रायपुर के फाफाडीह स्थित वॉलफोर्ट ओजोन से संचालित भारत ग्रुप पर अगरबत्ती निर्माण मशीन बेचने के नाम पर लोगों से धोखाधड़ी करने के आरोप लगे हैं। छत्तीसगढ़ के कई जिलों से पहुंचे लोगों ने कंपनी पर रोजगार और बायबैक गारंटी का झांसा देकर लाखों रुपये लेने का आरोप लगाया है। मामले की शिकायत जनदर्शन और रायपुर पुलिस कमिश्नरेट में भी की गई है, हालांकि अब तक एफआईआर दर्ज नहीं हुई है।
इन आरोपों के बीच कंपनी ने अपना पक्ष रखते हुए सभी दावों को खारिज किया है। कंपनी का कहना है कि करीब 200 लोगों ने उनकी मशीन खरीदी है, लेकिन केवल 22 ग्राहकों ने ही शिकायत दर्ज कराई है। कंपनी के अनुसार मशीन पूरी तरह सही तरीके से काम कर रही है और भुगतान अनुबंध में तय नियमों के अनुसार ही किया जा रहा है।
भनपुरी स्थित कंपनी के गोदाम में कर्मचारियों ने बताया कि यहां अगरबत्तियों की पैकेजिंग और परिवहन का काम होता है, जबकि उत्पादन अलग-अलग जिलों में मशीन खरीदने वाले लोग करते हैं। गोदाम में बड़ी मात्रा में तैयार अगरबत्तियां भी मौजूद थीं। वहां काम कर रही महिलाओं ने मजदूरी या कार्य व्यवस्था को लेकर किसी तरह की शिकायत नहीं बताई।
कंपनी की सर्विस मैनेजर निकिता शाह ने कहा कि यदि कंपनी धोखाधड़ी कर रही होती तो कार्यालय और गोदाम बंद कर दिए जाते, जबकि कंपनी अब भी पहले की तरह संचालन कर रही है और ग्राहक लगातार माल जमा कर भुगतान भी ले रहे हैं।
भुगतान में देरी के आरोप पर कंपनी का कहना है कि कई बार ग्राहक अच्छी गुणवत्ता वाली अगरबत्तियों के साथ खराब माल भी मिला देते हैं। ऐसे में गुणवत्ता जांच के बाद केवल सही उत्पाद का भुगतान किया जाता है। यह पूरी प्रक्रिया अनुबंध में पहले से स्पष्ट रूप से लिखी गई है।
मशीन खराब होने की शिकायतों पर कंपनी ने कहा कि मशीन की गुणवत्ता में कोई कमी नहीं है। कंपनी के अनुसार यदि मशीन को नियमित और सही तरीके से चलाया जाए तो वह बेहतर प्रदर्शन करती है, लेकिन कई लोग इसे अनियमित रूप से उपयोग करते हैं, जिससे तकनीकी समस्याएं आ सकती हैं।
हर दिन 2 हजार रुपये कमाई के दावे पर कंपनी ने स्पष्ट किया कि यह आय पूरी तरह उत्पादन पर निर्भर है। यदि कोई व्यक्ति प्रतिदिन लगभग आठ घंटे मशीन चलाकर निर्धारित गुणवत्ता का उत्पादन करता है तो इतनी कमाई संभव है।
तकनीशियन समय पर नहीं भेजने के आरोप पर कंपनी ने कहा कि उसके पास छह तकनीकी कर्मचारी हैं, जो अलग-अलग जिलों में मशीनों की सर्विस करते हैं। किसी स्थान पर काम पूरा होने के बाद ही वे दूसरे स्थान पर पहुंच पाते हैं, इसलिए शिकायतों के समाधान में एक-दो दिन का समय लग सकता है।
फिलहाल पीड़ितों ने प्रशासन और पुलिस से मामले की निष्पक्ष जांच तथा कार्रवाई की मांग की है। दूसरी ओर कंपनी का कहना है कि वह सभी अनुबंधित शर्तों का पालन कर रही है और उस पर लगाए गए आरोप तथ्यहीन हैं।