बिलासपुर में कांग्रेस नेता नीतेश सिंह पर फायरिंग मामले में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। पुलिस ने बताया है कि इस हमले के पीछे स्थानीय रसूखदारों की भूमिका भी हो सकती है। गिरफ्तार आरोपियों ने पूछताछ के दौरान कुछ प्रभावशाली व्यक्तियों के नाम बताए हैं, जिनकी जांच की जा रही है।

🔹 चुनावी रंजिश और जमीन विवाद से जुड़ा मामला
यह घटना सरकंडा थाना क्षेत्र की है। 28 अक्टूबर की शाम कांग्रेस के पूर्व उपाध्यक्ष विश्वजीत अनंत और उसके साथियों ने जनपद उपाध्यक्ष नीतेश सिंह पर हमला किया था। हमलावरों ने करीब 14 राउंड फायरिंग की, जिसमें नीतेश समेत दो अन्य लोग घायल हुए।
जांच में सामने आया है कि वारदात के पीछे जनपद उपाध्यक्ष पद के चुनाव में हार और जमीन विवाद प्रमुख कारण थे। नीतेश की जीत से नाराज गुट ने यह हमला योजना बनाकर कराया था।
🔹 मास्टरमाइंड समेत 7 आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने तेजी दिखाते हुए 24 घंटे के भीतर ही मुख्य आरोपी विश्वजीत अनंत सहित सात लोगों को गिरफ्तार कर लिया। इनमें नाबालिगों को बाल सुधार गृह भेज दिया गया है, जबकि चार आरोपियों को दो नवंबर तक रिमांड पर लिया गया है।
पुलिस उनसे यह जानकारी जुटा रही है कि पिस्टल, कट्टा और कारतूस कहां से और किसके जरिए मिले।
🔹 रसूखदारों और हथियार सप्लायर गैंग की तलाश
पूछताछ में पुलिस के हाथ कई महत्वपूर्ण सुराग लगे हैं। आरोपियों ने बताया है कि शहर में कुछ प्रभावशाली लोग हथियारों की सप्लाई और आपराधिक गिरोहों से जुड़े हैं। फिलहाल पुलिस ने इनके नाम सार्वजनिक नहीं किए हैं, लेकिन दावा है कि जल्द बड़ा खुलासा किया जाएगा।
इस बीच, पुलिस अवैध हथियार सप्लाई करने वाले गिरोह की भी तलाश में जुटी है। सूत्रों के अनुसार, जांच में ऐसे कई नाम सामने आए हैं जो लंबे समय से इस कारोबार से जुड़े हैं।
🔹 बाइक बरामद, साक्ष्य जुटा रही पुलिस
एडिशनल एसपी ग्रामीण अर्चना झा ने बताया कि सभी आरोपियों के मेमोरेंडम बयान दर्ज किए जा चुके हैं। उनकी निशानदेही पर वारदात में इस्तेमाल दो मोटरसाइकिलें बरामद की गई हैं, जिन्हें घटना के बाद अलग-अलग जगहों पर छिपाया गया था।
ACCU की टीम अब इस केस में तकनीकी और भौतिक साक्ष्य इकट्ठा कर रही है।
🔹 पुलिस की तैयारी — एंड टू एंड एक्शन
बिलासपुर पुलिस का कहना है कि इस फायरिंग केस में एंड टू एंड कार्रवाई की जाएगी। यानी केवल शूटर ही नहीं, बल्कि साजिश रचने वालों और हथियार सप्लाई करने वालों को भी गिरफ्तार किया जाएगा।
पुलिस का दावा है कि आने वाले दिनों में इस मामले से जुड़ा हथियार सप्लायर नेटवर्क उजागर किया जाएगा और अवैध हथियारों की बरामदगी भी संभव है।

