रायपुर में फर्जी नौकरी के नाम पर 1.5 करोड़ की ठगी, सरकारी शिक्षक समेत दो आरोपी गिरफ्तार

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में फर्जी सरकारी नौकरी का लालच देकर बड़ी ठगी का मामला सामने आया है। रायपुर ग्रामीण पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिन्होंने नकली नियुक्ति आदेश के जरिए 34 बेरोजगार युवाओं से करीब 1.5 करोड़ रुपये की ठगी की।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान डोंगरगढ़ निवासी राजेश शर्मा और मनोज कुमार श्रीवास्तव के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने सामान्य प्रशासन विभाग के नाम से फर्जी नियुक्ति आदेश तैयार किया था। इसमें परिवहन, राजस्व, वन, पंचायत और स्कूल शिक्षा विभाग में भर्ती का उल्लेख किया गया था। आदेश को असली दिखाने के लिए सचिव और उप-सचिव के डिजिटल हस्ताक्षरों का भी दुरुपयोग किया गया।

आरोपियों ने इस फर्जी आदेश को सोशल मीडिया, विशेष रूप से व्हाट्सऐप के माध्यम से वायरल किया और बेरोजगार युवाओं को सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा देकर उनसे मोटी रकम वसूली। शिकायत मिलने के बाद राखी थाना में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।

जांच के दौरान तकनीकी साक्ष्यों और मोबाइल डेटा के आधार पर पुलिस ने आरोपियों की पहचान की। दोनों आरोपी डोंगरगढ़ के रहने वाले हैं। इनमें से राजेश शर्मा एक शासकीय शिक्षक है, जबकि मनोज कुमार श्रीवास्तव निजी स्कूल में क्लर्क के पद पर कार्यरत है।

पुलिस टीम ने राजनांदगांव जिले में छापेमारी कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि आर्थिक तंगी और कर्ज के चलते उन्होंने इस ठगी की योजना बनाई थी। वे कंप्यूटर के जरिए फर्जी नियुक्ति आदेश तैयार कर मोबाइल के माध्यम से लोगों तक पहुंचाते थे।

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से कंप्यूटर सेट, प्रिंटर और अन्य डिजिटल उपकरण जब्त किए हैं। इस मामले में भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं और आईटी एक्ट के तहत अपराध दर्ज किया गया है।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मामले की जांच जारी है और यह पता लगाया जा रहा है कि आरोपियों ने और कितने लोगों को अपना शिकार बनाया है। साथ ही आम लोगों से अपील की गई है कि सरकारी नौकरी से संबंधित किसी भी सूचना के लिए केवल आधिकारिक स्रोतों पर ही भरोसा करें और सोशल मीडिया पर वायरल संदेशों से सावधान रहें।

सीएसपी नया रायपुर तुलसीराम लेकाम ने बताया कि शिकायत मिलने के बाद केस दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। जांच के आधार पर राजनांदगांव में दबिश देकर आरोपियों को पकड़ा गया। अब यह पता लगाया जा रहा है कि इस गिरोह ने कुल कितने लोगों से ठगी की है।

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