घटनास्थल के फिंगरप्रिंट से अपराधियों तक पहुंचेगी पुलिस, रायपुर कमिश्नरेट में NAFIS ट्रेनिंग

रायपुर, 22 अगस्त 2026। अपराध की जांच को ज्यादा वैज्ञानिक और तकनीकी बनाने के लिए रायपुर कमिश्नरेट पुलिस ने फिंगरप्रिंट और राष्ट्रीय स्वचालित फिंगरप्रिंट पहचान प्रणाली (NAFIS) को लेकर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया। इसमें रायपुर कमिश्नरेट और रायपुर ग्रामीण पुलिस के अधिकारी-कर्मचारियों ने हिस्सा लिया।

प्रशिक्षण कार्यक्रम यातायात मुख्यालय, कालीबाड़ी रायपुर के प्रथम तल पर आयोजित किया गया। फिंगरप्रिंट विशेषज्ञ अजय कुमार साहू ने नोडल अधिकारी एवं अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त पीताम्बर पटेल के मार्गदर्शन में पुलिसकर्मियों को प्रशिक्षण दिया।

घटनास्थल पर फिंगरप्रिंट की भूमिका

प्रशिक्षण में बताया गया कि अपराधी घटनास्थल पर कई बार ऐसी निशानियां छोड़ जाता है, जो उसकी पहचान तक पहुंचने में अहम साबित हो सकती हैं। दरवाजे, खिड़की, कांच, वाहन, अलमारी और अन्य सतहों से मिले फिंगरप्रिंट को महत्वपूर्ण साक्ष्य के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है।

पुलिसकर्मियों को चांस प्रिंट यानी अदृश्य, अधूरे या अस्पष्ट फिंगरप्रिंट को खोजने, विकसित करने, वैज्ञानिक तरीके से सुरक्षित करने और जांच के लिए भेजने की तकनीक समझाई गई।

फिंगरप्रिंट किट के इस्तेमाल की जानकारी

प्रशिक्षण के दौरान थानों में उपलब्ध फिंगरप्रिंट किट का सही तरीके से उपयोग करने की प्रक्रिया भी बताई गई। साथ ही घटनास्थल को सुरक्षित रखने, फिंगरप्रिंट को विकसित करने, उसे उठाने और सुरक्षित पैकिंग करने के व्यावहारिक तरीके सिखाए गए।

NAFIS से डिजिटल मिलान

राष्ट्रीय स्वचालित फिंगरप्रिंट पहचान प्रणाली यानी NAFIS के जरिए घटनास्थल से मिले फिंगरप्रिंट का उपलब्ध डिजिटल रिकॉर्ड से मिलान किया जा सकता है। इससे संदिग्ध की पहचान करने और उसके पुराने आपराधिक रिकॉर्ड से जुड़ी जानकारी हासिल करने में पुलिस को मदद मिल सकती है। खासतौर पर दूसरे राज्यों से जुड़े अपराधियों की पहचान में यह तकनीक उपयोगी साबित हो सकती है।

प्रशिक्षण में फिंगरप्रिंट के साथ-साथ DNA, CCTV और डिजिटल साक्ष्यों जैसी आधुनिक फॉरेंसिक तकनीकों के बेहतर इस्तेमाल पर भी जोर दिया गया।

पुलिस के मुताबिक, इस प्रशिक्षण का उद्देश्य अपराध की विवेचना को ज्यादा वैज्ञानिक और सटीक बनाना है, ताकि घटनास्थल से मिले तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर अपराधियों की पहचान और गिरफ्तारी की प्रक्रिया को तेज किया जा सके।

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