विदेश से ऑनलाइन MBBS करने वालों पर सख्ती: ऑफलाइन पढ़ाई पूरी किए बिना नहीं मिलेगा रजिस्ट्रेशन

Chhattisgarh के उन मेडिकल छात्रों के लिए बड़ी परेशानी की खबर है, जिन्होंने कोरोना काल में विदेशों से ऑनलाइन माध्यम से एमबीबीएस की पढ़ाई की थी। National Medical Commission (NMC) के नए निर्देश के अनुसार केवल ऑनलाइन पढ़ाई को मान्य नहीं माना जाएगा।

अब ऐसे छात्रों को उसी देश में वापस जाकर ऑफलाइन कक्षाएं, क्लीनिकल ट्रेनिंग और प्रैक्टिकल पूरा करना अनिवार्य होगा, जहां से उन्होंने प्रवेश लिया था। रूस, यूक्रेन, किर्गिस्तान और कजाकिस्तान जैसे देशों में पढ़ रहे प्रदेश के लगभग 1800 छात्र इस नियम से प्रभावित होंगे।

Chhattisgarh Medical Council ने भी स्पष्ट कर दिया है कि बिना वैध ऑफलाइन प्रशिक्षण प्रमाणपत्र के किसी को स्थायी पंजीयन नहीं दिया जाएगा। यदि कोई बिना रजिस्ट्रेशन के प्रैक्टिस करता पाया गया तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई और एफआईआर दर्ज की जा सकती है।

NMC का कहना है कि मेडिकल शिक्षा में क्लीनिकल और प्रैक्टिकल प्रशिक्षण बेहद जरूरी होता है, जिसकी भरपाई ऑनलाइन कक्षाओं से संभव नहीं है। इसलिए जितनी अवधि ऑनलाइन पढ़ाई हुई है, उतनी अवधि तक ऑफलाइन ट्रेनिंग करना अनिवार्य होगा।

राज्य में ऐसे सभी छात्रों की सूची तैयार की जा रही है और उन्हें विदेश जाकर पढ़ाई पूरी कर “कंपनसेशन सर्टिफिकेट” लाना होगा। इसके बिना स्टेट मेडिकल काउंसिल स्थायी रजिस्ट्रेशन नहीं देगी।

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