छत्तीसगढ़ की राजनीति में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बीच बयानबाजी तेज हो गई है। पंजाब कांग्रेस प्रभारी के पद से भूपेश बघेल को हटाए जाने को लेकर मुख्यमंत्री साय ने कांग्रेस पर तंज कसा था। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस अंग्रेजों की ‘फूट डालो और राज करो’ वाली नीति पर काम करती है।

सीएम के बयान पर पलटवार करते हुए भूपेश बघेल ने भाजपा नेताओं को ‘काले अंग्रेज’ बताया। उन्होंने कहा कि समाज को बांटने की राजनीति भाजपा कर रही है। बघेल ने आरोप लगाया कि हिंदू-मुसलमान के नाम पर लोगों को बांटने की कोशिश की जाती है और आदिवासी समाज में भी अलग-अलग पहचान के जरिए विभाजन की राजनीति होती है।
दुर्ग में आयोजित कांग्रेस के तीन दिवसीय संगठन प्रशिक्षण शिविर के दौरान बघेल ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा में भी समय-समय पर प्रभारी बदले जाते रहे हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि ‘हंटर वाली’ से लेकर ‘हाफ पैंट-चड्ढी वाले’ तक कई लोग प्रभारी बन चुके हैं।
पीसीसी चीफ दीपक बैज ने भी भाजपा पर हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा अंग्रेजों की ‘फूट डालो और राज करो’ की नीति पर काम करती है, जबकि कांग्रेस देश को जोड़ने की राजनीति करती है।
झीरम घाटी मामले पर भी सरकार को घेरा
भूपेश बघेल ने झीरम घाटी मामले को लेकर भी सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि घटना के पीछे साजिश की बात सामने आने के बावजूद अब तक इसके पीछे शामिल लोगों की पूरी पहचान नहीं हो पाई है।
उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था में हुई कथित चूक का मुद्दा उठाते हुए पूछा कि अब तक किसी प्रशासनिक या पुलिस अधिकारी को इसके लिए सजा मिली है या नहीं। बघेल ने जांच और एफआईआर में नक्सली नेताओं के नामों को लेकर भी सवाल खड़े किए और सरकार से मामले की पारदर्शी जांच की मांग की।

