छत्तीसगढ़ के चर्चित कोल लेवी घोटाले में बड़ा खुलासा हुआ है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) की जांच में सामने आया है कि सूर्यकांत तिवारी ने अफसरों और नेताओं की मदद से करीब 570 करोड़ रुपए से अधिक की वसूली करवाई। इस वसूली के नेटवर्क को देवेंद्र डडसेना और नवनीत तिवारी संचालित कर रहे थे।

जांच में सामने आया है कि वॉट्सएप ग्रुप्स — “पाल”, “वीकली”, “टावर” और “जुगनू” — के जरिए पूरे ऑपरेशन का समन्वय किया जाता था। इसमें कोडवर्ड्स का इस्तेमाल होता था:
- ‘D’ का मतलब था कांग्रेस विधायक देवेंद्र यादव
- ‘RS’ का संकेत IAS रानू साहू के लिए
- ‘गिट्टी’ = करोड़, ‘रेती’ = लाख,
- जबकि ‘गिरा’ या ‘इन’ का अर्थ होता था कि पैसा पहुंच चुका है।
चार्जशीट में यह भी बताया गया है कि नवनीत तिवारी रायगढ़ क्षेत्र की वसूली संभालता था और हर महीने रकम रायपुर के अनुपम नगर स्थित सूर्यकांत तिवारी के घर पहुंचाई जाती थी।

🔹 3 IPS अफसर भी संपर्क में थे
ED की चार्जशीट में कहा गया है कि तत्कालीन सीएम भूपेश बघेल की उप सचिव सौम्या चौरसिया और कारोबारी सूर्यकांत तिवारी के संपर्क में तीन IPS अधिकारी भी थे — पारूल माथुर, प्रशांत अग्रवाल और भोजराम पटेल।
इन अफसरों पर आरोप है कि उन्होंने विभागीय जानकारी तिवारी को दी। पारूल माथुर पर यह भी आरोप है कि वह तिवारी के कहने पर कोयला वाहनों पर कार्रवाई करवाती थीं।
इसके अलावा, कॉन्स्टेबल अमित कुमार दुबे पर ईडी अधिकारियों की जासूसी का आरोप है।

🔹 कोल वाशरी और ट्रांसपोर्टर से भी वसूली
चार्जशीट के मुताबिक, कोयला ट्रांसपोर्टर्स से 25 रुपए प्रति टन और कोल वाशरी संचालकों से 100 रुपए प्रति टन की अवैध लेवी वसूली जाती थी। इस तरह कारोबारियों से दो बार कमीशन लिया जा रहा था।
वसूली के लिए कोरबा और रायगढ़ में अलग-अलग ऑफिस बनाए गए थे।

🔹 नवनीत और मोइनुद्दीन संभालते थे फील्ड नेटवर्क
रायगढ़ में नवनीत तिवारी और कोरबा में मोइनुद्दीन वसूली का पूरा संचालन करते थे। सूर्यकांत तिवारी के घर से मिली डायरी में नवनीत (नीतू) के नाम के आगे 17.73 करोड़ रुपए दर्ज पाए गए हैं।

🔹 ACB-EOW ने 36 लोगों पर FIR दर्ज की
ED की रिपोर्ट के आधार पर ACB/EOW ने इस मामले में दो पूर्व मंत्रियों, विधायकों, IAS अधिकारियों और कारोबारियों सहित 36 लोगों पर नामजद FIR दर्ज की है।
गिरफ्तारों में IAS रानू साहू, IAS समीर विश्नोई, सौम्या चौरसिया, जेडी माइनिंग एसएस नाग और सूर्यकांत तिवारी शामिल हैं।

