Chhattisghar

छत्तीसगढ़ में स्पीड पर सख्ती: तेज गाड़ी चलाते ही घर पहुंचेगा चालान, 5 जिलों में लेडार कैमरे शुरू

छत्तीसगढ़ में बढ़ते सड़क हादसों को नियंत्रित करने के लिए परिवहन विभाग ने पहली बार लेडार तकनीक से चलने वाले स्पीड कैमरों की शुरुआत की है। अब निर्धारित गति सीमा से अधिक तेज वाहन चलाने पर सीधे वाहन मालिक के घर ई-चालान भेजा जाएगा। पायलट प्रोजेक्ट के तहत लगभग 1 करोड़ 90 लाख रुपए की लागत से 7 आधुनिक कैमरे लगाए गए हैं। इन्हें रायपुर, बिलासपुर, अंबिकापुर, जगदलपुर और धमतरी जिलों के प्रमुख और व्यस्त मार्गों पर स्थापित किया गया है। रायपुर में मरीन ड्राइव, वीआईपी रोड और मंदिर हसौद क्षेत्र में कैमरे लगाए गए हैं। वहीं अन्य जिलों में भी ऐसे स्थान चुने गए हैं जहां ट्रैफिक का दबाव ज्यादा है और दुर्घटनाएं अधिक होती हैं। ये कैमरे वाई-फाई से जुड़े हुए हैं और परिवहन विभाग के सॉफ्टवेयर से सीधे कनेक्ट रहते हैं। करीब 100 मीटर की दूरी तक ये वाहनों की गति को सटीक रूप से माप सकते हैं। दो लेन की सड़कों पर भी ये एक साथ कई वाहनों की निगरानी कर सकते हैं और उनकी जानकारी रिकॉर्ड कर लेते हैं। लेडार आधारित यह तकनीक प्रकाश किरणों के माध्यम से वाहन की स्पीड और दूरी का आकलन करती है। यदि कोई वाहन तय सीमा से तेज चलता है, तो कैमरा उसकी नंबर प्लेट की फोटो और वीडियो रिकॉर्ड कर लेता है। इसके बाद स्वतः ई-चालान तैयार होकर वाहन मालिक को व्हाट्सएप और ईमेल के जरिए भेज दिया जाता है। इन कैमरों में नाइट विजन की सुविधा भी दी गई है, जिससे रात के समय भी साफ निगरानी संभव है। खराब मौसम में भी ये कैमरे प्रभावी ढंग से काम कर सकते हैं। फिलहाल इन कैमरों की टेस्टिंग चल रही है। परिवहन विभाग और पुलिस की संयुक्त निगरानी में जल्द ही इन्हें पूरी तरह से लागू किया जाएगा। शुरुआती चरण में लोगों को जागरूक किया जाएगा, उसके बाद नियमों का सख्ती से पालन कराया जाएगा। अधिकारियों के अनुसार, सड़क सुरक्षा को मजबूत करने और ट्रैफिक नियमों के पालन को सुनिश्चित करने के लिए यह कदम उठाया गया है। आने वाले समय में इस व्यवस्था को राज्य के अन्य जिलों में भी लागू करने की योजना है।

छत्तीसगढ़ में स्पीड पर सख्ती: तेज गाड़ी चलाते ही घर पहुंचेगा चालान, 5 जिलों में लेडार कैमरे शुरू Read Post »

Accident, Chhattisghar, Raipur

सिर्फ ढाई महीने की शादी… एक कॉल, एक आखिरी गले लगना… और फिर बंद दरवाज़े के पीछे खत्म हो गई एक ज़िंदगी!

जानकारी के मुताबिक, युवती ने आत्महत्या से पहले अपने पति को फोन कर घर बुलाया और तबीयत खराब होने की बात कही। पति के घर पहुंचने पर उसने सामान्य व्यवहार किया और उसे गले भी लगाया, लेकिन इसके बाद अचानक कमरे में जाकर खुद को अंदर से बंद कर लिया। काफी देर तक दरवाजा नहीं खुलने पर परिजन घबरा गए और छप्पर तोड़कर अंदर पहुंचे, जहां युवती साड़ी के फंदे से लटकी मिली। उसे तुरंत नीचे उतारा गया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। बताया जा रहा है कि मृतका की शादी करीब ढाई महीने पहले ही 19 वर्षीय युवक से हुई थी। दोनों की शादी सामाजिक रीति-रिवाज के साथ संपन्न हुई थी। पति के अनुसार, पत्नी छोटी-छोटी बातों पर नाराज हो जाती थी। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और पंचनामा कार्रवाई के बाद शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया। फिलहाल मायके पक्ष की ओर से कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है। पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है।

