कोरबा में 8 साल के बच्चे की मौत: खेल-खेल में निगला सिक्का, सीने में फंसने से सांस रुक गई; इलाज के अभाव में रास्ते में तोड़ा दम

कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में एक दर्दनाक हादसे में 8 साल के मासूम शिवम सारथी की मौत हो गई। बच्चे ने खेल-खेल में सिक्का निगल लिया था, जो उसके सीने में फंस गया। परिजनों को जब तबीयत बिगड़ने का पता चला, तब तक देर हो चुकी थी।

परिजनों ने उसे तत्काल जिला मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचाया, जहां एक्स-रे में सिक्का फंसे होने की पुष्टि हुई। डॉक्टरों ने बताया कि अस्पताल में इस तरह का इलाज संभव नहीं है और बच्चे की हालत बेहद नाजुक है। परिजन उसे निजी अस्पताल ले जा रहे थे, लेकिन रास्ते में ही शिवम ने दम तोड़ दिया।

💬 परिजनों का आरोप — “इलाज नहीं मिला, इसलिए गई जान”

शिवम के पिता मदन सारथी ने बताया कि वे मूल रूप से धर्मजयगढ़ (रायगढ़) के रहने वाले हैं। कुछ दिनों पहले बेटे के कंधे की चोट का इलाज कराने वे कोरबा आए थे और गोढ़ी गांव में रिश्तेदारों के यहां ठहरे हुए थे।

31 अक्टूबर की रात शिवम की अचानक तबीयत बिगड़ी। उसे सांस लेने में दिक्कत और हाथ-पैर ठंडे पड़ने लगे। जिला अस्पताल में जांच के दौरान डॉक्टरों ने बताया कि सीने में सिक्का फंसा है, लेकिन अस्पताल में इस स्थिति का उपचार नहीं हो सकता।

शिवम को अन्य अस्पताल ले जाने की तैयारी चल ही रही थी कि उसने रास्ते में दम तोड़ दिया।

🧒 कब निगला सिक्का, किसी को नहीं पता

परिवार को यह नहीं पता कि शिवम ने सिक्का कब और कैसे निगला। पिता ने आशंका जताई कि खेलते समय उसने गलती से सिक्का मुंह में डाल लिया होगा।

🏥 अस्पताल प्रबंधन का बयान

जिला मेडिकल कॉलेज के सह अधीक्षक डॉ. रविकांत जाटवर ने बताया कि बच्चे को रात करीब 12 बजे अस्पताल लाया गया था। एक्स-रे में सिक्का जैसी आकृति दिखाई दी थी, परंतु पोस्टमॉर्टम में सिक्का नहीं मिला।

⚠️ विशेषज्ञों की सलाह — बच्चों को छोटे सामान से रखें दूर

शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. आर.के. वर्मा ने कहा कि छोटे बच्चे अक्सर खेलते-खेलते सिक्का, चना, मूंगफली या छोटे खिलौने निगल लेते हैं, जो गले या श्वासनली में फंस सकता है। ऐसे में तुरंत पास के अस्पताल में ले जाना चाहिए। माता-पिता को बच्चों को छोटे वस्तुओं से दूर रखना चाहिए ताकि ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।

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