दुर्ग में 16 बच्चों का रेस्क्यू, बाल श्रम की आशंका; कवर्धा से लाए गए 7 नाबालिग, बच्चों को लेने पहुंचा व्यक्ति हिरासत में

छत्तीसगढ़ के दुर्ग में बाल श्रम और बच्चों को बाहर ले जाने की आशंका के बीच बड़ी कार्रवाई की गई है। राज्य बाल आयोग से मिली सूचना के बाद चाइल्ड हेल्पलाइन, स्पेशल जुवेनाइल पुलिस यूनिट (SJPU) और पुलिस की संयुक्त टीम ने दुर्ग बस स्टैंड से 16 बच्चों को सुरक्षित रेस्क्यू किया है।

शुरुआती जांच में इन बच्चों में 7 नाबालिग और 9 बालिग पाए गए हैं। सभी बच्चे कबीरधाम (कवर्धा) जिले के अलग-अलग गांवों के रहने वाले हैं। बताया जा रहा है कि बच्चों को काम दिलाने के नाम पर लाया गया था। रेस्क्यू के समय कई बच्चे भूखे-प्यासे थे।

जानकारी के मुताबिक, चाइल्ड हेल्पलाइन को सूचना मिली थी कि रायपुर से आने वाली एक बस में बड़ी संख्या में बच्चों को काम के लिए ले जाया जा रहा है। सूचना मिलने के बाद पद्मनाभपुर थाना पुलिस और संयुक्त टीम दुर्ग बस स्टैंड पहुंची और बस का इंतजार करने लगी।

बस पहुंचते ही टीम ने शुरू की जांच

रात करीब साढ़े 8 बजे बस दुर्ग बस स्टैंड पहुंची। टीम ने बस की जांच की तो उसमें 16 बच्चे मिले। सभी बच्चों को सुरक्षित उतारकर चाइल्ड हेल्पलाइन कार्यालय ले जाया गया, जहां उनकी पहचान, दस्तावेजों की जांच और पूछताछ की गई।

पूछताछ में बच्चों ने बताया कि उन्हें पहले रायपुर में काम दिलाने की बात कहकर बुलाया गया था, लेकिन बाद में उन्हें दुर्ग भेज दिया गया। कई बच्चों को यह जानकारी भी नहीं थी कि उन्हें कहां ले जाया जा रहा है।

कुछ बच्चों ने बताया कि उन्हें उत्तर प्रदेश ले जाकर करीब 15 हजार रुपये महीने की नौकरी दिलाने का झांसा दिया गया था। वहीं कुछ बच्चों ने मशरूम फैक्ट्री में काम कराने की बात कही है।

नाबालिग बच्चों को आश्रय गृह भेजा गया

चाइल्ड हेल्पलाइन अधिकारियों के अनुसार, जांच में 7 बच्चों की उम्र नाबालिग पाई गई है। कुछ बच्चों के पास आधार कार्ड मिले, जबकि कुछ ने अपनी उम्र मौखिक रूप से बताई। सभी नाबालिग बच्चों को सुरक्षित आश्रय गृह में रखा गया है।

रेस्क्यू के बाद बच्चों को सबसे पहले भोजन कराया गया। अधिकारियों ने बताया कि सभी बच्चों की अलग-अलग काउंसलिंग की जाएगी, जिससे पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सके।

बच्चों को लेने पहुंचा व्यक्ति हिरासत में

बस स्टैंड पर बच्चों को लेने पहुंचे एक व्यक्ति को पुलिस ने हिरासत में लिया है। आशंका जताई जा रही है कि उसकी भूमिका ठेकेदार या बच्चों को काम पर भेजने वाले व्यक्ति के रूप में हो सकती है। पुलिस उससे पूछताछ कर पूरे नेटवर्क की जानकारी जुटा रही है।

CWC के सामने पेश होंगे नाबालिग बच्चे

अधिकारियों के मुताबिक नाबालिग बच्चों को बाल कल्याण समिति (CWC) के सामने पेश किया जाएगा। समिति के निर्देश के अनुसार आगे की कार्रवाई होगी।

फिलहाल पुलिस और संबंधित विभाग यह पता लगाने में जुटे हैं कि बच्चों को किसने भेजा, उन्हें कहां ले जाने की योजना थी और इस पूरे मामले में कितने लोग शामिल हैं। जांच में यदि बाल श्रम या मानव तस्करी से जुड़े तथ्य सामने आते हैं तो आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

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