सिर्फ ढाई महीने की शादी… एक कॉल, एक आखिरी गले लगना… और फिर बंद दरवाज़े के पीछे खत्म हो गई एक ज़िंदगी! Read Post »

Chhattisghar

मूंदगांव में सिलेंडर ब्लास्ट के बाद उजड़े परिवार को मिली मदद, उदयाचल परिवार ने बढ़ाया सहयोग

Moondgaon में 30 मार्च को हुए गैस सिलेंडर ब्लास्ट ने एक परिवार की जिंदगी पूरी तरह बदल दी। धमाका इतना जोरदार था कि आग ने पूरे घर को अपनी चपेट में ले लिया और सारा घरेलू सामान जलकर राख हो गया। इस हादसे में परिवार का मुखिया और एक पड़ोसी झुलस गए, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना के बाद पीड़ित परिवार के सामने जीवन-यापन का संकट खड़ा हो गया। ऐसे में Udayachal Parivar ने मानवता का परिचय देते हुए तुरंत मदद पहुंचाई। संस्था के सदस्य 31 मार्च को मौके पर पहुंचे और परिवार को 15 दिनों का राशन, कपड़े, बर्तन, पलंग और अन्य जरूरी सामान उपलब्ध कराया। संस्था ने आश्वासन दिया है कि आगे भी जरूरत पड़ने पर हर संभव सहयोग किया जाएगा। इस सेवा कार्य के दौरान Dr. Pukhraj Bafna, उत्तमचंद जैन, राजेंद्र बाफना, अशोक मोदी, प्रकाश रंगारी, संतोष शुक्ला, गौरव साहू और ग्राम सरपंच भूमिका सिन्हा मौजूद रहे। संस्था के पीआरओ गुरदीप बग्गा ने बताया कि हादसे की जानकारी मिलते ही उदयाचल परिवार सबसे पहले सहायता के लिए पहुंचा और पीड़ितों को तत्काल राहत उपलब्ध कराई।

मूंदगांव में सिलेंडर ब्लास्ट के बाद उजड़े परिवार को मिली मदद, उदयाचल परिवार ने बढ़ाया सहयोग Read Post »

Accident, BASTAR, Chhattisghar, State, Top News

खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स: एथलेटिक्स में ओडिशा का दबदबा, छत्तीसगढ़ पांचवें स्थान पर

जगदलपुर में आयोजित खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स की एथलेटिक्स प्रतियोगिताओं में तीसरे दिन तक ओडिशा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पदक तालिका में शीर्ष स्थान बरकरार रखा है। खिलाड़ियों के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा के चलते मुकाबले बेहद रोमांचक हो गए हैं और हर राज्य के प्रतिभागी अपनी पूरी ताकत झोंकते नजर आ रहे हैं। धरमपुरा क्रीड़ा परिसर में चल रही प्रतियोगिता में ओडिशा ने अब तक 7 स्वर्ण, 6 रजत और 6 कांस्य पदक जीतकर अपनी मजबूत स्थिति बनाई हुई है। इस प्रदर्शन के साथ ओडिशा खिताब का सबसे बड़ा दावेदार बनकर उभरा है। वहीं झारखंड ने भी बेहतरीन खेल दिखाते हुए 5 स्वर्ण पदकों के साथ दूसरा स्थान हासिल किया है। गुजरात 3 स्वर्ण सहित कुल 9 पदकों के साथ तीसरे स्थान पर बना हुआ है। कर्नाटक की टीम भी 3 स्वर्ण पदकों के साथ गुजरात को कड़ी चुनौती दे रही है, जिससे शीर्ष स्थानों की दौड़ और दिलचस्प हो गई है। मेजबान छत्तीसगढ़ के लिए तीसरा दिन मिश्रित परिणाम लेकर आया। घरेलू दर्शकों के उत्साह के बीच टीम ने 1 स्वर्ण और 3 रजत पदक जीते, जिसके चलते वह पांचवें स्थान पर पहुंच गई है। हालांकि, आने वाले मुकाबलों में बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद जताई जा रही है। अन्य राज्यों की बात करें तो महाराष्ट्र ने 1 स्वर्ण सहित कुल 4 पदक अपने नाम किए हैं, जबकि असम ने 1 स्वर्ण और 2 कांस्य पदक जीतकर अपनी मौजूदगी दर्ज कराई है। केरल और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों ने अभी तक स्वर्ण पदक नहीं जीता है, लेकिन उन्होंने रजत और कांस्य पदकों के जरिए अपनी चुनौती बनाए रखी है। तीसरे दिन कुल 24 स्वर्ण, 24 रजत और 24 कांस्य पदकों का वितरण हुआ। प्रतियोगिता अब अपने अंतिम चरण की ओर बढ़ रही है, जहां आने वाले दिनों में मुकाबले और भी ज्यादा रोमांचक होने की संभावना है।

खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स: एथलेटिक्स में ओडिशा का दबदबा, छत्तीसगढ़ पांचवें स्थान पर Read Post »

Chhattisgarh, Chhattisghar, Sports, Top News

कोरबा में मेडिकल स्टोर्स पर सख्त कार्रवाई, 3 के लाइसेंस सस्पेंड

छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में औषधि विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन मेडिकल स्टोर्स के लाइसेंस निलंबित कर दिए हैं। जांच के दौरान इन दुकानों में बिना डॉक्टर की पर्ची के प्रतिबंधित और नशीली दवाइयों की बिक्री समेत कई अनियमितताएं पाई गई थीं। कार्रवाई के तहत हरदी बाजार स्थित अन्नपूर्णा मेडिकल स्टोर्स, पाली के जीके मेडिकल स्टोर्स और सोहागपुर के गर्वित मेडिकल स्टोर्स के लाइसेंस सस्पेंड किए गए हैं। विभाग ने पहले इन दुकानों को कारण बताओ नोटिस जारी किया था, लेकिन उनके जवाब संतोषजनक नहीं पाए गए। इसके बाद यह सख्त कदम उठाया गया। निलंबन अवधि के दौरान ये दुकानें किसी भी प्रकार की दवाइयों का क्रय-विक्रय नहीं कर सकेंगी। इसके अलावा, औषधि विभाग ने हाल ही में जिले के कई अन्य मेडिकल स्टोर्स की भी जांच की थी। इनमें बालको के मिश्रा मेडिकल स्टोर्स, ओम सांई मेडिकल, भैसमा के मेनन मेडिकल, जायसवाल मेडिकल, मोनिशा मेडिकल, प्रिशा मेडिकल (ढेलवाडीह) और छुरी के मारुति मेडिकल स्टोर्स शामिल हैं। इन दुकानों में भी खरीद-बिक्री से जुड़े रिकॉर्ड में गड़बड़ियां मिलने पर नोटिस जारी किए गए हैं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर आगे और कड़ी कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने बताया कि नशीली दवाओं का बिना प्रिस्क्रिप्शन बिक्री करना कानूनन अपराध है। इस तरह की गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए औषधि विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम जिलेभर में अभियान चलाएगी। वहीं, निरीक्षण के दौरान कुछ मेडिकल स्टोर्स से दवाइयों के नमूने भी लिए गए हैं, जिन्हें जांच के लिए रायपुर स्थित राज्य औषधि परीक्षण प्रयोगशाला भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद नियमों के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

कोरबा में मेडिकल स्टोर्स पर सख्त कार्रवाई, 3 के लाइसेंस सस्पेंड Read Post »

