एक्सप्रेस-वे हादसे की जांच में बड़ा खुलासा: बिना सरिया डाला स्लैब, भारी कंक्रीट से ढहा हिस्सा

Raipur के तेलीबांधा एक्सप्रेस-वे हादसे की जांच में निर्माण एजेंसी की गंभीर लापरवाही सामने आई है। रिपोर्ट के अनुसार जिस हिस्से का स्लैब गिरा, वहां लोहे की सरिया (री-इन्फोर्समेंट) पर्याप्त नहीं थी, इसके बावजूद उस भाग को आगे बढ़ाकर केवल कंक्रीट डाल दिया गया। बिना मजबूत सपोर्ट के भारी कंक्रीट का भार सहन न कर पाने से स्लैब अचानक ढह गया।

जांच में यह भी सामने आया कि निर्धारित 75 मिमी की जगह लगभग 150 मिमी मोटी कंक्रीट डाली गई, जिससे संरचना पर अतिरिक्त दबाव पड़ा। तकनीकी मानकों की अनदेखी ही हादसे की मुख्य वजह बताई गई है।

यह वही फ्लाईओवर है जिसका एक हिस्सा 2019 में भी धंस गया था और बाद में इसे तोड़कर 2022 में दोबारा बनाया गया था। कुछ ही वर्षों में फिर से खराबी सामने आने से निर्माण गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं।

पुल के नीचे स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत लगाई गई फॉल्स सीलिंग भी जर्जर हालत में है और कई जगह से टूटकर लटक रही है, जो नीचे से गुजरने वालों के लिए खतरा बन सकती है।

जांच टीम ने क्षतिग्रस्त हिस्से को दोबारा मानकों के अनुसार बनाने, दरारों की मरम्मत करने और खराब फॉल्स सीलिंग को हटाने या सुधारने की सिफारिश की है। रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेज दी गई है और आगे कार्रवाई की प्रतीक्षा है।

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