रायपुर/बिरगांव। बिरगांव के शहीद नंदकुमार पटेल शासकीय महाविद्यालय में आयोजित मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के कार्यक्रम को लेकर स्थानीय राजनीति गरमा गई है। कार्यक्रम के दौरान बिरगांव नगर निगम के महापौर नंदलाल देवांगन के कथित तौर पर बीच में कार्यक्रम छोड़कर चले जाने को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं।
नगर निगम के एमआईसी सदस्य इकराम अहमद ने आरोप लगाया कि महापौर को बिरगांव नगर निगम क्षेत्र की मूलभूत समस्याओं और जनहित से जुड़े मुद्दों को मुख्यमंत्री के सामने रखने का अवसर नहीं दिया गया। उनका दावा है कि इसी वजह से महापौर कार्यक्रम से बीच में चले गए।

पेयजल, सड़क और सफाई जैसे मुद्दे उठाने का था दावा
इकराम अहमद के मुताबिक बिरगांव क्षेत्र में पेयजल, सड़क, नाली, सफाई, स्वास्थ्य और विकास से जुड़ी कई समस्याएं हैं। उनका कहना है कि इन मुद्दों को मुख्यमंत्री के सामने रखने के लिए महापौर को अपनी बात रखने का अवसर मिलना चाहिए था।
उन्होंने सवाल उठाया कि बिरगांव की जनता द्वारा चुने गए महापौर को यदि अपने निगम क्षेत्र की समस्याएं मुख्यमंत्री के सामने रखने का मौका नहीं मिलता, तो स्थानीय समस्याओं को शासन तक पहुंचाने का माध्यम क्या होगा।
‘यह सिर्फ महापौर का नहीं, जनता का सवाल’
एमआईसी सदस्य इकराम अहमद ने कहा कि यह मामला केवल महापौर से जुड़ा नहीं है, बल्कि बिरगांव के नागरिकों से जुड़े जनहित के मुद्दों का भी है।
उन्होंने मुख्यमंत्री के कार्यक्रम को लेकर सवाल उठाते हुए पूछा कि बिरगांव की आवाज को मंच पर रखने का अवसर क्यों नहीं दिया गया और महापौर को अपनी बात रखने का मौका क्यों नहीं मिला।



