आरोपियों पर आरोप है कि उन्होंने भुईया सॉफ्टवेयर में अवैध रूप से छेड़छाड़ कर भूमि का रकबा बढ़ाया और इसी फर्जीवाड़े के जरिए 36 लाख रुपए का बैंक लोन हड़प लिया। इसके लिए उन्होंने मुरमुंदा ग्राम के पटवारी की यूजर आईडी, पासवर्ड और ओटीपी का गलत इस्तेमाल किया।
फर्जी रकबा बढ़ाकर लिया लोन
जांच में सामने आया कि आरोपियों ने खसरा नंबर 1538/11 और 187/04 के रिकॉर्ड में ऑनलाइन हेरफेर की। इससे जमीन का मूल्य कृत्रिम रूप से बढ़ा और उसके आधार पर बैंक से लोन स्वीकृत हो गया।
पैसों के लालच में किया खेल
मुख्य आरोपियों की पहचान गणेश प्रसाद तम्बोली (51) और अमित कुमार मौर्य (37) के रूप में हुई है। दोनों ने अपने परिचित अशोक उरांव के कहने पर यह काम किया, जिसने उन्हें भूमि डेटा में हेरफेर करने के बदले राशि देने का ऑफर किया था।
दोनों ने पटवारी का लॉगिन डिटेल्स हासिल कर भुईया पोर्टल में डेटा में बदलाव किया। इस फर्जी रकबे के आधार पर दीनू राम यादव और एस.राम बंजारे समेत कई लोगों ने भारतीय स्टेट बैंक, अहिवारा शाखा से लगभग 36 लाख रुपए का लोन ले लिया।
पहले भी एक गिरफ्तारी
इससे पहले पुलिस आरोपी नंदकिशोर साहू को गिरफ्तार कर चुकी थी। अब नए गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है, जिससे और लोगों की संलिप्तता सामने आ सकती है।
यह कार्रवाई अपराध क्रमांक 201/2025 के तहत धारा 318(4), 338, 336(3), 340(2), 3(5) बीएनएस और आईटी एक्ट की धारा 66(सी) के प्रावधानों में की गई है।

