बिलासपुर जोन यानी दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (SECR) के कई स्टेशनों पर यात्रियों को मिलने वाले पेयजल की गुणवत्ता को लेकर CAG की रिपोर्ट में गंभीर कमियां सामने आई हैं। नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक ने देश के 16 रेलवे जोन के 512 चयनित स्टेशनों पर पेयजल और न्यूनतम यात्री सुविधाओं का आकलन किया।

रिपोर्ट के मुताबिक, कई स्टेशनों के पानी के नमूनों में E. coli और Total Coliform बैक्टीरिया पाए गए। E. coli की मौजूदगी पानी के मल या सीवेज से दूषित होने का संकेत मानी जाती है। कुछ स्थानों पर पानी में क्लोरीन का स्तर भी निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं मिला।
CAG ने पेयजल व्यवस्था में सामने आई कमियों के आधार पर रेलवे जोन का Deficiency Score तैयार किया। इस स्कोर में संख्या जितनी कम होती है, व्यवस्था उतनी बेहतर मानी जाती है। पेयजल से जुड़े मानकों में SECR का कमी स्कोर 93.35 रहा, जो 16 रेलवे जोन में सबसे ज्यादा है।
इसके मुकाबले दक्षिण मध्य रेलवे का कमी स्कोर 17.53 रहा, जो सबसे कम था। इस आधार पर पेयजल व्यवस्था के मामले में दक्षिण मध्य रेलवे का प्रदर्शन बेहतर पाया गया।
न्यूनतम यात्री सुविधाओं में भी SECR की स्थिति कमजोर
CAG की जांच में पेयजल के अलावा यात्रियों के लिए उपलब्ध अन्य जरूरी सुविधाओं का भी आकलन किया गया। इनमें टॉयलेट, बैठने की व्यवस्था, प्लेटफॉर्म पर शेड और अन्य बुनियादी सुविधाएं शामिल थीं।

रिपोर्ट के मुताबिक, SECR की सामान्य यात्री सुविधाओं में भी कई कमियां सामने आईं। हालांकि, दिव्यांग यात्रियों के लिए उपलब्ध सुविधाओं के मामले में SECR का प्रदर्शन बेहतर रहा। इस श्रेणी में जोन ने देश में दूसरा स्थान हासिल किया और इसका Deficiency Score 20.97 रहा।
512 स्टेशनों पर हुआ आकलन
CAG ने देश के 16 रेलवे जोन के 512 चयनित स्टेशनों पर यात्रियों को मिलने वाली पेयजल और न्यूनतम यात्री सुविधाओं की स्थिति की जांच की। तय मानकों और वास्तविक स्थिति के बीच अंतर के आधार पर अलग-अलग जोन का कमी स्कोर तैयार किया गया।

रेलवे ने सुधार की योजना बताई
CAG की रिपोर्ट सामने आने के बाद रेलवे की ओर से पेयजल व्यवस्था में सुधार की बात कही गई है। बिलासपुर जोन के स्टेशनों पर बेहतर पानी उपलब्ध कराने के लिए वाटर कूलर और Tank-to-Tap Water Filtration System लगाने की योजना पर काम किया जा रहा है।
इसके साथ ही पानी की टंकियों की नियमित सफाई, रखरखाव और पानी की गुणवत्ता की समय-समय पर जांच करने की व्यवस्था मजबूत करने की बात कही गई है। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, यात्रियों को बेहतर और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक सुधार किए जाएंगे।