Chhattisghar, korba, Top News

बिलासपुर का श्री बजरंग पंचायत मंदिर: जहां आस्था के साथ मिलता था न्याय

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में स्थित श्री बजरंग पंचायत मंदिर केवल धार्मिक आस्था का केंद्र नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय की अनोखी परंपरा का प्रतीक भी रहा है। यहां वर्षों से हनुमानजी को साक्षी मानकर पंचायत लगाई जाती थी, जिसमें हर वर्ग और धर्म के लोग शामिल होकर फैसलों को स्वीकार करते थे। मगरपारा-तालापारा इलाके में स्थित इस मंदिर का इतिहास करीब 100 साल पुराना बताया जाता है। उस दौर में जब अदालतों तक पहुंच आसान नहीं थी, तब लोग अपने विवाद लेकर यहां आते थे और पंचायत द्वारा दिए गए निर्णय को अंतिम मानते थे। स्थानीय लोगों के अनुसार, यह परंपरा अंग्रेजी शासनकाल में शुरू हुई थी। उस समय मंदिर का वर्तमान ढांचा नहीं था, बल्कि खुले स्थान पर ही हनुमानजी की स्थापना थी। वहीं पर समाज के बुजुर्ग और प्रमुख लोग बैठकर पंचायत करते थे और भगवान को साक्षी मानकर निष्पक्ष फैसला सुनाते थे। समय के साथ यह स्थान “बजरंग पंचायत मंदिर” के नाम से प्रसिद्ध हो गया, क्योंकि यहां आस्था के साथ न्याय भी मिलता था। खास बात यह थी कि इस पंचायत में हिंदू, मुस्लिम और ईसाई सभी समुदाय के लोग शामिल होते थे और बिना किसी भेदभाव के निर्णय लिए जाते थे। स्थानीय बुजुर्ग बताते हैं कि उस समय शहर में केवल सिटी कोतवाली थाना ही था, लेकिन लोग पुलिस या अदालत जाने के बजाय इस पंचायत पर अधिक भरोसा करते थे। यहां दिए गए फैसले को सभी समुदायों द्वारा सम्मानपूर्वक स्वीकार किया जाता था। आज भी यह मंदिर आपसी भाईचारे, विश्वास और निष्पक्ष न्याय की उस परंपरा की याद दिलाता है, जिसने समाज को एकजुट रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

बिलासपुर का श्री बजरंग पंचायत मंदिर: जहां आस्था के साथ मिलता था न्याय Read Post »

BALRAMPUR, Chhattisghar

अंबिकापुर के लिए हवाई सेवाओं का विस्तार: कोलकाता और दिल्ली से जुड़ाव

छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर से अब कोलकाता के लिए डायरेक्ट फ्लाइट शुरू हो गई है। एलायंस एयर ने अपने विंटर शेड्यूल के तहत अंबिकापुर-कोलकाता हवाई सेवा को सप्ताह में दो दिन संचालित करने की योजना बनाई है। इसी सप्ताह अंबिकापुर-दिल्ली की फ्लाइट सेवा भी शुरू की गई है। 72 सीटों वाले विमान का संचालन किया जा रहा है। नई उड़ानों का शेड्यूल: अंबिकापुर-दिल्ली सेवा: कोलकाता फ्लाइट का किराया: रायपुर-अंबिकापुर-वाराणसी सेवा की मांग:अंबिकापुर-दिल्ली फ्लाइट के शुभारंभ के बाद मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, सांसद चिंतामणि महाराज और मंत्री राजेश अग्रवाल ने रायपुर से अंबिकापुर होते हुए वाराणसी के लिए हवाई सेवा शुरू करने की मांग रखी। सांसद ने इसके लिए इंडिगो एयरलाइंस से भी बातचीत की है। हालांकि, अभी तक किसी कंपनी ने इस मार्ग के लिए विंटर शेड्यूल में फ्लाइट टाइमिंग तय नहीं की है। इस तरह अंबिकापुर अब देश के दो महानगरों – दिल्ली और कोलकाता – से सीधे जुड़ गया है। आने वाले समय में रायपुर-अंबिकापुर-वाराणसी हवाई सेवा भी शुरू होने की उम्मीद है।

अंबिकापुर के लिए हवाई सेवाओं का विस्तार: कोलकाता और दिल्ली से जुड़ाव Read Post »

Ambikapur, Chhattisghar

छत्तीसगढ़: अवैध संबंध के शक में बुजुर्ग महिला की तलवार से हत्या, परिवार के 7 घायल

