छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर स्थित डॉ. भीमराव अंबेडकर मेमोरियल (मेकाहारा) अस्पताल में लापरवाही और संसाधनों की भारी कमी एक बार फिर सामने आई है। यहां एक ही बेड पर दो प्रसूताओं को भर्ती करने का मामला सामने आया है।
29 अक्टूबर को अस्पताल के गायनी वार्ड में सभी 150 बेड भरे हुए थे। ऐसे में मजबूर होकर वार्ड नंबर 5 और 6 में दो-दो महिलाओं को एक ही बेड पर रखा गया। दोनों प्रसूताएं अपने नवजात शिशुओं के साथ बमुश्किल बेड का आधा हिस्सा साझा कर रहीं थीं।

🔹 हाईकोर्ट ने जताई गहरी चिंता
मेकाहारा की इस अव्यवस्था को लेकर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने स्वतः संज्ञान लेते हुए सख्त टिप्पणी की है। कोर्ट ने कहा —
“एक ही बेड पर दो प्रसूताओं को रखना बेहद चिंताजनक और अमानवीय स्थिति है। प्रसूताओं की गोपनीयता, स्वच्छता और गरिमा की रक्षा आवश्यक है।”
मुख्य न्यायाधीश रमेश कुमार सिन्हा और जस्टिस बीडी गुरु की डिवीजन बेंच ने स्वास्थ्य विभाग के एडिशनल चीफ सेक्रेटरी (ACS) से शपथपत्र के साथ रिपोर्ट तलब की है। साथ ही अस्पतालों में किट और रीजेंट की कमी पर CG-MSC के प्रबंध निदेशक से जवाब मांगा गया है।
🔹 हर घंटे एक डिलीवरी, बेड फुल
अस्पताल प्रशासन के अनुसार, गायनी वार्ड में हर घंटे लगभग एक डिलीवरी होती है, यानी दिनभर में करीब 24 प्रसव किए जाते हैं। मरीजों की संख्या बढ़ने के कारण कई बार बेड की भारी कमी हो जाती है।
🔹 मातृ-शिशु अस्पताल बनाने की तैयारी
अस्पताल के अधीक्षक डॉ. संतोष सोनकर ने कहा कि मेकाहारा में पूरे प्रदेश से मरीज रेफर होकर आते हैं। किसी भी प्रसूता को वापस नहीं किया जा सकता। उन्होंने बताया कि जल्द ही अलग से मातृ-शिशु अस्पताल का निर्माण किया जा रहा है, ताकि बेड की कमी दूर की जा सके।
🔹 हाईकोर्ट ने खबर को माना जनहित याचिका
30 अक्टूबर को एक प्रमुख समाचार पत्र में प्रकाशित रिपोर्ट को देखते हुए हाईकोर्ट ने इसे जनहित याचिका के रूप में स्वीकार किया। अदालत ने कहा कि अस्पताल में फैली अव्यवस्था महिलाओं और नवजातों के जीवन के लिए खतरा बन सकती है।
मामले की अगली सुनवाई 6 नवंबर को होगी।
🔹 परिजनों का गुस्सा, अस्पताल में हंगामा
एक ही बेड पर दो-दो महिलाओं को भर्ती किए जाने पर मरीजों के परिजनों ने विरोध जताया। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ नाराजगी जाहिर करते हुए हंगामा भी किया। बाद में स्थिति को नियंत्रित कर लिया गया।
अस्पताल में पहले भी सर्जरी में देरी, अव्यवस्था और भीड़भाड़ जैसी शिकायतें सामने आती रही हैं।

