सरेंडर नक्सली भूपति का बयान: कहा- गद्दार नहीं, हालात ने बदलने पर किया आत्मसमर्पण; संगठन में बढ़ा वैचारिक संकट

छत्तीसगढ़ के कुख्यात और डेढ़ करोड़ के इनामी नक्सली मोजुल्ला वेणुगोपाल राव उर्फ भूपति ने आत्मसमर्पण के बाद एक वीडियो जारी किया है। वीडियो में भूपति ने कहा कि संगठन के कुछ लोग उन्हें गद्दार कह रहे हैं, लेकिन वह गद्दार नहीं हैं। उन्होंने कहा कि आज परिस्थितियां बदल चुकी हैं, इसलिए अपने 60 साथियों के साथ हथियार डालने का निर्णय लिया।

भूपति ने कहा कि नक्सली संगठन में अब भी कई साथी सत्ता और इलाके पर कब्जे के लिए संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन इस रास्ते ने हमें जनता से दूर कर दिया है। यह साबित करता है कि हिंसा का रास्ता नाकाम रहा है। हमने अपने साथियों को खोने के बाद सरेंडर करने का फैसला लिया। अब हम जनता के बीच रहकर, लोकतांत्रिक तरीके से उनके लिए काम करना चाहते हैं।

भूपति ने साथियों से भी सरेंडर की अपील की

भूपति ने नक्सल संगठन में मौजूद अपने साथियों से हिंसा छोड़कर मुख्यधारा में लौटने की अपील की। उन्होंने कहा, “हमने कई साथियों को खोया है, इसलिए बदलाव जरूरी है। सेंट्रल कमेटी स्थिति समझ रही है, लेकिन बदलाव को लेकर तैयार नहीं है। अब समय बंदूक छोड़ने और जनता के बीच आने का है।”

भूपति ने अपने साथियों से संपर्क के लिए एक नंबर 8856038533 जारी किया है। साथ ही, सरेंडर नक्सली रूपेश का नंबर 6267138163 भी साझा किया है ताकि जो नक्सली हिंसा छोड़ना चाहें, वे संपर्क कर सकें।

“अब लोकतंत्र के दायरे में रहकर करेंगे काम”

भूपति ने कहा कि छत्तीसगढ़ में नेता रूपेश के साथ सैकड़ों नक्सलियों ने भी हिंसा छोड़ दी है। अब हम कानून के दायरे में रहकर जनता के बीच काम करेंगे। उन्होंने स्वीकार किया कि संगठन के अंदर वैचारिक संकट गहराता जा रहा है और बंदूक से नहीं बल्कि विचारों से लड़ाई लड़ी जानी चाहिए।

रूपेश ने भी माओवाद संगठन पर उठाए सवाल

भूपति के आत्मसमर्पण के बाद सेंट्रल कमेटी मेंबर रूपेश ने भी सरकार के सामने हथियार डाले और एक वीडियो जारी किया। रूपेश ने कहा कि महासचिव बसवा राजू संघर्ष विराम चाहते थे, लेकिन उनके एनकाउंटर के बाद पार्टी की दिशा भटक गई। उन्होंने कहा कि पार्टी अब साथियों की सुरक्षा और भविष्य को लेकर गंभीर नहीं है।

नक्सल संगठन ने बताया “गद्दार”

दरअसल, 17 अक्टूबर को जगदलपुर में 210 नक्सलियों ने पुलिस के सामने सरेंडर किया था। इनमें 1 करोड़ का इनामी सीसी मेंबर रूपेश भी शामिल था। इसके बाद नक्सल संगठन ने अभय के नाम से एक पर्चा जारी कर इन सरेंडर नक्सलियों को गद्दार करार दिया था।

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