताकि सख्त कार्रवाई से बचा जा सके।

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