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले के रतनपुर थाना क्षेत्र में एक भयावह घटना सामने आई है। अवैध संबंध के शक में हुए झगड़े के दौरान एक बुजुर्ग महिला की तलवार से आंख निकालकर हत्या कर दी गई, जबकि परिवार के सात सदस्य गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। सभी घायलों को सिम्स अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना ग्राम पेंडरवा में हुई। आरोपी सुरेश श्रीवास को शक था कि उसकी पत्नी का शेख सलीम नामक युवक से अफेयर है। बुधवार की शाम सुरेश और उसके दो नाबालिग बेटे शेख सलीम के घर गए, लेकिन वह वहां नहीं था। इसके बाद उन्होंने घर में घुसकर परिवार पर चाकू और तलवार से हमला किया। पीड़ितों ने बताया कि हमला करते समय आरोपी ने जो सामने आया उसे मारा। घायल परिवार के अनुसार, बुजुर्ग महिला मुदाद बेगम (65) का गला काटा गया और उसकी आंखें निकाल दी गईं। अन्य सदस्यों पर भी हमले किए गए। घायल छात्रा ने बताया कि भाई का चेहरा कट गया और चाची भी घायल हुई। पुलिस ने पहले शिकायत नहीं सुनी घटना से पहले शेख सलीम के परिवार ने रतनपुर थाने में शिकायत की थी, लेकिन पुलिस ने उन्हें सुनने से इनकार कर दिया। उनका कहना था कि राज्यपाल का कार्यक्रम है, बाद में शिकायत दर्ज की जाएगी। इसके बाद विवाद बढ़ गया और हिंसा भड़क उठी। आरोपियों ने खुद किया सरेंडर हमले के बाद सुरेश और उसके बेटे खुद पुलिस के पास पहुंचे और सरेंडर कर दिया। घायल परिवार के सदस्य भी अस्पताल इलाज के लिए थाने पहुंचे। एसडीओपी नुपुर उपाध्याय के अनुसार, सुरेश का आरोप था कि उसकी पत्नी ने शेख सलीम के कारण तलाक ले लिया, और इसी रंजिश के चलते हमला किया गया। अस्पताल में भर्ती घायल हमले में घायल सात लोगों में पुरुष और महिलाएं दोनों शामिल हैं। घायलों में रेहाना बेगम, शहनाज बेगम, शेख सुहाना, परी परवीन, अलिशा परवीन, सना परवीन और शेख सब्बीर शामिल हैं। कुछ की हालत गंभीर बनी हुई है। प्रशासन ने बढ़ाया सुरक्षा सतर्कता घटना के बाद एसएसपी रजनेश सिंह और अन्य पुलिस अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे। तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए गांव में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।

छत्तीसगढ़: अवैध संबंध के शक में बुजुर्ग महिला की तलवार से हत्या, परिवार के 7 घायल Read Post »

Bilashpur, Chhattisghar

ईरान तनाव पर पीएम मोदी की आज अहम बैठक, वीडियो कॉन्फ्रेंस से जुड़ेंगे CM विष्णुदेव साय

अंतरराष्ट्रीय हालात को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज (27 मार्च) देश के कई मुख्यमंत्रियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक करेंगे। यह बैठक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से होगी, जिसमें छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय भी वर्चुअली शामिल होंगे। माना जा रहा है कि ईरान से जुड़े हालिया संघर्ष और वैश्विक तनाव के भारत पर पड़ने वाले संभावित प्रभावों पर विस्तार से चर्चा होगी। खासकर पेट्रोल-डीजल की उपलब्धता, बढ़ती महंगाई, सप्लाई चेन और जरूरी सेवाओं को बनाए रखने को लेकर केंद्र और राज्यों के बीच समन्वय पर जोर रहेगा। इस बैठक में केवल गैर-चुनावी राज्यों के मुख्यमंत्री शामिल होंगे। प्रधानमंत्री पहले ही संकेत दे चुके हैं कि यदि पश्चिम एशिया का संकट लंबा चलता है तो इसका असर भारत की अर्थव्यवस्था और आपूर्ति व्यवस्था पर पड़ सकता है। छत्तीसगढ़ के लिए यह बैठक खास मानी जा रही है। राज्य सरकार को ईंधन आपूर्ति, कीमतों और परिवहन व्यवस्था को लेकर सतर्क रहना होगा। मुख्यमंत्री साय बैठक में राज्य की वर्तमान स्थिति और तैयारियों की जानकारी भी साझा कर सकते हैं। बैठक से पहले मुख्यमंत्री ने कहा है कि प्रदेश में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी का पर्याप्त भंडार मौजूद है। उन्होंने जनता से अफवाहों पर ध्यान न देने और अनावश्यक खरीदारी से बचने की अपील की है। साथ ही अधिकारियों को जमाखोरी और कालाबाजारी रोकने के सख्त निर्देश दिए गए हैं। केंद्र सरकार का मानना है कि संभावित संकट से निपटने के लिए केंद्र और राज्यों के बीच बेहतर तालमेल बेहद जरूरी है। इसी उद्देश्य से आज की बैठक को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

