BSP कर्मचारियों और ठेका श्रमिकों ने किया प्रदर्शन, 39 महीने के एरियर्स समेत कई मांगें उठाईं

भिलाई। भिलाई इस्पात संयंत्र (BSP) के नियमित कर्मचारियों और ठेका श्रमिकों ने गुरुवार सुबह अपनी लंबित मांगों को लेकर सेल-बीएसपी प्रबंधन के खिलाफ प्रदर्शन किया। सेक्टर-1 स्थित मुर्गा चौक पर सुबह 7:45 से 8:45 बजे तक स्टील एम्प्लाइज यूनियन-इंटक और स्टील ठेका श्रमिक यूनियन-इंटक के नेतृत्व में कर्मचारियों और श्रमिकों ने नारेबाजी की।

प्रदर्शन समाप्त होने के बाद यूनियन प्रतिनिधियों ने सेल अध्यक्ष डॉ. अशोक कुमार पंडा के नाम संबोधित मांग पत्र बीएसपी के आईआर विभाग को सौंपा। इस दौरान कर्मचारियों के लंबित एरियर्स, वेज रिवीजन, इंसेंटिव, आवास सुविधा और ठेका श्रमिकों के वेतन सहित कई मुद्दे उठाए गए।

39 महीने के एरियर्स का भुगतान करने की मांग

स्टील ठेका श्रमिक यूनियन के अध्यक्ष एवं स्टील एम्प्लाइज यूनियन-इंटक भिलाई के महासचिव संजय कुमार साहू ने कहा कि कर्मचारियों का 39 महीने का एरियर्स अब भी लंबित है। यूनियन ने प्रबंधन से इस मामले में जल्द निर्णय लेकर कर्मचारियों को उनका बकाया भुगतान करने की मांग की।

इसके साथ ही 1 जनवरी 2027 से नए वेज रिवीजन को लागू करने की दिशा में प्रक्रिया शुरू करने की मांग भी रखी गई।

हर महीने 10 हजार रुपए इंसेंटिव की मांग

यूनियन ने मंथली इंसेंटिव स्कीम में संशोधन कर कर्मचारियों को हर माह 10 हजार रुपए इंसेंटिव देने की मांग की है। इसके अलावा 650 वर्गफीट के आवासों को लाइसेंस पर देने और ‘सब्जेक्ट टू वेकेशन’ व्यवस्था लागू करने की मांग भी उठाई गई।

ठेका श्रमिकों के लिए 26 हजार रुपए न्यूनतम वेतन

प्रदर्शन में ठेका श्रमिकों की वेतन संबंधी समस्याओं को भी प्रमुखता से उठाया गया। यूनियन का आरोप है कि नवंबर 2025 से लागू केंद्रीय न्यूनतम वेतन का लाभ बीएसपी में काम करने वाले ठेका श्रमिकों को अब तक नहीं मिल रहा है।

यूनियन ने ठेका श्रमिकों के लिए कम से कम 26 हजार रुपए मासिक न्यूनतम वेतन निर्धारित करने की मांग की है।

मेडिकल और छंटनी के नाम पर कार्रवाई का विरोध

यूनियन ने मेडिकल जांच और छंटनी के नाम पर ठेका श्रमिकों को काम से हटाए जाने का भी विरोध किया। संगठन का कहना है कि लंबे समय से संयंत्र में सेवाएं दे रहे श्रमिकों की छंटनी पर रोक लगनी चाहिए।

संजय साहू के अनुसार, श्रमिकों की समस्याओं का समाधान होने से उनका मनोबल बेहतर होगा और इसका सकारात्मक असर संयंत्र के उत्पादन, उत्पादकता और लाभ पर भी पड़ सकता है।

मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन तेज करने की चेतावनी

यूनियन नेताओं ने कहा कि मौजूदा प्रदर्शन के जरिए प्रबंधन तक कर्मचारियों और श्रमिकों की समस्याएं पहुंचाई गई हैं। यदि मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।

यूनियन ने स्पष्ट किया कि जरूरत पड़ने पर कर्मचारियों और ठेका श्रमिकों को साथ लेकर बड़े स्तर पर आंदोलन किया जा सकता है।

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