बिलासपुर में सोमवार को ट्रैफिक व्यवस्था का नजारा कुछ अलग ही रहा। शहर के चौक-चौराहों से लेकर कंट्रोल रूम तक स्कूली बच्चे सक्रिय भूमिका निभाते नजर आए। सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती के अवसर पर पुलिस ने विशेष पहल करते हुए छात्रों को पुलिसिंग और ट्रैफिक सिस्टम की जानकारी दी।
इस दौरान छात्रों ने ट्रैफिक कंट्रोल रूम में बैठकर एसएसपी रजनेश सिंह के साथ लाइव अनाउंसमेंट किया और लोगों से नियमों का पालन करने की अपील की। एसएसपी ने भी लाउडस्पीकर के माध्यम से नागरिकों से कहा कि बच्चे आपसे सीख रहे हैं, इसलिए उनके सामने ट्रैफिक नियमों का पालन करें और जिम्मेदार नागरिक बनें। इसका असर भी दिखा, जहां कई वाहन चालकों ने हेलमेट पहना और नियमों का पालन करते नजर आए।

कंट्रोल रूम में बच्चों ने संभाली कमान
छात्रों को इंटीग्रेटेड कंट्रोल एंड कमांड सेंटर ले जाया गया, जहां उन्होंने इंटेलिजेंट ट्रैफिक मॉनिटरिंग सिस्टम (ITMS), लाइव सीसीटीवी निगरानी, नंबर प्लेट और फेस रिकग्निशन सिस्टम को समझा और ऑपरेट भी किया। कुछ छात्रों ने सिस्टम के जरिए अनाउंसमेंट कर अव्यवस्थित पार्किंग करने वालों को सचेत किया।
टेक्नोलॉजी और ग्राउंड पुलिसिंग की दी जानकारी
शहीद विनोद चौबे चौक में आयोजित कार्यशाला में छात्रों को ब्रीथ एनालाइजर, स्पीड रडार गन, व्हील लॉक, पीओएस मशीन और एम-परिवहन पोर्टल का डेमो दिया गया। साथ ही डिजिटल चालान की प्रक्रिया और नियम तोड़ने पर होने वाली कार्रवाई के बारे में भी बताया गया।
साइबर सुरक्षा और पुलिस प्रक्रिया से कराया परिचय
छात्रों को साइबर थाना ले जाकर डिजिटल अरेस्ट, ऑनलाइन ठगी, 1930 हेल्पलाइन और CEIR पोर्टल की जानकारी दी गई। इसके अलावा डायल 112 की कार्यप्रणाली भी समझाई गई कि कैसे एक कॉल पर तुरंत पुलिस सहायता उपलब्ध होती है।
तारबहार थाना भ्रमण के दौरान बच्चों ने एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया, सीसीटीएनएस एंट्री, पासपोर्ट वेरिफिकेशन, मालखाना और रोजनामचा जैसी प्रक्रियाओं को भी करीब से जाना। छात्रों ने पुलिस अधिकारियों से सवाल पूछकर अपनी जिज्ञासाएं दूर कीं।
जागरूकता के लिए बनाए गए ब्रांड एंबेसडर
इस पहल का उद्देश्य बच्चों को जागरूक और जिम्मेदार नागरिक बनाना है। पुलिस ने इन छात्रों को ब्रांड एंबेसडर के रूप में चुना है, ताकि वे समाज में ट्रैफिक नियमों और कानून के पालन का संदेश आगे तक पहुंचा सकें।