ईरान तनाव पर पीएम मोदी की आज अहम बैठक, वीडियो कॉन्फ्रेंस से जुड़ेंगे CM विष्णुदेव साय Read Post »

Chhattisgarh, Chhattisghar, Political, Raipur

बिलासपुर में भू-माफिया का बड़ा फर्जीवाड़ा, 95 साल के मृतक को 46 साल का दिखाकर जमीन हड़पी

बिलासपुर में जमीन हड़पने के लिए हैरान करने वाला फर्जीवाड़ा सामने आया है, जिसमें 95 वर्षीय मृत बुजुर्ग को रिकॉर्ड में 46 वर्षीय जीवित व्यक्ति बना दिया गया और उसकी जाति भी बदल दी गई। इस जालसाजी के जरिए शहर की एक कीमती खाली जमीन की रजिस्ट्री करा ली गई। मामले का खुलासा तब हुआ जब जमीन से जुड़े लोगों ने राजस्व विभाग से जानकारी ली। रिकॉर्ड में जमीन कौशल प्रसाद सूर्यवंशी नाम के व्यक्ति के नाम दर्ज मिली, जिसने पावर ऑफ अटॉर्नी के जरिए रमेश पांडेय को जमीन बेच दी थी। दस्तावेजों की जांच में सामने आया कि संबंधित व्यक्ति को फर्जी तरीके से 46 वर्ष का दर्शाकर नए दस्तावेज तैयार किए गए और जमीन अपने नाम कर ली गई। शिकायत मिलने पर एसडीएम मनीष साहू ने मामले की जांच शुरू कराई। प्रारंभिक जांच में दस्तावेजों में कूटरचना और फर्जी रिकॉर्ड तैयार करने की पुष्टि हुई है। मामले को पुनरीक्षण में लेकर तहसीलदार को विस्तृत जांच के निर्देश दिए गए हैं। जांच पूरी होने के बाद एफआईआर दर्ज करने की भी बात कही गई है। अधिकारियों के अनुसार, इस तरह की एक-दो नहीं बल्कि दर्जन भर शिकायतें सामने आई हैं, जिनमें मृत व्यक्तियों को जीवित दिखाकर या जीवित लोगों को मृत घोषित कर उनकी जमीन हड़पने की कोशिश की गई है। एक अन्य मामले में शांति नगर के निवासी अनिल तिवारी की जमीन फर्जी दस्तावेजों के जरिए दूसरे के नाम कर दी गई और बाद में उसे तीसरे व्यक्ति को बेच दिया गया। इसी तरह तोरवा क्षेत्र में एक दंपति को मृत दिखाकर उनकी जमीन का नामांतरण कराया गया और फिर उसे दूसरे व्यक्ति को बेच दिया गया। बाद में मामला सामने आने पर इस संबंध में थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई। प्रशासन को आशंका है कि ऐसे मामलों में राजस्व विभाग के कुछ कर्मचारियों की मिलीभगत भी हो सकती है। भू-माफिया गिरोह पहले ऐसी जमीनों की पहचान करते हैं, जिन पर लंबे समय से कोई लेनदेन नहीं हुआ हो या जिनका कोई स्पष्ट वारिस न हो। इसके बाद फर्जी दस्तावेज बनाकर जमीन अपने कब्जे में ले लेते हैं। सरकंडा, तोरवा, सकरी और सिरगिट्टी जैसे इलाकों में इस तरह के गिरोह सक्रिय बताए जा रहे हैं। एसडीएम ने स्पष्ट किया है कि जांच में यदि किसी अधिकारी या कर्मचारी की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।

बिलासपुर में भू-माफिया का बड़ा फर्जीवाड़ा, 95 साल के मृतक को 46 साल का दिखाकर जमीन हड़पी Read Post »

Bilaspur, Chhattisghar, Top News
Scroll to Top